रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में दक्षिण पूर्व रेलवे (South Eastern Railway) के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन एवं रांची रेल मंडल के डीआरएम करुणानिधि सिंह ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं रेल अधिकारियों के बीच राज्य में रेल सेवाओं के विस्तार, यात्री सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा रेलवे से संबंधित विकासात्मक परियोजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मौके पर सीनियर डीसीएम रांची रेल मंडल श्रेया सिंह एवं महाप्रबंधक के सचिव अजय कुमार उपस्थित थे।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) झारखंड के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष श्री दिलू पारिख एवं टाटा स्टील कॉरपोरेट सर्विस के उपाध्यक्ष श्री डी०बी० सुंदर रमन सहित सीआईआई ईस्टर्न रीजन के रीजनल डायरेक्टर श्री देव ज्योति तथा सीआईआई झारखंड हेड श्री प्रभात कुमार शामिल थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं सीआईआई के प्रतिनिधियों के बीच राज्य में औद्योगिक क्षेत्र के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। मौके पर सीआईआई के प्रतिनिधियों ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच 2026 में झारखंड सरकार की भागीदारी एवं यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा तथा राज्य को मिले मजबूत इन्वेस्टमेंट इंटेंशन हेतु शुभाकामनाएं एवं बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सीआईआई के प्रतिनिधियों से कहा कि दावोस में आयोजित वैश्विक आर्थिक मंच पर राज्य सरकार ने पूरे विश्व को संदेश दिया है कि झारखंड असीम संभावनाओं वाला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्रदेश निवेश के लिए अनुकूल है। राज्य सरकार झारखंड में औद्योगिक विकास को गति मिले इस निमित्त बेहतर कार्य योजना बनाते हुए निरंतर आगे बढ़ रही है।*
*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के समक्ष सीआईआई प्रतिनिधियों ने झारखंड को एक उभरता हुआ इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने और इन्वेस्टर का भरोसा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से सीआईआई के प्रतिनिधियों ने राज्य की इंडस्ट्रियल पॉलिसी पर विस्तृत चर्चा की तथा औद्योगिक विकास में राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने की इच्छा जाहिर की। मुख्यमंत्री के समक्ष सीआईआई के प्रतिनिधियों ने पॉलिसी डेवलपमेंट प्रोसेस में नॉलेज और इंडस्ट्री पार्टनर के तौर पर भूमिका निभाने की बात कही।
रांची । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), निगमित मुख्यालय के कार्यपालक निदेशक श्री एस० एस० राजू ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को उन्होंने 20 मई 2026 को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रांची, परिसर में आयोजित "भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा सहित फीचर वॉल, उड़ान यात्री कैफे, अवसर काउंटर, किड्स जोन एवं फ्लाइब्रेरी के उद्घाटन समारोह" में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया। मौके पर बिरसा मुंडा हवाई अड्डा रांची के निदेशक विनोद कुमार एवं उप महाप्रबंधक मनोज प्रसाद सिंह उपस्थित थे।
रांची। यह अवसर न केवल नव नियुक्त अभ्यर्थियों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि राज्य के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग बाहुल्य है, जो कई कारणों से विकास की गति में पीछे छूट गया था। नवनियुक्त कर्मी गाँव-गाँव और घर-घर जाकर सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करें। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि आपके माध्यम से सरकार गाँव-गाँव, घर-घर और हर व्यक्ति तक पहुँचना चाहती है। खासकर महिलाओं और बच्चों तक, जिन्हें हमें आने वाले भविष्य के लिए तैयार करना है। सीमित दायरे में जीवन जीने वाले इन लोगों को बदलते परिवेश के अनुरूप आगे बढ़ाना, उनका सशक्तिकरण करना, यह बड़ी चुनौती आपके कंधों पर होगी। उक्त बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कही। वे आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित नव नियुक्त इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों का नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। नियुक्ति पत्र वितरण समारोह सभागार उत्साह, उमंग एवं गौरवपूर्ण माहौल से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज और राज्य के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं, वहीं महिला पर्यवेक्षकाएं समाज में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा महिला एवं बाल विकास योजना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लगातार नियुक्तियां की जा रही है।
पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया एवं शिक्षा व्यवस्था का हो रहा सुदृढ़ीकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाओं से नियुक्तियाँ बाधित हो रही हैं, वहीं झारखंड सरकार ने पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक और विगत दो वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है, जबकि पूर्व के कार्यकाल में सरकारी, अनुबंध एवं निजी संस्थानों में करीब दो लाख से अधिक नियुक्तियां की गईं है। वर्ष 2024 में वर्तमान सरकार के गठन के बाद से मानव संसाधन को सशक्त करने के लिए विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियाँ की गई हैं, और यह प्रक्रिया आगे भी निरंतर जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी- कभी ऐसा भी होता है कि कुछ शिक्षक सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं। ऐसी सोच के साथ समग्र विकास संभव नहीं है। यदि हम अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से कंधों पर लें, तभी बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय जैसी पहल इसीलिए की गई है, ताकि वर्षों से हमारी शिक्षा व्यवस्था पर लगे कलंक को मिटाया जा सके और बच्चों को बेहतर भविष्य दिया जा सके।
मंईयाँ सम्मान योजना का मिल रहा लाभ, बेटियां बन रही कलेक्टर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी को मुख्यधारा में शामिल किए बिना राज्य का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। वर्तमान में राज्य की लगभग 60 लाख महिलाओं को झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयाँ सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति माह वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि इस योजना का पाँच से दस प्रतिशत लोग गलत तरीक़े से लाभ ले रहें हों, लेकिन ऐसे लोगों को रोकने के लिए 90 प्रतिशत लोगों को प्रभावित नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियाँ आज कलेक्टर जैसे पदों तक पहुँच रही हैं। महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का कार्य भी निरंतर हो रहा है। अब वह समय बीत चुका है जब महिलाओं को चारदीवारी के भीतर सीमित रखा जाता था। आज उन्हें आगे आना है और समाज को भी उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेना है।
दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को तराशना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि आपको दुर्गम क्षेत्रों में जाना होगा और ऐसे बच्चों के साथ काम करना होगा, जिनकी परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण होंगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चे आपके हाथों में कच्ची मिट्टी की तरह होंगे। उन्हें तराशने, आकार देने और उनके भविष्य को संवारने की पूरी जिम्मेदारी आपके पास होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर कुपोषण जैसी समस्या और उसके निराकरण संबंधी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं से राज्य को मुक्त कराना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी हैं। आप सभी युवा हैं, ऊर्जा से भरपूर हैं, और आपके पास समय तथा अवसर भी हैं। पूरी निष्ठा, समर्पण और संकल्प के साथ यदि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, तो न केवल आपका भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि आपका परिवार, समाज और पूरा झारखंड मजबूत होगा। जिस प्रकार की खुशी आपको और आपके परिवार को इस नियुक्ति से मिली है, वैसी ही खुशी पूरे झारखंड को मिले—यही मेरी कामना है। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।
इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, निदेशक प्राथमिक शिक्षा मनोज कुमार रंजन सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नवनियुक्त अभ्यर्थी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।
रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज रांची के बोरेया स्थित ब्लेसिंग बैंक्वेट एंड रिसॉर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता धीरज दुबे एवं पोटका की अंचल अधिकारी निकिता बाला के विवाह उपरांत आयोजित आशीर्वाद समारोह में शिरकत की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवविवाहित दंपति को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद, समृद्ध और मंगलमय दाम्पत्य जीवन की कामना की। उन्होंने दोनों को वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत के लिए शुभाशीष देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह में कई राजनीतिक, प्रशासनिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के आगमन से समारोह का माहौल और भी खास हो गया।
रांची/ सदर थाना क्षेत्र से 18 माह की मासूम बच्ची अदिति पांडे के लापता होने के मामले में रांची पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बच्ची की तलाश में लगातार छापेमारी और जांच अभियान जारी है।
सदर थाना क्षेत्र के कोकर स्थित खोरहा टोली से लापता हुई अदिति पांडे के संबंध में जानकारी देने वाले को रांची पुलिस की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को बच्ची के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पता पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
संपर्क नंबर:
???? रांची एसएसपी – 9431706136
???? सिटी एसपी – 9431706137
???? सदर डीएसपी – 9431102090
???? सदर थाना प्रभारी – 9431706160
ब्यूरो। भागलपुर से नवगछिया को जोड़ने वाला बिहार का अहम लाइफलाइन पुल विक्रमशिला सेतु सोमवार तड़के बड़े हादसे का शिकार हो गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिलर नंबर 133 के पास स्लैब का एक हिस्सा अचानक ध्वस्त होकर गंगा नदी में गिर गया, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पुल पर सभी तरह की आवाजाही रोक दी। राहत की बात यह रही कि प्रशासन की सतर्कता के कारण हादसे के वक्त उस हिस्से पर कोई वाहन मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा जान-माल का नुकसान टल गया।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, देर रात करीब 11:30 बजे के आसपास पिलर नंबर 133 में असामान्य हलचल देखी गई। इसके बाद पुलिस और स्थानीय अधिकारियों को सूचना दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुल पर ट्रैफिक तुरंत रोक दिया गया। कुछ ही देर बाद स्लैब का हिस्सा भरभराकर गंगा में समा गया।
उत्तर और दक्षिण बिहार का संपर्क बाधित
विक्रमशिला सेतु भागलपुर, नवगछिया, पूर्णिया, कटिहार और सीमांचल क्षेत्र को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। पुल बंद होने से हजारों यात्रियों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन ने फिलहाल यात्रियों को मुंगेर रूट से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है।
बड़ा सवाल: रखरखाव में लापरवाही?
गौरतलब है कि कुछ सप्ताह पहले भी पुल की संरचनात्मक स्थिति को लेकर सवाल उठे थे। उस समय अधिकारियों ने पुल को सुरक्षित बताया था, लेकिन ताजा हादसे ने रखरखाव और तकनीकी निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी।
प्रशासन का बयान
जिला प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
जनता में नाराज़गी
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोग इसे प्रशासनिक लापरवाही और खराब रखरखाव का नतीजा बता रहे हैं।
रांची: झारखंड सरकार के वित्त विभाग (कोषागार एवं सांख्यिक वित्त निदेशालय) ने राज्य के विभिन्न जिलों के कार्यालयों में वेतन मद से कोषागार के माध्यम से हो रही अवैध निकासी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सख्त निर्देश जारी किया है।
मुख्य सचिव की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि कई कार्यालयों में कर्मचारी विवरण में छेड़छाड़, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निकासी तथा राशि को अन्य खातों में ट्रांसफर किए जाने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
इन गड़बड़ियों को रोकने और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने वित्तीय कार्यों से जुड़े वरिष्ठ लेखा सहायक, लेखा सहायक, लेखा अधीक्षक, लेखापाल और विपत्र लिपिक जैसे कर्मियों के लिए एक ही कार्यालय में 3 वर्ष से अधिक पदस्थापन होने पर अनिवार्य स्थानांतरण का निर्देश दिया है।
साथ ही, संविदा और एकमुश्त मानदेय पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को वित्तीय कार्यों से दूर रखने को कहा गया है।
विभाग ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव एवं उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि इस आदेश के अनुपालन की विस्तृत रिपोर्ट 30 मई 2026 तक वित्त विभाग को उपलब्ध कराई जाए।
रांची: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 अप्रैल 2026 को आयोजित झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में कर्मचारियों की पेंशन, रांची के ट्रैफिक समाधान, शिक्षा, तकनीक और छात्रों की विदेश पढ़ाई से जुड़े बड़े निर्णय लिए गए।
रांची को मिली ट्रैफिक जाम से राहत
कैबिनेट ने राजधानी रांची में दो बड़े फ्लाईओवर निर्माण को मंजूरी दी है।
पहला फ्लाईओवर अरगोड़ा चौक से हरमू होते हुए डिबडीह ब्रिज तक बनेगा, जिसकी लागत करीब 469.62 करोड़ रुपये होगी।
दूसरा फ्लाईओवर करमटोली से साइंस सिटी तक बनेगा, जिस पर 351.14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को बड़ी राहत
हाईकोर्ट और लोक अदालत के आदेशों के आलोक में जिन कर्मियों की नियमित सेवा 10 वर्ष से कम है, उनकी दैनिक वेतनभोगी अवधि को भी जोड़कर पेंशन और अन्य लाभ देने की स्वीकृति दी गई।
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2026 को मंजूरी
राज्य में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2026 को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
Google LLC के साथ होगा AI MoU
राज्य में Artificial Intelligence Innovation और Adoption को बढ़ावा देने के लिए के साथ MoU करने की मंजूरी दी गई।
विदेश में पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति
SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक वर्ग के कुल 50 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को हर वर्ष विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में एक वर्षीय मास्टर्स के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी।
स्कूल शिक्षा और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा
- State School Standard Authority के गठन को मंजूरी
- GEC Palamu Innovation and Incubation Centre Foundation की स्थापना
- 4 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू होंगे
अन्य बड़े फैसले
- मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं ग्राम सेतु योजना को मंजूरी
- श्री बंशीधर नगर अनुमंडल का नाम बदलकर श्री बंशीधर नगर उंटारी किया जाएगा
- कई लंबित सेवा नियमितीकरण मामलों को स्वीकृति
रांची। झारखंड की ग्रामीण महिलाएं आने वाले समय में हर एक क्षेत्र में लीडर की भूमिका में होंगी . ग्रामीण महिलाओं के अंदर लीडरशिप क्वालिटी डेवलप करने के लिहाज से राज्य सरकार साइलेंट वर्क कर रही है . सरकार का उद्देश्य महिलाओं को सिर्फ लाइवलीहुड तक सीमित रखना नहीं है बल्कि उन्हें प्रतिस्पर्धा के इस दौर में दूसरों के समक्ष खड़ा करना है . उपरोक्त बाते राज्य की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने राजधानी रांची में JSLPS के द्वारा आयोजित ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण पर आयोजित राउंड टेबल मीटिंग में कही . राउंड टेबल मीटिंग में राज्य भर से सफल , संघर्षशील और अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने में कामयाब महिलाओं ने बतौर प्रतिनिधि हिस्सा लिया . इस मौके पर प्रख्यात शिक्षाविद् एवं लैंगिक समानता विशेषज्ञ डॉ पाम राजपूत , कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत , कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की , विधायक लुईस मरांडी , विधायक श्वेता सिंह , पद्मश्री चामी मुर्मू , पद्मश्री छूटनी महतो , रमा खलखो , दयामनी बारला ने विशेष रूप से संबोधित किया .
ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण पर आयोजित राउंड टेबल मीटिंग में महिला प्रतिनिधियों ने झारखंड में प्रभावशाली महिला नीति के निर्धारण का मुद्दा जोर शोर से उठाया . इस मौके पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि आज राज्य में SHG के तहत 32 लाख महिलाएं जुड़ कर अपने परिवार के साथ समाज का भविष्य गढ़ने में लगी है . JSLPS का ये पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिल का पत्थर साबित हो रहा है . आज जरूरत समाज में शिक्षित महिलाओं का प्रतिशत बढ़ाने की है . मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य , सुरक्षा , शिक्षा और सामाजिक बदलाव की दिशा में महिलाओं के लिए बहुत कुछ करना अभी बाकी है . राज्य सरकार इस दिशा में काम कर रही है . क्रेडिट लिंकेज की मदद से समूह से जुड़ी महिलाएं स्वरोजगार के क्षेत्र में बेहतर काम कर रहीं है . आज बाजार में महिलाओं के द्वारा तैयार उत्पाद की मांग ही नहीं बढ़ी है बल्कि उनके उत्पाद अब ब्रांड बन चुके है . बिरसा हरित ग्राम योजना ने झारखंड में नया कीर्तिमान स्थापित किया है . पर्यावरण संतुलन और सुरक्षा को लेकर लोग एक वृक्ष लगाने की बात करते है पर गांव की महिलाओं ने इस योजना के तहत पौने तीन करोड़ वृक्ष लगाने में सफलता अर्जित की है . झारखंड की महिलाएं कहीं से भी किसी से कम नहीं है . ये उन्होंने साबित कर दिया है . इस लिए राज्य में एक ऐसी महिला नीति बनाने की जरूरत है जिसका आउटकम दिखे . मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पेसा नियमावली में महिलाओं के अधिकार को सुनिश्चित किया गया है . ग्राम सभा में सहायक सचिव के पद पर महिलाओं की प्राथमिकता देने पर मुहर लगी है और इसका लाभ महिलाओं को मिलना शुरू भी हो गया है .
गांव की महिलाओं में नेचुरल लीडरशिप क्वालिटी - सुप्रिया श्रीनेत
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने राउंड टेबल मीटिंग को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश की आधी आबादी अपने अधिकार और आरक्षण के लिए लड़ रहीं है . ऐसे समय में ये आयोजन समय के अनुकूल है . महिला सशक्तिकरण की जब बात होती है तो शहर और गांव की महिलाओं को देखने - परखने का नजरिया बदलना होगा . इन दोनों में कई तरह की भिन्नताएं है . पढ़ी लिखी महिलाएं और गांव में गृहस्थ जीवन जी रही महिलाओं में अंतर है . सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के अंदर नेचुरल लीडरशिप क्वालिटी है . बस उन्हें परखने और उन्हें आगे बढ़ने में सरकार के साथ समाज को सहयोग करना होगा . ये एक बेहतर व्यवस्था है जिसमें समाज और संस्कृति दोनों संरक्षित रहेंगी.
इस दौर में भी अकेली महिला को देख लोग करते है सवाल - डॉ पाम राजपूत
प्रख्यात शिक्षाविद् एवं लैंगिक समानता विशेषज्ञ डॉ पाम राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि आज के इस दौर में अकेली महिला को लेकर सवाल पूछने पर आश्चर्य होता है . क्या अकेली महिला खुद के लिए काफी नहीं है . उन्होंने कहा कि जब हम ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण पर चर्चा कर रहे है तब झारखंड में महिला नीति का नहीं होना , हमें इस ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है . झारखंड में महिलाओं को लेकर कैसी नीति बने इस पर सरकार और समाज को पहल करना चाहिए . इसके साथ ही महिला नीति को लेकर पंचायत तक चर्चा करना जरूरी है .ग्रामीण महिलाओं को केंद्र बिंदु में रख कर ही झारखंड जैसे प्रदेश के लिए प्रभाशाली नीति तैयार हो सकती है .
छूटनी महतो और चामी मुर्मू ने साझा किया अनुभव
पद्मश्री छूटनी महतो और पद्मश्री चामी मुर्मू ने राउंड टेबल मीटिंग में अपने अनुभव को साझा किया . पद्मश्री छूटनी महतो ने कहा कि डायन बिसाही के खिलाफ अब तक 15 सौ से ज्यादा महिलाओं को न्याय दिलाने के साथ उन्हें इस लड़ाई में जोड़ चुकी है . जब कोई बहू अपनी सास को डायन कहती है तो उन्हें दुख होता है . कोई डायन नहीं होता ये सिर्फ और सिर्फ दिमागी बीमारी और किसी बड़े षडयंत्र का हिस्सा होता है . क्या कोई सुंदर महिला डायन हो सकती है . पद्मश्री चामी मुर्मू ने पर्यावरण को बचाने और खुद का जीवन बढ़ाने का संदेश दिया . उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इसकी शुरुआत की थी तब ये नहीं सोचा था कि इसे बड़ी सफलता में बदल पाएंगी . वृष काटने के खिलाफ उनकी एक कोशिश ने समय के साथ आंदोलन का रूप ले लिया .
राउंड टेबल मीटिंग में मंत्री और विधायक भी हुई शामिल
ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण पर आयोजित राउंड टेबल मीटिंग को राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की , विधायक लुईस मरांडी एवं विधायक श्वेता सिंह ने संबोधित किया . सभी ने झारखंड के ग्रामीण महिलाओं के अंदर क्षमता को उनकी सफलता का मंत्र माना . जनप्रतिनिधियों ने कहा कि झारखंड में राज्य की हेमंत सोरेन सरकार राज्य की महिलाओं के स्वावलंबन और सशक्तिकरण के लिए कई तरह की योजनाएं का संचालन कर रही है . महिलाओं के खाते में राशि का जाना उनके लिए वरदान साबित हो रहा है . राज्य में संचालित योजनाओं के प्रति जागरूकता भी बेहद जरूरी है .
ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर राउंड टेबल मीटिंग में शिक्षा , स्वास्थ्य , पत्रकारिता , पंचायत , सामाजिक संगठन , उद्यमी , SHG सहित दूसरे क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं ने अपना सुझाव दिया . कार्यक्रम में पंचायती राज निदेशक बी राजेश्वरी , लेनी जाधव , अदिति कपूर , प्रियंका त्रिपाठी , तन्वी झा , शीला मतंग, श्रीकांत राउत, डॉ दिव्या सिंह , डॉ मनीषा किरण , विष्णु परिदा , अजय श्रीवास्तव , पूर्णिमा मुखर्जी , मीनाक्षी प्रकाश , ज्योत्सना सहित अन्य ने अपना सुझाव साझा किया ।