मालदा। रेल मंडल मालदा ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि रेलवे राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा यात्रियों के बीच वैध टिकट के साथ यात्रा करने के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से, मालदा मंडल द्वारा मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में मंडल भर में नियमित टिकट जांच अभियान एवं यात्री हितैषी पहलें निरंतर संचालित की जा रही हैं, ताकि सभी यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं आरामदायक यात्रा सुनिश्चित की जा सके।
इसी क्रम में, मालदा मंडल द्वारा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, मालदा, कार्तिक सिंह के पर्यवेक्षण में साहिबगंज–बड़हरवा खंड में सघन टिकट जांच अभियान चलाया गया।
इस अभियान के अंतर्गत ट्रेन संख्या 53030 भागलपुर–आजीमगंज पैसेंजर, 13429 मालदा टाउन–आनंद विहार टर्मिनल साप्ताहिक एक्सप्रेस, 15658 ब्रह्मपुत्र मेल, 15734 फरक्का एक्सप्रेस सहित इस खंड में संचालित अन्य ट्रेनों एवं स्टेशनों को कवर किया गया।
वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के सहयोग से संयुक्त रूप से यह अभियान संचालित किया, जिसके परिणामस्वरूप अनियमित यात्रा के 180 मामले पकड़े गए तथा 58,580 जुर्माने के रूप में वसूल किए गए।
इसके अतिरिक्त, तालझारी, साहिबगंज, तीनपहाड़, बड़हरवा एवं करणपुरातो स्टेशनों पर “रेलवन ऐप” के प्रति जागरूकता अभियान भी नियमित रूप से चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों को आरक्षित एवं अनारक्षित टिकट बुकिंग हेतु रेलवन ऐप के उपयोग के बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि सुविधाजनक, निर्बाध एवं पेपरलेस यात्रा को बढ़ावा दिया जा सके। इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में यात्रियों ने ऐप डाउनलोड किया तथा इस पहल के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
साहेबगंज (मालदा।) 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के अंतर्गत, मालदा मंडल द्वारा दिनांक 21 मई 2026 को मुख्य स्वास्थ्य इकाई (एमएचयू), साहिबगंज एवं साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर तपेदिक (टीबी) जागरूकता एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मंडल रेलवे अस्पताल, मालदा, डॉ. अनुपा घोष के पर्यवेक्षण में सम्पन्न हुआ।
मुख्य स्वास्थ्य इकाई, साहिबगंज में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम का संचालन डॉ. जी.पी. सिंह एवं डॉ. सुचित डी. एस., एडीएमओ/एमएचयू, साहिबगंज द्वारा जिला टीबी इकाई, साहिबगंज के समन्वय से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को तपेदिक, उसकी रोकथाम, शीघ्र पहचान, उपचार तथा समय पर जांच के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में 30 से अधिक रेलवे कर्मचारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया तथा संवादात्मक जागरूकता सत्र से लाभान्वित हुए। अभियान के अंतर्गत जिला टीबी इकाई द्वारा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से 25 से अधिक कर्मचारियों की टीबी स्क्रीनिंग की गई, जिससे संभावित मामलों की शीघ्र पहचान एवं समयबद्ध उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
सत्र के दौरान प्रतिभागियों को निम्न विषयों पर जागरूक किया गया:
• तपेदिक के प्रारंभिक संकेत एवं लक्षण।
• समय पर जांच एवं उपचार के पालन का महत्व।
• सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत निःशुल्क उपचार की उपलब्धता।
• टीबी रोगियों हेतु उपलब्ध सरकारी प्रोत्साहन एवं सहायता प्रणाली।
अभियान के क्रम में साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर भी इसी प्रकार का टीबी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका संचालन डॉ. सुचित डी. एस. द्वारा किया गया। कार्यक्रम में 25 से अधिक रेलवे कर्मचारियों एवं आम नागरिकों ने भाग लिया तथा जागरूकता गतिविधियों से लाभान्वित हुए। इस सत्र में टीबी के लक्षण, जांच की विधियाँ, स्क्रीनिंग प्रक्रिया, डॉट्स थेरेपी तथा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न प्रोत्साहनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।*
यह कार्यक्रम रेलवे कर्मचारियों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं साहिबगंज जिला टीबी इकाई के सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जो जनस्वास्थ्य जागरूकता एवं टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में पूर्व रेलवे के मालदा मंडल की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करता है।
मालदा। पूरे देश में 15 मई से 5 जून 2026 तक मनाए जा रहे विश्व पर्यावरण दिवस 2026 अभियान के अंतर्गत, मालदा मंडल पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न जागरूकता एवं जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से अपने सतत प्रयास जारी रखे हुए है। मामले में मालदा मंडल रेल ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि रेल प्रबंधक, मालदा, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में अभियान उचित अपशिष्ट पृथक्करण (Waste Segregation), विशेष रूप से जैविक अपशिष्ट प्रबंधन तथा “प्लास्टिक को ना कहें” संदेश के प्रसार पर केंद्रित रहा।
वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (पर्यावरण एवं स्वास्थ्य प्रबंधन), मालदा, प्रदीप दास के पर्यवेक्षण में न्यू फरक्का, बड़हरवा, हंसडीहा तथा अन्य रेलवे स्टेशनों पर जागरूकता अभियान आयोजित किए गए,* जहाँ रेलवे कर्मचारियों एवं यात्रियों को स्रोत स्तर पर अपशिष्ट पृथक्करण के महत्व, विभिन्न प्रकार के कचरे हेतु निर्धारित डस्टबिन के उचित उपयोग, जिम्मेदार अपशिष्ट निपटान की आदतों को अपनाने तथा रेलवे परिसरों को स्वच्छ, हरित एवं टिकाऊ बनाए रखने के लिए एकल-उपयोग प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक जिम्मेदारी एवं जनभागीदारी के महत्व को भी रेखांकित किया गया तथा सभी हितधारकों को अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि एक स्वच्छ, स्वस्थ एवं बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सके।
मालदा मंडल की ये सतत पहलें पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता तथा विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के उद्देश्यों के अनुरूप टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देने के संकल्प को दर्शाती हैं।
साहिबगंज। ईस्टर्न झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, साहिबगंज के निवर्तमान अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बुधवार, 20 मई 2026 को सत्र 2026-2028 के लिए अपनी पूरी टीम के साथ चुनाव पदाधिकारी के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किया।
नामांकन के दौरान चैंबर के विभिन्न पदों एवं कार्यकारिणी सदस्यों के नाम घोषित किए गए। टीम में अध्यक्ष पद के लिए राजेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष पद के लिए राकेश कुमार एवं संजय भुवानिया, सचिव पद के लिए मोहित बेगराजका, सहसचिव पद के लिए पिंटू शाह एवं मोहम्मद कैसर अली का नाम शामिल है।इसके अलावा कोषाध्यक्ष पद के लिए विवेक कुमार को उम्मीदवार बनाया गया है। कार्यकारिणी सदस्यों में रवि पोद्दार, शंकर शाह, नवल किशोर मंडल, प्रकाश झुनझुनवाला, प्रवीण अग्रवाल, राहुल जायसवाल, विकास कौशिक एवं अंकित तमाखुवाला के नाम शामिल हैं।
नामांकन के अवसर पर चैंबर से जुड़े कई व्यापारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने नई टीम को आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
लातेहार। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत दूरस्थ एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है । सीसीएल की बहुप्रशंसित स्वास्थ्य पहल “उपचार आपके द्वार” के अंतर्गत चौथे मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) का शुभारंभ आज सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन ) हर्ष नाथ मिश्र द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (CSR) सिद्धार्थ शंकर लाल सहित विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह पहल सीसीएल की उस सामाजिक प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण था, जिसके माध्यम से कंपनी खनन क्षेत्रों के आसपास बसे ग्रामीण समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वर्षों से सीसीएल अपने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम के माध्यम से दूरदराज के गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर प्रतिवर्ष दो लाख से अधिक लोगों को उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराता रहा है। इसी सेवा भाव को और व्यापक स्वरूप देते हुए “उपचार आपके द्वार” योजना की शुरुआत की गई, जिसके तहत स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे ग्रामीणों के द्वार तक पहुँचाया जा रहा है।
इससे पूर्व सीसीएल द्वारा आम्रपाली-चन्द्रगुप्त परियोजना के आसपास चतरा एवं लातेहार जिले के 33 गांवों में दो मोबाइल मेडिकल यूनिट तथा हजारीबाग क्षेत्र अंतर्गत कोटरे-बसंतपुर परियोजना के 20 गांवों में एक मोबाइल मेडिकल यूनिट सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। इन पहलों को ग्रामीणों से मिले सकारात्मक सहयोग और प्रभावशाली परिणामों ने इस अभियान को और विस्तारित करने की प्रेरणा दी है।
नव उद्घाटित चौथा मोबाइल मेडिकल यूनिट सीसीएल के मगध-संघमित्रा क्षेत्र अंतर्गत लातेहार जिले के बारीयातु एवं बालूमाथ प्रखंड के 23 गांवों में आगामी दो वर्षों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। इस परियोजना से लगभग 37,000 ग्रामीण प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे, जिनमें परियोजना प्रभावित परिवार भी शामिल हैं। खनन परियोजना के समीप स्थित गणेशपुर पंचायत के आरा-चमातू तथा अमरवाडीह पंचायत के फुलबसिया, बनलात एवं बनवार जैसे गांव भी इस पहल के दायरे में आएंगे।
यह मोबाइल मेडिकल यूनिट आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें सामान्य ओपीडी सेवा, निःशुल्क दवा वितरण, मधुमेह जांच, CBC एवं सामान्य रक्त जांच, टीबी जांच हेतु RT-PCR सुविधा, AI आधारित पोर्टेबल एक्स-रे तथा ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग के लिए थर्मल स्कैनर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। डॉक्टर, नर्स एवं कम्युनिटी मोबिलाइजर की टीम के साथ यह यूनिट सप्ताह में छह दिन विभिन्न गांवों का रोटेशन के आधार पर भ्रमण करेगी, ताकि ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उनके निकट उपलब्ध हो सकें।
सीसीएल की यह पहल केवल उपचार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण समुदायों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान सुनिश्चित करना तथा “टीबी मुक्त भारत” जैसे राष्ट्रीय अभियानों को मजबूत सहयोग प्रदान करना भी है। आधुनिक तकनीक और मानवीय संवेदनाओं के समन्वय से यह पहल उन क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का माध्यम बन रही है, जहां अब तक चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच सीमित रही है।
सीसीएल अपने CSR प्रयासों के माध्यम से सदैव समावेशी विकास, समुदाय कल्याण एवं हितधारकों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। “उपचार आपके द्वार” जैसी पहलें इस प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करती हैं तथा यह दर्शाती हैं कि सीसीएल केवल ऊर्जा उत्पादन में ही नहीं, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
रांची । सीसीएल मुख्यालय, रांची द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं खेल प्रतिभा के संवर्धन हेतु ग्रीष्मकालीन क्रिकेट एवं वॉलीबॉल प्रशिक्षण शिविर 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर दिनांक 18 मई 2026 से 31 मई 2026 तक प्रातः 6:00 बजे से 8:30 बजे तक गांधी नगर क्रीड़ागन, सीसीएल, रांची में आयोजित किया जा रहा है। इस शिविर में कुल 253 बच्चे उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
शिविर का उद्घाटन आज दिनांक 18 मई 2026 को प्रातः 6:00 बजे डी. देवी प्रसाद, महाप्रबंधक (वित्त), सीसीएल के करकमलों द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में श्री प्रसाद ने उपस्थित बच्चों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए खेलों में सक्रिय भागीदारी हेतु उत्साहपूर्वक प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
श्री प्रसाद ने कल्याण विभाग द्वारा शिविर के सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि खेल बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास एवं टीम भावना का विकास करते हैं, जो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता की आधारशिला होते हैं। उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वे इस प्रशिक्षण शिविर का पूरा लाभ उठाएं तथा खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का संकल्प लें।
उल्लेखनीय है कि इस प्रशिक्षण शिविर में बच्चों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। वॉलीबॉल प्रशिक्षण श्री निशिकांत पाठक, श्री संजय ठाकुर एवं श्री सतीश कुमार द्वारा दिया जा रहा है, जबकि क्रिकेट प्रशिक्षण श्री जीशान खान, श्री धनंजय सेंद्रिय एवं श्री लालन सिंह द्वारा प्रदान किया जा रहा है। इन अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में बच्चों को तकनीकी दक्षता एवं खेल कौशल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
शिविर के सुचारु एवं सफल आयोजन में श्री मोहित राज मिंज, श्री रवि शंकर मंडल एवं श्री राकेश कुमार पाठक सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका निभा रहे हैं। वे शिविर से संबंधित समस्त व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन एवं सफल आयोजन सुनिश्चित करने हेतु विशेष समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं।
इस ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर में इस वर्ष भारी उत्साह देखने को मिला है। शिविर में बड़ी संख्या में बालक-बालिकाओं ने पंजीकरण कराया है, जो सीसीएल परिवार के बच्चों में खेलों के प्रति बढ़ती अभिरुचि को प्रदर्शित करता है।प्रतिभागियों के विवरण के अनुसार क्रिकेट में कुल 102 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 20 बालिकाएं और 82 बालक शामिल हैं। वॉलीबॉल में कुल 151 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 72 बालिकाएं और 79 बालक शामिल हैं। इस प्रकार दोनों खेलों में कुल 253 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 92 बालिकाएं और 161 बालक रहे।
सीसीएल का कल्याण विभाग प्रत्येक वर्ष इस प्रकार के ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन करता है, जिसका उद्देश्य सीसीएल परिवार के बच्चों को ग्रीष्मावकाश में संगठित, अनुशासित एवं खेल-आधारित गतिविधियों से जोड़ना है। इस पहल से न केवल बच्चों की खेल प्रतिभा निखरती है, अपितु उनमें सामूहिक सहयोग, अनुशासन एवं नेतृत्व के गुणों का भी विकास होता है। सीसीएल इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से अपने कार्मिकों एवं उनके परिवारों के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करता है।
साहिबगंज: चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरण प्रेमी ने साहिबगंज जेल गेट पर अपने साथ दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया है। 14 महीने बाद जेल से बाहर आने के बाद बीते शुक्रवार को अरशद अपना जमा पैसा, मुलाकाती सामान, मेडिकल रिपोर्ट और बंदी आवेदन पत्र की कॉपी लेने संबंधी जानकारी के लिए जेल अधीक्षक परमेश्वर भगत के सरकारी आवास पहुंचे।
अरशद के अनुसार, अधीक्षक ने उन्हें कार्यालय में मुलाकात करने को कहा। इसके बाद जब वे जेल गेट के अंदर प्रवेश कर अधीक्षक से मिलने जा रहे थे, तभी वहां तैनात चार-पांच जेल कर्मियों ने उनके साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया और यह कहते हुए बाहर भगा दिया कि अधीक्षक के आदेश पर उन्हें जेल परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। अरशद ने आरोप लगाया कि एक जेल कर्मी मारपीट के लिए भी आगे बढ़ा।
घटना के बाद अरशद ने इसकी मौखिक शिकायत डालसा सचिव , एसडीजेएम , उपायुक्त तथा पुलिस अधीक्षक से की। अरशद का कहना है कि सभी अधिकारियों ने उन्हें लिखित शिकायत देने और विधिसम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अरशद ने कहा कि 14 महीने जेल में रहने के दौरान उन्होंने जेल के भीतर कथित भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसी कारण साहिबगंज और मधुपुर जेल प्रशासन द्वारा उनके साथ कई बार उत्पीड़न और शोषण किया गया। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने आरटीआई के तहत जेल आईजी झारखंड से 94 बिंदुओं पर सूचना मांगी है, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
अरशद ने स्पष्ट कहा कि जब तक उन्हें इंसाफ और न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष बिना किसी डर और दबाव के लगातार जारी रहेगा।
साहेबगंज। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दुबे द्वारा नगर क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न पर्यटन, सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं सार्वजनिक स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां संचालित विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं एवं सौंदर्यीकरण योजनाओं की समीक्षा की गई। निरीक्षण के क्रम में वेस्ट टू वंडर पार्क, गंगा विहार पार्क, मास्टर सोबरन मांझी अनुमंडलीय पुस्तकालय, टाउन हॉल, सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस परिसर एवं महिला छात्रावास, बिरसा मुंडा घाट, मुक्तेश्वर घाट एवं नमामि गंगे घाट का जायजा लिया गया तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कहा कि जिले के सार्वजनिक, शैक्षणिक एवं पर्यटन स्थलों का समुचित विकास न केवल नागरिकों एवं विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, बल्कि साहिबगंज को एक आकर्षक एवं व्यवस्थित नगर के रूप में विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं जनहित के अनुरूप पूर्ण करने का निर्देश दिया।
वेस्ट टू वंडर पार्क को बनाया जाएगा प्रमुख आकर्षण केंद्र
निरीक्षण के क्रम में सर्वप्रथम वेस्ट टू वंडर पार्क का अवलोकन किया गया। उपायुक्त ने पार्क में चल रहे निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि इस स्थल को जिले के प्रमुख आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने पार्क में आकर्षक लाइटिंग, लैंडस्केपिंग, वॉकवे, बच्चों के खेल क्षेत्र, सांस्कृतिक मंच, कैफेटेरिया एवं सेल्फी प्वाइंट को व्यवस्थित रूप से विकसित करने को कहा।
उन्होंने विशेष रूप से झारखंड की जनजातीय संस्कृति, स्थानीय विरासत एवं पारंपरिक कलाओं को कलात्मक रूप से प्रदर्शित करने पर बल दिया, ताकि यह पार्क स्थानीय पहचान एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बन सके। उपायुक्त ने 15 अगस्त तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया।
गंगा विहार पार्क के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण पर जोर
इसके उपरांत उपायुक्त ने गंगा विहार पार्क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पार्क की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने इसके समग्र पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा समुचित रखरखाव के अभाव में पार्क परिसर में झाड़ियां एवं बड़े-बड़े घास उग जाने से आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों एवं परिवारों, की आवाजाही प्रभावित हुई है।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पार्क परिसर की नियमित साफ-सफाई, घास कटाई एवं झाड़ियों की सफाई प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान पार्क में लगे कई झूलों एवं खेल उपकरणों में जंग लगने, कई स्थानों पर प्लास्टिक सामग्री टूटने तथा लोहे के ढांचों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति की समीक्षा की गई। इस पर उपायुक्त ने कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद साहिबगंज को निर्देश दिया कि सभी झूलों एवं बच्चों के खेल उपकरणों की मरम्मत, पेंटिंग एवं आवश्यक रखरखाव कार्य शीघ्र कराया जाए, ताकि कम लागत में पार्क को पुनः सुचारू एवं उपयोगी बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि पार्क की आधारभूत संरचना अभी भी उपयोग योग्य स्थिति में है तथा व्यवस्थित अनुरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के माध्यम से इसे पुनः जिले के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में विकसित किया जा सकता है। उपायुक्त ने पार्क परिसर में सजावटी पौधारोपण, प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने, बैठने की सुविधाओं को बेहतर बनाने एवं नागरिकों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पार्क के नियमित अनुरक्षण हेतु आउटसोर्सिंग के माध्यम से अतिरिक्त कर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं पार्क को राजस्व-सक्षम मॉडल के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया।
पुस्तकालय एवं टाउन हॉल में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के निर्देश
मास्टर सोबरन मांझी अनुमंडलीय पुस्तकालय एवं टाउन हॉल निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। पुस्तकालय भवन के ऊपरी तल पर जल रिसाव की समस्या को देखते हुए मरम्मत कार्य कराने, नए शौचालय निर्माण तथा विद्यार्थियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त केबिन आधारित अध्ययन व्यवस्था विकसित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को शांत एवं एकाग्र अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने हेतु केबिन लाइब्रेरी की व्यवस्था विकसित की जाए, जिसमें व्यक्तिगत अध्ययन केबिन, लैपटॉप एवं मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, रीडिंग लैंप तथा वातानुकूलित सुविधा उपलब्ध हो।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पुस्तकालय में उपस्थित विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु जरूरी पुस्तकों की जानकारी ली तथा आवश्यक पुस्तकें एवं सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी दुर्गानंद झा एवं जिला शिक्षा अधीक्षक कुमार हर्ष से भी पुस्तकालय की आवश्यकताओं एवं विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
टाउन हॉल निरीक्षण के दौरान भवन की मरम्मत, सीपेज समस्या के समाधान, शौचालयों के नवीनीकरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के उन्नयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही टाउन हॉल परिसर के पीछे चार कक्षों वाले अतिरिक्त भवन निर्माण की संभावनाओं पर विचार करते हुए संबंधित अभियंताओं को आवश्यक प्रस्ताव यथाशीघ्र तैयार करने का निर्देश दिया। नगर परिषद को टाउन हॉल के बेहतर रख-रखाव एवं सौंदर्यीकरण हेतु कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का किया निरीक्षण
इसके पश्चात उपायुक्त ने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण, आधुनिक प्रयोगशाला की व्यवस्था, छात्र-छात्राओं हेतु बेहतर बैठने की सुविधा तथा खेल मैदान के विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने विद्यालय परिसर से संबंधित भूमि, प्रवेश द्वार एवं बाउंड्री से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु अंचल पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालय परिसर में अवैध अतिक्रमण की संभावना को रोकने तथा उपलब्ध भूमि का उपयोग शैक्षणिक एवं छात्र हित से जुड़े कार्यों के लिए सुनिश्चित करने पर बल दिया।
निरीक्षण के क्रम में विद्यालय में उपलब्ध पुराने बेंच-डेस्क एवं अन्य फर्नीचर की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि उपयोग योग्य पुराने संसाधनों की मरम्मत कर उन्हें पुनः उपयोग में लाया जाए, ताकि कम लागत में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके।
## *घाटों के विकास, स्वच्छता एवं सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर*
इसके बाद उपायुक्त ने भगवन बिरसा मुंडा घाट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन घाट, चेंजिंग रूम एवं अन्य सुविधाओं की समीक्षा करते हुए फिसलन-रोधी टाइल्स लगाने, प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने, पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने तथा शौचालय एवं स्नानागार निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि भविष्य में घाट को गंगा आरती एवं धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी विकसित किया जा सकता है, जिससे पर्यटन एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
मुक्तेश्वर घाट एवं नमामि गंगे घाट निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने घाटों की स्वच्छता, सीवेज प्रबंधन, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था एवं समुचित रखरखाव पर विशेष बल दिया। उन्होंने नमामि गंगे घाट पर आयोजित होने वाली गंगा आरती को और अधिक व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने तथा घाटों के सौंदर्यीकरण एवं आगंतुकों के लिए सुविधाओं के विस्तार को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही लंबित विकास योजनाओं से संबंधित डीपीआर एवं प्रस्तावों को शीघ्र अग्रसारित करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद साहिबगंज अभिषेक सिंह, जिला परियोजना पदाधिकारी नमामि गंगे अमित कुमार मिश्रा, सहायक अभियंता दिवाकर मिश्रा, जिला शिक्षा पदाधिकारी दुर्गानंद झा, जिला शिक्षा अधीक्षक कुमार हर्ष एवं स्पेशल डिवीजन के कनीय अभियंता रामाशंकर सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं अभियंता उपस्थित थे।
रांची। झारखंड में पेसा नियमावली 2025 के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को माझी परगना महल, पूर्वी सिंहभूम एवं सरायकेला-खरसावाँ के प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से उनके रांची स्थित आवासीय कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में पेसा नियमावली लागू किए जाने पर मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और इसके जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड सरकार आदिवासी समाज की परंपराओं, अधिकारों और स्वशासन की भावना के सम्मान के साथ पेसा नियमावली को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार पारंपरिक ग्राम सभाओं को मजबूत करने और जनजातीय समुदाय को उनके अधिकारों के अनुरूप विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कृतसंकल्पित है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग ग्राम सभा और समाज के स्तर से मिलने वाले सभी तर्कपूर्ण एवं नियमानुकूल सुझावों का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि स्वशासन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विभाग हर सकारात्मक सुझाव पर विचार करने को तैयार है।
प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में मांग रखी कि ग्राम सभा के गठन, सत्यापन, सीमांकन और प्रकाशन की प्रक्रिया में परगना बाबा, मानकी बाबा, हातु मुंडा एवं माझी बाबा जैसे पारंपरिक आदिवासी स्वशासन प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और जनविश्वास के अनुरूप हो।
साथ ही यह भी आग्रह किया गया कि पेसा नियमावली के प्रावधानों के अनुसार पारंपरिक ग्राम सभा की अध्यक्षता अनुसूचित जनजाति समुदाय के योग्य व्यक्ति द्वारा की जाए तथा स्थानीय भाषाओं में प्रशिक्षण देकर पारंपरिक नेतृत्व को ग्राम सभा संचालन के लिए सक्षम बनाया जाए।
बैठक में दुर्गा चरण मुर्मू, नवीन मुर्मू, शत्रुघ्न मुर्मू, लखन मुर्डी, दुर्गा चरण हेम्ब्रम, बबलू मुर्मू, जीतू मुर्मू समेत अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्य बातें:
• पेसा नियमावली 2025 के बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा
• पारंपरिक ग्राम सभाओं को मजबूत बनाने पर जोर
• आदिवासी स्वशासन व्यवस्था को मिलेगी प्राथमिकता
• सरकार ने सभी तर्कपूर्ण सुझावों पर विचार का दिया भरोसा
रांची:- नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन से झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली,2026 के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया ।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है जहाँ राज्य की जनता को एक मौक़ा प्रदान किया जा रहा है कि वे अनाधिकृत तरीक़े से बने अपने मकानों का नियमितीकरण करा सकेंगे । जो लोग चिंतित थे कि उनके अनियमित मकानों का क्या होगा सरकार इस दिशा में राहत देते हुए भवन नियमितीकरण योजना ले कर आई है । अब लोग पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर अपना मकान नियमित करा सकेंगे।*
भवन नियमितीकरण योजना की सफलता के लिए लोगों का सहयोग एवं समर्थन जरूरी
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की प्रबल इच्छाशक्ति थी कि राज्य के लोगों को राहत देते हुए अनियमित मकानों को नियमितीकरण करने का एक मौक़ा जरूर दिया जाना चाहिए । इसी के मद्देनजर नगर विकास विभाग ने बड़े कठिन और अथक प्रयासों के बाद यह योजना तैयार हुई है और अब ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ हो गया है। लोग अब पोर्टल के माध्यम से अपने मकानों के नियमितीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे । उन्होंने कहा कि राज्य की जनता का समर्थन और सहयोग जरूरी है ताकि इस योजना को सफल बनाया जा सके ।
भवन नियमितीकरण के उद्देश्य को पूरा करना हम सब की जवाबदेही
मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार की नीतियों का अनुपालन में जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भवन नियमितीकरण का उद्देश्य अनियमितीकरण को बढ़ावा देना नहीं है बल्कि जो लोग बिना नक्शा और मास्टर प्लान के अपना मकान बना लिए है ये उन लोगों के लिए एक मौक़ा है। सरकार ने नियमितीकरण नियमावली को बहुत ही सरल और लिबरल बनाया है और नियमित करने में लगने वाली राशि को भी तीन किस्तों में भुगतान का प्रावधान कर लोगों को राहत देने का काम किया है । इसके उद्देश्य को पूरा करना हम सब की जवाबदेही है।
शहरीकरण व्यवस्थित ढंग से हो इसके प्रति सरकार गंभीर
प्रधान सचिव सुनील कुमार ने कहा कि सरकार नगरीय क्षेत्रों के विकास को गंभीरता से ले रही है । शहर की सूरत बदल रही है । इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जा रहा है । रांची में 3 फ्लाइओवर बन कर तैयार हैं, सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाइओवर भी ऑनगोइंग है । अरगोड़ा , करमटोली और हरमू 3 नए फ्लाइओवर की स्वीकृति मिल चुकी है। जमशेदपुर और धनबाद में भी फ्लाईओवर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन का निदेश है कि शहरीकरण अव्यवस्थित ढंग से ना हो। रोड ,फुटपाथ , टाउनहॉल, नाली सभी व्यवस्थित हों। शहरों में उन्नत बस स्टैंड हो। इस दिशा में काम जारी है। म्युनिसिपल के रेवन्यू बढ़ाने पर भी फोकस है । मानव संसाधन पर भी ज़ोर दिया जा रहा है । टाउन प्लानर , इंजीनियर आदि की नियुक्ति सरकार ने की है। उन्होंने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली 2026 को हम योजना कह सकते हैं । इससे लोगों को एक बार मौका दिया जा रहा है कि वे अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे। उन्होंने इसकी प्रक्रिया की जानकारी दी। कहा कि इसके शुभारंभ से लेकर 2 माह के अंदर ऑनलाइन आवेदन करना है और 6 माह के अंदर नियमितीकरण का निर्णय लिया जा सकेगा ।साथ ही G+2 और 300 वर्गफीट से कम में बने मकानों का ही नियमितीकरण होगा ।
भवन नियमितीकरण योजना लोगों के लिए राहत
सूरज कुमार डायरेक्टर सूडा ने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली -2026 सरकार का ऐतिहासिक कदम है । किसी कारण से लोगों ने अपने मकान को बिना नक्शा पास कराए बना लिया है ,ऐसे अनाधिकृत रूप से बने भवन का नियमतीकरण का निर्णय सरकार ने लिया है ताकि झारखंड के नागरिकों को राहत पहुंचाई जाय।भवन नियमितीकरण योजना का लाभ सभी लोग उठायें । झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली,2026 का लाभ लेने के लिए पोर्टल का शुभारंभ हो गया है । इस पोर्टल में जाकर ऑनलाइन आवेदन करें । आवेदन के लिए 2माह का समय है। राशि का भुगतान भी किस्तों में कर सकेंगे । सरकार ने लोगों को राहत देने के उद्देश्य से ऐसा प्रावधान किया है।
इस अवसर पर पोर्टल पर किस प्रकार आवेदन करना है इसका लाइव डेमोंस्ट्रेशन निदेशक सूडा श्री सूरज कुमार ने मंत्री जी के समक्ष दिया ।
इस अवसर पर नगर विकास विभाग के विशेष सचिव श्री ज्ञानेंद्र कुमार , अपर सचिव जुल्फिकार अली , धनबाद नगर आयुक्त श्री आशीष सहित नगर विकास एवं राज्य शहरी विकास अभिकरण के पदाधिकारीगण और फिक्की के पदाधिकारी उपस्थित थे ।