रांची। झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ (JESA) की ओर से रांची में 59वें इंजीनियर्स डे एवं भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की 165वीं जयंती के अवसर पर समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुईं।
इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने महान अभियंता मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय रहा है। उनके कार्य, दूरदृष्टि और तकनीकी दक्षता के कारण आज भी उन्हें पूरे सम्मान के साथ याद किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इंजीनियर किसी भी राज्य के विकास की आधारशिला होते हैं। झारखंड में ऐसी संरचनाओं का निर्माण किया जाना चाहिए, जो जनता के लिए उपयोगी, मजबूत और टिकाऊ हों। निर्माण कार्य इस सोच और मजबूती के साथ किए जाने चाहिए कि उनकी चर्चा 100 वर्ष बाद भी हो।
मंत्री ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से अपेक्षाकृत सुरक्षित राज्य है। ऐसे में यहां निर्मित होने वाली संरचनाओं में गुणवत्ता और दीर्घकालिक उपयोगिता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने अभियंताओं से अनुशासन, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी हों और कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। साथ ही, डीपीआर (DPR) में बार-बार संशोधन की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए योजना निर्माण के स्तर पर ही तकनीकी पहलुओं का गंभीरता से अध्ययन किया जाना चाहिए।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ द्वारा रखी गई मांगें जायज हैं। चाहे वह वाहनों की आवश्यकता का विषय हो अथवा तकनीकी प्रशिक्षण से संबंधित मांग, सरकार के स्तर पर इनके समाधान की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी।
उन्होंने कहा कि झारखंड के अभियंताओं में क्षमता और प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि उनकी तकनीकी दक्षता और अनुभव का बेहतर उपयोग करते हुए राज्य में ऐसी विशिष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण संरचनाओं का निर्माण किया जाए, जिनकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हो और जिन्हें देखने के लिए देशभर से लोग झारखंड आएं।
मंत्री ने कहा कि मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की कार्य संस्कृति, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और राष्ट्र निर्माण की भावना से प्रेरणा लेकर झारखंड के विकास को नई दिशा दी जा सकती है। समारोह के दौरान इंजीनियरिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अभियंताओं एवं तकनीकी कर्मियों के योगदान को भी सम्मानपूर्वक स्मरण किया गया।
कार्यक्रम में झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मंत्री हफ़िज़ुल हसन, विभागीय सचिव, झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में अभियंता एवं तकनीकी कर्मी उपस्थित रहे।