रांची। झारखंड में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी की केंद्रीय समिति की 20 अगस्त को रांची स्थित सोहराय भवन में हुई विस्तारित बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार राज्य के सभी 24 जिलों में 31 अगस्त 2026 तक बूथ स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
अभियान के माध्यम से आम लोगों को विधेयक के प्रावधानों और इससे झारखंड एवं राज्यवासियों को होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान की जानकारी दी जाएगी। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा झारखंड की बकाया राशि को हड़पने की कथित साजिश से भी लोगों को अवगत कराने का निर्णय लिया गया है।
7 सितंबर को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर धरना
कार्यालय आदेश के अनुसार 7 सितंबर 2026, सोमवार को राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिला एवं महानगर स्तर के पदाधिकारियों को कार्यक्रम की रूपरेखा तय कर इसे प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने का निर्देश दिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय समिति के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य भी इन कार्यक्रमों की जानकारी अपने-अपने स्तर से सुनिश्चित करेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता हो सके। आगे के कार्यक्रमों की सूचना अगले कार्यालय आदेश के माध्यम से देने की बात कही गई है।
रांची : झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख अब छात्रों और युवाओं को ढाल बनाकर राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। छात्रों के मुद्दे की आड़ में राजनीति करने वालों को झारखंड की जनता पहचान चुकी है।
विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि भाजपा और उससे जुड़े राजनीतिक हित रखने वाले लोग तथा कुछ कोचिंग माफिया छात्रों को उकसाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं के समाधान के बजाय उन्हें आंदोलन और टकराव की राजनीति में धकेलना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। भाजपा नेताओं को बताना चाहिए कि वे छात्रों के हित में समाधान चाहते हैं या उन्हें अपनी राजनीतिक लड़ाई का मोहरा बनाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी पहले इस बात का जवाब दें कि छात्रों के बीच जाकर उन्हें भड़काने और राजनीतिक नारों में उलझाने से उनके भविष्य का क्या भला होगा? यदि वास्तव में छात्रों की चिंता है तो उनके मुद्दों पर सरकार से बातचीत करें, तथ्य सामने रखें और समाधान का रास्ता सुझाएं। छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करना न तो छात्रहित है और न ही लोकतांत्रिक राजनीति।
झामुमो महासचिव ने कहा कि बिना किसी ठोस प्रमाण के झामुमो कार्यकर्ताओं को बदनाम करना बाबूलाल मरांडी की हताश राजनीति का परिचायक है। यदि कहीं किसी के साथ मारपीट हुई है या कानून का उल्लंघन हुआ है तो पुलिस-प्रशासन निष्पक्ष जांच करे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन जांच से पहले ही राजनीतिक फैसला सुनाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन कर रही है या आगामी राजनीतिक लाभ के लिए युवाओं के बीच असंतोष को हवा दे रही है। झारखंड के छात्र किसी राजनीतिक दल के मोहरे नहीं हैं। उन्हें अपने भविष्य, रोजगार और शिक्षा की चिंता है; भाजपा को उनके भविष्य से खिलवाड़ करने के बजाय अपनी राजनीति सुधारनी चाहिए।
विनोद पांडेय ने कहा कि कोचिंग संस्थानों और शिक्षा के नाम पर कारोबार करने वाले किसी भी समूह को छात्रों की भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यदि किसी को छात्रों की वास्तविक चिंता है तो वह उनके बीच भ्रम और आक्रोश फैलाने के बजाय उन्हें सही तथ्य और उचित मार्गदर्शन दे।
उन्होंने कहा कि झामुमो छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करता है और किसी भी शांतिपूर्ण आंदोलन के अधिकार के खिलाफ नहीं है। लेकिन आंदोलन के नाम पर हिंसा, उकसावे या राजनीतिक टकराव को बढ़ावा देने का समर्थन नहीं किया जा सकता। कानून अपना काम करेगा और यदि किसी ने कानून हाथ में लिया है तो उसकी जांच होनी चाहिए।
विनोद पांडेय ने बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधते हुए कहा कि आपको छात्रों की चिंता कम और अपनी राजनीतिक जमीन की चिंता ज्यादा है। छात्र आंदोलन को राजनीतिक प्रयोगशाला बनाने की कोशिश बंद कीजिए। झारखंड के युवा समझदार हैं और वे तय करेंगे कि उन्हें अपने भविष्य के लिए संघर्ष करना है या भाजपा की राजनीतिक पटकथा का हिस्सा बनना है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार युवाओं के हित में लगातार काम कर रही है। भाजपा को यदि कोई ठोस सुझाव देना है तो सरकार के सामने रखे। लेकिन छात्रों को भड़काकर, माहौल खराब करके और फिर उसकी राजनीतिक रोटी सेंकने की कोशिश झारखंड में सफल नहीं होगी।
विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी तत्व यह समझ लें कि झारखंड के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। युवाओं को उकसाने की राजनीति का जवाब तथ्य, संवाद और कानून के रास्ते से दिया जाएगा सड़क पर अराजकता पैदा करके नहीं।
सिल्ली (मूरी)। रूडसेट संस्थान, सिल्ली में शुक्रवार को 30 दिवसीय एलएमवी (लाइट मोटर व्हीकल) ओनर ड्राइवर प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस प्रशिक्षण में कुल 29 प्रशिक्षुओं ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया।इसी अवसर पर संस्थान में 30 दिवसीय टू-व्हीलर मैकेनिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें 23 प्रशिक्षु भाग ले रहे हैं। साथ ही 12 दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी शुरुआत हुई, जिसमें 28 प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।समापन एवं उद्घाटन समारोह की मुख्य अतिथि राँची जिला परिषद की उपाध्यक्ष वीणा चौधरी थीं। उन्होंने एलएमवी चालक प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने नए प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल प्रतिभागियों को स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा प्रशिक्षण से अर्जित ज्ञान और कौशल का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।संस्थान के निदेशक श्री सुदीप शिशिर एक्का ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल विकास और स्वरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए नए प्रशिक्षुओं से लगन, अनुशासन और गंभीरता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने का आह्वान किया।कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ संकाय रंजीत कर्ण, दशरथ महतो, सुनील मुंडा, ईडीपी असेसर विवेकानंद भगत, एलएमवी चालक प्रशिक्षण के प्रशिक्षक श्री बबलू कुमार तथा टू-व्हीलर मैकेनिक प्रशिक्षण के प्रशिक्षक श्री रामाशंकर सहित अन्य गणमान्य लोग एवं प्रशिक्षु उपस्थित रहे।समारोह के दौरान प्रशिक्षुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। सभी प्रतिभागियों ने कौशल विकास एवं स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। गौरतलब है कि रूडसेट संस्थान, सिल्ली द्वारा ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास, उद्यमिता और स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।
रांची। जिले के सोनाहातु प्रखंड के ग्राम नीमडीह के ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने महामहिम राज्यपाल, झारखंड सरकार को एक 5 सूत्री मांग-पत्र सौंपा है। यह मांग-पत्र 19 अगस्त 2026 को राज्यपाल सचिवालय, लोकभवन रांची में प्राप्त किया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग, बुण्डू रेंज के अधिकारियों द्वारा पेसा (PESA) अधिनियम का खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
मांग-पत्र के अनुसार ग्रामीण दिनांक 19 अगस्त 2026 को रांची के नागा बाबा खटाल के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे और उसी मंच से राज्यपाल को अपनी मांगों से अवगत कराएंगे।
क्या है ग्रामीणों की मांगें ?
ग्रामीणों ने अपने पत्र में 5 मुख्य मांगें रखी हैं -
1. जांच हो:* बुण्डू वन रेंज के अधिकारियों द्वारा पेसा अधिनियम के उल्लंघन की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
2. कानून का पालन:* गांव में पेसा अधिनियम को पूरी तरह लागू कराया जाए।
3. रास्ता खोला जाए:* ग्रामीण किसानों को अपने खेतों तक जाने और पशुओं को चारागाह तक ले जाने वाला पारंपरिक रास्ता बंद कर दिया गया है, उसे तुरंत खुलवाया जाए।
4. पौधा घोटाले की जांच:* आरोप है कि नर्सरी से बाहर दूसरे गांव से चुनकर लाए गए पौधों को गांव में लगाया गया है, इसकी जांच हो।
5. वनाधिकार कानून लागू हो:* वन अधिकार अधिनियम जैसे केंद्रीय कानूनों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।
ग्रामीणों ने कहा है कि जल, जंगल और जमीन हमारा अधिकार है और वन विभाग मनमानी कर रहा है। महामहिम से निवेदन है कि हमारी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर न्याय दिलाया जाए।
रांची । झारखंड में विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य सरकार द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों के बाद कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उनका आभार जताया। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मंगलवार को झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश सहित कांग्रेस के मंत्री एवं विधायक मुख्यमंत्री से मिले।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने 17 अगस्त 2026 को झारखंड मंत्रालय में आयोजित विशेष कैबिनेट बैठक में छात्र हित में लिए गए निर्णयों का स्वागत किया। नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए लिए गए फैसले युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
TDPL परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले का स्वागत
मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेताओं ने विशेष रूप से TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के निर्णय को महत्वपूर्ण बताया। नेताओं का कहना था कि इन परीक्षाओं को लेकर प्रभावित विद्यार्थियों एवं अभ्यर्थियों के बीच भविष्य को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई थी, सरकार के फैसले से उसे दूर करने में मदद मिलेगी।
कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री से कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार जनहित, छात्र हित और युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने विशेष कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों को सरकार की संवेदनशीलता और विद्यार्थियों के प्रति जवाबदेही का उदाहरण बताया।
युवाओं के भविष्य की रक्षा सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांग्रेस प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, मंत्रियों और विधायकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य झारखंड के युवाओं और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर सरकार पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निर्णय लेती रही है और आगे भी विद्यार्थियों एवं अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान करना ही नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाना भी है।
विकास और छात्र कल्याण के मुद्दों पर भी हुई चर्चा
मुलाकात के दौरान राज्य में चल रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं, जनहित से जुड़े विषयों और छात्र कल्याण से संबंधित मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने सरकार की ओर से युवाओं और विद्यार्थियों के लिए उठाए जा रहे कदमों पर अपनी बात रखी।
बैठक में सरकार और संगठन के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा लिए जा रहे जनहितकारी फैसलों को प्रभावी तरीके से जमीन पर लागू करना आवश्यक है, ताकि इसका सीधा लाभ आम जनता, विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों तक पहुंच सके।
ये नेता रहे मौजूद
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक कल्पना सोरेन, रामेश्वर उरांव, प्रदीप यादव, कुमार जयमंगल, राजेश कच्छप, रामचंद्र सिंह, नमन विक्सल कोंगाड़ी, भूषण बाड़ा और विधायक ममता देवी सहित अन्य कांग्रेस नेता एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सिल्ली:-सिल्ली मुरी में लगातार हो रही तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।अनवरत बारिश के कारण लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई है और कई इलाकों में जल जमाव की समस्या से आवागमन में परेशानियां हो रही है।बारिश के कारण व्यापार पर भी काफी असर पड़ा है।कई इलाकों में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।कई घरों में बारिश का पानी घुस जाने से लोगों को काफी कठिनाइयां हो रही है।कई सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई है,जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा और स्थानीय लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश से कई बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और व्यापार पूरी तरह प्रभावित रहा। हालांकि हो रही बारिश से जहां गर्मी और उमस से राहत मिली है वहीं निचले इलाकों में जल जमाव होने की समस्या खड़ी हो गई है।
चतरा। जिले में वज्रपात की घटनाओं से होने वाली जनहानि को रोकने के लिए विधानसभा में सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास द्वारा उठाई गई मांग पर सरकार ने सकारात्मक संज्ञान लिया है। चतरा जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायत भवनों, प्रखंड मुख्यालयों सहित अन्य सार्वजनिक एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर उच्च क्षमता वाले तड़ित चालक (Lightning Arrester) लगाने की मांग विधानसभा में उठाई गई थी।
सरकार की ओर से बताया गया है कि चतरा जिले के कुल 1,569 विद्यालयों में से 675 विद्यालयों में तड़ित चालक लगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। वहीं, शेष विद्यालयों में भी चरणबद्ध तरीके से तड़ित चालक लगाने का कार्य जारी है।
विधानसभा में यह मांग उठाने वाले विधायक ने कहा कि वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से आमजनों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। उनका प्रयास है कि चतरा जिले के प्रत्येक संवेदनशील और सार्वजनिक स्थान को सुरक्षित बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाना और उनके समाधान तक लगातार प्रयासरत रहना उनकी प्रतिबद्धता है। तड़ित चालक लगाए जाने से विद्यालयों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर वज्रपात से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
रांची। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा एवं रिजल्ट रद्द होने पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि हमारे बच्चे कई दिनों से अपने हक और भविष्य की चिंता को लेकर आंदोलन कर रहे थे। उनकी पीड़ा और उनकी भावनाओं को देखते हुए लोकप्रिय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए एक कदम पीछे हटने का निर्णय लिया है।
लगभग 6 घंटे तक चली बैठक के बाद सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से स्वीकार करते हुए JPSC-14, बैकलॉग 2023-25, JSSC-CGL और TDPL से संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। साथ ही 2014 से अब तक हुई नियुक्ति प्रक्रियाओं की जांच कराने का भी फैसला लिया गया है।
सरकार का एक कदम पीछे हटना कमजोरी नहीं, बल्कि अपने बच्चों की आवाज सुनने, उनकी पीड़ा समझने और उनके भविष्य को प्राथमिकता देने की ताकत है। हमारी सरकार के लिए सत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण हमारे छात्र-युवाओं का भविष्य है।
इस पूरे मामले में जननायक एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी ने लगातार युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाया। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों की पीड़ा को देखते हुए राज्य सरकार को पत्र भी लिखा और उनके हक की आवाज को आगे बढ़ाया। वहीं झारखंड कांग्रेस के प्रभारी श्री के. राजू साहब ने भी छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मैं इस छात्र हितैषी और ऐतिहासिक फैसले के लिए लोकप्रिय मुख्यमंत्री आदरणीय हेमंत सोरेन जी, जननायक राहुल गांधी जी और झारखंड कांग्रेस के प्रभारी श्री के. राजू साहब को विशेष रूप से बधाई एवं आभार व्यक्त करता हूं।
यह सिर्फ परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय नहीं है, बल्कि झारखंड के लाखों छात्र-युवाओं की मेहनत, उनके सपनों और उनके भविष्य का सम्मान है।
अब सरकार परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में आगे बढ़ेगी। गठित समिति छात्रों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और प्रतिष्ठित संस्थानों के सुझाव लेकर ऐसी व्यवस्था तैयार करेगी, जिसमें पारदर्शिता हो, निष्पक्षता हो और मेहनत करने वाले हर बच्चे को उसके अधिकार का भरोसा हो।
हमारे बच्चे हमारा भविष्य हैं। उनकी आवाज सुनना हमारी जिम्मेदारी है और उनके भविष्य की रक्षा करना हमारा संकल्प है।
बरहरवा। बी.एस.के. महाविद्यालय, बरहरवा में छात्र-छात्राओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के प्रतिनिधिमंडल ने कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर के नेतृत्व में प्रभारी प्राचार्य कविता मंडल को पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रहित से जुड़े मामलों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में मुख्य रूप से यूजी सेमेस्टर-4 के अंकपत्र में त्रुटि सुधार, आंतरिक परीक्षाओं में प्रशासनिक अनियमितताओं को दूर करने, यूजी सेमेस्टर-5 की नामांकन प्रक्रिया शुरू करने तथा आगामी परीक्षाओं के दौरान महाविद्यालय में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
NSUI ने बताया कि हाल ही में जारी यूजी सेमेस्टर-4 (सत्र 2023-27) के ऑनलाइन अंकपत्र में माइनर पेपर ‘Disaster Management (आपदा प्रबंधन)’ की आंतरिक परीक्षा में शामिल होकर परीक्षा देने वाले कई विद्यार्थियों को अनुपस्थित दर्शाया गया है। संगठन ने मामले की तत्काल जांच कर दो दिनों के भीतर आवश्यक संशोधन कराने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल असर न पड़े।
प्रतिनिधिमंडल ने आंतरिक परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार की मांग भी रखी। NSUI का कहना है कि कई बार परीक्षा नोटिस पर प्राचार्य या परीक्षा नियंत्रक के हस्ताक्षर एवं आधिकारिक मुहर नहीं होती। इसके अलावा मेजर और माइनर विषयों की परीक्षाएं एक ही समय निर्धारित कर दी जाती हैं तथा कई बार जारी नोटिस अचानक रद्द कर दिए जाते हैं। कुछ विभागों में केवल व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना दिए जाने से विद्यार्थियों को परेशानी होती है। संगठन ने आंतरिक परीक्षाओं के लिए पारदर्शी और व्यवस्थित व्यवस्था लागू करने की मांग की।
इसके अलावा यूजी सेमेस्टर-4 का परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद यूजी सेमेस्टर-5 (सत्र 2023-27) की नामांकन प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की गई।
ज्ञापन में 19 अगस्त 2026 से शुरू होने वाली यूजी सेमेस्टर-2 (सत्र 2025-29) एवं एक्स-रेगुलर (सत्र 2022-26, 2023-27 एवं 2024-28) NEP परीक्षाओं को देखते हुए महाविद्यालय परिसर में पेयजल, बिजली और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
दूर-दराज से परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों की सुविधा के लिए गर्ल्स कॉमन रूम एवं बॉयज कॉमन रूम को उपयोग योग्य बनाने, वहां बैठने, पंखा, बिजली, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी।
प्राचार्य ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन
प्रभारी प्राचार्य कविता मंडल ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगें जायज हैं और महाविद्यालय प्रशासन इन्हें जल्द पूरा करने का प्रयास करेगा। आंतरिक परीक्षा में विद्यार्थियों को अनुपस्थित दिखाए जाने के मामले में रिपोर्ट तैयार कर विश्वविद्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि आंतरिक परीक्षाओं के नोटिस से संबंधित व्यवस्था को लेकर सभी शिक्षकों से विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। वहीं यूजी सेमेस्टर-5 की नामांकन प्रक्रिया को लेकर महाविद्यालय प्रशासन कार्यरत है और अगले कुछ दिनों में नामांकन शुरू होने की उम्मीद है।
प्राचार्य ने बताया कि परीक्षा एवं कक्षाओं के दौरान महाविद्यालय में पेयजल और बिजली की सुविधा उपलब्ध है। यदि किसी प्रकार की परेशानी आती है तो उसे जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गर्ल्स कॉमन रूम की स्थिति ठीक है और साफ-सफाई के बाद उसका उपयोग किया जा सकता है, जबकि बॉयज कॉमन रूम के लिए विज्ञान भवन में एक कमरे की व्यवस्था की जाएगी।
NSUI कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर ने कहा, “छात्रों की समस्याओं और किसी भी प्रकार की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्रों को दी जाने वाली सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। छात्रहित से जुड़े प्रत्येक मुद्दे के समाधान के लिए NSUI लगातार आवाज उठाता रहेगा।”
मौके पर NSUI मीडिया प्रभारी अफजल शेख, NSUI सदस्य फैसल आलम, मुसलेउद्दीन, रबीउल इस्लाम, सरफराज नवाज, राशिद आलम सहित छात्र आमिर सोहेल, तन्नू कुमारी, सबिता कुमारी, सानिया रागिब एवं अन्य मौजूद रहे।
रांची । 15 अगस्त, 2026 को सीसीएल मुख्यालय सहित सभी क्षेत्रों में 80वां स्वतंत्रता दिवस धूम-धाम के साथ मनाया गया। सीसीएल के सीएमडी श्री निलेन्दु कुमार सिंह ने सीसीएल गांधीनगर कॉलोनी स्थित महात्मा गांधी क्रीड़ागन में ध्वजारोहण किया एवं सलामी दी। इस अवसर पर सीसीएल के निदेशक (वित्त) श्री पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री चंद्र शेखर तिवारी, निदेशक(योजना एवं परियोजना) श्री अनुप हंजुरा, मुख्य सर्तकता अधिकारी श्री पंकज कुमार, सीआईएसएफ के वरीय पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के महाप्रबंधकगण, विभागाध्यकगण, श्रमिक संघों के प्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में सीसीएल कर्मी उपस्थित थे। सीएमडी श्री सिंह ने अवसर विशेष पर सुरक्षा बलों एवं विद्यार्थियों के परेडों का निरीक्षण भी किया।
सीएमडी, सीसीएल श्री निलेंदु कुमार सिंह ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी और वीर शहीदों के अतुल्य पराक्रम को नमन किया। अपने संबोधन में श्री सिंह ने कहा कि यह दिन केवल आज़ादी का प्रतीक नहीं, बल्कि एक महान राष्ट्र के निर्माण के संकल्प का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सीसीएल न केवल भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है, बल्कि नए भारत के निर्माण और झारखंड के औद्योगिक विकास में भी अहम योगदान दे रहा है।
‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार, समावेशी विकास, पर्यावरणीय संतुलन और सामाजिक न्याय से भी जुड़ा है।उन्होंने कहा कि सीसीएल देश की ऊर्जा सुरक्षा का एक सशक्त स्तंभ है और कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता, आधारभूत संरचना एवं तकनीकी दक्षता को लगातार सुदृढ़ कर रही है। पिछले वर्ष की तुलना में चालू वर्ष में अब तक कोयला उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है तथा कंपनी अपने वार्षिक उत्पादन लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में अग्रसर है। मगध परियोजना की क्षमता 20 MTY से बढ़ाकर 24 MTY किए जाने के साथ नई परियोजनाओं, फॉरेस्ट लैंड डायवर्जन एवं रेल साइडिंग के विकास में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि सीसीएल विकास के साथ पर्यावरणीय संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दे रहा है। कंपनी के पास वर्तमान में 32.3 मेगावाट की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता है। बरका-सयाल क्षेत्र में ओवरबर्डन डंप पर स्थापित 5 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र तथा गिरिडीह में 100 मेगावाट क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) युक्त सौर परियोजना हरित ऊर्जा के क्षेत्र में सीसीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 279 हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 322 हेक्टेयर में वृक्षारोपण किया गया। साथ ही, आधुनिक पर्यावरणीय निगरानी व्यवस्था, फॉग कैनन, वर्षा जल संचयन एवं मैकेनिकल रोड स्वीपर्स जैसी पहलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को और मजबूत किया जा रहा है।
सामुदायिक विकास के क्षेत्र में सीसीएल के ‘Surplus Mine Water Utilization’ कार्यक्रम से लगभग 140 गाँवों के ढाई लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं, पिपरवार क्षेत्र के बचरा में स्थापित ‘कोल नीर बॉटलिंग प्लांट’ महिलाओं द्वारा संचालित किया जाएगा, जिससे महिला सशक्तीकरण के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं शुद्ध पेयजल की उपलब्धता को बढ़ावा मिलेगा।
अंत में श्री सिंह ने सीसीएल परिवार के परिश्रम, समर्पण और ईमानदारी को सलाम करते हुए सभी से सुरक्षा, पारदर्शिता और सतत विकास के मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सीसीएल के सुरक्षा जवानों, सीआईएसएफ, एनसीसी कैडेट्स एवं विभिन्न स्कूल के बच्चों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
इस दौरान डीएवी गांधीनगर, केन्द्रीय विद्यालय एवं ज्ञानोदय स्कूल के विद्यार्थियों ने देश-भक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुती दी, जिसे उपस्थित सभी ने खूब सराहा।
इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सीसीएल के आधिकारिक यूट्यूब चॅनेल से किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के कर्मी जुड़े रहे। "कार्यक्रम के दौरान सीएमडी, निदेशकगण, सीवीओ एवं अन्य अतिथियों ने तीन रंगों वाले गुब्बारे उड़ाकर एकता और अखंडता का संदेश दिया।"
अवसर विशेष पर सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सुरक्षा जवानों को उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही, सीसीएल कमांड एरिया में संचालित डीएवी विद्यालयों एवं केंद्रीय विद्यालय के कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।”
इसके पूर्व निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने दरभंगा हाउस परिसर एवं गांधीनगर अस्पताल में ध्वजारोहण किया एवं सभी को स्वतंत्रता दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं दी।