FOLLOW US ON
Breaking News 21 जून को फिर से आयोजित होगी नीट पेपर का एग्जाम | झारखंड में राज्यसभा चुनाव में फिर उलट फेर बागियों ने किया खेल निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी विजय | झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से राज्यसभा सदस्य के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम घोषित | केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का दिल्ली में प्रदर्शन | 18 जून को राज्यसभा चुनाव को लेकर jmm किसको बनाएगी प्रत्याशी तीन नाम चर्चा में | टीएमसी नेता जागीर खान को बंगाल पुलिस ने किया नेपाल बॉर्डर के पास गिरफ्तार | पीएम मोदी द्वारा पेट्रोल डीजल कम खर्च और वर्क फॉर होम कहने पर राजनीतिक बवाल | दिल्ली के होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत के बाद बिहार एवं झारखंड में फायर सेफ्टी को लेकर सभी होटल एवं अन्य भवन की जांच जारी | झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक तेज कांग्रेस और झामुमो के बीच सुलह का प्रयास |
निदेशक की लापरवाही से टेंडर ठप, वर्करों को मोहरा बनाकर रचा जा रहा आंदोलन का षड्यंत्र - BMS
December 31, 2025 | 197 Views
निदेशक की लापरवाही से टेंडर ठप, वर्करों को मोहरा बनाकर रचा जा रहा आंदोलन का षड्यंत्र - BMS

रांची। एचईसी (हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) में सप्लाई कर्मियों से जुड़े टेंडर की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है। इसके पीछे प्रबंधन, खासकर एचईसी निदेशक की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। समय रहते जरूरी निर्णय नहीं लिए जाने के कारण सैकड़ों सप्लाई कर्मियों का भविष्य अधर में लटक गया है। एचईसी मजदूर संघ के महामंत्री रमा शंकर का कहना है कि जानबूझकर टेंडर प्रक्रिया में देरी की गई ताकि जिम्मेदार अधिकारी अपनी कमियों को छिपा सके । चर्चा है कि इसी उद्देश्य से वर्करों को जानबूझकर आंदोलन की राह पर धकेला जा रहा है, ताकि सारा ठीकरा मजदूरों के सिर फोड़ा जा सके और असली जिम्मेदारी से बचा जा सके।


सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब टेंडर प्रक्रिया समय पर शुरू की जा सकती थी, तो फिर इसे क्यों लटकाया गया? क्या यह महज प्रशासनिक चूक है या फिर किसी बड़े खेल की तैयारी? मजदूर संघ के महामंत्री का यह भी कहना है कि यदि निदेशक स्तर पर ईमानदारी से पहल होती, तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते। वर्करों का कहना है कि वे मजबूरी में आंदोलन की राह चुनने को विवश हैं। रोज़ी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है, लेकिन प्रबंधन आंख मूंदे बैठा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एचईसी प्रबंधन मजदूरों को ढाल बनाकर अपनी नाकामी छिपाना चाहता है?


अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उच्च स्तर से कब हस्तक्षेप होगा और क्या टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा कर सप्लाई कर्मियों को राहत दी जाएगी, या फिर एचईसी में यह संकट और गहराता जाएगा।

 


December 31, 2025 | 198 Views
December 31, 2025 | 198 Views
December 31, 2025 | 198 Views
December 31, 2025 | 198 Views
December 31, 2025 | 198 Views
December 31, 2025 | 198 Views
December 31, 2025 | 198 Views
December 31, 2025 | 198 Views
December 31, 2025 | 198 Views
December 31, 2025 | 198 Views