कोलकाता। गुरुवार को गीतिका पाण्डेय, महाप्रबंधक, पूर्व रेलवे ने हावड़ा स्टेशन पर आयोजित एक कार्यक्रम में ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता, पर्यावरणीय स्थिरता तथा जनभागीदारी के प्रति पूर्व रेलवे की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम के दौरान सुश्री पाण्डेय ने सफाई मित्रों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट वितरित किए। इस पहल के माध्यम से रेलवे परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्वच्छता कर्मियों की व्यावसायिक सुरक्षा, गरिमा एवं कल्याण के महत्व को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में शीलेन्द्र प्रताप सिंह, अपर महाप्रबंधक, पूर्व रेलवे; परमानंद शर्मा, प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर; अन्य प्रधान विभागाध्यक्ष; हावड़ा मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक तथा विभिन्न विभागों और मंडलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
भारतीय रेल द्वारा ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष अभियान की थीम “स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत” है, जो स्वच्छ एवं विकसित भारत के निर्माण में सामूहिक भागीदारी और साझा जिम्मेदारी पर बल देती है।
अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों का रूपांतरण तथा अधिक आवागमन वाले सार्वजनिक स्थलों की सफाई; ‘स्वच्छ पाठशाला – युवा फॉर स्वच्छता’ के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं की भागीदारी; ‘सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविरों’ के माध्यम से स्वच्छता कर्मियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं कल्याण संबंधी पहल; व्यापक जनभागीदारी; चार-तरफा स्रोत पृथक्करण एवं जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देना; तथा ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ और अन्य सर्कुलर इकोनॉमी पहलों को प्रोत्साहित करना शामिल है।
सफाई मित्रों एवं स्वच्छता कर्मियों के लिए निवारक स्वास्थ्य जांच, पात्र कर्मियों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने, पीपीई एवं सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने, उनके योगदान को सम्मानित करने तथा पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
हावड़ा स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान ई-कचरा प्रबंधन विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इसका उद्देश्य यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों तथा अन्य हितधारकों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के अनुचित निपटान से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव के प्रति जागरूक करना था। नाटक के माध्यम से ई-कचरे के पृथक्करण, जिम्मेदार संग्रहण तथा पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए इसके वैज्ञानिक निपटान के महत्व को रेखांकित किया गया।
पूर्व रेलवे में विभिन्न समन्वित अभियानों के माध्यम से स्वच्छता संबंधी गतिविधियां निरंतर जारी रहेंगी। स्वच्छता पखवाड़ा-2026 का आयोजन 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर, 2026 तक, जबकि विशेष अभियान 6.0 का आयोजन 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक किया जाएगा। इन अभियानों के दौरान निरंतर स्वच्छता एवं सैनिटेशन, अपशिष्ट प्रबंधन, रेलवे परिसरों में सुधार, ई-कचरे के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण एवं निपटान तथा स्वच्छता संबंधी कार्यप्रणालियों को संस्थागत रूप देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुश्री गीतिका पाण्डेय, महाप्रबंधक, पूर्व रेलवे ने रेलवे कर्मचारियों, यात्रियों एवं सभी हितधारकों से स्वेच्छा से स्वच्छता अभियान में भाग लेने और ‘स्वच्छता’ को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छता केवल किसी अभियान या निर्धारित अवधि तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे निरंतर सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने रेलवे कर्मचारियों एवं यात्रियों से स्टेशनों, ट्रेनों तथा अन्य रेलवे परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार को सक्रिय रूप से अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एक स्वच्छ रेलवे पारिस्थितिकी तंत्र एक हरित, स्वस्थ और सतत भविष्य के निर्माण में योगदान देगा।
यह उल्लेखनीय है कि राष्ट्रव्यापी स्वच्छता आंदोलन का आह्वान 15 अगस्त, 2014 को लाल किले की प्राचीर से किया गया था, जिसके पश्चात 2 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन का शुभारंभ हुआ। तब से स्वच्छता संबंधी पहलों में जनभागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी पर लगातार अधिक जोर दिया गया है।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा, “स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि साझा और निरंतर जिम्मेदारी है। पूर्व रेलवे रेलवे कर्मचारियों, सफाई मित्रों, यात्रियों और अन्य हितधारकों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार रेलवे परिसरों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। हम सभी से अपील करते हैं कि स्वच्छता बनाए रखने, उचित अपशिष्ट पृथक्करण का पालन करने और पर्यावरण-अनुकूल आदतों को अपनाकर इस सामूहिक प्रयास में सहयोग करें। प्रत्येक जिम्मेदार कदम एक स्वच्छ रेलवे और अधिक सतत भविष्य की दिशा में योगदान देता है।”