चतरा। जिले में वज्रपात की घटनाओं से होने वाली जनहानि को रोकने के लिए विधानसभा में सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास द्वारा उठाई गई मांग पर सरकार ने सकारात्मक संज्ञान लिया है। चतरा जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायत भवनों, प्रखंड मुख्यालयों सहित अन्य सार्वजनिक एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर उच्च क्षमता वाले तड़ित चालक (Lightning Arrester) लगाने की मांग विधानसभा में उठाई गई थी।
सरकार की ओर से बताया गया है कि चतरा जिले के कुल 1,569 विद्यालयों में से 675 विद्यालयों में तड़ित चालक लगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। वहीं, शेष विद्यालयों में भी चरणबद्ध तरीके से तड़ित चालक लगाने का कार्य जारी है।
विधानसभा में यह मांग उठाने वाले विधायक ने कहा कि वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से आमजनों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। उनका प्रयास है कि चतरा जिले के प्रत्येक संवेदनशील और सार्वजनिक स्थान को सुरक्षित बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाना और उनके समाधान तक लगातार प्रयासरत रहना उनकी प्रतिबद्धता है। तड़ित चालक लगाए जाने से विद्यालयों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर वज्रपात से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
रांची। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा एवं रिजल्ट रद्द होने पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि हमारे बच्चे कई दिनों से अपने हक और भविष्य की चिंता को लेकर आंदोलन कर रहे थे। उनकी पीड़ा और उनकी भावनाओं को देखते हुए लोकप्रिय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए एक कदम पीछे हटने का निर्णय लिया है।
लगभग 6 घंटे तक चली बैठक के बाद सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से स्वीकार करते हुए JPSC-14, बैकलॉग 2023-25, JSSC-CGL और TDPL से संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। साथ ही 2014 से अब तक हुई नियुक्ति प्रक्रियाओं की जांच कराने का भी फैसला लिया गया है।
सरकार का एक कदम पीछे हटना कमजोरी नहीं, बल्कि अपने बच्चों की आवाज सुनने, उनकी पीड़ा समझने और उनके भविष्य को प्राथमिकता देने की ताकत है। हमारी सरकार के लिए सत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण हमारे छात्र-युवाओं का भविष्य है।
इस पूरे मामले में जननायक एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी ने लगातार युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाया। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों की पीड़ा को देखते हुए राज्य सरकार को पत्र भी लिखा और उनके हक की आवाज को आगे बढ़ाया। वहीं झारखंड कांग्रेस के प्रभारी श्री के. राजू साहब ने भी छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मैं इस छात्र हितैषी और ऐतिहासिक फैसले के लिए लोकप्रिय मुख्यमंत्री आदरणीय हेमंत सोरेन जी, जननायक राहुल गांधी जी और झारखंड कांग्रेस के प्रभारी श्री के. राजू साहब को विशेष रूप से बधाई एवं आभार व्यक्त करता हूं।
यह सिर्फ परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय नहीं है, बल्कि झारखंड के लाखों छात्र-युवाओं की मेहनत, उनके सपनों और उनके भविष्य का सम्मान है।
अब सरकार परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में आगे बढ़ेगी। गठित समिति छात्रों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और प्रतिष्ठित संस्थानों के सुझाव लेकर ऐसी व्यवस्था तैयार करेगी, जिसमें पारदर्शिता हो, निष्पक्षता हो और मेहनत करने वाले हर बच्चे को उसके अधिकार का भरोसा हो।
हमारे बच्चे हमारा भविष्य हैं। उनकी आवाज सुनना हमारी जिम्मेदारी है और उनके भविष्य की रक्षा करना हमारा संकल्प है।
बरहरवा। बी.एस.के. महाविद्यालय, बरहरवा में छात्र-छात्राओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के प्रतिनिधिमंडल ने कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर के नेतृत्व में प्रभारी प्राचार्य कविता मंडल को पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रहित से जुड़े मामलों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में मुख्य रूप से यूजी सेमेस्टर-4 के अंकपत्र में त्रुटि सुधार, आंतरिक परीक्षाओं में प्रशासनिक अनियमितताओं को दूर करने, यूजी सेमेस्टर-5 की नामांकन प्रक्रिया शुरू करने तथा आगामी परीक्षाओं के दौरान महाविद्यालय में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
NSUI ने बताया कि हाल ही में जारी यूजी सेमेस्टर-4 (सत्र 2023-27) के ऑनलाइन अंकपत्र में माइनर पेपर ‘Disaster Management (आपदा प्रबंधन)’ की आंतरिक परीक्षा में शामिल होकर परीक्षा देने वाले कई विद्यार्थियों को अनुपस्थित दर्शाया गया है। संगठन ने मामले की तत्काल जांच कर दो दिनों के भीतर आवश्यक संशोधन कराने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल असर न पड़े।
प्रतिनिधिमंडल ने आंतरिक परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार की मांग भी रखी। NSUI का कहना है कि कई बार परीक्षा नोटिस पर प्राचार्य या परीक्षा नियंत्रक के हस्ताक्षर एवं आधिकारिक मुहर नहीं होती। इसके अलावा मेजर और माइनर विषयों की परीक्षाएं एक ही समय निर्धारित कर दी जाती हैं तथा कई बार जारी नोटिस अचानक रद्द कर दिए जाते हैं। कुछ विभागों में केवल व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना दिए जाने से विद्यार्थियों को परेशानी होती है। संगठन ने आंतरिक परीक्षाओं के लिए पारदर्शी और व्यवस्थित व्यवस्था लागू करने की मांग की।
इसके अलावा यूजी सेमेस्टर-4 का परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद यूजी सेमेस्टर-5 (सत्र 2023-27) की नामांकन प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की गई।
ज्ञापन में 19 अगस्त 2026 से शुरू होने वाली यूजी सेमेस्टर-2 (सत्र 2025-29) एवं एक्स-रेगुलर (सत्र 2022-26, 2023-27 एवं 2024-28) NEP परीक्षाओं को देखते हुए महाविद्यालय परिसर में पेयजल, बिजली और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
दूर-दराज से परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों की सुविधा के लिए गर्ल्स कॉमन रूम एवं बॉयज कॉमन रूम को उपयोग योग्य बनाने, वहां बैठने, पंखा, बिजली, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी।
प्राचार्य ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन
प्रभारी प्राचार्य कविता मंडल ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगें जायज हैं और महाविद्यालय प्रशासन इन्हें जल्द पूरा करने का प्रयास करेगा। आंतरिक परीक्षा में विद्यार्थियों को अनुपस्थित दिखाए जाने के मामले में रिपोर्ट तैयार कर विश्वविद्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि आंतरिक परीक्षाओं के नोटिस से संबंधित व्यवस्था को लेकर सभी शिक्षकों से विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। वहीं यूजी सेमेस्टर-5 की नामांकन प्रक्रिया को लेकर महाविद्यालय प्रशासन कार्यरत है और अगले कुछ दिनों में नामांकन शुरू होने की उम्मीद है।
प्राचार्य ने बताया कि परीक्षा एवं कक्षाओं के दौरान महाविद्यालय में पेयजल और बिजली की सुविधा उपलब्ध है। यदि किसी प्रकार की परेशानी आती है तो उसे जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गर्ल्स कॉमन रूम की स्थिति ठीक है और साफ-सफाई के बाद उसका उपयोग किया जा सकता है, जबकि बॉयज कॉमन रूम के लिए विज्ञान भवन में एक कमरे की व्यवस्था की जाएगी।
NSUI कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर ने कहा, “छात्रों की समस्याओं और किसी भी प्रकार की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्रों को दी जाने वाली सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। छात्रहित से जुड़े प्रत्येक मुद्दे के समाधान के लिए NSUI लगातार आवाज उठाता रहेगा।”
मौके पर NSUI मीडिया प्रभारी अफजल शेख, NSUI सदस्य फैसल आलम, मुसलेउद्दीन, रबीउल इस्लाम, सरफराज नवाज, राशिद आलम सहित छात्र आमिर सोहेल, तन्नू कुमारी, सबिता कुमारी, सानिया रागिब एवं अन्य मौजूद रहे।
रांची । 15 अगस्त, 2026 को सीसीएल मुख्यालय सहित सभी क्षेत्रों में 80वां स्वतंत्रता दिवस धूम-धाम के साथ मनाया गया। सीसीएल के सीएमडी श्री निलेन्दु कुमार सिंह ने सीसीएल गांधीनगर कॉलोनी स्थित महात्मा गांधी क्रीड़ागन में ध्वजारोहण किया एवं सलामी दी। इस अवसर पर सीसीएल के निदेशक (वित्त) श्री पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री चंद्र शेखर तिवारी, निदेशक(योजना एवं परियोजना) श्री अनुप हंजुरा, मुख्य सर्तकता अधिकारी श्री पंकज कुमार, सीआईएसएफ के वरीय पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के महाप्रबंधकगण, विभागाध्यकगण, श्रमिक संघों के प्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में सीसीएल कर्मी उपस्थित थे। सीएमडी श्री सिंह ने अवसर विशेष पर सुरक्षा बलों एवं विद्यार्थियों के परेडों का निरीक्षण भी किया।
सीएमडी, सीसीएल श्री निलेंदु कुमार सिंह ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी और वीर शहीदों के अतुल्य पराक्रम को नमन किया। अपने संबोधन में श्री सिंह ने कहा कि यह दिन केवल आज़ादी का प्रतीक नहीं, बल्कि एक महान राष्ट्र के निर्माण के संकल्प का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सीसीएल न केवल भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है, बल्कि नए भारत के निर्माण और झारखंड के औद्योगिक विकास में भी अहम योगदान दे रहा है।
‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार, समावेशी विकास, पर्यावरणीय संतुलन और सामाजिक न्याय से भी जुड़ा है।उन्होंने कहा कि सीसीएल देश की ऊर्जा सुरक्षा का एक सशक्त स्तंभ है और कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता, आधारभूत संरचना एवं तकनीकी दक्षता को लगातार सुदृढ़ कर रही है। पिछले वर्ष की तुलना में चालू वर्ष में अब तक कोयला उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है तथा कंपनी अपने वार्षिक उत्पादन लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में अग्रसर है। मगध परियोजना की क्षमता 20 MTY से बढ़ाकर 24 MTY किए जाने के साथ नई परियोजनाओं, फॉरेस्ट लैंड डायवर्जन एवं रेल साइडिंग के विकास में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि सीसीएल विकास के साथ पर्यावरणीय संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दे रहा है। कंपनी के पास वर्तमान में 32.3 मेगावाट की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता है। बरका-सयाल क्षेत्र में ओवरबर्डन डंप पर स्थापित 5 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र तथा गिरिडीह में 100 मेगावाट क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) युक्त सौर परियोजना हरित ऊर्जा के क्षेत्र में सीसीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 279 हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 322 हेक्टेयर में वृक्षारोपण किया गया। साथ ही, आधुनिक पर्यावरणीय निगरानी व्यवस्था, फॉग कैनन, वर्षा जल संचयन एवं मैकेनिकल रोड स्वीपर्स जैसी पहलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को और मजबूत किया जा रहा है।
सामुदायिक विकास के क्षेत्र में सीसीएल के ‘Surplus Mine Water Utilization’ कार्यक्रम से लगभग 140 गाँवों के ढाई लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं, पिपरवार क्षेत्र के बचरा में स्थापित ‘कोल नीर बॉटलिंग प्लांट’ महिलाओं द्वारा संचालित किया जाएगा, जिससे महिला सशक्तीकरण के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं शुद्ध पेयजल की उपलब्धता को बढ़ावा मिलेगा।
अंत में श्री सिंह ने सीसीएल परिवार के परिश्रम, समर्पण और ईमानदारी को सलाम करते हुए सभी से सुरक्षा, पारदर्शिता और सतत विकास के मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सीसीएल के सुरक्षा जवानों, सीआईएसएफ, एनसीसी कैडेट्स एवं विभिन्न स्कूल के बच्चों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
इस दौरान डीएवी गांधीनगर, केन्द्रीय विद्यालय एवं ज्ञानोदय स्कूल के विद्यार्थियों ने देश-भक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुती दी, जिसे उपस्थित सभी ने खूब सराहा।
इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सीसीएल के आधिकारिक यूट्यूब चॅनेल से किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के कर्मी जुड़े रहे। "कार्यक्रम के दौरान सीएमडी, निदेशकगण, सीवीओ एवं अन्य अतिथियों ने तीन रंगों वाले गुब्बारे उड़ाकर एकता और अखंडता का संदेश दिया।"
अवसर विशेष पर सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सुरक्षा जवानों को उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही, सीसीएल कमांड एरिया में संचालित डीएवी विद्यालयों एवं केंद्रीय विद्यालय के कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।”
इसके पूर्व निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने दरभंगा हाउस परिसर एवं गांधीनगर अस्पताल में ध्वजारोहण किया एवं सभी को स्वतंत्रता दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं दी।
टंडवा। टंडवा प्रखंड के बड़गांव में नाबालिग दलित युवती से जुड़े गंभीर मामले को लेकर सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, नई दिल्ली को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गहन जांच कराने की मांग की है।
विधायक उज्जवल कुमार दास ने आयोग को भेजे पत्र में कहा है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष तरीके से की जानी चाहिए, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।
उन्होंने प्राथमिकी में नामजद व्यक्तियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है। विधायक ने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता नहीं पाई जाती है तो उसे अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से बचाया जाए। वहीं, जांच के दौरान जो भी वास्तविक दोषी सामने आएं, उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विधायक उज्जवल कुमार दास ने कहा कि न्याय का मूल उद्देश्य पीड़िता को न्याय दिलाने के साथ-साथ निर्दोष लोगों के अधिकारों की रक्षा करना भी है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि किसी निर्दोष को झूठे आरोप या अनावश्यक कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष एवं गहन जांच के निर्देश देने की मांग की है।
विधायक ने स्पष्ट कहा कि पीड़िता को न्याय मिले और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो—यही उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने वास्तविक दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और निर्दोष लोगों को राहत दिलाने की मांग दोहराई।
सिल्ली: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का गुरुवार को सिल्ली आगमन पर प्रखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कार्तिक चंद्र महतो के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन कर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की मांग रखी।स्वागत समारोह के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सिल्ली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं, उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की। साथ ही आवश्यक सुधार एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस उपाध्यक्ष नगेंद्र नाथ गोस्वामी, सिल्ली प्रखंड कांग्रेस महासचिव मंजूर मोमिन, सैय्यद कमर आलम, भर्गीरथ महतो, शमशेर आलम, मो. कलाम, सिल्ली पश्चिमी मंडल अध्यक्ष गुहीराम महतो, सिल्ली विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष विकास रजक, पंचायत अध्यक्ष बिंदेश्वर महतो, मो. खलील, सदानंद सोनार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे।
साहिबगंज । देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भारतीय जनता पार्टी साहिबगंज जिला के तत्वावधान में गुरुवार को जिला मुख्यालय में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। जिला अध्यक्ष गौतम यादव के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं, मातृशक्ति, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक अनंत ओझा, पूर्व विधायक लोबिन हेम्ब्रम, प्रदेश मंत्री कृष्णा महतो, किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी प्रसाद यादव तथा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गणेश प्रसाद, कृपानाथ मंडल और धर्मेंद्र कुमार सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
तिरंगा यात्रा के संयोजक जिला महामंत्री साखलू सोरेन तथा सह-संयोजक जिला महामंत्री धनंजय कुमार मंडल रहे। कार्यक्रम में युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र मंडल समेत जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिला एवं युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।
यात्रा की शुरुआत शहीद चौक पर शहीदों को माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद तिरंगा यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा तक पहुंची, जहां माल्यार्पण के साथ यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के दौरान मार्ग में स्थापित विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं पर भी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
तिरंगा यात्रा में एनसीसी की टीम के साथ जिले के सभी मंडलों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ कार्यकर्ता, मातृशक्ति तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। पूरे यात्रा मार्ग पर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से वातावरण देशभक्तिमय बना रहा।
तिरंगा लहराते हुए कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है।
भाजपा की इस तिरंगा यात्रा के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति सम्मान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
रांची । झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा है कि शिक्षा माफियाओं को बचाने के लिए बीजेपी जानबूझ कर CBI जांच का दांव खेलना चाहती है । जबकि इतिहास गवाह है कि CBI ने जांच के नाम पर अब सभी मामलों में लटकाने और भटकाने के सिवाय कुछ भी नहीं किया ।
मंत्री ने कहा कि 2015 से अब तक देश में 152 पेपर लीक की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। यह देश की परीक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अब तक कम से कम 17 परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों की जांच CBI को सौंपी गई, लेकिन 2015 के बाद CBI जांच में अब तक एक भी मामले में दोषसिद्ध नहीं हुआ , मतलब CBI जांच का नतीजा शून्य है । उन्होंने कहा कि CBI ने NEET UG 2024, UGC-NET 2024, SSC CGL 2017, JEE Main 2021, WB SSC 2016, HP Police Constable 2022, Army CEE 2017 और Karnataka PSI 2021 सहित कम से कम नौ अन्य परीक्षा गड़बड़ी के मामलों की जांच की है।
मंत्री ने कहा कि NEET-UG 2024 मामले में CBI 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की समय-सीमा से चूक गई, जिसके चलते मुख्य आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने का अवसर मिला। वहीं, UGC-NET 2024 में कथित पेपर लीक की जांच के बाद CBI ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए कहा कि संबंधित सबूत एक छेड़छाड़ किया हुआ स्क्रीनशॉट था। उन्होंने यह भी कहा कि जुलाई 2026 में जिस फास्ट-ट्रैक कोर्ट को लेकर खूब प्रचार किया गया, उसके पहले ही दिन CBI का वकील अदालत में उपस्थित नहीं हुआ।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि 2015 से अब तक इन सभी मामलों में केवल एक दोषसिद्धि हुई है, वह भी हरियाणा न्यायिक सेवा 2017 का मामला है । इस मामले में फैसला अगस्त 2024 में दिल्ली की एक अदालत ने सुनाया था, जबकि इसकी जांच CBI ने नहीं, बल्कि चंडीगढ़ SIT ने की थी। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड में गठबंधन सरकार द्वारा परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद छात्रों का आंदोलन सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस आंदोलन को राजनीतिक हवा देने और CBI के नाम पर वास्तविक गड़बड़ियों को छिपाने का प्रयास कर रही है।
मंत्री ने बताया कि मामले में अब तक करीब 20 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। राहुल गांधी को लेकर भाजपा की राजनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जो कल तक “राहुल गांधी कौन कहते थे , उनके सपने में सुबह-शाम राहुल गांधी ही आ रहे है । उनके खिलाफ फैलाया जा रहा षड्यंत्र अब ताश के पत्तों की तरह भरभरा चुका है।”
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि जंतर-मंतर और रांची के छात्र आंदोलन के बीच बहुत बड़ा अंतर है । रांची में दिल्ली के जंतर मंतर की तरह छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज नहीं किया गया , उन्हें सड़कों पर बेरहमी से नहीं पीटा गया और न ही छात्राओं के साथ किसी तरह का कोई अभद्र व्यवहार किया गया। छात्रों की भीड़ में शामिल उपद्रवियों को खदेड़ने का प्रयास स्थानीय पुलिस ने जरूर किया है । सरकार छात्रों के साथ संवाद के माध्यम से समाधान निकालने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि वार्ता के दौरान भी सरकार आंदोलनरत छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंतित है। सरकार का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान करना है, न कि उनके आंदोलन को राजनीतिक रंग देना।
पत्रकार वार्ता में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की सहित झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
रांची। झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति, धुर्वा के अध्यक्ष मेघा उरांव ने आदिवासी पहचान, पारंपरिक आस्था और धार्मिक गतिविधियों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान केवल जल, जंगल और जमीन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी अपनी पारंपरिक आस्था, पूजा-पद्धति, सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक संस्थाओं से भी जुड़ी हुई है।
मेघा उरांव ने आरोप लगाया कि पुरुलिया रोड स्थित बिशप हाउस, एसडीसी सभागार और नामकुम बगीचा में बैठकर आदिवासी एवं जनजातीय समाज की पहचान, संरक्षण, संवर्धन और विस्तार की बातें करना विरोधाभासी है। उन्होंने इसे ‘दूध की रखवाली बिल्ली से कराने’ वाली कहावत से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि जिन लोगों की विचारधारा आदिवासी समाज की पारंपरिक आस्था और पहचान से अलग है, वे आदिवासी पहचान के संरक्षण की बात किस आधार पर कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरना, मसना, चाला, जाहेरथान, मांझीथान, पाहन, पुजार, नायके, अखड़ा, धुमकुड़िया और पड़हा जैसी परंपराएं आदिवासी समाज की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके अनुसार आदिवासी समुदाय की पहचान उसकी प्रथागत परंपराओं, सामाजिक संगठन, सामुदायिक जीवन और पारंपरिक संस्थाओं से भी निर्धारित होती है।
मेघा उरांव ने आरोप लगाया कि एक ओर आदिवासी समाज की पारंपरिक आस्था, विश्वास और पूजा-पद्धति को प्रभावित करने की कोशिशें हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर आदिवासी समाज की पहचान और उसके संरक्षण-संवर्धन की बात की जा रही है। उन्होंने इसे दोहरी नीति करार देते हुए कहा कि आदिवासी समाज अपनी पहचान, परंपरा और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के सवाल पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान और अस्तित्व को लेकर स्पष्ट नीति और गंभीर पहल की आवश्यकता है। पारंपरिक आस्था, सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किए बिना केवल आदिवासी हितों की बात करना अधूरा प्रयास है।
मेघा उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने संबंधित संगठनों और संस्थाओं से आदिवासी समाज की पारंपरिक पहचान, सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक मूल्यों को समझने तथा उनके संरक्षण की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की।
रांची। छात्र आंदोलन को लेकर झारखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भाजपा पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की कोशिश अब पूरी तरह बेनकाब हो गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने छात्रों के मुद्दे को लेकर बंद का आह्वान किया, लेकिन आंदोलनरत छात्रों ने खुद को इस बंद से अलग रखा। इससे स्पष्ट है कि छात्र अपनी मांगों और अधिकारों की लड़ाई को किसी राजनीतिक दल के एजेंडे का हिस्सा नहीं बनाना चाहते।
मंत्री ने कहा कि छात्रों ने भाजपा के राजनीतिक आह्वान से दूरी बनाकर साफ संदेश दिया है कि उनका आंदोलन किसी पार्टी के समर्थन या विरोध में नहीं, बल्कि अपनी जायज मांगों को लेकर है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों की लड़ाई को अपने राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाने की कोशिश को स्वयं छात्रों ने नकार दिया है।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कांग्रेस और झारखंड की महागठबंधन सरकार छात्रों के साथ खड़ी है। सरकार की प्राथमिकता आंदोलन को राजनीति का अखाड़ा बनाना नहीं, बल्कि छात्रों की जायज मांगों का समाधान निकालना है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और बातचीत तथा संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के रुख का भी उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दे पर अपनी स्पष्ट बात रखी है। वर्तमान में संसद का सत्र चल रहा है और उन्हें विश्वास है कि छात्रों के हित में आगे भी ठोस पहल की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जाएगा, बल्कि उनकी बात सुनी जाएगी। सरकार का प्रयास रहेगा कि आंदोलन की स्थिति को टकराव में बदलने के बजाय संवाद के जरिए समाधान तक पहुंचाया जाए।
दीपिका पांडेय सिंह ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की आवाज सुनी जाएगी और उनकी जायज मांगों के समाधान के लिए हरसंभव पहल की जाएगी।