रांची /मेहरमा। झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने सोमवार को महागामा विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। इस क्रम में उन्होंने मेहरमा प्रखंड अंतर्गत पंचायत सचिवालय अमौर में सीमानपुर, अमौर, लकड़मारा, डोय, धनकुड़िया एवं सुरनी पंचायतों के बी.एल.ए., ठाकुरगंगटी प्रखंड कांग्रेस कार्यालय में सभी पंचायतों के बी.एल.ए. और महागामा के ऊर्जा नगर में नगर पंचायत क्षेत्र के बी.एल.ओ. के साथ अलग-अलग बैठक कर अभियान की प्रगति, बूथ स्तर पर चल रहे कार्यों और सामने आ रही चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत प्रत्येक नागरिक का मताधिकार है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी का नाम अनावश्यक रूप से न हटे। उन्होंने सभी बी.एल.ए. एवं बूथ स्तर पर कार्य कर रहे साथियों से पूरी सजगता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि महागामा विधानसभा क्षेत्र झारखंड की उन चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है जहाँ एसआईआर अभियान का कार्य बेहतर ढंग से आगे बढ़ रहा है। इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए सभी कार्यकर्ताओं, बी.एल.ए., एवं संगठन के साथियों के बीच बेहतर समन्वय और आपसी सहयोग आवश्यक है।
मंत्री ने बी.एल.ए. से अभियान के दौरान आ रही समस्याओं एवं चुनौतियों की जानकारी ली और कहा कि जाति एवं आवासीय प्रमाण-पत्र जैसी आवश्यक दस्तावेज़ी प्रक्रियाओं में लोगों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी पात्र मतदाता को आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर अपील की प्रक्रिया भी पूरी की जा सके।
मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने कहा कि 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल) प्रकाशित होने के बाद प्रत्येक बूथ का बी.एल.ए., सूची का गंभीरता से परीक्षण करे। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम छूट गया हो या किसी प्रकार की त्रुटि हो तो उसका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दोहराया कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम न छूटे और किसी का नाम बिना उचित कारण के न हटे।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाना केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सभी को मिलकर मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।