सोनाहातु। विद्या ज्योति इंग्लिश मीडियम स्कूल, सोनाहातु के संस्थापक तरुण महतो के आकस्मिक निधन से पूरे सोनाहातु क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन की खबर सुनते ही क्षेत्र के लोगों में गहरा दुख व्याप्त हो गया।
बताया जा रहा है कि उनके अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक, शिक्षक, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान कई लोगों की आंखें नम हो गईं। लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
तरुण महतो एक सरल, मिलनसार और सुलझे हुए व्यक्तित्व के धनी थे। वे शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के साथ-साथ पूर्व में एक सक्रिय समाजसेवी के रूप में भी जाने जाते थे। उन्होंने अपने विद्यालय के माध्यम से कई लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया और हमेशा जरूरतमंद एवं गरीब परिवारों की मदद के लिए तत्पर रहते थे।
उनका मानना था कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। अपने व्यवहार और सामाजिक कार्यों के कारण उन्होंने लोगों के दिलों में एक अलग पहचान बनाई थी।
उनके आकस्मिक निधन से न केवल उनके परिवार और विद्यालय परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र ने एक मिलनसार, मददगार और शिक्षाप्रेमी व्यक्तित्व को खो दिया है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, दरभंगा हाउस, रांची में 31 अक्टूबर, 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यालय से सेवानिवृत्त हो रहे 9 कर्मियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इसके साथ ही, सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सेवानिवृत्त कर्मियों को भी उनके-अपने क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से ससम्मान विदा किया गया। इस प्रकार, सीसीएल मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों से सेवानिवृत्त हुए कुल 115 कर्मियों को गरिमापूर्ण विदाई दी गई।
समारोह के दौरान सीसीएल मुख्यालय में एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव, भावनाएं एवं स्मृतियां साझा कीं।
मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के नाम इस प्रकार हैं- संजय कुमार, मुख्य प्रबंधक (वित्त), निदेशक (मा.सं.), वित्त विभाग; डॉ. निखिल प्रसाद सिन्हा, मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, गांधीनगर अस्पताल; काशीनाथ यादव, कार्यालय अधीक्षक, ग्रेड-A1, प्रशासन विभाग; कंचन पाटीदार, कार्यालय अधीक्षक, ग्रेड-A1, कल्याण एवं सेवाएं (असैनिक) विभाग; अब्दुल कादिर, पर्यवेक्षक (दूरसंचार), गांधीनगर अस्पताल; जोयजीत बोस, कार्यालय अधीक्षक, ग्रेड-A, निदेशक (मा.सं.), वित्त विभाग; ज्योत्सना झा, लेखा लिपिक, ग्रेड-I, वित्त (सी.एफ.सी.) विभाग; कैलाश उरांव, आदेशपाल, राजभाषा विभाग एवं गलुवा, कैट-II, गांधीनगर अस्पताल।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा एवं निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र उपस्थित रहे।
इस अवसर पर निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा ने सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की प्रगति में उसके कर्मियों की मेहनत, ईमानदारी एवं समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के दौरान अपने अनुभव एवं कार्यकुशलता से सीसीएल के विकास में योगदान दिया है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं समृद्ध जीवन की कामना की।
निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि सेवानिवृत्ति किसी कर्मचारी के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो वर्षों की सेवा, अनुभव और समर्पण की यात्रा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कर्मियों का योगदान किसी भी संस्थान की वास्तविक ताकत होता है और उनके अनुभव एवं कार्य के प्रति प्रतिबद्धता सदैव प्रेरणादायी रहेगी। उन्होंने सेवानिवृत्त हो रहे सभी कर्मियों को नई जीवन-यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके एवं उनके परिवारों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
समारोह में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण, कर्मचारी तथा सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर दो-दो स्टैटिक दंडाधिकारी रखेंगे निगरानी, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त परीक्षा संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध
साहिबगंज, 31 अक्टूबर। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JHTET)-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए साहिबगंज जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। रविवार, 1 नवंबर को जिले के 22 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होने वाली इस परीक्षा के सफल संचालन के लिए कुल 44 स्टैटिक दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर दो-दो दंडाधिकारी तैनात रहेंगे, जो परीक्षा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने और परीक्षा संचालन पर पैनी नजर रखेंगे।
झारखंड अधिविध परिषद, रांची द्वारा आयोजित इस परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए हैं। प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखने, परीक्षा संचालन की निगरानी करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता और कदाचार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
22 परीक्षा केंद्रों पर अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित 22 परीक्षा केंद्रों पर प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी विभागों के पदाधिकारियों को स्टैटिक दंडाधिकारी के रूप में तैनात किया गया है। इनमें परीक्ष्यमान उपसमाहर्ता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, अंचल निरीक्षक, प्रखंड स्तरीय अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के पदाधिकारी शामिल हैं।
साहिबगंज शहर के प्रमुख परीक्षा केंद्रों में साहिबगंज कॉलेज, संध्या इंटर कॉलेज, राजस्थान इंटर स्कूल, पब्लिक हाई स्कूल, सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स स्कूल, पीएम श्री अपग्रेड म्यूनिसिपल गर्ल्स हाई स्कूल, जवाहर नवोदय विद्यालय, ईस्टर्न रेलवे हाई स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, सेंट जेवियर स्कूल के हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम केंद्र, संत जोसेफ एकेडमी और प्रोविडेंस स्कूल शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त जिले के ग्रामीण एवं अनुमंडलीय क्षेत्रों में भी परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें बड़ा पचगढ़, तीनपहाड़, जामनगर, उधवा, कोदरजन्ना, राजमहल, बोहरा, मंगलहाट और नया बाजार स्थित विद्यालय एवं महाविद्यालय शामिल हैं।
परीक्षा की निष्पक्षता और विधि-व्यवस्था पर विशेष जोर
जिला प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा को स्वच्छ, शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराना है। इसके लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता और सतर्कता के साथ करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
परीक्षा के दौरान दंडाधिकारी केंद्रों पर विधि-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखेंगे तथा परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न होने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन की ओर से परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने और अभ्यर्थियों को व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जिला नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर जारी
परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों और आम नागरिकों की सुविधा के लिए जिला नियंत्रण कक्ष, साहिबगंज के हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। किसी भी प्रकार की सहायता या आवश्यक जानकारी के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।
हेल्पलाइन नंबर: 9006963963, 9631155933, 9065370630
दूरभाष: 06436-356485, 06436-222101, 06436-222202
रांची । ड्राइवर रैपिड रिस्पॉन्स सेल (DRRC) की ओर से शनिवार को मोरहाबादी स्थित ऑक्सीजन पार्क में रांची में शुरू हुई टमटम कैब सर्विस के विरोध में आमसभा आयोजित की गई। बैठक में सैकड़ों की संख्या में टैक्सी चालक एवं वाहन मालिक शामिल हुए। आमसभा में संगठन की पूरी कोर कमेटी के पदाधिकारियों ने भाग लेते हुए स्थानीय टैक्सी चालकों के रोजगार एवं भविष्य की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि रांची में टमटम कैब सर्विस के संचालन से स्थानीय टैक्सी चालकों एवं वाहन मालिकों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। पहले से आर्थिक संकट का सामना कर रहे चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है। यह मामला केवल टैक्सी चालकों के रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
DRRC ने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से मांग की कि रांची में टमटम कैब सर्विस के संचालन पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा स्थानीय टैक्सी चालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो हजारों टैक्सी चालकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है, जिससे व्यापक स्तर पर रोजगार प्रभावित होने की आशंका है।
आमसभा में उपस्थित पदाधिकारियों ने एकजुट होकर स्थानीय टैक्सी चालकों के अधिकारों एवं रोजगार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
बैठक में DRRC के संस्थापक ठाकुर एसपी चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष देव सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, प्रदेश सचिव गुड्डू यादव, प्रदेश सह सचिव पप्पू सिंह, जिला अध्यक्ष अंजन सिंह, जिला उपाध्यक्ष अनिल साहनी, सह कोषाध्यक्ष राकेश रंजन, केंद्रीय प्रवक्ता चंदन पाठक, संगठन मंत्री अरुण कुस्वाहा, जिला संगठन मंत्री दीपक सिंह एवं समन्वयक पुरुषोत्तम कुमार सहित अन्य पदाधिकारी, टैक्सी चालक एवं वाहन मालिक उपस्थित थे।
DRRC ने स्पष्ट किया कि स्थानीय टैक्सी चालकों की आजीविका एवं भविष्य की सुरक्षा संगठन की प्राथमिकता है। संगठन ने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
200 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग, रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से दिया सत्यनिष्ठा एवं नैतिकता का संदेश
रांची। सतर्कता जागरूकता सप्ताह–2026 के अंतर्गत सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा आज दिनांक 30 अक्टूबर, 2026 को सीसीएल मुख्यालय, रांची में कर्मियों के बच्चों के लिए कविता पाठ, चित्रकला एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 200 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा एवं अभिव्यक्ति कौशल का प्रदर्शन किया।
इस वर्ष सतर्कता जागरूकता सप्ताह की थीम “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” पर आधारित इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, ईमानदारी एवं नैतिक आचरण जैसे महत्वपूर्ण मूल्यों के प्रति जागरूक किया गया। नन्हे प्रतिभागियों ने अपनी कविताओं, चित्रों एवं निबंधों के माध्यम से इन मूल्यों को बेहद सुंदर एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को अपनी कल्पनाशीलता एवं रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करने के साथ-साथ उनमें बचपन से ही नैतिक मूल्यों और ईमानदारी की भावना विकसित करना था।
इस अवसर पर यह संदेश भी दिया गया कि सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता एवं नैतिक उत्तरदायित्व एक समृद्ध समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के मूल आधार हैं। भ्रष्टाचार मुक्त एवं पारदर्शी भारत के निर्माण में नई पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है और इसकी शुरुआत बचपन से ही सही संस्कारों एवं मूल्यों के विकास से होती है।
इस आयोजन के माध्यम से सीसीएल ने एक बार फिर कार्यस्थल के साथ-साथ समाज में भी सत्यनिष्ठा की संस्कृति को प्रोत्साहित करने तथा नई पीढ़ी को नैतिक मूल्यों से जोड़ने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सीसीएल का विश्वास है कि आज के जागरूक एवं संस्कारवान बच्चे ही कल एक सत्यनिष्ठ, पारदर्शी और समृद्ध भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
खोजे मोबाइल’ अभियान के तहत नगर, मुफस्सिल समेत पांच थानों की पुलिस को मिली सफलता
साहेबगंज । साहेबगंज पुलिस ने ‘खोजे मोबाइल’ अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए विभिन्न स्थानों से गुम और चोरी हुए 16 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस ने तकनीकी शाखा और सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की मदद से इन मोबाइलों को बरामद किया। सोमवार को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, साहेबगंज के कार्यालय कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में मोबाइल उनके धारकों को सौंपे गए।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार चलाए गए इस अभियान में नगर, मुफस्सिल, मिर्जाचौकी, जिरवाबाड़ी और बोरियो थाना पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बरामद मोबाइलों का वितरण अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में संबंधित थाना प्रभारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की उपस्थिति में किया गया।
जिरवाबाड़ी थाना पुलिस को मिली सबसे अधिक सफलता
पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र से आठ मोबाइल बरामद किए गए। वहीं नगर थाना, मुफस्सिल थाना, मिर्जाचौकी थाना और बोरियो थाना क्षेत्र से दो-दो मोबाइल बरामद हुए। इस तरह कुल 16 मोबाइल उनके वास्तविक धारकों तक पहुंचाए गए।
पुलिस ने तकनीकी शाखा और सीईआईआर पोर्टल की सहायता से गुम मोबाइलों का पता लगाने की कार्रवाई की। इस पहल से मोबाइल धारकों को उनके खोए हुए फोन वापस मिल सके।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें, ताकि तकनीकी माध्यमों से मोबाइल की तलाश कर उसे बरामद किया जा सके।
रांची: झारखंड में बालू का खेल फिर शुरू हो गया है। NGT की रोक हटते ही रांची के सिल्ली-सोनाहातु इलाके में बालू कारोबारियों की सक्रियता बढ़ गई है। चर्चा है कि तैयारी उन तीन घाटों से बालू निकालने की हो रही है, जिनका टेंडर वन विभाग की रोक के कारण हो ही नहीं सकता।
मामला कांची नदी के तीन बड़े बालू घाटों से जुड़ा है -
1. एडरमहातु घाट
2. सोमाडीह घाट
3. डिबाडीह घाट
*क्यों नहीं हो सकता इनका टेंडर?
वन विभाग के रिकॉर्ड में ये तीनों घाट हाथी कॉरिडोर और वाटर कैचमेंट जोन में आते हैं। वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार ये जंगली हाथियों के आने-जाने का मुख्य रास्ता है। इसी कारण यहाँ फॉरेस्ट क्लियरेंस नहीं मिलता और नियमानुसार इन घाटों की नीलामी नहीं की जा सकती।
सूत्रों का कहना है कि सिल्ली-सोनाहातु के बाकी घाटों में बालू बहुत कम बचा है, सबसे ज्यादा बालू इन्हीं तीन घाटों में है। इसलिए इन पर नजर है।
*2018 में डीसी ने भी लगाई थी रोक*
यह पहला मौका नहीं है। 2015-16 से 2017-18 के बीच इन तीनों घाटों की बंदोबस्ती राजस्थान के संवेदक संदीप चांडक के नाम हुई थी। तब वन विभाग ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
इसके बाद 24 जनवरी 2018 को रांची के उपायुक्त ने खनन विभाग को लिखित पत्र देकर स्पष्ट किया था कि इन घाटों से खनन वैध नहीं है और संवेदक को जमा राशि का 40 प्रतिशत वापस किया जाए।
अब नया फॉर्मूला - घाट कहीं का, चालान कहीं का
ताजा सूचना के अनुसार योजना यह है कि बालू की निकासी एडरमहातु, सोमाडीह और डिबाडीह से की जाएगी, लेकिन बाजार में बेचने के लिए दूसरे वैध घाटों के चालान का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे कागज पर सब वैध दिखेगा।
अगर ऐसा होता है तो यह न सिर्फ NGT और वन विभाग के नियमों का उल्लंघन होगा, बल्कि सरकार को राजस्व का भी नुकसान होगा।
इस पूरे मामले पर जिला खनन पदाधिकारी और वन प्रमंडल पदाधिकारी की आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।
रांची । सड़क सुरक्षा के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से रांची के कांटाटोली चौक पर यातायात पुलिस की ओर से यातायात जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान आर्चरी मस्कट ‘प्रताप’ के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।
अभियान के दौरान यातायात पुलिस के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने आम नागरिकों और दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनकर वाहन चलाने, यातायात संकेतों एवं सड़क चिह्नों का पालन करने तथा निर्धारित दिशा में ही वाहन चलाने के प्रति जागरूक किया। साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने की भी अपील की गई।
कार्यक्रम में पुलिस के शुभंकर ‘प्रताप’ ने लोगों के बीच सड़क सुरक्षा का संदेश प्रसारित कर यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भूमिका निभाई। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें और सड़क सुरक्षा को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
पुलिस ने कहा कि यातायात नियमों का पालन सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और बहुमूल्य मानव जीवन की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यातायात पुलिस की अपील: “सुरक्षित चलें, सतर्क रहें। हेलमेट पहनें, यातायात नियमों का पालन करें और सड़क सुरक्षा को अपनी आदत बनाएं।
शहीदों के त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को किया गया नमन, राँची पुलिस ने परिजनों की समस्याएँ सुनकर हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा
राँची। शहीद संस्मरण दिवस के अवसर पर बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को नवीन पुलिस केंद्र, राँची में शहीद पुलिसकर्मियों के सम्मान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर कर्तव्य निर्वहन के दौरान देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने शहीदों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।
शहीद संस्मरण दिवस पुलिस बल के उन वीर जवानों के त्याग और बलिदान को याद करने का अवसर है, जिन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए देश और समाज की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा। इन वीर पुलिसकर्मियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन किया और कर्तव्य की राह पर चलते हुए अपने प्राणों तक की परवाह नहीं की। उनका साहस, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम के दौरान शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों के प्रति सम्मान एवं संवेदनशीलता प्रदर्शित करते हुए उनसे संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान परिजनों की समस्याओं, आवश्यकताओं और उनके समक्ष आने वाली कठिनाइयों के बारे में जानकारी ली गई। पुलिस अधिकारियों ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना तथा प्राप्त समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल करने की बात कही। इसके साथ ही शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया गया और उन्हें आश्वस्त किया गया कि राँची पुलिस उनके साथ खड़ी है तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों का सम्मान करना उनके बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। अपने प्रियजनों को खोने के बावजूद उनके परिवारों ने जिस धैर्य और साहस का परिचय दिया है, वह भी सम्मान का पात्र है। राँची पुलिस ने परिजनों के प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त करते हुए उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, नगर; पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण; पुलिस अधीक्षक, यातायात; परिचारी प्रवर प्रथम एवं द्वितीय सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी और पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन भी शामिल हुए। सभी ने शहीदों के योगदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान प्रकट किया।
शहीद संस्मरण दिवस हमें यह संदेश देता है कि देश और समाज की सुरक्षा में पुलिसकर्मियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपने कर्तव्यों का पालन करने के दौरान पुलिसकर्मियों को कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
राँची पुलिस ने शहीद पुलिसकर्मियों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उनके आदर्शों, साहस और कर्तव्यपरायणता से प्रेरणा लेने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही जनसेवा, कानून-व्यवस्था के प्रभावी संधारण और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प व्यक्त किया।
शहीद पुलिसकर्मियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को कर्तव्य, निष्ठा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा। उनके त्याग और समर्पण को सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
मुरी। रांची-पुरुलिया मार्ग पर मुरी स्थित झारखंड होटल के पास दो मोटरसाइकिलों की सीधी पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सिंहपुर नर्सिंग होम पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के झालदा थाना क्षेत्र के कुशी गांव निवासी जितेंद्र महतो और उत्तम महतो हीरो पैशन प्रो मोटरसाइकिल (JH 05 BT 5408) से सिल्ली से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही बजाज पल्सर मोटरसाइकिल (JH 01 GL 0920) से उनकी टक्कर हो गई। पल्सर सवार प्रकाश महतो पश्चिम बंगाल के बाघमुंडी थाना क्षेत्र के निवासी हैं और सिल्ली में अपने रिश्तेदार के घर आ रहे थे।बताया जाता है कि तेज रफ्तार के कारण दोनों मोटरसाइकिलों में आमने-सामने टक्कर हुई। हादसे में तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर मुरी ओपी पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।