रांची। नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता गृह मंत्रालय, भारत सरकार की संयुक्त सचिव (आंतरिक सुरक्षा-11) एवं झारखंड की महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक ने की।
बैठक में , तथा के विभिन्न प्रावधानों के अनुपालन की समीक्षा की गई। साथ ही अनुसंधान के दौरान साक्ष्य संकलन के लिए ई-साक्ष्य ऐप के प्रभावी एवं सकारात्मक उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
संयुक्त सचिव निष्ठा तिवारी ने जिलों द्वारा ई-साक्ष्य ऐप के उपयोग में आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत कांडों का अनुसंधान निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए तथा वैज्ञानिक अनुसंधान को सुदृढ़ करने हेतु फॉरेंसिक टीमों की सक्रिय सहायता ली जाए।
बैठक में साइबर क्राइम, काउंटर टेररिज्म, ड्रग कंट्रोल, डिजास्टर मैनेजमेंट, पुलिस आधुनिकीकरण तथा विदेशी नागरिकों से संबंधित मामलों पर भी व्यापक चर्चा हुई। इन विषयों से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्यप्रणाली एवं दक्षता की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर गृह मंत्रालय एवं झारखंड पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, विशेष शाखा, प्रशिक्षण, अभियान, प्रोविजन, आपराधिक अन्वेषण विभाग सहित विभिन्न इकाइयों के पुलिस महानिरीक्षक एवं उप-महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, डायरेक्टोरेट ऑफ प्रोसिक्युशन, हेल्थ सर्विस एवं अन्य संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध अनुसंधान तथा तकनीकी साक्ष्यों के बेहतर उपयोग से राज्य में विधि-व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा।