रांची। उच्च न्यायालय, झारखंड के तत्वावधान में 2nd All India Judges Badminton Tournament का आयोजन दिनांक 03 से 04 जनवरी 2026 तक झारखंड की राजधानी रांची में किया जाएगा। इस प्रतियोगिता का आयोजन रांची स्थित खेल गांव परिसर के ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव इंडोर स्टेडियम में किया जाना निर्धारित है। 1st All India Judges Badminton Tournament का आयोजन 04-05 जनवरी 2025 को ओडिशा में आयोजित किया गया था।
इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न 09 उच्च न्यायालयों के 30 से ज्यादा न्यायाधीश भाग लेंगे। टूर्नामेंट का उद्देश्य न्यायपालिका से जुड़े माननीय पदाधिकारियों के बीच खेल भावना, आपसी सौहार्द, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तथा सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
उच्च न्यायालय द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता के सफल एवं सुचारु संचालन को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। खेल गांव परिसर में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बैडमिंटन कोर्ट, खिलाड़ियों के विश्राम, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
प्रतियोगिता के दौरान चार श्रेणियों में मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। मेन सिंगल, मेन डबल्स, वूमेन सिंगल्स और मिक्स्ड डबल्स में देशभर से आए न्यायाधीश अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
टूर्नामेंट के समापन पर विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं आगंतुकों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के हस्तक्षेप के बाद दक्षिण अफ्रीका के नाइजर से झारखण्ड के अपहृत एवं कल्पतरु ट्रांसमिशन लाइन कंपनी में कार्यरत पांच श्रमिकों की सुरक्षित रिहाई हो गई है। राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष सभी श्रमिकों से दूरभाष पर बातचीत कर उनकी वर्तमान स्थिति से अवगत हुआ है। मेडिकल जांच एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताएँ पूर्ण करने के उपरांत हवाई मार्ग से श्रमिकों को झारखण्ड भेजे जाने की प्रक्रिया की जाएगी।
आदेश के साथ श्रमिकों की रिहाई के प्रयास हुए तेज
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को अप्रैल 2025 को ग्राम-दोन्दलो एवं मुंडरो, थाना-बगोदर, जिला-गिरिडीह के पांच प्रवासी श्रमिक, जो नाइजर में कार्यरत हैं उनका अपहरण कर लिया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को वस्तुस्थिति का पता कर श्रमिकों के सुरक्षित झारखण्ड वापसी कराने का निर्देश दिया। राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं कंट्री हेड, कल्पतरु ट्रांसमिशन लाइन कंपनी से संपर्क कर अद्यतन जानकारी प्राप्त की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी श्रमिक कंपनी साइट से लगभग 25-30 किलोमीटर दूर तेलाबारी क्षेत्र में कार्यरत थे। यह घटना पूर्णतः एक मिलिट्री ऑपरेशन से संबंधित था, जिसमें कुल 26 स्थानीय नागरिकों एवं 12 अन्य देशों के श्रमिकों को बंधक बनाया गया था। इस प्रकरण में कंपनी प्रबंधन, स्थानीय गवर्न कार्यालय, भारतीय राजदूत एवं भारतीय दूतावास सक्रिय रूप से समन्वय कर रहे थे।राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष द्वारा मामले का सत्यापन करते हुए प्रोटेक्ट ऑफ इमिग्रेंट्स, रांची, भारतीय दूतावास (नियामी, नाइजर) तथा विदेश मंत्रालय, भारत सरकार से तत्काल आवश्यक कार्रवाई हेतु सूचित किया गया एवं सभी श्रमिकों के सुरक्षित रिहाई एवं स्वदेश वापसी हेतु प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई का अनुरोध किय गया था।
हथियारबंद व्यक्तियों द्वारा अपहरण की जानकारी
उक्त सभी श्रमिक कल्पतरु ट्रांसमिशन लाइन कंपनी के अंतर्गत KPTC प्रोजेक्ट, नाइजर, दक्षिण अफ्रीकी में कार्यरत थे। 25 अप्रैल 2025 को कुछ हथियारबंद व्यक्तियों द्वारा इन श्रमिकों का अपहरण कर लिया गया, जिसके पश्चात उनका कोई पता नहीं चल सका। इस घटना को लेकर श्रमिकों के परिजनों द्वारा गहरी चिंता व्यक्त की गई थी।
आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से लाभान्वित किया गया
मुख्यमंत्री के आदेश पर गिरिडीह जिला प्रशासन द्वारा श्रमिकों के आश्रितों को विभिन्न विभागीय सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से आच्छादित किया गया, जिनमें लेबर कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, पशुपालन योजना, आवास योजना, उज्ज्वला योजना, मनरेगा जॉब कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन शौचालय, पेंशन योजना, नल-जल योजना कनेक्शन, ई-श्रम पंजीकरण, बिरसा हरित ग्राम योजना, JSPL योजना एवं मईया सम्मान योजना शामिल हैं।
रांची। झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 09 जनवरी 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई जहां 30 प्रस्ताव लाए गए है चर्चा के बाद पास किए गए
महत्वपूर्ण निर्णय :
भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय सड़क एवं आधारभूत संरचना निधि (Central Road and Infrastructure Fund) के Setu Bandhan Sub Scheme अन्तर्गत स्वीकृत Construction of ROB in at EP No. 291/27, 291/28 between Daltonganj to Rajhara Railway Station near Bajrha Village at Palamu District in the State of Jharkhand (Job No. CRF-JHR-2022-23/65) कार्य हेतु रु० 101,38,91,300/- (एक सौ एक करोड़ अड़तीस लाख इक्यानवे हजार तीन सौ) मात्र की राशि पर प्रशासनिक स्वीकृति तथा इसमें सन्निहित राशि रु० 19,53,47,800/- (उन्नीस करोड़ तिरपन लाख सैंतालीस हजार आठ सौ) मात्र को राज्यांश की राशि के रूप में वहन किये जाने की स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से "जैना मोड़ (तिलका मांझी चौक) से फुसरो (निर्मल महतो चौक) (MDR-077) (कुल लम्बाई -15.900 कि०मी०) के 2 लेन से 2 लेन पेव्ड सोल्डर में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (पुल निर्माण, R&R, Plantaion एवं Utility shifting (Electric and Water))" हेतु रू० 157,89,69,000/- (एक सौ संतावन करोड़ नवासी लाख उनहत्तर हजार) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत बंदोबस्त कार्यालय, हजारीबाग में अनियमित रूप से नियुक्त/कार्यरत 03 (तीन) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड राज्य विधि आयोग की कालावधि अगले 02 (दो) वर्ष अर्थात् दिनांक-14.11.2025 से दिनांक-13.11.2027 तक विस्तारित किये जाने की स्वीकृति दी गई।
W.P.(S) No.-1255/2013 अजीत कुमार देव एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-22.09.2017 को पारित न्यायादेश, Civil Review No. 67/2024 में दिनांक-20.09.2024 को पारित न्यायादेश एवं L.P.A No.-315/2025 में दिनांक-08. 07.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्री अजीत कुमार देव, सेवानिवृत अनुसेवक, सिंचाई प्रमण्डल, नाला के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा 01 वर्ष 07 माह 07 दिन में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि 08 वर्ष 04 माह 23 दिन एवं श्री जयदेव प्रसाद सिंह, सेवानिवृत अनुसेवक, सिंचाई प्रमण्डल, दुमका के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा 01 वर्ष 06 माह 08 दिन में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि 08 वर्ष 05 माह 22 दिन को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति हेतु निर्गत जल संसाधन विभाग, झारखण्ड, रांची का संकल्प सं०-4797, दिनांक-25.09.2025 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
गोड्डा जिला अंतर्गत सैदापुर वीयर योजना के लिए रू० 3873.454 लाख (अड़तीस करोड़ तिहत्तर लाख पैंतालीस हजार चार सौ) मात्र की पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
पथ प्रमण्डल, चतरा अन्तर्गत "चौपारण-चतरा पथ (MDR-68) के कि०मी० 0.00 से 49.20 कि०मी० तक (कुल लम्बाई 49.20 कि०मी०) का राईडिंग क्वालिटी में सुधार (Improvement of Riding Quality) कार्य" हेतु रू० 35,43,31,000/- (पैंतीस करोड़ तैंतालीस लाख इकतीस हजार) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
बोकारो अन्तर्गत "नावाडीह से घुटवे हिरक रोड भाया चिरूडीह-मानपुर-तेलो तरंगा पथ (कुल लम्बाई-22.757 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण / पुनर्निर्माण कार्य (पुलों के निर्माण, भू-अर्जन, युटिलिटी शिफ्टींग एवं वृक्षारोपण सहित)" हेतु रू० 81,36,86,000/- (इक्यासी करोड़ छत्तीस लाख छियासी हजार तीन सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।*
जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय, जमशेदपुर में शैक्षणिक तथा गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन (Restructuring) की स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय, रांची में शैक्षणिक तथा गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन (Restructuring) की स्वीकृति दी गई।
डॉ० रागिनी सिंह, वरीय रेजिडेंट, एम०जी०एम० मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर सम्प्रति सेवा से बर्खास्त को माननीय सर्वोच्च न्यायालय, द्वारा एस०एल०पी० (सी०) सं०-8879/2025 The State of Jharkhand & Ors. Vs Dr. Ragini Singh में दिनांक-14.10.2025 को पारित आदेश के आलोक में सेवा से बर्खास्तगी आदेश को निरस्त करने की स्वीकृति दी गई।
केन्द्र प्रायोजित मिशन शक्ति के तहत् संचालित नारी अदालत योजना के कार्यान्वयन हेतु योजना की स्वीकृति दी गई।
रूक्मकेश मिश्र, झा०प्र०से० (द्वितीय बैच), तत्कालीन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी-सह-अंचल अधिकारी, डोमचाँच, कोडरमा के विरूद्ध विभागीय संकल्प सं0-7244, दिनांक 16.06.2017 द्वारा अधिरोपित दण्ड 'सेवा से बर्खास्त" को यथावत् रखने की स्वीकृति दी गई।
षष्ठम झारखण्ड विधान सभा का पंचम (बजट) सत्र दिनांक 18 फरवरी, 2026 से 19 मार्च, 2026 तक आहूत करने एवं तत्संबंधी औपबंधिक कार्यक्रम पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।
पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय, जमशेदपुर के संचालन हेतु पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
W.P.(S) No.-5566/2016 सहदेव राम एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-09.05. 2024 को पारित न्यायादेश, Civil Review No. 08/2025 में दिनांक 10.09.2025 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case No. 941/2024 में दिनांक 19.09.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्री सहदेव राम, सेवानिवृत कोषरक्षक, लघु सिंचाई प्रमंडल, लातेहार एवं 9 अन्य के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड उच्च न्यायालय अन्तर्गत दायर वाद WPS No. 6198/2022, 1. राजेश्वर सिंह, 2. रामेश्वर राम महली, 3. विश्वनाथ तिवारी, 4. कृष्णा भगत, 5. मो० एबादुर रहमान तथा 6. मो० हसन बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में संयुक्त रुप से पारित न्यायादेश दिनांक-23.01.2025 के अनुपालन हेतु संबंधित छह (os) वादीगणों (सेवानिवृत पदचरों) की सेवा नियमित एवं सम्पुष्ट करते हुए उन्हें अनुमान्य वित्तीय लाभ प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।
केन्द्र सरकार द्वारा वित्त अधिनियम, 2025 एवं वित्त विधेयक (07) 2025 द्वारा केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में किए गए संशोधनों के अनुरूप झारखण्ड माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में तत्संबंधी संशोधन करने हेतु झारखण्ड माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2025 के प्रख्यापन के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।
राज्यादेश सं० 47 रा० (वि०) दिनांक 27.02.2024 में आंशिक संशोधन करते हुए झारखण्ड मिल्क फेडरेशन के माध्यम से कृषि प्रक्षेत्र, बालीगुमा, जमशेदपुर के स्थान पर नए चिन्हित स्थल सरायकेला-खरसावाँ जिला अन्तर्गत तितिरबिला के राजकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र में 50 TLPD क्षमता के डेयरी प्लान्ट की स्थापना किये जाने तथा इस परियोजना की क्रियान्वयन अवधि वित्तीय वर्ष 2026-27 तक विस्तारित किये जाने की स्वीकृति दी गई।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
अधिसूचना संख्या-7350 दिनांक-29.12.2023 विषयः- कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की अधिसूचना संख्या-02 दिनांक 01.01.2022, एवं अधिसूचना संख्या-8408 दिनांक-31.12.2024 के द्वारा श्री कमलेश्वर कान्त वर्मा की प्रबंध निदेशक, झारखण्ड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड, राँची के पद पर "04 वर्षों के लिए (दिनांक-31.12.2025 तक) अथवा अगले आदेश तक, जो पहले हो", के लिए नियुक्त करने संबंधी शर्त को कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की अधिसूचना संख्या-8772 दिनांक-31.12.2025 के द्वारा संशोधित करते हुए उक्त के स्थान पर "05 वर्षों के लिए (दिनांक-31.12.2026 तक) अथवा किसी के पदस्थापन होने तक, जो पहले हो, किया गया है", पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
पथ निर्माण विभाग अन्तर्गत बरलंगा-नेमरा-पिरगुल-कसमार (बहादुरपुर (NH-23 पर)-कसमार-खेराचातर-पश्चिम बंगाल सीमा पथ पर) पथ (कुल लंबाई-27.306 कि.मी.) के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण / पुनर्निर्माण की प्रगतिशील योजना अन्तर्गत वन भूमि अपयोजन निमित्त आवश्यक सरकारी गैरमजरूआ / खासमहाल /जंगल-झाड़ी/ Deemed Forest भूमि के विरूद्ध क्षतिपूरक वन भूमि के अन्तर्विभागीय निःशुल्क हस्तांतरण एवं आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र सशर्त निःशुल्क निर्गत करने की स्वीकृति दी गई।
राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
राज्य योजनान्तर्गत संचालित "कम्बल एवं वस्त्र वितरण योजना" के तहत प्रदेय कम्बल के गुणधर्म में संशोधन की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड राज्य जल संसाधन विभाग अंतर्गत रू० 50.00 लाख से रू० 2.50 करोड़ तक की योजनाओं की निविदा को दो लिफाफा प्रणाली के माध्यम से निष्पादन करने हेतु स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड कोषागार संहिता, 2016 (Jharkhand Treasury Code, 2016) के नियम 261 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को Davos-Klosters, Switzerland में आयोजित होने वाली World Economic Forum Annual Meeting 2026 में भाग लेने एवं London (U.K.) में अन्य कार्यक्रम की स्वीकृति दी गई।
महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड (पुलिस बल प्रमुख) का चयन एवं नियुक्ति नियमावली, 2025 में की गई संशोधन की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में दायर SLP (Crl) No.- 3543/2020 परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह एवं अन्य में दिनांक 02.12.2020 तथा दिनांक 02.03.2021 को पारित न्यायादेश के अनुपालन हेतु राज्य स्कीम अंतर्गत राज्य के सभी थानों में CCTV कैमरा के अधिष्ठापन हेतु JAP-IT से प्राप्त विस्तृत कार्य योजना (DPR) के आधार पर वर्त्तमान में 606 पुलिस थानों में कुल 8854 CCTVs कैमरा के अधिष्ठापन हेतु रु० 134,00,00,000/- (एक सौ चौंतीस करोड़ रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
नेतरहाट आवासीय विद्यालय के प्रबंधन एवं सुसंचालन हेतु नेतरहाट आवासीय विद्यालय प्रबंधन एवं संचालन नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी
रांची। यह पहला अवसर होगा, जब 19 से 23 जनवरी 2026 तक दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में झारखण्ड से “जोहार” की गूंज सुनाई देगी एवं एक आदिवासी जनप्रतिनिधि के रूप में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति दर्ज होगी। झारखण्ड इसके जरिए क्रिटिकल मिनरल्स, खनन, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चर, इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल और ऑटोमोबाइल, अक्षय ऊर्जा, वस्त्र निर्माण, पर्यटन और वनोत्पाद जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं और सरकार से मिलने वाले सहयोग की जानकारी साझा करने के प्रयासों को तेज करते हुए विजन 2050 की ओर कदम बढ़ा रहा है। यही वजह है कि इन कदमों को मजबूती देने, झारखण्ड को विश्व पटल पर लाने एवं देश में अग्रणी राज्यों में झारखण्ड को शामिल करने के लिए झारखण्ड का प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड स्थित दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में शामिल होने जा रहा है। मुख्यमंत्री की दावोस यात्रा का उद्देश्य निवेश की संभावनाओं से लबरेज झारखण्ड को एक प्रमुख निवेश का गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना, वैश्विक उद्योग जगत के शीर्ष लोगों के साथ संवाद स्थापित करना और राज्य के फोकस एरिया में निवेश के नए अवसरों को आगे बढ़ाना है। इस दौरान बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ निवेश के प्रस्तावों पर चर्चा तथा झारखण्ड की छवि को infinite opportunity state के रूप में प्रस्तुत करने पर विशेष फोकस रहेगा।
*देश का केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल एवं अन्य राज्य भी हैं साथ*
इस बैठक में भारत की ओर से केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल एवं अन्य राज्यों का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा। इस बैठक के लिए इंडिया पवेलियन में केंद्र सरकार द्वारा झारखण्ड समेत देश के छह राज्यों को चुना गया है। झारखण्ड *GROWTH IN HARMONY WITH NATURE* के थीम के साथ इस बैठक में मौजूद रहेगा। बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हो सकते हैं, इसके अतिरिक्त दुनिया भर के करीब 130 देशों के लगभग 3,000 प्रतिनिधि दावोस 2026 में भाग लेंगे। विश्व आर्थिक मंच 2026 का विषय “ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग” और "अनलॉकिंग न्यू सोर्सेस ऑफ ग्रोथ" रखा गया है, जिसके अंतर्गत वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
क्या है विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन
विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन को व्यापक रूप से सबसे प्रभावशाली वैश्विक मंचों में से एक माना जाता है। यह मंच विभिन्न देशों के प्रमुख, नीति निर्माताओं, उद्योगपतियों और वित्तीय संस्थानों को आर्थिक, तकनीकी, व्यापारिक और रणनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ लाता है। राज्य सरकार का मानना है कि इस मंच पर झारखण्ड की उपस्थिति वैश्विक उद्योगपतियों और निर्णयकर्ताओं के साथ सीधे संवाद स्थापित करने में सहायक होगी और इससे राज्य में आर्थिक विकास, भावी पीढ़ी को वैश्विक चुनौतियों को समझने एवं रोजगार सृजन को गति मिल सकती है।
पलामू। 2 जनवरी 2026 समय करीब 16.00 बजे एक व्यक्ति अपने रिश्तेदार के जमीनी विवाद में पैरवी कराने हेतु हुसैनाबाद थाना प्रभारी से मिलने थाना पहुँचा। उक्त व्यक्ति ने अपना नाम राजेश कुमार, पता – ग्राम कुकही, थाना हैदरनगर बताते हुए स्वयं को 2014 बैच का उड़ीसा कैडर का आईएएस अधिकारी बताया तथा वर्तमान में भुवनेश्वर के खरवेला नगर में C.A.O. (Chief Accounts Officer) के पद पर पदस्थापित होना बताया। थाना प्रभारी द्वारा जब उसकी पोस्टिंग के संबंध में पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह देहरादून, हैदराबाद एवं भुवनेश्वर में कार्य कर चुका है। अलग-अलग राज्यों में पदस्थापन को लेकर संदेह होने पर पूछताछ करने पर उसने अपना बयान बदलते हुए स्वयं को IPTAFS (Indian P&T Accounts and Finance Service) का अधिकारी बताया, जो UPSC द्वारा चयनित एवं आईएएस के समकक्ष होता है। इसके बाद वह व्यक्ति थाना से चला गया। व्यक्ति के पद एवं पहचान पर संदेह होने पर उक्त समस्त जानकारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, हुसैनाबाद को अवगत कराई गई। प्रारंभिक जाँच, उसके गाँव के लोगों एवं अन्य स्रोतों से की गई गहन पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि वह व्यक्ति किसी भी प्रकार का IPTAFS अधिकारी नहीं है।इसके पश्चात उक्त व्यक्ति को थाना बुलाकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उससे उसकी पहचान, नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र एवं विभागीय दस्तावेजों की माँग की गई, परंतु वह कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका और न ही कोई संतोषजनक उत्तर दे पाया। गहन जाँच में यह तथ्य सामने आया कि वह व्यक्ति किसी भी सरकारी सेवा में नहीं है। पूछताछ के दौरान उसने स्वयं स्वीकार किया कि वह फर्जी रूप से IPTAFS अधिकारी बनकर घूम रहा था।
अभियुक्त ने बताया कि उसके पिता का सपना था कि वह भारतीय प्रशासनिक सेवा में अधिकारी बने। उसने UPSC की परीक्षा में चार बार प्रयास किया, किंतु सफल नहीं हो सका। इसके बाद उसने अपने पिता, परिजनों एवं रिश्तेदारों से झूठ बोल दिया कि वह IPTAFS अधिकारी बन गया है और विगत 6–7 वर्षों से फर्जी अधिकारी बनकर जीवन यापन कर रहा था। शारीरिक तलाशी एवं वाहन की तलाशी के क्रम में उसके पास से फर्जी पहचान पत्र, फर्जी नेम बोर्ड एवं अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई, जिसे विधिवत जप्त कर सीलबंद किया गया। इस संबंध में हुसैनाबाद थाना कांड संख्या-01/26, दिनांक-02.01.26, धारा 204/205/336(2) /336(3)/337/339/340(2) BNS के अंतर्गत मामला दर्ज कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्त
1. राजेश कुमार, उम्र – 35 वर्ष, पिता – स्व० राम किशोर राम, पता – ग्राम कुकही, थाना हैदरनगर, जिला पलामू
जप्त सामानों की विवरणी
1. एक फर्जी आई०डी० कार्ड, जिस पर GOVT. OF INDIA, A.P. Circle, Sanchar Lekha Bhawan, Chikkadpally, Hyderabad–500020 अंकित है। नाम – Rajesh Kumar, पद – CAO (Jr. Grade), कोड – IP&TAFS/164/014, वैधता – 31.12.2020 तक।
2. एक Vivo कंपनी का मोबाइल फोन, मोबाइल नंबर – 9006542629।
3. एक Library Card।
4. एक Chanakya IAS Academy का आई०डी० कार्ड।
5. हुंडई Era कार (रजिस्ट्रेशन नंबर JH01Z-4884) के आगे लगा नीले रंग का फर्जी नेम बोर्ड, जिस पर GOVT. OF INDIA, CAO, DEPARTMENT OF TELECOMMUNICATION लिखा हुआ है।
6. ग्रे रंग की हुंडई Era कार, रजिस्ट्रेशन नंबर – JH01Z-4884।
छापामारी दल एवं जाँच-पड़ताल में शामिल पदाधिकारी
1. एस० मोहम्मद याकूब, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, हुसैनाबाद।
2. सोनू कुमार चौधरी, पु०नि० सह थाना प्रभारी, हुसैनाबाद।
3. पु०अ०नि० धनंजय कुमार गोप, हैदरनगर थाना।
4. पु०अ०नि० बबलु कुमार, प्रभारी, देवरी ओ०पी०।
5. पु०अ०नि० रमन यादव, हुसैनाबाद थाना।
6. पु०अ०नि० मुकेश कुमार सिंह, हुसैनाबाद थाना (अनुसंधानकर्ता)।
रांची। नये साल के आगाज पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रांची शहर का दौरा करते हुए धुर्वा डैम एवं अन्य पिकनिक स्पॉट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां की भौगोलिक स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था तथा क्षेत्र में पर्यटन विकास की संभावनाओं का विस्तारपूर्वक अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने चाय की चुस्की के साथ रांची की हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य का भी आनंद लिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि धुर्वा डैम क्षेत्र में पर्यटन को व्यवस्थित रूप से विकसित करने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा यह क्षेत्र रांची शहर के पर्यटन नक्शे का प्रमुख आकर्षण बनेगा। निरीक्षण के दौरान श्री सोरेन ने स्थानीय दुकानदारों एवं नागरिकों से उनकी समस्याएं सुनीं तथा सुझाव लिए।उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार जनसहभागिता के माध्यम से क्षेत्र के समग्र विकास को प्राथमिकता देगी। मुख्यमंत्री ने कहा, "धुर्वा डैम न केवल रांची का महत्वपूर्ण जल स्रोत है, बल्कि यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं भी हैं। सरकार इन संभावनाओं को चरणबद्ध तरीके से विकसित करेगी।"इसके उपरांत श्री सोरेन ने धुर्वा स्थित ज्यूडिशियल अकादमी, झारखंड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संस्थान की अधोसंरचना एवं प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए।
इस मौके पर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, रांची जिला प्रशासन के पदाधिकारी, पर्यटन विभाग के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सांसद, राज्य सभा महुआ माजी, अपर मुख्य सचिव गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग वंदना दादेल, अपर मुख्य सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग मस्त राम मीणा, राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी, सचिव वित्त विभाग प्रशांत कुमार, सदस्य राजस्व पर्षद राजीव रंजन, अभियान निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छवि रंजन, प्रबंध निदेशक जियाडा वरुण रंजन, निदेशक नगरीय प्रशासक, नगर विकास विभाग नैंसी सहाय, विशेष सचिव मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी (समन्वय) विभाग राजीव रंजन, आईजी एसटीएफ अनूप बिरथरे, उपायुक्त रांची मंजुनाथ भजंत्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रांची राकेश रंजन ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री को सभी ने नववर्ष 2026 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने भी सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए उनके मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समस्त झारखण्ड वासियों को नूतन वर्ष 2026 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी तथा ईश्वर से राज्यवासियों की सुख, शांति, समृद्धि, प्रगति एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी की सहभागिता से ही झारखंड अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शुमार होगा। राज्य के सर्वांगीण विकास में सभी का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जन-सहभागिता एवं प्रभावी कार्य संस्कृति के साथ हमारी सरकार विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राज्य पुलिस सेवा के कई अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। इनमें राम समद,रोशन गुड़िया, अविनाश कुमार, राजेश कुमार, मजरूल होदा तथा दीपक कुमार शामिल थे। उल्लेखनीय है कि इन सभी अधिकारियों को हाल ही में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) रैंक में पदोन्नति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अधिकारियों को आईपीएस की बैच पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने सभी अधिकारियों को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्य सचिव अविनाश कुमार तथा पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा भी उपस्थित थीं। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने भी नव-प्रोन्नत अधिकारियों को बैच पहनाकर सम्मानित किया।
रांची। झारखंड पुलिस ने प्रेस रिलीज कर जानकारी देते हुए बताया कि, आम नागरिकों की सुरक्षा और आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता पहुँचाने के उद्देश्य से सरायकेला खरसावाँ पुलिस ने वर्ष 2025 में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। 'इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS)' यानी डायल 112 के तहत पुलिस के घटनास्थल पर पहुँचने के समय (Response Time) में अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया है।
ERSS (डायल 112): त्वरित सहायता का भरोसा
ERSS एक पैन-इंडिया आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को पुलिस, आगजनी, स्वास्थ्य और अन्य आपातकालीन स्थितियों में केवल एक नंबर '112' डायल करके तत्काल मदद उपलब्ध कराना है।
वर्ष 2025 के आंकड़े और सुधार:
इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 की शुरुआत (जनवरी) में जहाँ सरायकेला खरसावाँ पुलिस का औसत रिस्पॉन्स टाइम लगभग 21 मिनट था, वहीं पुलिस की तत्परता और निरंतर मॉनिटरिंग के कारण नवंबर 2025 तक यह घटकर मात्र 09 मिनट 19 सेकंड रह गया है। यह पुलिस की कार्यप्रणाली में आए सुधार और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
माह-वार इवेंट्स और रिस्पॉन्स टाइम का विवरण:
वर्ष 2025 में डायल 112 के तहत आए कॉल्स (Events) और रिस्पॉन्स टाइम का विवरण निम्न प्रकार है:
• जनवरी (Jan 25): 346 इवेंट्स — 20 मिनट 48 सेकंड
• फरवरी (Feb 25): 332 इवेंट्स — 20 मिनट 49 सेकंड
• मार्च (Mar 25): 362 इवेंट्स — 17 मिनट 59 सेकंड
• अप्रैल (Apr 25): 312 इवेंट्स — 21 मिनट 21 सेकंड
• मई (May 25): 272 इवेंट्स — 17 मिनट 31 सेकंड
• जून (Jun 25): 332 इवेंट्स — 14 मिनट 09 सेकंड
• जुलाई (Jul 25): 416 इवेंट्स — 12 मिनट 40 सेकंड
• अगस्त (Aug 25): 412 इवेंट्स — 12 मिनट 09 सेकंड
• सितंबर (Sep 25): 446 इवेंट्स — 13 मिनट 43 सेकंड
• अक्टूबर (Oct 25): 487 इवेंट्स — 13 मिनट 34 सेकंड
• नवंबर (Nov 25): 428 इवेंट्स — 09 मिनट 19 सेकंड (सबसे कम)
आपातकालीन स्थिति में हर एक सेकंड कीमती होता है। डायल 112 के रिस्पॉन्स टाइम में निरंतर सुधार और इसे 20 मिनट से घटाकर 9 मिनट के भीतर लाना सरायकेला खरसावाँ पुलिस टीम की मेहनत का नतीजा है। सरायकेला खरसावाँ पुलिस का लक्ष्य रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम रखना है ताकि संकट में फँसे नागरिकों को बिना देरी के सहायता मिल सके।
जमशेदपुर । जिले के दिशोम जाहेर करनडीह में आयोजित 22 वां संताली "परसी महा " एवं ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष समापन समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि एवं राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार तथा मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन विशिष्ट अतिथि के रूप में दिशोम जाहेर, करनडीह, जमशेदपुर में आयोजित 22 वां संताली "परसी महा " एवं ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष समापन समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय भाषा और संस्कृति को पहचान एवं सम्मान दिलाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा में आदिवासी समाज के साथ मिलकर प्रयास निरंतर जारी है। इसी क्रम में आज का यह समारोह भी काफी विशेष है। क्योंकि, हमें संताली भाषा और साहित्य के विकास में साहित्यकारों तथा
बुद्धिजीवियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित कर गर्व की अनुभूति हो रही है।
ओलचिकी लिपि से संथाली भाषा का पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार वचनबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्रदेश में ओलचिकी लिपि से संथाली भाषा का पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार वचनबद्ध है। साथ ही जनजातीय भाषाओं के विकास और उसे सुरक्षित, संरक्षित और समृद्ध करने की दिशा में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। आज संताली जैसी जनजातीय भाषाओं से आदिवासी समाज की आवाज बहुत दूर तक पहुंच रही है।
राष्ट्रपति की जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज आज अगर सशक्त हो रहा है तो इसमें हमारे देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी का इसमें अहम योगदान है। राष्ट्रपति भवन में भी होने वाले कई कार्यक्रमों में आदिवासी समाज और उसकी संस्कृति, परंपरा और पहचान को प्रमुखता के साथ पेश करने का प्रयास होता रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी की पहल से आदिवासी समाज का मान - सम्मान बढ़ रहा है। ऐसे में राष्ट्रपति के प्रयासों की जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम ही होगी।
पंडित रघुनाथ मुर्मू को कभी भूल नहीं सकते
मुख्यमंत्री ने कहा कि संथाली भाषा और इसकी लिपि ओल - चिकी का आज अलग वजूद है तो इसमें गुरु गोमके पंडित रघुनाथ मुर्मू जी का योगदान अविस्मरणीय है। आज से सौ वर्ष पहले उन्होंने ओल चिकी के रूप में संथाली भाषा को एक अलग लिपि दी थी। ऐसे में जब तक ओल -चिकी लिपि और आदिवासी‑संताल समाज जीवित रहेगा, तब तक पंडित रघुनाथ मुर्मू जी अमर रहेंगे।
इस अवसर पर लोक सभा सांसद एवं ऑल संताली राइटर्स एसोसिएशन के सलाहकार कालीपद सोरेन , ऑल इंडिया संताली राइटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्मण किस्कू, जाहेर थान कमिटी के अध्यक्ष सीआर मांझी समेत संताली समाज के प्रतिनिधि गण मौजूद थे।