रांची। झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति धुर्वा रांची एवं जनजातीय सुरक्षा मंच की बैठक सेक्टर 3 एन टाइप सरहुल पूजा स्थल प्रांगण धुर्वा मे हुई जिसमें कई विषयों पर चर्चा हुई ।
समिति के अध्यक्ष मेघा उरांव ने कहा है कि झारखंड सहित अन्य प्रदेशों में आदिवासी /जनजातियों को कहीं चंगाई के नाम से कहीं प्रलोभन तो कहीं जबरन धर्मांतरण कराया जा रहा है जिससे लोगों मे आक्रोश उत्पन्न हो रहा है जिसके कारण आए दिन मारपीट का नौबत आ रहा है चर्च के एजेंट गिरफ्तार भी हो रहे हैं लेकिन चर्च मिशनरी इसको मानने के लिए तैयार नहीं। ईसाई मिशनरी देश में सेवा शिक्षा स्वास्थ्य के नाम पर आए लेकिन सेवा के बदले आज उनका पहचान उनका जमीन और बेकीमती धर्म को ही छीन रहा है।
जनजाति सुरक्षा मंच के संयोजक संदीप उरांव ने कहा कि चर्च जाने वाले ईसाइयों का जाति प्रमाण पत्र निरस्त होना तैय है इन विषयों को लेकर मई 2026 को पूरे देश भर के लाखों जनजाति समाज दिल्ली के सड़कों पर उतरेंगे और धर्म परिवर्तन कर जनजातियों का फायदा लेने वाले ईसाइयों का जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने अर्थात डीलिस्टिंग की मांग करेंगे
तकती में कुछ स्लोगन
विदेशी ईसाई पादरी वापस जाओ अब बहुत हो गया सेवा अब हमें नहीं चाहिए आपका सेवा।
बीमारी ठीक करने के नाम पर धर्मांतरण करना बंद करो।
मेरे हाथ में बाइबल तुम्हारे हाथ में जमीन अब नहीं चलेगा।
ईसाई ना तो आदिवासी है ना ही जनजाति ईसाई केवल ईसाई है।
भगवान बिरसा मुंडा को गुंडा कहने वाले अंग्रेजों के दलाल होश में आओ
चंगाई सभा के माध्यम से जनजातियों /आदिवासियों को गुमराह/भ्रमित करना बंद करो। रुढ़ि प्रथा को समाप्त करने वाले ईसाई हमारा हितैषी नहीं बल्कि सबसे बड़ा आदिवासी/ जनजातियों का शत्रु है । अपने पूर्वजों का रुढ़ि प्रथा को छोड़ने वाले आरक्षण छोड़ो।
इस कार्यक्रम मे मेघा उरांव, संदीप उरांव, मनोज भगत, जय मंत्री उरांव, रोपनी मिंज, कुमुदिनी लकड़ा, बुधवा उरांव, सुशीला उरांव, रीना उरांव, लुथरू उरांव , अंजलि खलखो ,रातरानी कछप, बृजमनी उरांव, गणेश तिग्गा, पिंकी कछप एवं अन्य उपस्थित थे।