ब्यूरो। पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग की घटना से सनसनी फैल गई है। घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग संस्थान के बाहर जमा हो गए और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फायरिंग में एक सुरक्षा गार्ड के घायल होने की खबर है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
खान सर ने आरोप लगाया है कि इस घटना के पीछे कोचिंग संस्थानों की आपसी प्रतिस्पर्धा हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने पहले कर्मचारियों को धमकाया और फिर हमला किया। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी साजिश या प्रतिद्वंद्विता के एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों में दहशत का माहौल है।
रांची । 6 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक प्रस्तावित षष्ठम झारखंड विधानसभा के षष्ठम (मॉनसून) सत्र की तैयारियों एवं रणनीति को लेकर बुधवार को डॉ. श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान (एटीआई), रांची में सत्ता पक्ष के मंत्रियों एवं विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने की। इस दौरान आगामी मॉनसून सत्र के सफल, सार्थक एवं सुचारू संचालन को लेकर विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सरकार की ओर से सदन में प्रस्तुत किए जाने वाले मुद्दों, विपक्ष के संभावित सवालों के जवाब की तैयारी तथा जनहित से जुड़े विषयों पर समन्वित रणनीति बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों एवं विधायकों से विधानसभा सत्र के दौरान पूरी तैयारी के साथ सदन में उपस्थित रहने तथा सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कार्यों को प्रभावी ढंग से सदन के समक्ष रखने का आह्वान किया। बैठक में सत्र को व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक समन्वय और रणनीतिक पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
रांची। आगामी 06 अगस्त 2026 से प्रारंभ होने वाले षष्ठम झारखंड विधानसभा के षष्ठम (मॉनसून) सत्र के सफल, सुचारू एवं गरिमापूर्ण संचालन को लेकर आज झारखंड विधानसभा स्थित स्पीकर कक्ष में विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्र नाथ महतो की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन भी शामिल हुए। बैठक में मॉनसून सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही को लोकतांत्रिक परंपराओं एवं संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप संचालित किए जाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सदन की कार्यवाही के सुचारू संचालन हेतु सकारात्मक सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया। उक्त बैठक में संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, विधायक प्रदीप यादव, सुरेश पासवान, अरूप चटर्जी, जयराम कुमार महतो, निर्मल महतो सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के निदेशालय के द्वारा बुधवार को अरगड़ा क्षेत्र में एक दिवसीय समाधान शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक किया गया, जिसमें कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न सेवा संबंधी समस्याओं एवं शिकायतों को प्रबंधन के समक्ष रखा।
शिविर की अध्यक्षता समाधान प्रकोष्ठ के मुख्य प्रबंधक गौतम चौधरी ने की। इस अवसर पर अरगड़ा क्षेत्र के स्टाफ अधिकारी (मानव संसाधन एवं प्रशासन ) राजीव कुमार , मुख्य प्रबंधक (कार्मिक) तेजविंदर सिंह सहित ऋचा टाइटस (वरि प्रबंधक मानव संसाधन /नोडल अधिकारी समाधान सेल ) ,स्टाफ अधिकारी ( सिविल), सभी इकाईओं के मानव संसाधन अधिकारी एवं अन्य उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान कर्मचारियों द्वारा आवास (क्वार्टर) अनुरक्षण, पदोन्नति तथा अन्य सेवा संबंधी मामलों की समीक्षा की गईं। संवेदनशीलता एवं तत्परता का परिचय देते हुए अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर कर्मचारियों को तत्काल राहत प्रदान की। वहीं, जिन मामलों के समाधान हेतु विस्तृत प्रक्रिया आवश्यक थी, उन्हें नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई के लिए दर्ज किया गया।
यह पहल कर्मचारियों की शिकायतों के शीघ्र निस्तारण तथा पारदर्शी एवं उत्तरदायी कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में सीसीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
नेमरा (रामगढ़), 04 अगस्त। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर मंगलवार को उनके पैतृक क्षेत्र नेमरा-लुकैयाटांड़ में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर विकास मेला-सह-पारितोषिक वितरण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र को 105.2 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी गई।
मुख्यमंत्री के साथ विधायक कल्पना सोरेन, उनकी माता रूपी सोरेन, परिवार के अन्य सदस्य, राज्य सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
"आज का दिन पूरे झारखंड के लिए भावुक क्षण"
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज का दिन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड तथा आदिवासी, दलित, शोषित और पिछड़े समाज के लिए अत्यंत भावुक है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आज ही के दिन दिशोम गुरु शिबू सोरेन पंचतत्व में विलीन हुए थे। उनकी स्मृति को अमर बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास एवं संघर्ष से जोड़ने के उद्देश्य से लुकैयाटांड़ स्थित सोना-सोबरन +2 उच्च विद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है।
राज्य निर्माण और सामाजिक न्याय के संघर्ष को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु ने अलग झारखंड राज्य के सपने को साकार करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने राज्य की अस्मिता, सामाजिक न्याय और आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दी। उनका संघर्ष आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
एकजुटता ही समाज की सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को आज भी असामाजिक और विभाजनकारी ताकतों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, भाईचारा और आपसी सम्मान में निहित है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सही दिशा में आगे बढ़ें और समाज व राज्य के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं।
वीरों की धरती है झारखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, निर्मल महतो, विनोद बिहारी महतो और दिशोम गुरु शिबू सोरेन जैसे महान वीरों की भूमि है। इन महापुरुषों के संघर्ष और बलिदान की बदौलत झारखंड को नई पहचान मिली। उन्होंने कहा कि हमें अपने इतिहास, संस्कृति और महापुरुषों के आदर्शों को कभी नहीं भूलना चाहिए।
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम में मंत्री राधाकृष्ण किशोर, संजय प्रसाद यादव, दीपिका पांडेय सिंह, योगेंद्र प्रसाद, शिल्पी नेहा तिर्की, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक उमाकांत रजक, कुमार जयमंगल सिंह, अमित महतो, ममता देवी, पूर्व मंत्री बेबी देवी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
रांची। रांची ट्रैफिक पुलिस ने जुलाई महीने में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए रिकॉर्ड कार्रवाई की है। वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के निर्देश पर 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 1,20,197 चालान काटे गए, जबकि 1,015 मामलों में अभियोजन के लिए न्यायालय भेजा गया। इस कार्रवाई के तहत कुल 7 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया।
रांची ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अभियान के दौरान शहर के सभी यातायात थाना क्षेत्रों में दोपहिया, चारपहिया, ऑटो, टोटो और अन्य वाहनों की सघन जांच की गई। मोटरयान अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए ई-चालान जारी किए गए।
बिना हेलमेट और नो-पार्किंग बने सबसे बड़ी समस्या
जुलाई महीने में सबसे अधिक कार्रवाई बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ की गई। इस दौरान 51,055 चालान काटे गए। वहीं नो-पार्किंग और सड़क पर वाहन खड़ा करने के मामले में 56,032 चालान जारी किए गए, जो पूरे अभियान में सबसे अधिक रहे।
इसके अलावा रेड लाइट जंप करने पर 4,471, ओवर स्पीड पर 2,367, नो-एंट्री उल्लंघन पर 1,547, एक्स्ट्रा पैसेंजर बैठाने पर 710, रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर 648 तथा बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने पर 505 चालान काटे गए।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई
ट्रैफिक पुलिस ने 62 ड्रंक एंड ड्राइव मामलों में भी कार्रवाई की। इसके अलावा ट्रिपल राइडिंग के 64, प्रेशर हॉर्न के 115, बिना बीमा के 180, फैंसी नंबर प्लेट के 217, प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने के 252, मॉडिफाइड साइलेंसर के 101 और ब्लैक फिल्म लगाने के 24 मामलों में चालान जारी किए गए।
1,015 मामलों में कोर्ट में अभियोजन
सिर्फ चालान ही नहीं, बल्कि गंभीर उल्लंघनों के मामलों में ट्रैफिक पुलिस ने 1,015 मामलों को अभियोजन के लिए न्यायालय भेजा। इनमें 984 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द (डीएल कैंसिलेशन) की अनुशंसा, 17 ऑटो/टोटो तथा 14 नंबर प्लेट संबंधी मामले शामिल हैं।
यातायात नियमों के पालन की अपील
रांची ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए मोटरयान अधिनियम के सभी नियमों का पालन करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आगे भी विशेष जांच अभियान जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रांची/न्यू दिल्ली । झारखंड सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल पर मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली से झारखंड की एक वांछित महिला मानव तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। इस संयुक्त अभियान में मानव तस्करी की शिकार खूंटी जिले की एक नाबालिग बालिका को भी सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। यह कार्रवाई चाईबासा पुलिस, दिल्ली पुलिस, एक स्थानीय एनजीओ तथा झारखंड भवन, नई दिल्ली स्थित एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र के संयुक्त समन्वय से की गई।
गिरफ्तार महिला तस्कर के खिलाफ वर्ष 2023 से चाईबासा में मानव तस्करी के कई मामलों में प्राथमिकी दर्ज थी और न्यायालय द्वारा उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। आरोपी लंबे समय से फरार चल रही थी। चाईबासा पुलिस ने पहले भी कई बार दिल्ली जाकर उसे पकड़ने का प्रयास किया था, लेकिन सफलता नहीं मिली थी।
इस बार संयुक्त टीम ने सुनियोजित रणनीति के तहत पिछले दो-तीन दिनों तक आरोपी के संभावित ठिकानों की लगातार रेकी की। शनिवार सुबह करीब छह बजे पुलिस ने उसके ठिकाने पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से चाईबासा पुलिस को चार दिनों की रिमांड मिली है।
इसी अभियान के दौरान पुलिस ने एक अन्य मानव तस्कर को भी गिरफ्तार किया। उसके घर से खूंटी जिले की एक नाबालिग बालिका को बरामद किया गया, जिसे दिल्ली के सुभाष प्लेस थाना क्षेत्र से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। बालिका का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और फिलहाल उसे सुरक्षित गृह में रखा गया है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि उसके सुरक्षित पुनर्वास की आगे की कार्रवाई पूरी की जा सके।
महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने कहा कि मानव तस्करी के मामलों में विभाग की नीति जीरो टॉलरेंस की है। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी संयुक्त टीम बनाकर नई दिल्ली भेजें, ताकि पीड़ित महिलाओं और बच्चों को शीघ्र रेस्क्यू कर सुरक्षित उनके गृह जनपद पहुंचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि रेस्क्यू के बाद पीड़ित बच्चों और महिलाओं को झारखंड सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा तथा उनकी नियमित निगरानी भी की जाएगी, जिससे वे दोबारा मानव तस्करी के जाल में न फंसें।
विभाग के अनुसार, मानव तस्करी के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियानों के परिणामस्वरूप अब तक झारखंड के सैकड़ों बच्चों और महिलाओं को देश के विभिन्न राज्यों से सुरक्षित रेस्क्यू कर उनका सफल पुनर्वास कराया जा चुका है। साथ ही उन्हें सामाजिक सुरक्षा और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया गया है।
उल्लेखनीय है कि झारखंड भवन, नई दिल्ली स्थित एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र मानव तस्करी एवं अन्य संकटग्रस्त परिस्थितियों में फंसी महिलाओं और बच्चों के संरक्षण, बचाव, पुनर्वास एवं सुरक्षित गृह वापसी के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। यह पूरी कार्रवाई झारखंड भवन के स्थानिक आयुक्त अरवा राजकमल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
रांची: राज्य के चर्चित शराब प्रकरण की जांच में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच के महत्वपूर्ण चरण में एसीबी ने तीन प्रमुख व्यक्तियों को 6 अगस्त 2026 को पूछताछ के लिए पुनः समन जारी किया है। एजेंसी का कहना है कि दस्तावेजी साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और विभिन्न व्यक्तियों के बयानों के पारस्परिक सत्यापन के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
एसीबी ने बताया कि पूर्व में जारी नोटिस का पालन नहीं करने के कारण श्यामजी शरण को एक बार फिर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। उन्हें 6 अगस्त को जांच में सहयोग करते हुए आवश्यक जानकारी और अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है।
वहीं, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के पूर्व प्रबंध निदेशक तथा छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के पूर्व विशेष सचिव अरुण पति त्रिपाठी को भी दोबारा पूछताछ के लिए समन जारी किया गया है। एसीबी उनके पूर्व बयानों, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान करेगी।
इसी क्रम में Nexgen Solution Pvt. Ltd. के सीईओ अरुण कुमार सिंह को भी पुनः तलब किया गया है। उनसे कंपनी की भूमिका, उससे जुड़े अनुबंधों, वित्तीय लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थाओं के साथ कारोबारी संबंधों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
एसीबी के अनुसार 6 अगस्त को होने वाली पूछताछ का उद्देश्य केवल बयान दर्ज करना नहीं है, बल्कि दस्तावेजी साक्ष्यों, डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और पहले दर्ज बयानों का मिलान कर पूरे घटनाक्रम की वास्तविक कड़ी स्थापित करना है।
एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान उपलब्ध प्रत्येक तथ्य और साक्ष्य का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से सत्यापन किया जा रहा है। एसीबी का दावा है कि जांच पूरी तरह तथ्यपरक, पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है।
रांची : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 79 कैदियों की रिहाई से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। गहन समीक्षा के बाद 26 कैदियों की रिहाई पर सहमति बनी।
बैठक में राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद द्वारा अनुशंसित 37 नए मामलों के साथ-साथ पिछली बैठकों में अस्वीकृत 42 मामलों पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ पात्रता, जेल में आचरण, सजा की अवधि, कानूनी प्रावधान, न्यायालय की टिप्पणियां, संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक, जेल अधीक्षक एवं प्रोबेशन पदाधिकारियों की रिपोर्ट सहित सभी पहलुओं की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी प्रमंडलों में ओपन जेल स्थापित करने के लिए भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जेल से रिहा होने वाले व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है और उनके पुनर्वास तथा सम्मानजनक जीवन-यापन के लिए हरसंभव सहयोग सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार न्याय व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं और सुधारात्मक दृष्टिकोण को भी समान महत्व दे रही है। उन्होंने मानसिक रूप से बीमार बंदियों का डाटाबेस तैयार कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने का भी निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून और नियमों के अनुरूप रिहा हुए व्यक्तियों को समाज में नई शुरुआत का अवसर मिलना चाहिए, जिससे उनके पुनर्वास के साथ-साथ सामाजिक समरसता भी मजबूत होगी।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, डीजीपी तदाशा मिश्रा, प्रधान सचिव-सह-विधि परामर्शी नीरज कुमार श्रीवास्तव, महानिरीक्षक कारा एवं सुधारात्मक सेवाएं सुदर्शन प्रसाद मंडल, न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रांची : सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने मानव संसाधन प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए मानव संसाधन (HR) अधिकारियों के लिए "मानव संसाधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका" विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस प्रशिक्षण में सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों और मुख्यालय से लगभग 50 मानव संसाधन अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन सीसीएल के निदेशक (तकनीकी/संचालन) सी.एस. तिवारी ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के संकाय देशबंधु मिश्रा तथा महाप्रबंधक (एचआरडी) एम.एफ. हक भी उपस्थित रहे।
महाप्रबंधक (एचआरडी) एम.एफ. हक ने अपने संबोधन में कहा कि आज के बदलते कार्य परिवेश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली उपकरण बन चुकी है। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन अधिकारियों के लिए AI की कार्यप्रणाली को समझना और उसके प्रभावी उपयोग के लिए स्वयं को तैयार करना समय की आवश्यकता है।
वहीं, निदेशक (तकनीकी/संचालन) सी.एस. तिवारी ने कहा कि AI तकनीक मानव संसाधन प्रबंधन को अधिक दक्ष, तेज और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि AI के उपयोग के साथ जुड़े नैतिक पहलुओं, संभावित चुनौतियों और ग्रे-एरिया पर गंभीरता से विचार करना आवश्यक है, ताकि इसका उपयोग जिम्मेदारी और संतुलन के साथ किया जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने AI के विभिन्न आयामों, मानव संसाधन प्रबंधन में इसके व्यावहारिक उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों ने भी सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने अनुभव, सुझाव और जिज्ञासाएं साझा कीं। सीसीएल का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम डिजिटल युग में मानव संसाधन प्रबंधन को तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
रांची: झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने आज रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में राज्य स्तरीय झारखंड इनक्यूबेटर प्रोग्राम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने झारखंड इनक्यूबेटर प्रोग्राम की आधिकारिक वेबसाइट और ठाकुर गंगटी मँडरो सखी सिल्क हैंडलूम वीवर्स की वेबसाइट का भी लोकार्पण किया।
इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि अब तक झारखंड की पहचान मुख्य रूप से खनिज संपदा के लिए होती रही है, लेकिन राज्य की महिलाओं ने अपनी मेहनत, कौशल और आत्मविश्वास के बल पर यह साबित किया है कि वे सफल उद्यमी बनने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन महिलाओं की प्रतिभा को पहचान दिलाना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल 150 उद्यमों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उद्देश्य पूरे राज्य में महिला उद्यमिता का मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की योजना आने वाले समय में और अधिक नॉलेज पार्टनर्स को जोड़कर इस पहल का विस्तार करने की है, ताकि JSLPS से जुड़े 1.54 लाख से अधिक उद्यमों को चरणबद्ध तरीके से बेहतर बाजार, तकनीक, प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।
मंत्री ने कहा कि "हमारा राज्य अभी केवल 25 वर्ष पुराना है। लंबे समय तक हमने बुनियादी आवश्यकताओं और विकास की चुनौतियों का सामना किया है। अब समय आ गया है कि झारखंड केवल खनिजों के लिए नहीं, बल्कि अपने नवाचार, महिला उद्यमिता और सफल ग्रामीण एंटरप्राइजेज के लिए भी देशभर में पहचाना जाए।" उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में 10,000 से अधिक ऐसे उद्यम हैं जो उपलब्ध संसाधनों के साथ उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। इन्हीं महिलाओं के प्रयासों से पलाश और आजीविका जैसे ब्रांड राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। सरकार इन सफल मॉडलों को और सशक्त बनाकर राज्य में लाखों महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ना चाहती है।
दीपिका पांडेय सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि IIM कोलकाता इनोवेशन पार्क के तकनीकी सहयोग, JSLPS के मजबूत नेटवर्क तथा राज्य सरकार की प्रतिबद्धता से झारखंड महिला-नेतृत्व वाली ग्रामीण उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी अलग पहचान बनाएगा।
झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और IIM कलकत्ता इनोवेशन पार्क (IIMCIP) के सहयोग से संचालित यह तीन वर्षीय राज्यव्यापी कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा संचालित सूक्ष्म एवं नैनो उद्यमों को पहचान, प्रशिक्षण, मेंटोरिंग, वित्तीय सहायता, बाजार से जुड़ाव, ब्रांडिंग तथा औपचारिक स्वरूप प्रदान कर उन्हें प्रतिस्पर्धी एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के प्रथम चरण में 150 महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों का चयन कर उन्हें तीन वर्षों तक व्यापक इनक्यूबेशन सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें व्यवसाय का मूल्यांकन, मेंटोरिंग, क्षमता निर्माण, प्रमाणन, वित्तीय एवं बाजार से जुड़ाव, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स, ब्रांडिंग और व्यवसाय विस्तार जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। कार्यक्रम के तहत रांची में एक केंद्रीय हब तथा संभागीय स्तर पर पाँच क्षेत्रीय स्पोक स्थापित किए जाएंगे, जिससे पूरे राज्य में उद्यमियों तक अंतिम छोर (Last Mile) तक गुणवत्तापूर्ण सहायता पहुंचाई जा सके। इस मौके पर विभागीय सचिव मनोज कुमार, जेएसएलपीएस सीईओ अनन्य मित्तल, झारक्राफ्ट एमडी गरिमा सिंह, अटल इनोवेशन मिशन के डायरेक्टर हिमांशु जोशी सहित विभागीय अधिकारी और महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं मौजूद रही.
सखी सिल्क को लेकर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा*
हमने सखी सिल्क का वेब पोर्टल लॉन्च किया है। इसके माध्यम से ठाकुरगंगटी के भगैया सिल्क बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हमारी दीदियों को एक मजबूत प्लेटफॉर्म मिलेगा। एफपीओ के माध्यम से उनके उत्पाद लिए जाएंगे, उनकी ब्रांडिंग सखी सिल्क के तहत की जाएगी और उन्हें पलाश एवं अदिवा स्टोर्स के माध्यम से भी बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। यह हमारे लिए लंबे समय से एक सपना था कि झारखंड के सिल्क को उसकी वास्तविक पहचान मिले। अब तक भगैया सिल्क को लोग भागलपुर सिल्क के नाम से जानते थे, जबकि इसके असली बुनकर गोड्डा और दुमका के विभिन्न प्रखंडों में हैं। जीआई टैग मिलने के बाद अब इन बुनकरों और हमारी महिला दीदियों को उनकी मेहनत का उचित सम्मान और पहचान मिलेगी।मुझे पूरा विश्वास है कि यह पहल न केवल भगैया सिल्क को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाएगी, बल्कि हमारे बुनकर परिवारों और महिला उद्यमियों की आय बढ़ाने के साथ-साथ झारखंड की पारंपरिक हस्तशिल्प विरासत को भी नई पहचान दिलाएगी।