सोनाहातू, रांची: कोल विद्रोह के वीर सेनानी बुली महतो की प्रतिमा स्थापना को लेकर दो पक्षों के बीच चल रहा विवाद आखिरकार प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद सुलझ गया। आगामी 27 नवंबर को सोनाहातू प्रखंड के भकुआडीह चौक पर प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम निर्धारित है।
मिली जानकारी के अनुसार, JLKM के नेताओं और शहीद बुली महतो प्रतिमा स्थापना समिति के बीच इस बात को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था कि प्रतिमा का अनावरण कौन करेगा। JLKM का आग्रह था कि अनावरण बुली महतो के वंशजों के हाथों पार्टी स्तर पर हो, जबकि समिति स्वयं प्रतिमा स्थापना और अनावरण करना चाहती थी।
विवाद बढ़ता देख एसडीओ किस्टो कुमार बेसरा के नेतृत्व में सोनाहातू प्रखंड सभागार में करीब चार घंटे लंबी बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ बुली महतो के वंशज भी उपस्थित रहे।
लंबी चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि प्रतिमा अनावरण को लेकर अंतिम निर्णय शहीद बुली महतो के वंशज ही लेंगे। प्रशासन ने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण, सम्मानजनक और गरिमापूर्ण तरीके से आयोजित कराने का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि बुली महतो 1831 के कोल विद्रोह और भूमिज विद्रोह के प्रमुख सेनानी रहे हैं। उन्होंने अंग्रेजी शासन और जमींदारों के अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया था। पुरुलिया क्षेत्र में उन्हें गिरफ्तार कर कठोर दंड दिया गया था, परंतु इतिहास में उनके योगदान को अपेक्षित मान्यता नहीं मिल पाई। अब स्थानीय लोग उनके बलिदान और पराक्रम की स्मृति को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहे हैं।