रांची: राजधानी रांची से महज 8–9 किलोमीटर दूर स्थित रातू थाना क्षेत्र के सिमलिया-नयाटोली की मुख्य सड़क वर्षों से बदहाल पड़ी है। रिंग रोड दलादिली चौक से सिमलिया नयाटोली, नोभा नगर, जोजो नगर होते हुए मेजर कोठी तक जाने वाली करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति से हजारों की आबादी रोजाना परेशानी झेल रही है। लगातार शिकायतों और जनप्रतिनिधियों से गुहार के बावजूद सड़क निर्माण पूरा नहीं होने से लोगों में भारी आक्रोश है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। बारिश के दिनों में सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि सड़क है या तालाब। वहीं गर्मी के मौसम में उड़ती धूल से लोगों का जीना दूभर हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि आए दिन इस सड़क पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही क्षेत्र की समस्याओं को भुला दिया जाता है।
नयाटोली सिमलिया निवासी एवं राष्ट्र सेवा फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाना चुनौती बन गया है और कई बार दुर्घटना की आशंका के कारण बच्चे बीच रास्ते से ही घर लौट जाते हैं। महिलाओं को दैनिक जरूरत का सामान लाने के लिए भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने विरोधस्वरूप सड़क पर धान रोपकर प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद 26 सितंबर 2024 को सांसद एवं केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ तथा विधायक नवीन जायसवाल ने सड़क निर्माण का शिलान्यास किया। विधानसभा चुनाव से पहले कुछ दूरी तक निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन उसके बाद काम ठप पड़ गया और आज तक सड़क अधूरी पड़ी है।
सुनील कुमार सिंह ने सांसद, विधायक, संबंधित विभाग और राज्य सरकार से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो क्षेत्रवासी बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
मुख्य बिंदु
- करीब 4 किमी लंबी सड़क वर्षों से जर्जर।
- हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित।
- बारिश में सड़क बन जाती है तालाब, गर्मी में उड़ती है धूल।
- आए दिन दुर्घटनाओं का बना रहता है खतरा।
- 26 सितंबर 2024 को हुआ था शिलान्यास, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा।
- क्षेत्रवासियों ने जल्द सड़क निर्माण पूरा कराने की उठाई मांग।
रांची। झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक भवन-4 स्थित सभागार में रविवार को श्रीहरि वनवासी विकास समिति द्वारा आयोजित "मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह" गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में विभिन्न जिलों से आए मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. सारंग मेढेकर, विशिष्ट अतिथि भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल श्री प्रशांत पल्लव, मुख्य वक्ता एवं अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सत्येंद्र सिंह तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. तनुजा मुंडा ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीहरि वनवासी विकास समिति के मंत्री श्री शिवेंद्र लाल माणिक द्वारा मुख्य अतिथि प्रो. सारंग मेढेकर सहित मंचासीन सभी गणमान्य अतिथियों के अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मान के साथ हुआ। इसके उपरांत सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सिमडेगा की छात्राओं ने मनमोहक स्वागत गीत प्रस्तुत कर समारोह को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।स्वागत संबोधन में श्री शिवेंद्र लाल माणिक ने समिति की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था वर्तमान में झारखंड के 11 जिलों के 46 प्रखंडों एवं लगभग 2,000 गांवों के लगभग 18 हजार से अधिक विद्यार्थियों तक शिक्षा की अलख जगा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष संस्था के 98 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए हैं, जो संस्था की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमाण है। उन्होंने विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों एवं टॉपर्स की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। विशिष्ट अतिथि श्री प्रशांत पल्लव ने अपने संबोधन में श्रीहरि वनवासी विकास समिति द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था के कार्यों को और अधिक व्यापक बनाने के लिए समाज के अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने संस्था को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से सहयोग प्राप्त करने की दिशा में भी प्रयास करने का सुझाव दिया, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक शिक्षा का लाभ पहुँच सके।
इस अवसर पर विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों ने मंच से अपने अनुभव साझा करते हुए अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों तथा संस्था द्वारा प्राप्त मार्गदर्शन को दिया। उनके प्रेरणादायी अनुभवों ने उपस्थित विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।मुख्य अतिथि प्रो. सारंग मेढेकर ने मेधावी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को उचित मंच प्रदान करना समाज की जिम्मेदारी है तथा झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय ऐसे शैक्षणिक एवं प्रेरणादायी आयोजनों के लिए सदैव अपने द्वार खुले रखेगा।
मुख्य वक्ता एवं अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सत्येंद्र सिंह ने अपने प्रेरक उद्बोधन में संस्था के पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज संस्था से निकले अनेक विद्यार्थी इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। वहीं कई छात्र पूर्वोत्तर भारत के विकास एवं सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं तथा अनेक विद्यार्थी विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि संस्कारित एवं राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों का निर्माण करना है।समारोह के दौरान प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार, प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति कप प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों के वनवासी कल्याण केंद्रों से जुड़े 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को भी अतिथियों के हाथों सम्मानित किया गया। समिति के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में ओम कुमार ने 98.4% अंक लाकर राज्य में पांचवां स्थान प्राप्त किया।कार्यक्रम के अंत में श्रीहरि वनवासी विकास समिति के महामंत्री श्री धनंजय सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। "वंदे मातरम्" के सामूहिक गायन के साथ समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।
रांची। आगामी 16 जुलाई 2026 से आयोजित होने वाले ऐतिहासिक रथ यात्रा मेला महोत्सव को सफल, व्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने को लेकर झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति, धुर्वा रांची की ओर से व्यापक तैयारी की गई है। समिति की तैयारी बैठक संपन्न हुई, जिसमें मेला व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
समिति के अध्यक्ष मेघा उरांव ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी समिति के 300 से अधिक महिला एवं पुरुष स्वयंसेवक और कार्यकर्ता निर्धारित ड्रेस कोड, हरी पट्टी एवं पहचान पत्र (आई कार्ड) के साथ सेवा कार्य में तैनात रहेंगे।
उन्होंने स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि रथ यात्रा मेला को ऐतिहासिक और सफल बनाना सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए जिला प्रशासन एवं अन्य सामाजिक संगठनों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सुंदर, स्वच्छ और शांतिपूर्ण वातावरण में मेला संपन्न कराया जाएगा। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी को पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा से कार्य करना होगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 15 जुलाई 2026 (नेत्रदान दिवस) की सुबह मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। वहीं 16 जुलाई 2026 को सुबह 4 बजे से रात 9 बजे तक स्वयंसेवक सेवा कार्य में तैनात रहेंगे।
मेला व्यवस्था की निगरानी के लिए समिति की ओर से संचालन समिति, टीम लीडर एवं निगरानी समिति का गठन किया गया है, जो पूरे आयोजन के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखेगी।
बैठक में मुख्य रूप से रिंकू महली, विनोद उरांव, रामा उरांव, रंजन कुमार, सूरज कुमार, बबलू उरांव, रोशन कुमार, संदीप कुमार, डॉ. बुटन महली, डोली कुमारी, पूजा, रितिका मिंज, नितेश, रवि, संतोष, कुमुदिनी लकड़ा, बिरसा भगत, मुन्नी देवी, मीना उरांव, पूजा देवी, रोपनी मिंज, रूपेश बाखला, राजू उरांव, अजीत उरांव, पंकज भगत, संजय कुमार, निखिल कुमार सोनी, विजय कुमार, लाल मुनी, सुशीला उरांव, सुमित कुमार, जय मंत्री उरांव सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
रांची : झारखंड की ग्रामीण विकास विभाग ने राज्य की महिला किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देवघर और गुमला जिले में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत तैयार बागानों में उत्पादित 2 टन आम्रपाली आम की पहली खेप जेएसएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) के माध्यम से दुबई भेजी गई है। यह आम अब दुबई के प्रतिष्ठित लूलू मॉल में बिक्री के लिए उपलब्ध है और अपनी बेहतरीन गुणवत्ता, स्वाद एवं मिठास के कारण ग्राहकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
इस उपलब्धि के साथ झारखंड का आम्रपाली आम अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना रहा है। इससे पहले भी राज्य के विभिन्न जिलों से आम्रपाली आम की खेप लंदन और इटली जैसे देशों तक पहुँच चुकी है। लगातार बढ़ रही इस सफलता से झारखंड के कृषि उत्पादों की वैश्विक मांग और गुणवत्ता पर भरोसा मजबूत हुआ है।
देवघर जिले के मोहनपुर आजीविका महिला किसान प्रोड्यूसर सोसायटी तथा गुमला जिले के गुमला रायडीह एग्री प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड एवं एमवीएम बघिमा पालकोट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा इस आम का उत्पादन किया गया है। इन संस्थाओं ने बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत विकसित बागानों में आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण खेती के माध्यम से उत्कृष्ट आम्रपाली आम तैयार किया है।
जेएसएलपीएस लगातार स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और किसान उत्पादक संगठनों को मूल्य संवर्धन, गुणवत्ता आधारित प्रसंस्करण, पैकेजिंग और आधुनिक विपणन प्रणाली से जोड़ने का कार्य कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है और उनके उत्पाद देश-विदेश के बाजारों तक पहुँच रहे हैं।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड के आम्रपाली आम को वैश्विक पहचान दिलाने का वास्तविक श्रेय राज्य की मेहनतकश दीदियों को जाता है। उन्होंने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत विकसित आम बागवानी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
उन्होंने कहा,हमारी दीदियों की मेहनत, गुणवत्ता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और जेएसएलपीएस के प्रभावी प्रबंधन का ही परिणाम है कि आज झारखंड का आम्रपाली आम दुबई, लंदन और इटली जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच रहा है। सरकार का लक्ष्य राज्य की महिला किसानों के उत्पादों को विश्व के अधिक से अधिक देशों तक पहुँचाना और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़कर उनकी आय में लगातार वृद्धि सुनिश्चित करना है।"
मंत्री ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना और जेएसएलपीएस के समन्वित प्रयासों ने झारखंड में बागवानी आधारित आजीविका का एक सफल मॉडल विकसित किया है। इससे महिला किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ निर्यात आधारित बाजारों तक सीधी पहुँच भी सुनिश्चित हो रही है।
झारखंड के आम्रपाली आम की यह सफलता न केवल राज्य के किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह भी साबित करती है कि गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, बेहतर विपणन और सरकारी सहयोग के माध्यम से ग्रामीण उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाई जा सकती है।
रांची: झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायतीराज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने पब्लिक स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पासवा) द्वारा आयोजित छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।
इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जीवन में वही क्षेत्र चुनें, जिसमें उनकी वास्तविक रुचि हो। विज्ञान, तकनीकी शिक्षा, कला, वाणिज्य, खेल अथवा संस्कृति जिस भी क्षेत्र में विद्यार्थी समर्पण और उत्कृष्टता के साथ आगे बढ़ेंगे, सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी।
मंत्री श्रीमती सिंह ने विद्यार्थियों से राजनीति, समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि वे समाज में बड़ा और सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं तो उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने का साहस भी रखना होगा। उन्होंने कहा कि एक संवेदनशील, शिक्षित और दूरदर्शी नेतृत्व लाखों लोगों के जीवन को नई दिशा दे सकता है। देश और राज्य को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है, जो समान अवसर, सामाजिक न्याय और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
अपने संबोधन में उन्होंने हाल के दिनों में सामने आए पेपर लीक और सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कई विद्यार्थियों को मूल्यांकन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्हें गर्व है कि झारखंड के एक मेधावी छात्र ने गहन अध्ययन के माध्यम से मूल्यांकन प्रक्रिया की विसंगतियों को उजागर किया, जिसकी सराहना स्वयं आदरणीय राहुल गांधी जी ने भी की।
उन्होंने यह भी कहा कि पुनर्मूल्यांकन के बाद झारखंड की एक छात्रा का राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त करना इस बात का संकेत है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है। अनेक विद्यार्थियों को अपेक्षा से कम अंक मिलने के कारण उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जो अत्यंत चिंता का विषय है।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने विश्वास दिलाया कि ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर स्तर पर आवाज़ उठाई जाएगी। उन्होंने बताया कि आदरणीय राहुल गांधी जी के नेतृत्व में "छात्रों की गूंज" अभियान इसी उद्देश्य से चलाया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे किसी भी परिस्थिति में निराश न हों, अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें और अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर मेहनत करते रहें। उन्होंने कहा कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्रीमती सिंह ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी उपलब्धियों के लिए पुनः बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिभाशाली विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक, संवेदनशील नेता और विकसित झारखंड तथा विकसित भारत के निर्माता बनेंगे।
नई दिल्ली/रांची। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन के दूसरे दिन झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने राज्य की ओर से प्रभावशाली प्रस्तुति देते हुए ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाए। उन्होंने महात्मा गांधी के नाम से नई ग्रामीण विकास योजना शुरू करने, मनरेगा के बकाया भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाने, फैब्रिकेटेड आवास निर्माण, न्यूनतम मजदूरी दर में वृद्धि तथा स्वयं सहायता समूहों (SHG) को रूरल इंडस्ट्री के माध्यम से सशक्त बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत सुझाव दिए।
सम्मेलन में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने झारखंड सरकार के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक पहल का भरोसा दिया।
महात्मा गांधी के नाम से शुरू हो नई योजना
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का योगदान ऐतिहासिक रहा है। ऐसे में उनके नाम को योजनाओं से हटाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि महात्मा गांधी के नाम पर नई जनहितकारी ग्रामीण विकास योजना प्रारंभ की जाए, ताकि उनके ग्राम स्वराज के सपने को नई दिशा मिल सके।
125 दिनों के रोजगार के लिए पर्याप्त बजट पर उठाए सवाल
सम्मेलन में मंत्री ने मनरेगा के तहत 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने की घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि रोजगार के दिनों में वृद्धि की जा रही है, तो उसके अनुरूप पर्याप्त बजट भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में मनरेगा के बजट में लगातार कटौती हुई है, ऐसे में अतिरिक्त रोजगार देने का दावा व्यावहारिक नहीं दिखता। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य के बीच 60:40 की वित्तीय हिस्सेदारी से झारखंड जैसे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाने और फैब्रिकेटेड आवास का सुझाव
दीपिका पांडेय सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान लागत को देखते हुए यह समय की आवश्यकता है।
उन्होंने आवास निर्माण में देरी को दूर करने के लिए फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर आधारित मजबूत आवास निर्माण का सुझाव दिया। इस मॉडल के तहत लाभुकों को एकमुश्त राशि उपलब्ध कराने से निर्माण कार्य समय पर पूरा होगा और तकनीकी व प्रशासनिक बाधाएं भी कम होंगी।
साथ ही उन्होंने अबुआ आवास योजना के निर्माण कार्य में मनरेगा के तहत 90 दिनों की मजदूरी उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव रखा। इस सुझाव पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया।
मनरेगा के 900 करोड़ रुपये बकाया भुगतान की उठाई मांग
सम्मेलन में मंत्री ने झारखंड के मनरेगा मटेरियल मद में केंद्र सरकार के पास लंबित लगभग 900 करोड़ रुपये के भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राशि लंबित रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए सबसे बड़ा रोजगार का सहारा बना था। इसलिए नई योजनाएं शुरू करने से पहले लंबित राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 433 रुपये करने की मांग
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बढ़ती महंगाई और श्रमिकों की आवश्यकताओं को देखते हुए मनरेगा मजदूरी बढ़ाकर 433 रुपये प्रतिदिन करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में झारखंड में मनरेगा मजदूरों को 282 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं, जिसमें 255 रुपये केंद्र सरकार तथा 27 रुपये राज्य सरकार का अंशदान है। वर्तमान परिस्थितियों में यह राशि पर्याप्त नहीं है।
रूरल इंडस्ट्री से सशक्त होंगी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं
सम्मेलन में मंत्री ने झारखंड में ग्रामीण उद्योगों की स्थापना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 32 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़कर आजीविका और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए तो झारखंड की महिलाएं देश और दुनिया के बाजारों में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं। उन्होंने बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आम उत्पादन की सफलता, पलाश एवं अदिवा ब्रांड की लोकप्रियता तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार 15 लाख नोटबुक का उदाहरण देते हुए कहा कि झारखंड की महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मईयां सम्मान योजना ने भी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि ग्रामीण उद्योगों के माध्यम से महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था की जाए।
बरहरवा (साहेबगंज): बरहरवा स्थित निशा मैरेज हॉल, बिन्दुधाम पथ में शुक्रवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष सह विधायक प्रतिनिधि बरकतुल्लाह खान की अध्यक्षता में SIR प्रशिक्षण सह संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के SIR संथाल परगना प्रभारी एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू मुख्य अतिथि तथा प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अवधेश कुमार प्रजापति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमिटी के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, विभिन्न मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष, पंचायत अध्यक्ष, नगर एवं वार्ड अध्यक्ष तथा सभी BLA-2 कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के दौरान साहेबगंज जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की जिला, प्रखंड, पंचायत और बूथ स्तर तक विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू ने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूथ पर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे। साथ ही कार्यकर्ताओं से ग्रामीणों की हरसंभव सहायता करने और अभियान को घर-घर तक पहुंचाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक कार्यकर्ता पूरी ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करेगा, तो कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से नहीं छूटेगा। बैठक में BLA-2 एवं अन्य कार्यकर्ताओं को अभियान के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. बलमुचू ने SIR अभियान की आवश्यकता, संगठन की रणनीति और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे तथा पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया।
इस दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अवधेश कुमार प्रजापति ने भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि परीक्षा रद्द होने से युवाओं और उनके अभिभावकों की मेहनत तथा उम्मीदों को गहरा आघात पहुंच रहा है। उन्होंने निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं के अधिकारों और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी।
कार्यक्रम में अनीकुल मिश्रा, कमल कुमार आर्य, मो. नसीरुद्दीन, अशोक कुमार दास, मोहम्मद कलीमुद्दीन, बासुकीनाथ यादव, सरफराज आलम, नित्यानंद गुप्ता, मोरसलीन खान, हीरालाल शाह, रंजीत टुडू, विमल देव भगत, भोलानाथ महतो, नाबीद अंजुम, निहाल अख्तर, थॉमस रॉबर्ट, मिथुन मंडल, अनंत लाल भगत, निताई सरकार, सारिक रब्बानी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पटना : आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए पटना जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने समाहरणालय सभाकक्ष में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अनुमंडलवार एवं विभागवार तैयारियों का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि मुहर्रम के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को आसूचना तंत्र मजबूत रखने, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा असामाजिक तत्वों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने सभी एसडीओ, एसडीपीओ, बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्षों को मुहर्रम समितियों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने को कहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जुलूस मार्गों का सत्यापन कर लें तथा यह सुनिश्चित करें कि बिना अनुमति कोई भी जुलूस नहीं निकले।
ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी
मुहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने ड्रोन कैमरों एवं सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से जुलूसों की निगरानी करने का फैसला किया है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (ICCC) से भी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। सभी जुलूसों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी तथा प्रत्येक जुलूस के साथ पुलिस बल की एस्कॉर्ट टीम तैनात रहेगी।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी और एसएसपी ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सक्रिय रखने का निर्देश देते हुए कहा कि व्हाट्सएप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों का तत्काल खंडन किया जाए। अफवाह फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुहर्रम के अवसर पर डीजे के प्रयोग पर शत-प्रतिशत प्रतिबंध रहेगा। सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी इसका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
क्यूआरटी और स्ट्राइकिंग फोर्स रहेगी तैनात
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया जाएगा। नियंत्रण कक्ष में पर्याप्त संख्या में स्ट्राइकिंग फोर्स तैनात रहेगी, ताकि सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जा सके। आवश्यकता पड़ने पर डायल-112 सेवा का भी प्रभावी उपयोग किया जाएगा।
स्वास्थ्य, बिजली और अग्निशमन विभाग को भी निर्देश
प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों, पारा मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस और जीवन रक्षक दवाओं के साथ अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडल अस्पताल और सदर अस्पताल मुहर्रम के दौरान पूरी तरह तैयार रहेंगे।
वहीं बिजली विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि जुलूसों के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। नगर निकायों को साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने तथा अग्निशमन विभाग को आवश्यक फायर दस्ते तैनात करने का निर्देश दिया गया है।
शांति और भाईचारे का पर्व है मुहर्रम
बैठक के अंत में जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मुहर्रम शांति, अनुशासन और भाईचारे का प्रतीक पर्व है। प्रशासन का उद्देश्य है कि पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो तथा उत्कृष्ट भीड़ प्रबंधन, सुचारू यातायात और मजबूत विधि-व्यवस्था के साथ लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। अधिकारियों को सतर्क, सक्रिय और जिम्मेदार बने रहने का निर्देश दिया गया है।
महागामा: झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने महागामा के मेहरमा प्रखंड में विभिन्न महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना एवं जनसुविधा से जुड़ी विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इन योजनाओं से प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ आम नागरिकों को बेहतर, सुलभ और समयबद्ध सरकारी सेवाएँ उपलब्ध होंगी।
इस दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने लगभग 6 करोड़ की लागत से निर्मित प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी, पर्यवेक्षीय एवं तृतीय/चतुर्थ वर्ग कर्मचारी आवास, प्रखंड परिसर के विकास एवं विभिन्न निर्माण कार्यों का उद्घाटन किया। साथ ही 25.73 लाख की लागत से बनने वाले ब्लॉक परिसर स्थित पार्किंग स्थल और ₹65.62 लाख की लागत से बनने वाले ईटहरी पंचायत के विवाह भवन का शिलान्यास किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मजबूत आधारभूत संरचना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेहतर प्रशासन, पारदर्शी कार्यप्रणाली और समयबद्ध सेवा वितरण का आधार है। उन्होंने कहा कि प्रखंड और अंचल कार्यालय ग्रामीण जनता की उम्मीदों का केंद्र होते हैं। लोग अपनी समस्याओं के समाधान की आशा लेकर इन कार्यालयों में आते हैं। ऐसे में प्रशासनिक पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे हर जरूरतमंद व्यक्ति, महिला, पुरुष और बुजुर्ग को अपने परिवार का सदस्य मानते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रशासनिक पदाधिकारियों के लिए सम्मानजनक आवास, कार्यालय और बेहतर कार्य वातावरण की व्यवस्था की है। अब यह अपेक्षा की जाती है कि उसी संवेदनशीलता के साथ अधिकारी और कर्मचारी क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान करेंगे।
मंत्री ने कहा मेहरमा के भुस्खा पहाड़ को भी पर्यटन के नक्शे पर लाने की दिशा में एक बड़ी परियोजना पर काम शुरू हो चुका है और जल्द ही उसका शिलान्यास किया जाएगा। जिस प्रकार भगैया पार्क विकसित हुआ है, उसी प्रकार मेहरमा में भी एक नया पर्यटन स्थल विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राशन, पेंशन, आवास, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों के बेहतर भविष्य, हरित वातावरण और सामुदायिक सुविधाओं का भी विस्तार करना है।
उन्होंने कहा कि पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायतों को वर्षों से लंबित पंद्रहवें वित्त आयोग की राशि उपलब्ध कराने का काम किया गया है, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति मिल सके। उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार बनने के बाद पेंशन, राशन, अबुआ आवास और मंईयां सम्मान योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। साथ ही जेएसएलपीएस के माध्यम से महिलाओं को बैंक क्रेडिट लिंकिंग, प्रशिक्षण और स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है।झारखंड में जेएसएलपीएस की महिलाओं द्वारा बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यन से उगाए गए आम आज विदेशों में निर्यात हो रहे हैं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा भगौया सिल्क को जीआई टैक मिलना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। अब यह सुनिश्चित होगा कि हमारे बुनकरों को अच्छे दाम मिले।
पीने के पानी की समस्या का उल्लेख करते हुए उदीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कई जलापूर्ति योजनाएँ केंद्र सरकार से समय पर राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रभावित हुईं, लेकिन राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है और जल्द ही इन योजनाओं को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक सभी नल-जल योजनाएँ पूरी तरह चालू नहीं हो जातीं, तब तक पंचायतों को उपलब्ध कराई गई राशि से चापाकलों की मरम्मत और पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों और कर्मियों को विशेष जिम्मेदारी निभानी होगी।
मंत्री ने कहा कि पंचायतों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार से प्रखंड कार्यालयों में भीड़ कम हुई है और सरकार का प्रयास है कि छोटी-छोटी जरूरतों के लिए ग्रामीणों को प्रखंड या जिला कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।
उन्होंने बताया कि जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्रों के लिए पंचायतों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इससे पहले पेंशन, मंईयां सम्मान और अबुआ आवास के लिए भी शिविर लगाए गए थे। आने वाले समय में ड्राइविंग लाइसेंस और स्वास्थ्य बीमा जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए भी पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएँगे।
उन्होंने कहा कि सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि महागामा, मेहरमा और ठाकुरगंगटी के लोगों को राज्य के अन्य विकसित क्षेत्रों जैसी सुविधाएँ अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकें।
रांची : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित अभियंत्रण सेवा (मुख्य) परीक्षा-2026 के शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर रांची प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है। इस संबंध में सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत परीक्षा केंद्र के आसपास निषेधाज्ञा जारी की है।
जारी आदेश के अनुसार, यह निषेधाज्ञा 21 जून 2026 को सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन को आशंका है कि असामाजिक तत्व परीक्षा केंद्र के आसपास भीड़ जुटाकर या अन्य गतिविधियों के माध्यम से विधि-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं। इसे देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्त आदेश से दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।
परीक्षा केंद्र
परीक्षा का आयोजन में किया जाएगा।
200 मीटर की परिधि में ये गतिविधियां रहेंगी प्रतिबंधित
- पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों का एक स्थान पर एकत्र होना (सरकारी कार्य में लगे कर्मियों एवं शवयात्रा को छोड़कर)।
- ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग।
- किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र जैसे बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना।
- लाठी-डंडा, तीर-धनुष, भाला, गड़ासा जैसे हथियार लेकर चलना।
- किसी प्रकार की सभा, बैठक या आमसभा का आयोजन।
प्रशासन ने परीक्षार्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से परीक्षा के दौरान जारी निर्देशों का पालन करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।