रांची। अखिल भारतीय साहित्य परिषद, झारखंड के तत्वावधान में रविवार, 28 दिसंबर 2025 को रांची विश्वविद्यालय स्थित आर्यभट्ट सभागार, मोराबादी में प्रादेशिक अधिवेशन सह संगोष्ठी (विषय— सामाजिक समरसता) का सफल एवं गरिमामय आयोजन किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक सरयू राय रहे। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने, संवाद स्थापित करने तथा सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है।इस अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों से पधारे सभी साहित्यकारों, कवियों एवं रचनाकारों को परिषद की ओर से प्रमाण पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत आत्मीय और उत्साहपूर्ण बन गया।संगोष्ठी एवं काव्य पाठ सत्र में साहित्यकारों ने सामाजिक चेतना, मानवीय मूल्यों, राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक समरसता से जुड़े विषयों पर सारगर्भित विचार एवं रचनाएँ प्रस्तुत कीं, जिन्हें उपस्थित श्रोताओं ने सराहा।कार्यक्रम का समापन आयोजक समिति द्वारा सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार ज्ञापन के साथ किया गया।
रांची। नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 अंतर्गत आज दिनांक 02.02.2026 को रांची समाहरणालय एवं बुण्डू अनुमंडल कार्यालय में बनाये गये निर्वाची पदाधिकारियों के कक्ष से अभ्यर्थियों ने अपना नामांकन दाखिल किया।
महापौर के लिए आज शून्य और सभी 53 वार्ड के लिए कुल 94 अभ्यर्थियों ने अपना नामांकन दाखिल किया, इनमें 65महिलाएं हैं।
महापौर के लिए अब तक 21 अभ्यर्थी नाम निर्देशन पत्र खरीद चुके हैं तथा किसी भी अभ्यर्थी ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। आज महापौर पद के लिए अन्तु तिर्की, अजय मुण्डा, सुरेन्द्र लिण्डा, सुजित विजय आनंद कुजूर और सेनेन डेजी सुरिन ने नाम निर्देशन पत्र खरीदे।
सभी 53 वार्डों में नामांकन दाखिल करने की संख्या निम्न है:-
वार्ड 1 - 00
वार्ड 2 - 02
वार्ड 3 - 05
वार्ड 4 - 06
वार्ड 5 - 04
वार्ड 6 - 03
वार्ड 7 - 01
वार्ड 8 - 00
वार्ड 9 - 03
वार्ड 10 - 01
वार्ड 11 - 01
वार्ड 12 - 01
वार्ड 13 - 02
वार्ड 14 - 02
वार्ड 15 - 00
वार्ड 16 - 01
वार्ड 17 - 02
वार्ड 18 - 03
वार्ड 19 - 00
वार्ड 20 - 00
वार्ड 21 - 01
वार्ड 22 - 00
वार्ड 23 - 03
वार्ड 24 - 02
वार्ड 25 - 01
वार्ड 26 - 01
वार्ड 27 - 01
वार्ड 28 - 02
वार्ड 29 - 02
वार्ड 30 - 03
वार्ड 31 - 02
वार्ड 32 - 06
वार्ड 33 - 02
वार्ड 34 - 05
वार्ड 35 - 01
वार्ड 36 - 01
वार्ड 37 - 01
वार्ड 38 - 00
वार्ड 39 - 00
वार्ड 40 - 02
वार्ड 41 - 01
वार्ड 42 - 04
वार्ड 43 - 00
वार्ड 44 - 01
वार्ड 45 - 03
वार्ड 46 - 03
वार्ड 47 - 00
वार्ड 48 - 01
वार्ड 49 - 03
वार्ड 50 - 04
वार्ड 51 - 00
वार्ड 52 - 01
वार्ड 53 - 00
*बुण्डू नगर पंचायत में वार्ड पार्षद के लिए नामांकन दाखिल करने की संख्या निम्न है:-*
वार्ड 1 - 01
वार्ड 2 - 00
वार्ड 3 - 01
वार्ड 4 - 00
वार्ड 5 - 02
वार्ड 6 - 00
वार्ड 7 - 00
वार्ड 8 - 02
वार्ड 9 - 00
वार्ड 10 - 00
वार्ड 11 - 03
वार्ड 12 - 02
वार्ड 13 - 00
तिनसुकिया। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रविवार को असम के तिनसुकिया जिला में ऑल आदिवासी स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ आसाम द्वारा आयोजित "21वीं आदिवासी महासभा-2026" को संबोधित करते हुए कहा कि यहां आप सभी आदिवासी समुदाय के लोग जो लगभग डेढ़ सौ वर्षों से यहां रह रहे हैं उनसे रू-ब-रू होने का आज मुझे मौका मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के वैसे सभी आदिवासी-मूलवासी समुदाय के जनमानस जो असम में रह कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं उनकी तकलीफों, उनपर हो रहे अत्याचारों और व्यथा को सुनने के लिए हम आज यहां आए हैं। हम लोग झारखंड से आए हैं, कहीं न कहीं आप सभी का जुड़ाव भी झारखंड से बहुत पुराना रहा है। झारखंड एक ऐसा प्रदेश है जब देश के लोग आजादी का सपना भी नहीं देखे थे, उस समय आजादी की लड़ाई हमारे पूर्वज अंग्रेजों के साथ लड़ रहे थे। देश की आजादी में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, सिदो कान्हू, तिलका मांझी सहित झारखंड के अनगिनत वीर सपूतों का अहम योगदान रहा है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर सपूतों ने पीढ़ियों को बचाने, जल, जंगल, जमीन को बचाने के लिए अपना बलिदान दिया है। आदिवासी समाज के लोगों ने ही अंग्रेजों से सबसे पहले लोहा लेने का काम किया था।आखिर किस कारण से आज देश के विभिन्न हिस्सों में आदिवासी समाज के लोग अपने हक-अधिकार की लड़ाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी, मूलवासी, दलित, पिछड़ा वैसे वर्ग है जो समाज के सबसे कमजोर एवं नीचे पायदान में रहने वाले लोग हैं। ऐसी क्या परिस्थिति आ गई जो यहां के आदिवासी-मूलवासी अलग-थलग होकर बिखरने को मजबूर हुए हैं। कई जगहों पर आदिवासी समुदाय के लोग हाशिए पर रहकर अपना जीवन जी रहे हैं। इन विषयों पर गंभीर चिंतन की जरूरत है।मौके पर मुख्यमंत्री ने असम के कद्दावर आदिवासी नेता स्व० प्रदीप नाग एवं प्रसिद्ध गायक स्व० जुबिन गर्ग को श्रद्धांजलि अर्पित की।
*राज्य सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचने का हुआ कार्य*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि देश आजाद हुए 75 साल हो गए हैं। देश में कई नीतियां-कानून बने। देश के संविधान से हमें रक्षा कवच मिला उसके बावजूद आज हम कहां खड़े हैं। आज हमारा समाज कितना संघर्ष कर रहा है यह बहुत बेहतर तरीके से आप सभी लोग जानते हैं। आज सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक रूप से आदिवासी समुदाय कमजोर है और इसी कमजोरी का फायदा बड़े एवं सामंती विचारधारा वाले लोग बहुत चालाकी से उठाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी आज हमारे बीच नहीं हैं, जब उन्होंने अलग राज्य की परिकल्पना की तो कुछ लोग मजाक उड़ाते थे कि आदिवासी लोग अलग राज्य बनाएंगे। आज सच्चाई पूरे देश के सामने हैं। वर्ष 2000 में अलग झारखंड राज्य झारखंड बना। यह बात सही है कि उस समय क्या नारा लगता था, कैसे लेंगे झारखंड, लड़के लेंगे झारखंड। उस समय न मोबाइल, न गाड़ी, न मोटर उसके बावजूद झारखंड के लोग जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए चीटियों की तरह एकजुट हो जाते थे। राज्य अलग हुआ लेकिन इसका फायदा आदिवासी समुदाय को नहीं मिला। हम लोगों को तो राज्य लेना था, हमारे अग्रणी नेताओं ने सोचा कि राज्य अलग होगा तो यहां के आदिवासियों-मूलवासियों का विकास होगा। झारखंड राज्य अलग होने के बाद बौद्धिक रूप से मजबूत लोगों ने 15 वर्ष से ज्यादा समय तक झारखंड को पीछे धकेलने का काम किया, नतीजा यह हुआ कि राशन कार्ड लेकर लोग भात-भात-कहते हुए भूख से मरने को विवश हुए, फिर हमने प्रखंड-प्रखंड, गांव-गांव, टोला-टोला पहुंचकर लोगों को जागरूक करने का काम किया फिर लोगों ने हमें राज्य की बागडोर संभालने का मौका दिया। राज्य का बागडोर संभालते ही हमने 5 साल के भीतर स्थिति को बदलने की कोशिश की और हमें सफलता भी मिली। वैसे गरीब, पीड़ित, शोषित, आदिवासी-मूलवासी समुदाय के लोग जो कभी जिला ऑफिस, प्रखंड कार्यालय नहीं देखे थे, बीडीओ, सीओ, डीसी, एसपी को नहीं जानते थे उनतक हमने राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने का काम किया है।
आदिवासी अपना हक-अधिकार, अपनी मान्यता के लिए कर रहे संघर्ष
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में रहते हुए हमारे यहां के आदिवासी अपना हक-अधिकार, अपनी मान्यता के लिए संघर्षशील हैं। आज आदिवासियों के हितैषी बनने वाले लोग आदिवासियों को ही हाशिए पर रखने के लिए उतारू हैं। वे जानते हैं कि आदिवासी समाज अगर आर्थिक और बौद्धिक रूप से मजबूत हो गया तो वे अपनी हक-अधिकार, जल-जंगल-जमीन की बात करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा की जरूरत पड़ने पर आसाम में रहने वाले आदिवासियों की मदद करने के लिए पूरा झारखंड का आदिवासी समाज आगे आकर खड़ा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समुदाय की एकजुटता ही हमारी पहचान है। पहले दुनिया हमारी एकजुटता का लोहा मानती थी। हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सभी वर्ग-समुदाय के लोगों की एकजुटता देश को मजबूती प्रदान करती है, लेकिन पिछले कुछ समय से बौद्धिक और आर्थिक रूप से समृद्ध लोगों ने हमारी एकजुटता पर प्रहार करने का काम किया है।
*राज्य में महिलाएं हुई सशक्त*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में झारखंड सबसे ज्यादा योगदान देने वाला राज्य है। हमारी सरकार ने यह तय किया है कि इस राज्य ने बहुत कुछ दिया है अब इस राज्य के लोगों को वापस देने की जरूरत है। हमारे राज्य के संसाधन का सही मूल्य मिले इस पर हम बेहतर कार्यपद्धति से आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) के वार्षिक सम्मेलन में एक आदिवासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड ने अपनी ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज किया है। आज झारखंड ने वैश्विक पटल पर अपनी बातें पहुंचाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य की आधी आबादी को आत्मनिर्भरता की राह पर ले जाने का काम कर दिखाया है। प्रत्येक माह राज्य की लगभग 55 लाख महिलाओं को मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत उनके बैंक खाते में 2500 रुपए की राशि भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हमारे विकास मॉडल की कॉपी दूसरे राज्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की राशि पिछले दो वर्षों से निरंतर यहां की महिलाओं को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने झारखंड के नौजवानों के लिए गए महत्वाकांक्षी स्कीम्स लागू किए हैं। यहां के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 15 लख रुपए तक का एजुकेशन लोन बिना कोई गारंटी के उपलब्ध कराई जा रही है।
इस अवसर पर मंत्री चमरा लिंडा, सांसद विजय हांसदा, विधायक मो० ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा, ASSAA सेंट्रल कमेटी के अध्यक्ष रेजन होरो, उपाध्यक्ष डेविड तिर्की , अमरजीत केरकेट्टा, अल्बर्ट ओरिया सहित अन्य सदस्यगण, असम के कोने-कोने से बड़ी संख्या में पहुंचे महिला, पुरुष, नौजवान, बच्चे, बच्चियां सहित आदिवासी समुदाय के लोग उपस्थित थे।
रांची। श्री श्याम परिवार रांची द्वारा आयोजित तीन दिवसीय श्री श्याम निशान अमृत महोत्सव 2026 दिनांक 1.02.2026 प्रातः 4:00 बजे श्री गणेश महाराज एवं सारे देवी देवताओं सहित प्रभु श्री श्याम के अध्यक्ष श्रवण जालान (सपरिवार) के द्वारा पूजन आरंभ किया गया प्रभु श्री श्याम की अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई भारत के विभिन्न कोनो से अनेकों तरह के रंग-बिरंगे फूलों से प्रभु श्री श्याम की मनमोहक श्रृंगार किया गया श्री श्याम परिवार रांची द्वारा विधिवत भजनों के साथ महेश सैन, मंटू जालान, विष्णु शर्मा, विशाल शर्मा, जयदीप राज आदि सभी ने श्री श्याम परिवार की तरफ से प्रभु गुणगान किया महाभोग, 56 भोग, खीर - चूरमा, तथा विभिन्न विभिन्न प्रकार के फलों एवं मेवों का भोग प्रभु को अर्पण किया।
प्रातः 8:00 बजे स स्वर श्री सुंदरकांड पाठ का आरंभ श्री सुरेश बजाज जी के द्वारा किया गया करीब 300 भक्तों ने श्री सुंदरकांड पाठ में भाग लिया तथा 4:00 बजे से स्थानीय धार्मिक संस्थाओं ने प्रभु श्री श्याम को अपने भजनों की भेंट प्रस्तुत कि, प्रभु की सवामणि का प्रसाद तकरीबन 2000 भक्तों ने प्राप्त किया श्री रानी सती मंडल, रांची ने प्रसाद खिलाने की जिम्मेवारी को बड़े ही सहजता पूर्वक निभाया।
किसके साथ ही शाम 4:00 बजे से सर्वप्रथम वाराणसी से श्री कृष्णा दाधीच ने सभी भक्तों को खूब झुमाया एवं आनंद दिलाया जिसमें श्याम भगवान की श्रृंगार, अरदास एवं उनकी महिमा का बखान किया गया। जिसमें उनके द्वारा गया गया भजन - कीर्तन में पधारो म्हारा श्याम धनी......... जो पांडव कुल अवतार बढ़ो अलबेलो है...... और खाटू को श्याम रंगीला रे...... आदि भजनों की प्रस्तुति दी तत्पश्चात भारत के सुप्रसिद्ध भजन प्रवाहक श्री संजय सैन जो कि सूरजगढ़ धाम राजस्थान के है उन्होंने अपनी प्रस्तुति प्रभु श्री श्याम और भक्तों के समक्ष रखी हम मेरे शीश के दानी का ..... सिद्ध श्री शुभ उपमा थान्न ....... खाटू को श्याम रंगीला रे खाटू को एसो तो रंगीला ......जैसे भजनों से प्रभु की महिमा का गुणगान करके भक्तों को खूब झुमाया। ग्वालियर मध्य प्रदेश से पधारी ज्योति पाल ने प्रभु के महिमा का गुणगान के साथ प्रभु को प्रसन्न करने के लिए धमाल फागुन तथा होली के भजनों से सारे भक्तों को तथा प्रभु को खूब झुमाया और पूरे माहौल को श्री श्याम मय हो गया है और फागुन के रंग में ऐसा रंगा की लगा की श्री श्याम हवेली दुर्गाबाड़ी, रांची आज खाटू धाम जैसा लग रहा है जिसमें उनकी प्रस्तुति श्री श्याम के दरबार मची रे होली..... हाथों में लेकर निशान चला रे.....
नैना नीचा करले श्याम से मिलावली क्यां ......
होली आई रे कन्हाई रंग बरसे....... आदि भजनों की प्रस्तुति से सारे भक्त खूब झूमे नाचे और प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस श्री श्याम निशान अमृत महोत्सव 2026 में विश्व प्रसिद्ध खाटू धाम से विशेष रूप से पधारे महाराज शक्ति सिंह जी चौहान (अध्यक्ष श्री खाटू धाम, मंदिर कमेटी, राजस्थान) ने विशेष पूजा अर्चना की तथा सभी भक्तों को खूब आशीर्वाद दिया तथा मोर छड़ी का झाड़ा दिया।
मुख्य आकर्षक स्वरूप भजनों के मध्य इत्र की वर्षा तथा पुष्पों की होली का एक अनूठा कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया जिसमें सारे भक्तों ने नाचते झूमते हुए खूब आनंद लिया तत्पश्चात 101 वैवाहिक जोड़ों ने महा आरती में भाग लेकर प्रभु श्री श्याम की आरती की कथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
अध्यक्ष श्रवण जालान ने बाहर से आमंत्रित सारी मंडल को सम्मानित किया । महोत्सव को सफल बनाने में मुख्य रूप से महामंत्री मंटू जालान, महोत्सव संयोजक पवन लोहिया, अशोक धानुका, महेश सैन, आतिश सिंह, अजय जालान, पवन शर्मा, कमल जालान (बंकट), जयदीप राज, राजेश अग्रवाल, पवन जालान, पवन लोहिया, अरविंद मंगल, मनोज अग्रवाल, मदन सोनी, विनय राज भाटिया, रमेश अग्रवाल, बालचंद जैन, गोपाल चांगल, पवन जालान, आशीष शर्मा (मोनू ),वरुण जालान, रजत जालान, अमित सोनी, शंभू अग्रवाल, नमन चांगल, रोहित चांगल, आदि सभी श्री श्याम परिवार के सदस्य का योगदान सराहनीय रहा।यह जानकारी प्रचार संयोजक अमित चौधरी ने दी
साहिबगंज। जिले के अंतर्गत पढ़ने वाले नगर निकाय चुनाव की घोषणा होने के साथ ही गुरुवार से पत्र विपत्र बिक्री विभागीय स्तर पर शुरू हो गया है इस क्रम में साहिबगंज जिला के समाहरणालय में अपर समाहर्ता ऑफिस के पास साहिबगंज नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए रसीद के साथ-साथ फॉर्म की बिक्री शुरू हो गई इस क्रम में अभ्यर्थियों ने नामांकन के लिए फार्म लेने के साथ-साथ अन्य आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत कर आवेदन को लिया इस क्रम में अध्यक्ष पद के लिए अशोक कुमार तुरी और रामनाथ पासवान उर्फ छोटू पासवान ने फार्म लिया वहीं वार्ड के लिए फार्म की बिक्री अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय में क्रम संख्या 1 से 5,6 से 10, 11 से 15 ,16 से 20, 21 से 25 और 26 से 30 अलग-अलग पदाधिकारी के निगरानी में बिक्री के लिए रखी गई थी वार्ड के लिए फार्म का दर 500 निर्धारित किया गया था वही अध्यक्ष पद के लिए 2500 जमा करना अनिवार्य किया गया था।
रांची। झारखण्ड राज्य में उग्रवादी संगठन / संगठित अपराधिक गिरोह / अन्य अपराध पर झारखण्ड पुलिरा के द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उक्त राराहनीय कार्य हेतु गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा झारखण्ड पुलिस के कुल-12 पुलिस पदाधिकारियों/कर्मियों को पुलिस पदक सम्मानित किया गया है। सम्मानित पुलिस पदाधिकारियों/कर्मियों का विस्तृत विवरणी निम्न प्रकार है:-
विशिष्ट सेवा के लिए पदक :-
1 सुधीर कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, झारखण्ड जगुआर, राची।
उत्कृष्ट सेवा के लिए पदक :-
1. अनुप बिरथरे, पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड जगुआर, रांची।
2 पटेल मयूर कनैयालाल, पुलिस महानिरीक्षक (प्रोविजन), पुलिस मुख्यालय, झाररखण्ड, रांची।
3. संजय कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, (जैप-01, राची)
4. हव0/927 श्री कृष्णा कुमार क्षेत्री (जैप-01, रांबी)
5 हव0/215 श्री अरुण कुमार ओझा (झारखण्ड जगुआर)
6. हव0/233 श्री मारकुस सुनवार (झारखण्ड जगुआर)
7. आरक्षी / 1674 श्री जयदेव प्रधान (जैप-01, रांची)
8. मा०आरक्षी / 329 श्रीमती जेनेट मार्गरेट लकड़ा (जैप-10, होटवार, रांची)
9. मा० आरक्षी /429 श्रीमती कुमुदिनी कुजूर (जैप-10, होटवार, राची)
10 आरक्षी / 1622 श्री सुफल ओड़ेया (झारखण्ड जगुआर)
11. आरक्षी/2773 श्री गो० वसीम अख्तर (झारखण्ड जगुआर) शामिल हैं
यूके/रांची। झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के नेतृत्व में झारखंड प्रतिनिधिमंडल ने यूनाइटेड किंगडम दौरे के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख संस्थानों और विशेषज्ञ समूहों के साथ आयोजित बैठक में शामिल हुआ। आयोजित सभी बैठकों का मूल विषय झारखंड की प्राचीन मेगालिथ, मोनोलिथ विरासत का संरक्षण, पुनर्स्थापन (Conservation & Restoration), वैज्ञानिक प्रबंधन तथा वैश्विक मान्यता पर रहा।
ऐतिहासिक संरचनाओं को संरक्षित करते हुए विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने का प्रयास
बैठक में मेगालिथिक स्थलों के वैज्ञानिक दस्तावेज़ीकरण, संरचनात्मक संरक्षण, परिदृश्य प्रबंधन, समुदाय की भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम मानकों के अनुरूप दीर्घकालिक संरक्षण रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि आदिवासी समुदायों से जीवंत रूप से जुड़ी इन ऐतिहासिक संरचनाओं को संरक्षित करते हुए यूनेस्को विश्व धरोहर सूची के लिए एक ठोस और विश्वसनीय प्रस्तुति कैसे तैयार की जाए।
इन संवादों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पुरातत्व, विरासत संरक्षण, इंजीनियरिंग और परामर्श के अनुभवों का लाभ उठाने तथा संस्थागत क्षमता निर्माण की दिशा में संभावित सहयोग के क्षेत्रों की पहचान की गई। राज्य सरकार इन विशेषज्ञ सुझावों के आधार पर एक स्पष्ट और व्यावहारिक रोडमैप तैयार करेगी, जिससे झारखंड की मेगालिथिक विरासत का संरक्षण संरचनात्मक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक तीनों स्तरों पर सुदृढ़ हो सके।
आने वाली पीढ़ियों के लिए यह धरोहर सुरक्षित रह सके
इस मौके पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार राज्य की अमूल्य मेगालिथिक/मोनोलिथिक विरासत के संरक्षण, पुनर्स्थापन एवं सतत प्रबंधन के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार इस विरासत को केवल एक पुरातात्विक धरोहर नहीं, बल्कि आदिवासी समुदायों की जीवंत सांस्कृतिक पहचान के रूप में देखती है और इसके संरक्षण के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों, सामुदायिक सहभागिता तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से ठोस और दीर्घकालिक प्रयास किए जाएंगे।
प्रमुख बैठकें
Museum of London Archaeology (MOLA)
एंड्रयू हेंडरसन-श्वार्ट्ज़; डॉ. सारा पेरी (University College London), Wardell Armstrong / SLR Consulting डॉ. रोड्री गार्डनर, डॉ. लिंडसे लॉयड स्मिथ, जॉन ट्रेही, Simpson & Brown, सू व्हिटल, जॉन सैंडर्स, टॉम ऐडमैन, AECOM, नील मैकनैब, Wessex Archaeology, डॉ. स्टू ईव, मैट लीवर्स, Arup, ऑटिली थॉर्नहिल, सीनियर कंसल्टेंट।
रांची।जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा आयोजित उत्तर मध्य क्षेत्र की दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला 17-18 जनवरी को शगुन मैरेज लॉन, चिरौंदी, रांची में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।
कार्यशाला का विधिवत शुभारम्भ वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय सत्येंद्र सिंह जी, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री भगवान सहाय जी, जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत , राष्ट्रीय सह संयोजक डॉ. राजकिशोर हंसदा , राष्ट्रीय संगठन मंत्री सूर्य नारायण सूरी , क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रफुल्ल आकांत एवं क्षेत्रीय संयोजक संदीप उराँव जी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा, भारत माता एवं बाबा कार्तिक उराँव की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्पार्चन कर किया गया।
कार्यशाला का केंद्र बिंदु जनजाति समाज की सांस्कृतिक सुरक्षा, उसके ऐतिहासिक योगदान तथा D-Listing की संवैधानिक माँग रहा, जिस पर सभी सत्रों में गंभीर एवं विचारोत्तेजक विमर्श हुआ।
भगवान सहाय जी ने अपने संबोधन में कहा कि जनजाति समाज भारतीय इतिहास की मूल धारा रहा है, जिसने रामायण-महाभारत काल से लेकर मुग़ल, अंग्रेज़ी शासन और स्वतंत्रता संग्राम तक संघर्ष और बलिदान की परंपरा को जीवित रखा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद संविधान में जनजातीय संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली की रक्षा के लिए किए गए प्रावधान इसी ऐतिहासिक योगदान की स्वीकृति हैं। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संवैधानिक दृष्टिकोण, 10 जुलाई 1967 की संसदीय माँग तथा 17 नवम्बर 1969 की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए D-Listing आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को स्पष्ट किया।
सूर्य नारायण सूरी जी ने कहा कि अब जनजाति समाज को अपनी माँगों के साथ संकल्पबद्ध होकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि D-Listing को लेकर गाँव-गाँव तक स्पष्ट संवाद, ग्राम सभाओं में प्रस्ताव, जनप्रतिनिधियों से संपर्क, महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और सांस्कृतिक माध्यमों से जनजागरण ही आंदोलन की वास्तविक ताकत बनेगा।
द्वितीय सत्र में गणेश राम भगत जी ने कहा कि D-Listing की माँग कोई नई नहीं है, किंतु इस प्रकार की कार्यशालाएँ संगठन और समाज में नई ऊर्जा का संचार करती हैं। उन्होंने आत्मीय संवाद और निरंतर संपर्क के माध्यम से इस विषय को जन-जन तक पहुँचाने पर बल देते हुए कहा कि संगठित प्रयास ही आंदोलन को निर्णायक दिशा देंगे।
डॉ. सत्येन्द्र सिंह जी ने जनजातियों से संबंधित संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज सनातन परंपरा का अभिन्न अंग रहा है और उसकी धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना भारतीय सभ्यता की मूल आत्मा से गहराई से जुड़ी हुई है।
समापन सत्र में प्रफुल्ल आकांत जी ने कहा कि लंबे समय से जनजाति समाज को दिग्भ्रमित करने के प्रयास किए जाते रहे हैं। आक्रमणों और औपनिवेशिक नीतियों के माध्यम से उसकी सांस्कृतिक विरासत को कमजोर किया गया तथा जनजातीय वीरों के बलिदानों को इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला। उन्होंने युवाओं को आंदोलन से जोड़ने और ग्राम स्तर को इसकी मजबूत नींव बताते हुए संगठित तैयारी का आह्वान किया।
डॉ. राजकिशोर हंसदा ने कहा कि जनजाति समाज का उत्थान उसकी सांस्कृतिक शक्ति और सामूहिक एकता से ही संभव है। उन्होंने 1970 के दशक में कार्तिक उराँव द्वारा चलाए गए D-Listing आंदोलन को स्मरण करते हुए कहा कि आने वाला समय जनजाति समाज के लिए निर्णायक है और संगठित चेतना ही वर्षों से हो रहे अन्याय का उत्तर दे सकती है।
कार्यशाला में उत्तर मध्य क्षेत्र के तीनों प्रांत, बिहार, संथाल एवं झारखंड, से लगभग 100 कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही। विचार-विमर्श और संगठनात्मक बैठकों के माध्यम से आंदोलन की भावी रणनीति पर सहमति बनी।
कार्यशाला के अंत में यह सर्वसम्मत निष्कर्ष निकला कि जनजाति समाज को अपने स्वाभिमान, संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। गाँव से उठने वाली संगठित चेतना ही राजधानी तक प्रभावी स्वर में पहुँचेगी और भविष्य की दिशा तय करेगी।
कार्यशाला में मुख्य रूप से संदीप उराँव, सोमा उराँव, मेघा उराँव, कामेश्वर साहू, हिंदुआ ओराँव, दीनबन्धु सिंह, प्रदीप महतो, अंजली लकड़ा, आरती कुजूर, मेघा ओराँव, जगन्नाथ भगत, सन्नी टोपो अंजलि लकड़ा, सुनील उरांव , प्रदीप टोप्पो अजय सिंह भोक्ता व अन्य उपस्थित थे।
रांची। रांची नगर निगम वार्ड संख्या-31 से भावी प्रत्याशी अमृतेश पाठक ने प्रेसवार्ता कर वार्ड नंबर 31 को एक आदर्श वार्ड के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से विस्तृत विज़न डॉक्यूमेंट जारी किया गया है, जिसमें सुरक्षा, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। योजना के अंतर्गत कुल 15 बिंदुओं पर कार्य किए जाने का संकल्प लिया गया है।योजना के अनुसार, वार्ड में महिला सभा और सोशल ऑडिट टीम का गठन किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और स्वच्छता समितियों का गठन भी किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने हेतु वार्ड के संवेदनशील स्थलों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और मोहल्ला सुरक्षा मित्र बनाए जाएंगे। वहीं, नशा और अपराध के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
वार्ड के सभी परिवारों का आर्थिक और सामाजिक सर्वेक्षण कर जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं जैसे – राशन कार्ड, वृद्धा पेंशन, आवास योजना, छात्रवृत्ति आदि का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वच्छता के क्षेत्र में प्रत्येक 25 से 30 घरों के बीच कूड़ेदान लगाने, नियमित कचरा उठाव, जलजमाव वाले स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाने की योजना है। इसके साथ ही सड़कों, गलियों और नालियों के निर्माण व मरम्मत पर भी जोर दिया गया है।
जनसुविधाओं का होगा विस्तार
वार्ड में सामुदायिक भवन, विवाह मंडप, मीटिंग हॉल और 24x7 जनसुविधा केंद्र की स्थापना की जाएगी। साथ ही शुद्ध पेयजल आपूर्ति, सार्वजनिक शौचालय, पार्क, व्यायाम स्थल और बच्चों के लिए खेल मैदान विकसित किए जाएंगे।सरकारी स्कूलों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तथा धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के सौंदर्यीकरण का भी प्रावधान किया गया है।
रांची। विश्व आर्थिक सम्मेलन 2026 में पहली बार झारखण्ड की उपस्थिति कई मायनों में अहम है। झारखण्ड औद्योगिक क्षमता और इनफ़िनाइट ऑपर्च्युनिटी स्टेट का संदेश तो देगा ही साथ ही, यह भी स्पष्ट करेगा कि जब आधी आबादी नेतृत्व करती हैं, तो अर्थव्यवस्थाएं मजबूत होती हैं, लोग अप्रत्याशित बदलावों का सामना करने वाले बनते हैं और विकास स्थायी होता है। कुछ ऐसा ही संदेश झारखण्ड की बेटी और झारखण्ड विधानसभा के महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष सह विधायक कल्पना सोरेन दावोस में आयोजित होने वाली विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में और यूनाइटेड किंगडम की अपनी यात्रा के दौरान वैश्विक मंच से देंगी। कल्पना सोरेन महिला नेतृत्व, लैंगिक समानता और समावेशी विकास से संबंधित कई उच्च स्तरीय मंचों पर राज्य का प्रतिनिधित्व कर झारखण्ड की आधी आबादी के आत्मविश्वास, उद्यमशीलता और नेतृत्व कौशल का प्रमाण प्रस्तुत करेंगी। वे आदिवासी, ग्रामीण और आर्थिक रूप से हाशिए पर रहने वाले समुदायों की महिलाओं की वास्तविकताओं और आकांक्षाओं को वैश्विक मंच पर साझा कर बतायेंगी कि ये वे समूह हैं जो अब झारखण्ड के आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की वाहक बन रहीं हैं।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड सरकार राज्य की महिलाओं के उत्थान के लिए कई कार्य कर रही है। उसी कड़ी में दावोस में कल्पना सोरेन महिलाओं के राजनीतिक नेतृत्व, आर्थिक भागीदारी और सभी को समान अवसर देने पर केंद्रित नीतिगत संवादों और अंतर्राष्ट्रीय मंचों से संबोधित करेंगी। इनमें महिला सशक्तिकरण पर ब्रिक्स पैनल, ईटी महिला सशक्तिकरण संवाद और एलायंस फॉर ग्लोबल गुड का 'वी लीड' मंच और भारत पवेलियन में आधिकारिक कार्यक्रम आदि शामिल हैं। राज्य सरकार का महिला विकास के प्रति दृष्टिकोण कल्पना सोरेन इन वैश्विक मंचों पर प्रस्तुत करेंगी। वे बतायेंगी कि महिला विकास प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व पर आधारित नहीं है, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण और संस्थागत शक्ति पर आधारित है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहीं महिलाएं
दावोस में दुनिया को बताया जाएगा कि झारखण्ड राज्य आजीविका संवर्धन समिति (JSLPS ) के माध्यम से राज्य में 35 लाख से अधिक महिलाएं दो लाख 80 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं हैं। हाल के वर्षों में इन महिलाओं के सशक्तिकरण एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से ₹5000 करोड़ से अधिक का ऋण स्वीकृत किया गया है। ये महिलाएं अब किसान, उद्यमी, बैंकर, कारीगर और विभिन्न आजीविका की सृजनकर्ता के साथ सम्मानजनक जीवन यापन करने वाली हैं। हाल के वर्षों में लखपति दीदी, पलाश, जोहार, झिमडी (JICA समर्थित सूक्ष्म ड्रिप सिंचाई), अदिवा और आजीविका कैफे जैसे प्रमुख कार्यक्रमों ने हजारों महिलाओं को 1 लाख रुपये की वार्षिक आय सीमा पार करने में सक्षम बनाया है, जिससे झारखण्ड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महिलाएं अपने नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवा रहीं हैं। पलाश ब्रांड के उत्पाद अब झारखण्ड को खुदरा बाजार के साथ साथ वैश्विक बाजारों में जा रहे हैं, उम्मीद है 2026 तक इस ब्रांड के तहत 45 करोड़ रुपये तक कारोबार पहुंचने का अनुमान है। साथ ही, झारखण्ड सरकार की मंईयाँ सम्मान योजना के तहत हर वर्ष लाखों महिलाओं को मिल रही 17 हजार करोड़ रुपये की सम्मान राशि से महिलाएं युवा झारखण्ड को सशक्त बनाने में महती भूमिका निभा रहीं हैं।
यूके में शिक्षा और कौशल विकास के मुद्दों पर होगी चर्चा
दावोस बैठक के बाद कल्पना सोरेन अपनी यात्रा के अगले चरण में यूनाइटेड किंगडम में प्रस्तावित विभिन्न बैठक में भाग लेंगी। इसके तहत शिक्षा, कौशल विकास, जलवायु परिवर्तन और सांस्कृतिक विरासत पर राउंड टेबल चर्चाओं के साथ-साथ यूके सरकार के अधिकारियों और प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ बैठक में शामिल होंगी है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के साथ कल्पना सोरेन मरांग गोमके स्कॉलरशिप के तहत उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे झारखण्ड के युवाओं से मुलाकात करेंगी। आने वाले दिनों में ये गतिविधियाँ समावेशी विकास, महिला नेतृत्व और संस्थागत क्षमता निर्माण के प्रति भारत-यूके की साझा प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करेगी।
रांची। 12 जनवरी 2026 को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन के कांके रोड स्थित आवास के सभागार में रांची जिला अंतर्गत सभी स्तर के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई | उक्त बैठक में संगठनात्मक विषयों पर चर्चा तथा संगठन के कार्यों की समीक्षा की गई| बैठक की अध्यक्षता पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन जी ने तथा संचालन केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता श्री विनोद कुमार पांडेय ने की | केंद्रीय अध्यक्ष श्री हेमंत सोरेन जी के साथ-साथ बैठक में मुख्य रूप से केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय, सुप्रियो भट्टाचार्य, केंद्रीय सचिव अभिषेक प्रसाद "पिंटू", केंद्रीय सदस्य पवन जेडीया, अश्विनी शर्मा, अंतु तिर्की, समनूर मंसूरी, हेमलाल मेहता, रांची जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम के साथ नयनतारा उरांव, संध्या गुड़िया, सुषमा वरदेवा, अंकिता वर्मा, रांची जिला संयोजक मंडली के सदस्य गण, रांची महानगर संयोजक मंडली के सदस्य गण, रांची जिला अंतर्गत सभी प्रखंड समितियों के अध्यक्ष एवं सचिव तथा रांची महानगर अंतर्गत सभी वार्ड समितियों के अध्यक्ष एवं सचिव शामिल हुए |