रांची : राजधानी रांची की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन (एसएसपी) ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक यातायात राजेश कुमार सिंह के साथ शहर के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण अल्बर्ट एक्का चौक से अंजुमन प्लाजा तक किया गया।
निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन पार्क करने वालों, फुटपाथ एवं सड़क पर दुकान लगाने वालों तथा अन्य प्रकार के अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पैदल यात्रियों के लिए बने मार्ग पर मोटरसाइकिल और अन्य वाहन खड़े करने वाले चालकों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें चेतावनी दी गई।
एसएसपी ने पार्किंग स्टैंड में खड़े वाहनों को सुव्यवस्थित ढंग से पार्क कराने का निर्देश दिया, ताकि यातायात प्रभावित न हो। साथ ही विभिन्न ट्रैफिक पोस्टों पर तैनात यातायात पुलिस अधिकारियों और जवानों को ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान ट्रैफिक एसपी राकेश कुमार सिंह,स्थानीय पुलिस उपाधीक्षक, संबंधित थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
रांची : झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति कार्यक्रमों, रोजगार सृजन, आवासीय विद्यालयों और कौशल विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, समयबद्ध और लक्ष्य आधारित तरीके से सुनिश्चित किया जाए ताकि अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे संवाद किया। उन्होंने लाभुकों से प्राप्त ऋण, व्यवसाय की स्थिति, आय, रोजगार सृजन और बैंकिंग सहयोग से जुड़ी जानकारी ली।
लाभुकों ने बताया कि यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित हुई है। मुख्यमंत्री ने लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन और लाभुकों के लिए नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया। साथ ही लाभुकों की समस्याओं और फीडबैक के लिए कॉल सेंटर स्थापित करने का भी निर्देश दिया।
विद्यार्थियों को मिल सकती है ई-साइकिल
साइकिल वितरण योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पारंपरिक साइकिल के स्थान पर विद्यार्थियों को ई-साइकिल उपलब्ध कराने की दिशा में कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को विद्यालय पहुंचने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह पहल शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान बनाएगी।
एकलव्य विद्यालय और छात्रावासों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने राज्य के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों, अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों तथा आदिवासी छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों की उपलब्धता, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही एनजीओ संचालित आश्रम विद्यालयों के विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
SIR और जनगणना पर जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम चलाकर विद्यार्थियों को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और जनगणना के प्रति जागरूक किया जाए। इसके लिए कार्यशालाएं और जागरूकता अभियान संचालित करने पर जोर दिया गया।
कौशल विकास कार्यक्रमों को बनाया जाएगा रोजगारोन्मुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें बाजार की मांग और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। उन्होंने उद्योगों और स्थानीय उद्यमों के साथ समन्वय स्थापित कर युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का निर्देश दिया।
जिला अस्पतालों में बनेगा विशेष हेल्प डेस्क
मुख्यमंत्री ने रिम्स सहित राज्य के सभी जिला अस्पतालों में अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के मरीजों की सहायता के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्देश दिया। यहां प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती कर मरीजों को पंजीकरण, जांच और उपचार संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफिजुल हसन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू एवं अधिकारियों की उपस्थिति में नगर विकास एवं आवास विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नगर विकास एवं आवास विभाग की योजनाओं का लाभ आमलोगों को समय पर मिले। नगर विकास एवं आवास विभाग का उद्देश्य सड़क निर्माण, आधारभूत संरचनाओं एवं भवनों का निर्माण के साथ-साथ आम जनता के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है। ऐसे में विकासात्मक योजनाओं के ससमय कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी परियोजना, नगर निगम अंतर्गत आधारभूत संरचना, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, पेयजल आपूर्ति, यातायात प्रबंधन और कूड़ा निस्तारण आदि नगरीय व्यवस्था को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि रांची स्मार्ट सिटी परियोजना को गति देने हेतु भूमि अधिग्रहण कार्यों को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास की सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ राजस्व संग्रहण के संसाधनों पर विशेष कार्य करें। मुख्यमंत्री ने शहरी नागरिक परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने जनहित से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। बैठक में मंत्री नगर विकास एवं आवास विभाग सुदिव्य कुमार भी उपस्थित रहे।
नदी एवं अन्य जलस्रोत क्षेत्रों से हटवायें अतिक्रमण
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि शहरों से गुजरने वाली सभी नदियों, तालाबों, डैमों, नालियों अथवा अन्य जलस्रोतों पर बनी अवैध संरचनाओं एवं अन्य निर्माण कार्यों को तत्काल बंद कराएं एवं पूर्व से बनीं अवैध संरचनाओं से अतिक्रमण मुक्त कराएं। अतिक्रमण कर जो घर बनाएं गएं हैं, उनका तत्काल गहन सर्वे कराएं। उन्होंने सभी शहरी निकायों में अवस्थित नदी अथवा अन्य जलस्रोतों में हुए अवैध निर्माण को चिन्हित करते हुए लिखित नोटिस करने, अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने एवं अतिक्रमण कर निर्मित अवैध संरचनाओं को ध्वस्त करने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी किनारे और अन्य जलस्रोतों पर अतिक्रमण कर घर बनाना पर्यावरण और जल निकासी के लिए गंभीर खतरा है। इस तरह के कार्य क्षमा योग्य नहीं है, ऐसे कार्य करने वाले लोगों पर कड़ी कानूनी-कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से भी अपील किया है कि अवैध अतिक्रमण कर संरचना तैयार नहीं करें।
कांके डैम संरक्षण के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाएं
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के राजधानी रांची में अवस्थित कांके डैम के संरक्षण के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाते हुए कार्य योजना तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। उन्होंने डैम एरिया में सीधे गिरने वाले नालों को तत्काल बंद कराने, डैम के कैचमेंट एरिया की शीघ्र मापी कराकर, उसकी घेराबंदी कराने का निर्देश दिया, ताकि डैम का पानी स्वच्छ, सुरक्षित एवं संरक्षित बना रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आसपास के लोगों को भी जागरूक करते हुए , यह सुनिश्चित कराया जाए कि वे घरों से निकलने वाले गंदे पानी को डैम में नहीं जाने दें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शहरों में बसे शत-प्रतिशत घरों में पाइपलाईन के माध्यम से शुद्ध पानी उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित की जाए।
परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो, यह सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि नगर विकास एवं आवास विभाग की किसी भी परियोजना में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सभी योजनाओं की समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक सशक्त करें। मुख्यमंत्री ने नगर विकास एवं आवास विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण, नगर निकाय क्षेत्रों में साफ-सफाई/स्वच्छता, पेय जलापूर्ति तथा आवास योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने नगर निकाय क्षेत्रों में बरसात पूर्व जल जमाव की समस्या का स्थाई समाधान एवं स्ट्रीट लाइट व्यवस्था दुरूस्त रखने का निर्देश दिए।
रांची सहित राज्य के सभी रिंग रोड के आसपास सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा प्रणाली विकसित करें
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रांची सहित राज्य में जहां भी रिंग रोड है, उसके आसपास सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा प्रणाली विकसित करें। साथ ही सोलर स्ट्रीट लाइट से रोशन करें। अगले 15 दिनों में सोलर पैनल एवं स्ट्रीट लाईट लगाए जाने संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट से पारित कर कार्य को मूर्त रूप दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिंग रोड एरिया में वाटर पाइप लाइन, सीवर लाइन की भी संरचना विकसित की जाए। राज्य के भीतर जिन-जिन शहरों में वाटर सप्लाई प्लान के अंतर्गत योजनाएं चल रही है, उन योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के अंदर पूर्ण कर ली जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर में स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, डिजिटल मॉनिटरिंग और आधुनिक शहरी नियोजन तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जाए। नगर विकास योजनाओं में अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने से समय की बचत के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
शहरी क्षेत्र के प्रत्येक घरों में कराएं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं वाटर वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था
शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने को लेकर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि शहरी क्षेत्र में स्थापित प्रत्येक घर, बड़ी-बड़ी सोसाइटीज, हाउसिंग क्षेत्र, बड़े होटल, अपार्टमेंट एवं पॉश इलाके में रहने वाले लोग स्वयं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वाटर वेस्ट मैनेजमेंट का कार्य करें। इस निमित्त कार्य योजना बनाते हुए लोगों को इस कार्य के लिए प्रेरित करते हुए प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए लोगों को जागरूक कर जनभागीदारी बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि भू-जलस्तर संरक्षित रहे और प्रदूषण में कमी आए।
आधुनिक तकनीक एवं उपायों के माध्यम से निकालें समाधान
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वर्तमान समय में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत कचरे के पहाड़ों (Legacy Waste) का निस्तारण शहरों की एक प्रमुख पर्यावरणीय चुनौती है। मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच रांची के झिरी स्थित Legacy Waste का निस्तारण हेतु विचार-विमर्श हुआ तथा आधुनिक तकनीक एवं उपायों के माध्यम से इसका समाधान निकालने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के सभी नगर निकाय क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों से भी गीले एवं सूखे कचरे की अलग-अलग पृथ्कीकरण करने की व्यवस्था करने की अपील की है, जिससे एक तरफ बायोडिग्रेबल कूड़ा से ऊर्जा पैदा किया जा सके, उर्वरक के रूप में इस्तेमाल किया जा सके और नॉन बायोडिग्रेडेबल कचरे का पुनर्चक्रण कर पुन: उपयोग में लाया जा सके।
सड़क किनारे लगे पेड़ों की ट्रिमिंग कर सुंदर आकार दें
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बारिश के मौसम से पहले सड़क किनारे लगे पेड़ों की ट्रिमिंग कराकर सुंदर आकार दें। पेड़ों को ट्रिमिंग होने से विद्युत तार एवं सड़कों पर गिरने के खतरों से बचा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने ऑनलाइन माध्यम से राज्य के राजमहल, साहिबगंज एवं धनबाद जिलों से जुड़कर वहां अवस्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर बातचीत की तथा उसकी संरचनाओं का अवलोकन कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग सुनील कुमार, आयुक्त रांची नगर निगम श्री सुशांत गौरव, निदेशक सूडा सूरज कुमार, निदेशक डीएमए नैंसी सहाय, पीडीटी जुडको बी०के० राय, जीएम स्मार्ट सिटी परियोजना राकेश कुमार नंदकुलियार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
धनबाद। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) धनबाद की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बोकारो जिले के बालीडीह थाना में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) मो. याकूब अंसारी को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने एसीबी मुख्यालय रांची में शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2009 में खरीदी गई जमीन से जुड़े मामले की जांच के नाम पर पुलिस पदाधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बालीडीह थाना में दर्ज मामले की जांच के सिलसिले में एएसआई मो. याकूब अंसारी ने जमीन पर जाकर जांच करने एवं खर्चा-पानी के नाम पर 5 हजार रुपये की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी धनबाद ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद धनबाद थाना कांड संख्या-04/2026, दिनांक 25 मई 2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा-7 के अंतर्गत मामला दर्ज कर धावादल का गठन किया गया।
एसीबी की टीम ने मंगलवार 26 मई 2026 को जाल बिछाकर आरोपी एएसआई मो. याकूब अंसारी (उम्र 56 वर्ष) को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए बोकारो जिले के नया मोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान दंडाधिकारी एवं स्वतंत्र गवाह भी मौजूद थे।
फिलहाल एसीबी की ओर से आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
रांची । राजधानी रांची स्थित SIRD सभागार में सोमवार को आई गॉट कर्मयोगी पोर्टल की राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्घाटन राज्य की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने किया। कार्यक्रम में राज्यभर के उप समाहर्ता सह बीडीओ शामिल हुए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य के अधिकारियों को सिर्फ दिमाग से नहीं, बल्कि दिल से भी सोचने और काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकारी दफ्तरों में उम्मीद लेकर पहुंचने वाले आम लोगों की पीड़ा को समझना अधिकारियों की जिम्मेदारी है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति निराश होकर वापस न लौटे।
उन्होंने कहा कि प्रखंड एवं अंचल कार्यालय ही सरकार का चेहरा हैं, इसलिए अधिकारियों को आम लोगों के लिए सहज और सुलभ होना होगा। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं — जैसे मईया सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना और सर्वजन पेंशन योजना — को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू करने में अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मंत्री ने कहा कि बदलते दौर में नवाचार और तकनीक प्रशासनिक कार्यों को आसान बना रहे हैं तथा मिशन कर्मयोगी इसी बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने अधिकारियों से प्रशिक्षण का बेहतर उपयोग करते हुए खुद को समय के साथ अपडेट रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आज झारखंड में परिस्थितियां तेजी से बदली हैं और लोग अब राशन एवं पेंशन के लिए भटकने को विवश नहीं हैं, लेकिन सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ लेने की अपेक्षा जरूर रखते हैं। योग्य लाभुकों तक समय सीमा के भीतर योजनाओं का लाभ पहुंचाना अधिकारियों की जवाबदेही है।
इस दौरान मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा बढ़ती गर्मी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था को लेकर जारी निर्देशों का हर हाल में पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रखंड कार्यालय, पंचायत भवन तथा प्रमुख चौक-चौराहों पर आम लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए SIRD के निदेशक ने कहा कि यह केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि समय बचाने और कार्यप्रणाली को आसान बनाने का बेहतर अवसर है। उन्होंने अधिकारियों से लोगों से अधिक जुड़ने और उनकी समस्याओं को समझने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को AI के माध्यम से मिलने वाली नई जानकारियों का उपयोग प्रशासनिक कार्यों में करना चाहिए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन और समस्या समाधान की गति बढ़ सके। मिशन कर्मयोगी से संबंधित प्रशिक्षण एवं अधिकारियों के सवालों का जवाब निधि द्वारा दिया गया।
ब्यूरो। बिहार में अपराध और अपराधियों के बढ़ते मनोबल को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। राज्य सरकार लगातार कानून व्यवस्था मजबूत होने का दावा करती रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने भाषणों में अपराध नियंत्रण और सुशासन की बात करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कई बार इन दावों पर सवाल खड़े कर देती है।
ताजा मामला पटना जिले के मोकामा क्षेत्र से सामने आया है, जहां जलालपुर नौरंगा गांव निवासी बाहुबली छवि वाले सोनू-मोनू गैंग से जुड़े ठिकाने पर जांच के लिए घर पहुंची पुलिस टीम खुद सवालों के घेरे में आ गई। आरोप है कि पुलिस जांच करने पहुंची थी, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने पहले पुलिसकर्मियों की ही “जांच” शुरू कर दी। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद बिहार पुलिस की जमकर फजीहत हुई।
वीडियो में जिस तरह पुलिसकर्मी दबाव में नजर आए, उसने यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर अपराधियों के भीतर कानून का डर क्यों खत्म होता जा रहा है? क्या स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण, बाहुबल और कमजोर पुलिसिंग अपराधियों के हौसले बढ़ा रही है?
मामले के तूल पकड़ने के बाद पटना एसएसपी एस कार्तिकेयन ने बाद 1 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर दोनों संबंधित थाना अध्यक्ष को निलंबित कर दिया जिसमें हाथीदह थाना प्रभारी रंजन कुमार और पंचमाहला थाना प्रभारी कुंदन कुमार है। कार्रवाई तो हुई, लेकिन इससे बड़ा सवाल अब भी कायम है कि क्या केवल निलंबन से अपराधी डर जायेंगे ?
मोकामा का यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि पुलिस के इकबाल पर सीधा सवाल है। जब अपराधी या उनके समर्थक पुलिस टीम को ही घेरने लगें और पुलिस असहाय नजर आए, तो आम लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष सरकार पर हमला बोलते हुए कह रहा है कि बिहार में अपराधियों का मनोबल चरम पर है, जबकि सरकार इसे अलग-थलग घटना बताकर कार्रवाई की बात कर रही है।
रांची। महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड, राँची के निर्देशन में झारखण्ड पुलिस, के०रि०पु० बल कोबरा एवं झारखण्ड जगुआर के द्वारा नक्सली संगठनों के खिलाफ चौतरफा प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। झारखण्ड में भटके हुए नक्सलियों को पुनः मुख्य धारा में वापस लाने के लिए झारखण्ड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत झारखण्ड पुलिस लगातार कार्य कर रही है, जिसका परिणाम काफी सकारात्मक रहा है। अबतक भा०क०पा० (माओ०) सहित अन्य प्रतिबंधित नक्सली संगठनों के कई बड़े ईनामी नक्सली कमाण्डरों से लेकर दस्ता सदस्य झारखण्ड पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुके है। भा०क०पा० (माओ०) संगठन के आंतरिक शोषण, भयादोहन एवं पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश के कारण कई नक्सली मुख्य धारा में शामिल हो रहे है।
इसी क्रम में झारखण्ड राज्य में वर्ष 2026 में लगातार संचालित अभियान के फलस्वरूप अबतक कुल 44 नक्सलियों को गिरफ्तारी किया गया, कुल 29 नक्सलियों द्वारा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया, पुलिस मुठभेड़ में कुल 22 नक्सली मारे गये है। चाईबासा जिलान्तर्गत नक्सल गतिविधि पर अंकुश लगाने हेतु नक्सल प्रभावित थाना क्षेत्र में आम जन के मन में उपजे सुरक्षा भाव को संधारित रखने के लिए सारंडा क्षेत्र में कुल 21 नये Advance Camp Location (ACL) एवं Forward Operating Base (FOB) सुरक्षा कैम्पों का भी अधिष्ठापन किया गया है।
इस कड़ी में भा०क०पा० (माओ०) संगठन के विरूद्ध संयुक्त बलों के द्वारा लगातार संचालित नक्सल विरोधी अभियान, संगठन के आंतरिक शोषण से क्षुब्ध होकर तथा प्रत्यार्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर ऑपरेशन "नवजीवन" के तहत भा०क०पा० (माओ०) नक्सली संगठन के केन्द्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी एवं असीम मंडल की टीम के शीर्ष कमांडर एवं मारक दस्ता के सदस्य, कोल्हान् तथा सारंडा के सुदूर जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों के चप्पे-चप्पे की जानकारी रखनेवाले कुल 25 कमांडर एवं दस्ता सदस्य (SZCM-06, ACM- 06, दस्ता सदस्य-13) कुल 16 हथियार एवं 2857 गोलियों के साथ आज दिनांक- 21.05.2026 को आत्मसमर्पण कर रहें है। इसके अतिरिक्त गुमला जिला में सक्रिय जेजेएमपी के कुल-02 कमांडर एवं सदस्य (SZCM-01, ACM-01) एक हथियार एवं 130 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
झारखण्ड पुलिस के द्वारा संचालित अभियान से नक्सली दबाव में आकर तेलंगाना एवं पश्चिम बंगाल राज्यों में भी आत्मसमपर्ण किये हैं।
उल्लेखनीय है कि भा०क०पा० (माओ०) के सभी सदस्य पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिला एवं गिरिडीह जिला के स्थानीय निवासी है और भा०क०पा० (माओ०) के द्वारा इनको पूर्व में दस्ता में शामिल कराया गया था और इनके आत्मसमर्पण से झारखण्ड राज्य विशेषकर पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिला एवं आस-पास के जिलों एवं राज्य में माओवादियों की गतिविधि पर अंकुश लगेगा। इन सभी का आत्मसमर्पण स्थानीय भा०क०पा० (माओ०) दस्ते के लिए एक बहुत ही करारा प्रहार है।
झारखण्ड पुलिस का शेष बचे माओवादियों से अपील है कि हिंसा और भयदोहन का रास्ता छोड़ कर मुख्यधारा में लौटे और झारखण्ड सरकार की ,आत्मसमर्पण एवं पुर्नवास नीति का लाभ उठाएं।
रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 20 जून से शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक घर तक संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र के बीएलओ पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी निर्वाचन सदन से मीडिया के प्रतिनिधियों हेतु आयोजित एक दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम एवं प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
के रवि कुमार ने बताया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के क्रम में 20 जून से 29 जून तक तैयारी, प्रशिक्षण एवं आवश्यक मुद्रण कार्य किए जाएंगे। इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे और सत्यापन करेंगे जिसके बाद प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 5 अगस्त को होगा। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा एवं आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। नोटिस पीरियड तथा दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 3 अक्टूबर तक चलेगी। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 7 अक्टूबर को किया जाएगा। इस विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के क्रम में नए मतदाताओं के आवेदन दावा एवं आपत्तियां दर्ज करने के क्रम में बीएलओ द्वारा घर घर जाकर संकलित किए जाएंगे। जिन मतदाताओं से बीएलओ का संपर्क नहीं हो पाएगा, उनके लिए विशेष कैंप भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई के सूची से नहीं हटाया जाएगा और लोगों को भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान नहीं देने की सलाह दी।
के रवि कुमार ने कहा कि यह प्रक्रिया केवल भारतीय नागरिकों के लिए है और विदेशी नागरिक इसमें शामिल नहीं होंगे। उन्होंने मतदाताओं, कर्मियों, मीडिया के प्रतिनिधियों, सभी मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए, से अपील करते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग करें ताकि राज्य की मतदाता सूची अधिक स्वच्छ समावेशी एवं त्रुटिरहित बन सके।
इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, ट्रेनिंग नोडल देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार उपस्थित रहे।
रांची। राज्य में 25 साल के लंबे इंतजार के बाद PESA (पेसा) कानून लागू कर दिया गया है। पारंपरिक ग्राम सभा को उनका अधिकार दिलाना सरकार की प्राथमिकता है । इसके लिए गाँव - गाँव तक पेसा नियमावली के बेहतर एवं मजबूत क्रियान्वयन की आवश्यकता है । पेसा कानून के दायरे में आने वाले जिलों के अधिकारियों को इसके लिए अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन करना होगा । ये बातें ग्रामीण विकास विभाग , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन के एनेक्सी सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला के दौरान कही । कार्यशाला का आयोजन पंचायती राज विभाग द्वारा PESA नियमावली के संबंध में किया गया था।
मंत्री ने कहा कि यह कानून मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिशा-निर्देश पर लागू किया गया है, जिनका सपना था कि राज्य में पारंपरिक ग्राम व्यवस्थाओं को प्राथमिकता मिले। उन्होंने कहा कि इस कानून को धरातल पर उतारने के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्य करना आवश्यक है।
श्रीमती पाण्डेय ने बताया कि देश के 10 राज्यों में PESA कानून लागू होना था, जिनमें झारखंड का कानून सबसे बेहतर और प्रभावी माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून को लेकर कुछ स्थानों पर भ्रम फैलाने की कोशिश हो रही है, ऐसे में सभी संबंधित लोगों को इसके प्रावधानों का गहन अध्ययन करना चाहिए। गांव के लोगों के हर सवालों और परेशानियों का जवाब पेसा नियमावली के पन्नों में दर्ज है ।
उन्होंने निर्देश दिया कि पारंपरिक व्यवस्था के तहत तीन महीने के भीतर ग्राम प्रधानों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि आगे की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से लागू की जा सकें।
मंत्री ने कहा कि यह कानून पारंपरिक ग्रामसभाओं को सशक्त बनाने वाला है और विभागीय स्तर पर इसके सफल क्रियान्वयन के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि पारंपरिक ग्राम प्रधान और राजस्व ग्राम प्रधान को समझने की जरूरत है । पारंपरिक तरीके से ही ग्राम सभा के जरिए ग्राम प्रधान के चयन को सुनिश्चित करना है ।
स्थानीय लोगों तक इसकी जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचे: सचिव
रांची में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने कहा कि PESA नियमावली लागू होने के बाद से ही इसे जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ,स्थानीय लोगों तक इसकी जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचे इसके लिए नियमावली का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद कराया गया है।
सचिव ने जानकारी दी कि PESA कानून के विभिन्न प्रावधानों को राज्यभर में प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 125 मास्टर ट्रेनरों को तैयार किया गया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर जागरूकता बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नियमावली के निर्माण और क्रियान्वयन के लिए कई विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।
इस दिशा में निदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है, जो कानून के लागू होने में आने वाली बाधाओं का अध्ययन कर रही है। मनोज कुमार ने कहा कि पारंपरिक न्याय व्यवस्था का भी गहन अध्ययन किया जा रहा है, ताकि स्थानीय संदर्भों को ध्यान में रखते हुए नियमावली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने भरोसा जताया कि निरंतर प्रयासों से PESA कानून का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
रांची में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यशाला में पंचायती राज निदेशालय की निदेशक श्रीमती बी. राजेश्वरी ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि राज्य में PESA कानून का लागू होना एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि इस कानून को लागू करने से पहले कई आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं, लेकिन इसके क्रियान्वयन के दौरान विभिन्न प्रकार की चुनौतियां भी सामने आई हैं। इन बाधाओं को दूर करने के लिए निरंतर सुधार की प्रक्रिया जारी है।
कार्यशाला में आयोजित तीन तकनीकी सत्र का मुख्य उद्देश्य इन समस्याओं का समाधान निकालना था, ताकि संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक कुशलता और प्रभावशीलता के साथ कार्य कर सकें। सत्र में परंपरागत ग्रामसभा की भूमिका, सामुदायिक भागीदारी, और सशक्तिकरण में प्रशासन की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके साथ ही शिक्षण एवं प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में परंपरागत स्वशासन को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। PESA नियमावली के सभी तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्रतिभागियों को दी गई। कार्यशाला के दौरान अधिकारियों के बीच खुला संवाद भी हुआ, जिससे अनुभव साझा करने और बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में ठोस सुझाव सामने आए।कार्यशाला में विभिन्न जिला के उप समाहर्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी उपस्थित थे।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में दक्षिण पूर्व रेलवे (South Eastern Railway) के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन एवं रांची रेल मंडल के डीआरएम करुणानिधि सिंह ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं रेल अधिकारियों के बीच राज्य में रेल सेवाओं के विस्तार, यात्री सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा रेलवे से संबंधित विकासात्मक परियोजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मौके पर सीनियर डीसीएम रांची रेल मंडल श्रेया सिंह एवं महाप्रबंधक के सचिव अजय कुमार उपस्थित थे।