रांची: राजधानी रांची से महज 8–9 किलोमीटर दूर स्थित रातू थाना क्षेत्र के सिमलिया-नयाटोली की मुख्य सड़क वर्षों से बदहाल पड़ी है। रिंग रोड दलादिली चौक से सिमलिया नयाटोली, नोभा नगर, जोजो नगर होते हुए मेजर कोठी तक जाने वाली करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति से हजारों की आबादी रोजाना परेशानी झेल रही है। लगातार शिकायतों और जनप्रतिनिधियों से गुहार के बावजूद सड़क निर्माण पूरा नहीं होने से लोगों में भारी आक्रोश है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। बारिश के दिनों में सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि सड़क है या तालाब। वहीं गर्मी के मौसम में उड़ती धूल से लोगों का जीना दूभर हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि आए दिन इस सड़क पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही क्षेत्र की समस्याओं को भुला दिया जाता है।
नयाटोली सिमलिया निवासी एवं राष्ट्र सेवा फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाना चुनौती बन गया है और कई बार दुर्घटना की आशंका के कारण बच्चे बीच रास्ते से ही घर लौट जाते हैं। महिलाओं को दैनिक जरूरत का सामान लाने के लिए भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने विरोधस्वरूप सड़क पर धान रोपकर प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद 26 सितंबर 2024 को सांसद एवं केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ तथा विधायक नवीन जायसवाल ने सड़क निर्माण का शिलान्यास किया। विधानसभा चुनाव से पहले कुछ दूरी तक निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन उसके बाद काम ठप पड़ गया और आज तक सड़क अधूरी पड़ी है।
सुनील कुमार सिंह ने सांसद, विधायक, संबंधित विभाग और राज्य सरकार से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो क्षेत्रवासी बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
मुख्य बिंदु
- करीब 4 किमी लंबी सड़क वर्षों से जर्जर।
- हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित।
- बारिश में सड़क बन जाती है तालाब, गर्मी में उड़ती है धूल।
- आए दिन दुर्घटनाओं का बना रहता है खतरा।
- 26 सितंबर 2024 को हुआ था शिलान्यास, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा।
- क्षेत्रवासियों ने जल्द सड़क निर्माण पूरा कराने की उठाई मांग।