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JSSC-CGL और CDPO रिजल्ट रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक, चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत
August 21, 2026 | 184 Views
JSSC-CGL और CDPO रिजल्ट रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक, चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत

रांची। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसके तहत JSSC-CGL और CDPO परीक्षा के परिणाम/नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया गया था। हाईकोर्ट के इस फैसले से इन परीक्षाओं के जरिए चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।

राज्य सरकार ने हाल ही में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की जांच के आधार पर कई परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में JSSC-CGL परीक्षा और CDPO भर्ती भी रद्द करने का आदेश जारी किया गया था। सरकार के इस फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थियों में भारी असंतोष था और वे अपनी नियुक्तियों को बचाने के लिए न्यायालय की शरण में पहुंचे थे।

हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक

शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार के रद्दीकरण संबंधी आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए चयनित अभ्यर्थियों को तत्काल राहत दी। अदालत ने सरकार से इस मामले में जवाब भी मांगा है। रिपोर्टों के अनुसार अगली सुनवाई 24 अगस्त को होने की बात सामने आई है।

अदालत की इस कार्रवाई का अहम पहलू यह है कि जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास कर नियुक्ति हासिल की थी, उनकी नियुक्ति को केवल व्यापक जांच के आधार पर समाप्त करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए। हाईकोर्ट की कार्यवाही में प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) के सिद्धांत को महत्वपूर्ण माना गया है।

करीब दो हजार चयनित अभ्यर्थियों को राहत

JSSC-CGL को लेकर सरकार के रद्दीकरण आदेश के बाद करीब 2,000 चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य पर अनिश्चितता पैदा हो गई थी। अभ्यर्थियों का कहना था कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सभी सफल अभ्यर्थियों को एक साथ दोषी मानकर उनकी नौकरी खत्म करना उचित नहीं है।

वहीं CDPO भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों को भी हाईकोर्ट के आदेश से राहत मिली है। एक रिपोर्ट के अनुसार JSSC-CGL और CDPO भर्ती के जरिए चयनित कुल 1,932 अभ्यर्थियों को इस न्यायिक हस्तक्षेप से तत्काल राहत मिली है।

सरकार के फैसले के बाद बढ़ा था विवाद

झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर व्यापक कार्रवाई का फैसला लिया था। सरकार ने JSSC-CGL समेत कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और पुरानी परीक्षाओं की जांच कराने की घोषणा की थी। इसके बाद एक तरफ परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे आंदोलनकारी छात्रों में संतोष दिखा, तो दूसरी तरफ पहले से चयनित अभ्यर्थियों ने नौकरी बचाने के लिए आंदोलन और कानूनी लड़ाई शुरू कर दी।

अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद मामला पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में आ गया है। सरकार को अदालत के सामने अपना पक्ष और रद्दीकरण के आधार स्पष्ट करने होंगे। अंतिम फैसला आने तक JSSC-CGL और CDPO से जुड़े चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।

छात्रों और चयनित अभ्यर्थियों के बीच फिर बढ़ सकता है टकराव

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद भर्ती परीक्षा विवाद का अगला चरण और महत्वपूर्ण हो गया है। एक ओर परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच और निष्पक्ष भर्ती की मांग करने वाले छात्र संगठन हैं, वहीं दूसरी ओर वर्षों की मेहनत के बाद चयनित होकर नौकरी पाने वाले अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई और सरकार के जवाब पर टिकी हैं। हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि JSSC-CGL और CDPO नियुक्तियों को लेकर आगे की कानूनी स्थिति क्या बनती है। फिलहाल इतना साफ है कि सरकार के रद्दीकरण आदेश पर लगी हाईकोर्ट की रोक ने हजारों चयनित अभ्यर्थियों को तत्काल बड़ी राहत दी है।


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