राजमहल । थाना परिसर में होली पर्व को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिकारियों ने शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में होली पर्व मनाने की अपील की। थाना प्रभारी हसनैन अंसारी ने कहा कि पर्व-त्यौहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी और गड़बड़ी करने वालों पर पुलिस की नजर बनी रहेगी।
इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो ने कहा कि पूजा समितियों को विसर्जन जुलूस तय रूट के अनुसार ही निकालना होगा और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट न करने की अपील की गई।राजमहल थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में जहां होलिका दहन का पर्व मानाया जाता है वैसे जगहों में प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था किये जाने की निर्देश दिया गया है होली शान्ति समिति की बैठक में प्रखंड के हरेक पंचायत के गणमान्य व्यक्तियों को बुलाया गया था। बैठक में उपस्थित अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विमलेश कुमार त्रिपाठी, राजमहल थाना प्रभारी हसनैन अंसारी ओर राजेश मंडल,
दुर्गा मण्डल, बिंदेश्वरी यादव, बरकत , कार्तिक साहा,आनंदी मंडल, मनोज साहा और सभी पंचायत के गणमान्य लोग उपस्थित हुए।
रांची। 68वाँ वार्षिक खान सुरक्षा सप्ताह – 2025 का पुरस्कार वितरण सह समापन समारोह बरका-सयाल क्षेत्र, सीसीएल में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस प्रेरणादायी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खान सुरक्षा महानिदेशक श्री उज्ज्वल ता, निदेशक, Directorate General of Mines Safety (DGMS) की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह में सभाध्यक्ष के रूप में सीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री निलेंदु कुमार सिंह सहित निदेशकगण, खान सुरक्षा महानिदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि, श्रमिक संगठनों के सदस्य, मीडिया प्रतिनिधि एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
यह वार्षिक खान सुरक्षा सप्ताह दिसंबर माह में “सुरक्षा से उन्नति” थीम पर मनाया गया, जो खदान कर्मियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करता है। इस अवसर पर NTPC Limited, Tata Steel Limited तथा Fair Carbon सहित अन्य प्रतिष्ठित संगठनों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खनन क्षेत्र में सुरक्षा संस्कृति को सुदृढ़ करना, सुरक्षित कार्य व्यवहार को प्रोत्साहित करना, ‘ज़ीरो एक्सीडेंट’ के लक्ष्य को प्राप्त करना तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों एवं कर्मियों को सम्मानित एवं प्रोत्साहित करना था। समारोह के दौरान सुरक्षा मानकों के अनुपालन, नवाचार, अनुशासन एवं उत्तरदायी कार्यसंस्कृति पर विशेष बल दिया गया।
विशेष आकर्षण के रूप में बरका सयाल क्षेत्र द्वारा प्रस्तुत सुरक्षा मॉडल- जो हाल के वर्षों में किए गए सतत (Sustainable) प्रयासों, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीकों के उपयोग एवं सुरक्षित उत्पादन पद्धतियों पर आधारित था, को सर्वश्रेष्ठ घोषित करते हुए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। इस उपलब्धि ने क्षेत्र की सुरक्षा एवं सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया।
यह आयोजन केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि खनन उद्योग में “सुरक्षा सर्वोपरि” के संकल्प को पुनः सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ।
सीसीएल अपने कार्यक्षेत्र में प्रत्येक श्रमिक एवं हितधारक की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु उच्चतम सुरक्षा मानकों को लागू करने के लिए कृतसंकल्पित है।
रांची। कोल इंडिया लिमिटेड के अंतर कंपनी टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट 2026 का आज भव्य समापन हुआ। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा आयोजित यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता MECON स्टेडियम में खेली जा रही थी। फाइनल मुकाबला सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के बीच खेला गया, जिसने दर्शकों को रोमांच से भर दिया।
टॉस जीतकर सीसीएल ने पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। एनसीएल ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट पर 125 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए सीसीएल की टीम ने रोमांचक मुकाबले में आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर जीत दर्ज की और खिताब अपने नाम किया।
गरिमामय उपस्थिति
फाइनल मुकाबले के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार उपस्थित रहे। इसके साथ ही सीआईएल एवं सीसीएल वेलफेयर बोर्ड के सदस्य तथा महाप्रबंधकगण भी समारोह में मौजूद रहे। सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया गया।
अपने संबोधन में सीएमडी, सीसीएल निलेंदु कुमार सिंह ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, “मैं स्वयं एक खिलाड़ी रहा हूं, इसलिए खेल भावना को भली-भांति समझता हूं और उसे सलाम करता हूं। दोनों टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी 10 टीमें मेरी हैं, चाहे कोई जीते या हारे, सभी विजेता हैं।”
पुरस्कार वितरण समारोह
फाइनल मुकाबले में सीसीएल के धनंजय सेदरिया को “मैन ऑफ द मैच” का पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने मात्र 9 गेंदों में नाबाद 21 रन की विस्फोटक पारी खेलकर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
वहीं, सीसीएल के हिमांशु धूमाश को पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए “प्लेयर ऑफ द सीरीज” का पुरस्कार दिया गया।
एनसीएल के राहुल को “बेस्ट बैट्समैन” तथा सीसीएल के जिशान नवाज खान को “बेस्ट बॉलर” का अवॉर्ड प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि यह टूर्नामेंट 20 फरवरी, 2026 को भव्य उद्घाटन के साथ प्रारंभ हुआ था और 28 फरवरी, 2026 को फाइनल मुकाबले के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 20 से 28 फरवरी तक आयोजित इस प्रतियोगिता में 10 टीमों ने भाग लिया। यह आयोजन कोल इंडिया परिवार में टीम भावना, कर्मचारी सहभागिता और सकारात्मक कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
सीसीएल सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह के नेतृत्व में कोयला खनन के साथ-साथ सीएसआर, कल्याण, खेल एवं अन्य सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से कर्मचारियों, श्रमिकों, ग्रामीणों एवं हितधारकों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय, राँची में आज एक भव्य एवं गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर फरवरी, 2026 में मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले 3 कर्मियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इसके साथ ही, सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सेवानिवृत्त कर्मियों को भी उनके-अपने क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से ससम्मान विदा किया गया। इस प्रकार, आज सीसीएल मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों से कुल 123 कर्मियों को गरिमापूर्ण विदाई दी गई। ज्ञात हो कि सीसीएल मुख्यालय के अलावा बरका-सयाल क्षेत्र से 16, पिपरवार क्षेत्र से 10, अरगड़ा क्षेत्र से 7, एनके क्षेत्र से 9, राजहरा क्षेत्र से 1, सीडब्लूएस से 3, कुजू से 4, हजारीबाग क्षेत्र से 6, बी एंड के क्षेत्र से 10, कथारा क्षेत्र से 22, ढोरी क्षेत्र से 20, रजरप्पा क्षेत्र से 10, गिरिडीह क्षेत्र से 1 तथा केंद्रीय अस्पताल, रामगढ़ से 1 कर्मी आज सेवा निवृत्त हुए।
समारोह के दौरान सीसीएल मुख्यालय में एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव, भावनाएँ एवं स्मृतियाँ साझा कीं।
मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के नाम इस प्रकार हैं- श्री बृज मोहन रजक, लेखपाल ए-1, एम एंड एस विभाग; श्रीमती गीता सिंह, लिपिक ग्रेड-1, मानव संसाधन विभाग एवं श्री बंधन ऊरावं, हेड सिक्योरिटी गार्ड, सिक्योरिटी विभाग।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीसीएल के महाप्रबंधक (अधिकारी स्थापना/कल्याण) श्री संजय ठाकुर उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री संजय ठाकुर ने सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों को उनके जीवन की अगली पारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह सीसीएल परिवार के लिए अत्यंत गर्व और संतोष का विषय है कि आप सभी ने पूर्ण निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ अपने सेवाकाल को सफलतापूर्वक संपन्न किया है। संगठन के प्रति आपकी प्रतिबद्धता और योगदान हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।उन्होंने यह भी कहा कि सेवानिवृत्ति के उपरांत भी आप अपने बहुमूल्य अनुभव और ज्ञान का उपयोग समाज के उत्थान एवं जनकल्याण के कार्यों में करें तथा जीवन के आगामी चरण में धन एवं संसाधनों का विवेकपूर्ण और जिम्मेदार प्रबंधन करते हुए एक सकारात्मक एवं संतुलित जीवन व्यतीत करें।
समारोह में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, अधिकारीगण, कर्मचारी तथा सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
रांची। भारतीय लोक कला की समृद्ध परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने वाली प्रख्यात मधुबनी कलाकार श्रीमती इंदु मिश्रा को मधुबनी पेंटिंग श्रेणी में ‘आर्टिस्ट ऑफ द ईयर’ सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान Adreneur Consultancy Services द्वारा प्रदान किया गया। यह उपलब्धि उनके समर्पण, साधना और भारतीय लोक कला के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक है।
इस अवसर पर इंदु मिश्रा ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए विनम्रता और गर्व का क्षण है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, बच्चों, मित्रों एवं शुभचिंतकों के निरंतर सहयोग एवं प्रोत्साहन को दिया। उन्होंने कहा, “कला भले ही एक एकाकी यात्रा प्रतीत होती हो, पर मैंने यह सफर कभी अकेले तय नहीं किया। मेरी हर कूची की रेखा के पीछे मेरे अपनों का प्रेम और विश्वास है।”
विशेष रूप से उन्होंने यह सम्मान पूर्व क्रिकेट दिग्गज Chetan Sharma के हाथों प्राप्त करने को गौरवपूर्ण क्षण बताया, जिन्होंने विश्व कप में भारत की पहली हैट्रिक लेकर इतिहास रचा था।
*2013 से प्रारंभ हुई प्रेरक कलायात्रा*
इंदु मिश्रा की कला यात्रा वर्ष 2013 में एक स्वाभाविक रुचि के साथ शुरू हुई। स्वशिक्षित कलाकार के रूप में उन्होंने मधुबनी की पारंपरिक शैली को आत्मसात करते हुए उसे आधुनिक संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया। मिथिला की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित उनकी कलाकृतियाँ सूक्ष्म रेखांकन, लयात्मक संरचना, प्रतीकात्मक कथात्मकता और जीवंत रंगों के लिए जानी जाती हैं।
*राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर सशक्त उपस्थिति*
इंदु मिश्रा देश-विदेश में 40 से अधिक एकल एवं समूह प्रदर्शनियों में भाग ले चुकी हैं। उनकी एकल प्रदर्शनियाँ Lalit Kala Akademi (नई दिल्ली), Indira Gandhi National Centre for the Arts तथा India Habitat Centre जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में आयोजित हो चुकी हैं।
इसके अतिरिक्त उनकी कलाकृतियाँ National Crafts Museum & Hastkala Academy, Nehru Centre तथा जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय कला मेलों सहित अनेक प्रमुख मंचों पर प्रदर्शित हो चुकी हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने दक्षिण कोरिया के सियोल में आयोजित इंडिया आर्ट फेस्टिवल में भारतीय लोक कला का प्रतिनिधित्व कर मधुबनी की वैश्विक पहचान को सशक्त किया।
सम्मान और उपलब्धियाँ
वर्ष 2019 में उन्हें मधुबनी कला के प्रचार-प्रसार के लिए ‘अग्निपथ कला रत्न सम्मान’ से नवाजा गया। वर्ष 2023 में Prabhat Khabar द्वारा ‘अपराजिता कला सम्मान’ प्रदान किया गया। उनकी उपलब्धियों को ‘इन्फ्लुएंशियल इंडियंस’ कॉफी टेबल बुक 2023 में भी स्थान मिला है।
उनकी कलाकृतियाँ प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक Prakash Jha तथा Prakash Pai सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों के निजी संग्रह में शामिल हैं। साथ ही Bank of India, Jharkhand High Court, Hindustan Petroleum Corporation Limited, Central Reserve Police Force तथा Dedicated Freight Corridor Corporation of India Limited जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी उनकी कृतियाँ सुशोभित हैं।
*परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प*
श्रीमती इंदु मिश्रा की कला केवल चित्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति है। ‘आर्टिस्ट ऑफ द ईयर’ सम्मान उनकी वर्षों की तपस्या, संघर्ष और रचनात्मक साधना का प्रमाण है।
अपने समर्पण और सृजनात्मक ऊर्जा के साथ इंदु मिश्रा मधुबनी कला की इस अमूल्य विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
रांची: समाजसेवा और मानवता के प्रति समर्पण की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश करते हुए इंटरनेशनल ह्यूमन राइट एवं अराउंड केयर फाउंडेशन की संयुक्त पहल पर रांची के बिरसा मुंडा जेल पार्क स्थित में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए दर्जनों युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य रक्त की कमी से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना था। शिविर के दौरान उपस्थित चिकित्सकीय टीम द्वारा रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया गया। पूरे आयोजन में अनुशासन, पारदर्शिता और सेवा भावना का विशेष ध्यान रखा गया।
इस अवसर पर इंटरनेशनल हमंस राइट संगठन के स्टेट जनरल सेक्रेटरी मुकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि रक्तदान महादान है और यह किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि संस्था का प्रयास है कि झारखंड के हर जिले में नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि आपात स्थिति में किसी भी मरीज को रक्त के अभाव का सामना न करना पड़े।
उन्होंने आगे कहा कि समाज के सहयोग और युवाओं की भागीदारी से ही ऐसे मानवीय कार्य सफल होते हैं। संस्था का लक्ष्य केवल रक्तदान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक सहायता पहुंचाना भी है।
फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि संगठन झारखंड के विभिन्न जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। विशेष रूप से में बिरहोर समुदाय के उत्थान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बिरहोर समुदाय उन आदिम जनजातीय समूहों में शामिल है जो विलुप्ति के कगार पर हैं। संस्था द्वारा वहां शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में युवा वर्ग की भागीदारी उल्लेखनीय रही। इसके साथ ही कई जाने-माने सामाजिक हस्तियां एवं सेवानिवृत्त आर्मी कर्मी भी शिविर में उपस्थित रहे और उन्होंने रक्तदान कर अन्य लोगों को भी प्रेरित किया।
शिविर के समापन अवसर पर रक्तदान करने वाले सभी दाताओं को फाउंडेशन की ओर से प्रशस्ति-पत्र (सर्टिफिकेट) एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त कर रक्तदाताओं ने कहा कि उन्हें इस मानवीय कार्य का हिस्सा बनकर गर्व महसूस हो रहा है और भविष्य में भी वे ऐसे अभियानों से जुड़ते रहेंगे।
यह रक्तदान शिविर न केवल जरूरतमंद मरीजों के लिए सहारा बना, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता का मजबूत संदेश भी छोड़ गया। आयोजकों ने भविष्य में और भी बड़े स्तर पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस नेक पहल से जुड़ सकें।इस अवसर पर कई कार्यकता मौजूद थे।
साहिबगंज। होली और रमजान के पावन में शांति, सौहार्द और सुरक्षा के साथ संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक , वरीय पदाधिकारी एवं शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी ‘तीसरी आंख’ की नजर
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सभी बीडीओ, सीओ और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त करने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में विशेष चौकसी बरती जाएगी।
दंडाधिकारियों की तैनाती और फ्लैग मार्च
जिले के प्रमुख एवं संवेदनशील स्थलों पर दंडाधिकारियों और पुलिस बल की पर्याप्त प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में फ्लैग मार्च करने तथा स्थानीय शांति समितियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने का निर्देश दिया।
अश्लील गाने और डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध
होली के दौरान डीजे बजाने तथा अश्लील व भड़काऊ गीतों पर पूरी तरह रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उपकरण जब्त किए जाएंगे।
अवैध शराब पर सख्ती
उपायुक्त ने उत्पाद विभाग और पुलिस को अवैध शराब के अड्डों पर सघन छापेमारी के निर्देश दिए हैं। त्योहारों के दौरान अवैध बिक्री एवं भंडारण पर ‘शून्य सहिष्णुता’ नीति लागू रहेगी।
सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी
साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है। फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ पोस्ट, अफवाह या विद्वेष फैलाने वाली सामग्री डालने वालों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को संबंधित धाराओं के तहत जेल भेजा जाएगा।
सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
उपायुक्त ने कहा कि साहिबगंज की पहचान गंगा-जमुनी तहजीब से रही है। होली और रमजान का संयोग आपसी भाईचारे और प्रेम का प्रतीक है। प्रशासन द्वारा बिजली, पानी और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
बैठक में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, परियोजना निदेशक आईटीडीए संजय कुमार दास, अपर समाहर्ता गौतम भगत, अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आईन्द (साहिबगंज), अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो (राजमहल), वन प्रमंडल पदाधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।
पलामू। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), प्रमंडलीय कार्यालय पलामू की टीम ने 20 फरवरी 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए सिलदागा पंचायत के रोजगार सेवक सुनील कुमार को 6 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक आवेदक ने एसीबी को लिखित शिकायत दी थी कि उसकी पत्नी एवं भाभी के नाम से विशेष ग्राम सभा में दीदी बाड़ी योजना स्वीकृत कराने के एवज में रोजगार सेवक सुनील कुमार द्वारा 6,000 रुपये की मांग की जा रही है। आवेदक ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, पलामू से की।
शिकायत का सत्यापन कराने पर आरोप सही पाया गया। इसके बाद एसीबी थाना कांड संख्या-04/2026 दिनांक 18.02.2026, धारा 7(a) पी.सी. (संशोधन) अधिनियम 2018 के तहत मामला दर्ज किया गया।
20 फरवरी 2026 को दंडाधिकारी एवं दो स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी रोजगार सेवक को आवेदक से 6,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, पलामू ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और आम जनता से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की रिश्वत मांगने की सूचना तुरंत एसीबी को दें।
रांची। झारखंड निकाय चुनाव 2026 के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रांची जिला पुलिस पूर्ण मनोयोग से कार्य कर रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर,पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, सब डिविजनल मजिस्ट्रेट,रांची एवं पुलिस उपाधीक्षक नगर के नेतृत्व में रांची के लालपुर,कोतवाली, लोअर बाजार सहीत अन्य थाना क्षेत्रो में फ्लैग मार्च निकाला गया l
फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य चुनाव के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखना,आमजन में विश्वास उत्पन्न करना और आकस्मिकता की स्थिति से निपटने की पूर्व तैयारी करना है। इस दौरान संवेदनशील क्षेत्रों, पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति और सुरक्षा की स्थिति की सूक्ष्मतापूर्वक समीक्षा की गई तथा प्रतिनियुक्त बलो को ब्रीफ किया गया।
आमजन से अपील है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि एवं असामाजिक तत्वों की तुरंत सूचना पुलिस तक पहुंचायें और परस्पर चुनाव में मतदान करे।
मालदा । प्रतिदिन लाखों यात्री अपने सपनों, जिम्मेदारियों और उम्मीदों के साथ रेल यात्रा करते हैं। कोई अपने घर लौट रहा होता है, कोई रोजगार के लिए शहर की ओर अग्रसर होता है, तो कोई शिक्षा, उपचार अथवा जीवन के नए अवसरों की तलाश में सफर करता है। *रेल केवल पटरियों पर दौड़ती एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि हमारे परिवारों, पड़ोसियों, मित्रों और समाज को जोड़ने वाली जीवनरेखा है।
हर डिब्बे में बैठा यात्री किसी का बेटा, बेटी, माता, पिता या मित्र होता है। स्टेशन की भीड़ में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी घर की आशा और प्रतीक्षा का केंद्र होता है। ऐसे में उसकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना केवल रेलवे प्रशासन का ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक सजग नागरिक का भी सामूहिक दायित्व है। सुरक्षा, अनुशासन और जागरूकता ही रेल यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाते हैं; एक क्षण की असावधानी जहाँ गंभीर परिणाम ला सकती है, वहीं नियमों का पालन और सतर्क व्यवहार हजारों जीवनों की रक्षा सुनिश्चित करता है।
इसी उद्देश्य से, मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में तथा मंडल सुरक्षा आयुक्त असीम कुमार कुल्लू के सतत पर्यवेक्षण में पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा दिनांक 01 अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक रेल सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने हेतु व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया गया।*
मंडल के विभिन्न स्टेशनों, ट्रैक से सटे गांवों, विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों एवं बाजार क्षेत्रों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर नागरिकों को सुरक्षित यात्रा हेतु सावधानियां अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।* अभियान के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल (RPF), वाणिज्य एवं परिचालन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा संयुक्त रूप से नुक्कड़ सभाएं, माइक्रोफोन उद्घोषणाएं, पंपलेट वितरण तथा जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं विद्यालय प्रशासन का सक्रिय सहयोग भी प्राप्त हुआ।
अभियान के दौरान यात्रियों, छात्रों एवं स्थानीय नागरिकों को रेलवे ट्रैक पार करने के जोखिम, अनधिकृत रूप से पटरियों पर चलने के खतरे तथा चलती ट्रेन के समीप जाने से होने वाली गंभीर दुर्घटनाओं (ह्यूमन रन ओवर) के बारे में जागरूक किया गया। यह भी बताया गया कि ट्रैक के किनारे मवेशियों को चराना अथवा उन्हें खुले रूप से छोड़ देना “कैटल रन ओवर” जैसी घटनाओं को जन्म देता है, जिससे न केवल पशुहानि होती है बल्कि रेल संचालन बाधित होता है और यात्रियों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। साथ ही चलती ट्रेन के समीप सेल्फी लेने के खतरे, फुटबोर्ड पर यात्रा की असुरक्षा, अलार्म चेन पुलिंग (ACP) की दंडनीयता, पत्थरबाजी की गंभीरता, सिग्नल उपकरणों से छेड़छाड़ के दुष्परिणाम, रेलवे संपत्ति की सुरक्षा तथा यात्रा के दौरान सामान की चोरी, नशाखुरानी या अन्य प्रकार के अपराध से बचाव हेतु सावधानियों के महत्व के संबंध में भी विस्तार से अवगत कराया गया।*
यह स्पष्ट किया गया कि रेलवे ट्रैक सड़क नहीं है तथा एक क्षण की लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। रेलवे अधिनियम के अंतर्गत ट्रैक पर अतिक्रमण, अलार्म चेन पुलिंग, पत्थरबाजी अथवा रेलवे संपत्ति को क्षति पहुंचाना दंडनीय अपराध है। विशेष रूप से युवाओं एवं छात्रों को संबोधित करते हुए यह संदेश दिया गया कि चलती ट्रेन के समीप स्टंट करना या सेल्फी लेना साहस नहीं, बल्कि असावधानी है। सुरक्षित व्यवहार ही जिम्मेदार नागरिक होने का वास्तविक परिचायक है।
मानव तस्करी की रोकथाम के संबंध में भी नागरिकों से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा अकेले एवं भयभीत अवस्था में दिखाई देने वाले बच्चे या महिला की सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल को दें।
अभियान की अवधि में मालदा मंडल द्वारा प्रमुख उपलब्धियाँ (01 अप्रैल 2025 – 31 जनवरी 2026)
आयोजित कुल जागरूकता कार्यक्रम: 432
जागरूक किए गए नागरिक/यात्री (लगभग): 10,000
कवर किए गए विद्यालय/संस्थान: 12
ट्रैक किनारे गांव/क्षेत्र: 80
अलार्म चेन पुलिंग (ACP) के विरुद्ध कार्रवाई: 1269 व्यक्ति
अन्य रेलवे अधिनियम उल्लंघन के मामले: 10110 व्यक्ति गिरफ्ता
कुल वसूला गया जुर्माना: ₹ 20,96,500/-
एक पल की लापरवाही जीवन भर का पश्चाताप बन सकती है। अतः रेलवे ट्रैक से सुरक्षित दूरी बनाए रखना, केवल निर्धारित एवं अधिकृत स्थानों से ही आवागमन करना तथा सभी नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मालदा मंडल द्वारा यह अभियान एक निरंतर प्रक्रिया के रूप में आगे भी जारी रखा जाएगा, ताकि रेल सुरक्षा के प्रति जागरूकता को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया जा सके। मंडल ने यात्रियों एवं आमजन से अपील की है कि वे रेल परिसर में नियमों का पालन करें, अधिकृत मार्गों का ही उपयोग करें तथा सुरक्षा मानकों के प्रति सदैव सजग एवं उत्तरदायी बने रहें।