रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच CID ने सोमवार को JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उस समय हुई है, जब रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज है।
रिपोर्टों के अनुसार, CID की जांच में परीक्षा संचालन से जुड़ी TDPL कंपनी को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए हैं। आरोप है कि ब्लैकलिस्टेड कंपनी को नियमों को दरकिनार कर परीक्षा संचालन का काम दिया गया था। CID ने खियांग्ते से पहले कई चरणों में पूछताछ भी की थी।
छात्रों के आंदोलन के बीच बड़ा एक्शन
खियांग्ते की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब सोमवार को JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर हजारों छात्र विधानसभा घेराव के लिए रांची पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी और पुलिस ने वाटर कैनन तथा आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
यानी एक तरफ विधानसभा के बाहर छात्रों का उग्र प्रदर्शन और दूसरी तरफ JPSC के पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी—झारखंड में परीक्षा विवाद ने अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक रूप ले लिया है।
क्या लगा है आरोप
जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते पर टेंडर दने का 2 करोड़ रु एवं 20 प्रतिशत कमीशन लेने की बात सामने आई है।
रांची । मोरहाबादी मैदान में आयोजित दो दिवसीय झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सभी राज्यवासियों को विश्व आदिवासी दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए जोहार से अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस को हम सभी जानते हैं। पूरे आदिवासी समाज को आज के इस दिवस को यादगार बनाने के का इंतजार रहता है। धरती पर आदिवासी समाज की अलग पहचान है। इसे अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए इस आदिवासी महोत्सव की शुरुआत हुई है। उन्होंने महोत्सव के लिये सभी लोगों के सहयोग व आशीर्वाद प्राप्त होने का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने राज्य के माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार जी की गरिमामयी उपस्थिति को समारोह की विशेष गरिमा और आदिवासी समाज के गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि हमारे लिए राज्यपाल महोदय केवल राज्य के राज्यपाल ही नहीं, बल्कि आदिवासी समुदाय के मार्गदर्शक और सर्वमान्य नेतृत्वकर्ता के रूप में हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल (टीएसी) राज्यपाल महोदय की छत्रछाया और मार्गदर्शन में कार्य करती है। टीएसी के माध्यम से आदिवासी समुदाय के हितों की रक्षा, उनके समग्र विकास और कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाती है। साथ ही, आदिवासी समाज के विकास के साथ-साथ पूरे समाज की प्रगति और भविष्य की दिशा तय करने में भी टीएसी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा एवं जीवनशैली को सामने लाने का प्रयास*
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के आदिवासी दिवस को पूरे देश और दुनिया में आदिवासी समाज अपने-अपने तरीके से यादगार बनाने में जुटा हुआ है। झारखंड में भी पिछले कुछ वर्षों से इस अवसर पर छोटे-बड़े विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजित करके आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मोरहाबादी के पूरे मैदान में देश और राज्य के विभिन्न हिस्सों में निवास करने वाले आदिवासी समुदायों की विविधता और सांस्कृतिक झलक देखने को मिल रही है। आयोजन स्थल पर पंडाल लगाए गए हैं, जहां हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग अपनी जीवनशैली, कला, संस्कृति, परंपरा और आजीविका के साधनों को प्रदर्शित कर रहे हैं। यह आयोजन हमें यह भी दिखाता है कि किस तरह आदिवासी समाज अपनी पारंपरिक पहचान को संजोते हुए विकास और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन में केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से भी आदिवासी समुदाय के लोग शामिल हुए हैं। कलाकारों, कारीगरों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की सहभागिता ने इस आयोजन को और भी अधिक व्यापक स्वरूप प्रदान किया है। उनके हुनर, परंपरा और अनुभवों के माध्यम से एक मजबूत और बेहतर रास्ते की तलाश में आगे बढ़ते आदिवासी समाज की तस्वीर यहां देखने को मिल रही है। इस अवसर पर राज्य में विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों के माध्यम से आदिवासी समाज की समृद्ध विरासत को सम्मान और सशक्तिकरण का प्रदर्शन हो रहा है।
*झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता के प्रति राज्य सरकार संवेदनशील*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज राज्य विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम से मना रही है, वहीं हमारे कुछ युवा, नौजवान और छात्र-छात्राएं अपनी कुछ मांगों और अधिकारों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार खुले मन से उनकी बातें सुन रही है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझने का प्रयास कर रही है। हर समस्या का समाधान संवाद से संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि इतनी बड़ी व्यवस्था का संचालन करते हुए भी सरकार की मंशा राज्य के सवा तीन करोड़ लोगों के प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करने की है। गांव में रहने वाला व्यक्ति हो या शहर में रहने वाला, किसान हो या मजदूर, महिला हो या पुरुष, पढ़ा-लिखा नौजवान हो या कम पढ़ा-लिखा अथवा अशिक्षित व्यक्ति—सरकार सभी की चिंता करती है और सबके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिस विषय को लेकर राज्य के नौजवान अपने अधिकार की आवाज उठा रहे हैं, वह उनकी जागरूकता और अपने हक के लिए खड़े होने के साहस को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नौजवानों ने हिम्मत इसलिए जुटाई है, क्योंकि उन्हें विश्वास है कि उनके साथ न्याय होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि मेरे संज्ञान में गड़बड़ी सामने आई है, उसकी जांच होगी, नौजवानों को न्याय मिलेगा और जिन लोगों ने गड़बड़ी की है, उन्हें कठोर से कठोर सजा दी जाएगी। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए धरती पुत्र की भांति कहा कि आप विश्वास रखिए, हम इसी मिट्टी में जन्मे हैं और इसी मिट्टी में दफन भी होंगे। इसलिए हम आपके साथ गलत नहीं होने देंगे।
*संवाद से हर समस्या का समाधान संभव, दिग्भ्रमित नहीं हों युवा*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि इस पूरे विषय को राजनीतिक रूप से देखने की आवश्यकता नहीं है, और न ही युवाओं को किसी राजनीतिक छत्रछाया की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बड़ी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पालते हैं और राजनीतिक दलों का इस्तेमाल कर युवा पीढ़ी को अपने हित में इस्तेमाल करने का रास्ता अख्तियार करते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से नौजवानों से कहा कि वे विद्यार्थी हैं, उनका अपना अधिकार है और उन्हें उनका अधिकार एवं न्याय मिलना चाहिए। यह जिम्मेदारी सरकार की है और सरकार इसे पूरा करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरे देश में अलग-अलग तरीके से राजनीतिक दलों की नजर युवा पीढ़ी पर है। किस तरह युवाओं को सही और गलत तथ्यों के बीच दिग्भ्रमित किया जाए, इसके लिए बड़े पैमाने पर प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें केवल सामान्य लोग ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े विद्वान, पढ़े-लिखे और ज्ञानी लोग भी शामिल हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी बात सरकार के समक्ष पूरी स्पष्टता और निर्भीकता के साथ रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब केवल आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से ही8 युवाओं की बातें सुनने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन युवाओं तक भी पहुंचने का प्रयास कर रही है, जो घर बैठे अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं को लेकर चिंतित हैं। इसके लिए सरकार ने संवाद का माध्यम भी बनाया है।
*व्यक्ति अमीर हो या गरीब, संविधान सभी को बराबरी का अधिकार देता है*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश को जो संविधान दिया है, वह देश में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को समान अधिकार प्रदान करता है। व्यक्ति अमीर हो या गरीब, संविधान सभी को बराबरी का अधिकार देता है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के 75 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद समाज में असमानता पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी है। आने वाले वर्षों में देश आजादी की शताब्दी की ओर बढ़ेगा, लेकिन आज भी समाज के विभिन्न वर्गों के बीच बड़ी असमानताएं मौजूद हैं। समाज, राज्य और देश में आर्थिक एवं सामाजिक असमानताएं जितनी बढ़ेंगी, तनाव भी उतना ही बढ़ेगा। इसलिए इन असमानताओं को दूर करना और सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराना समय की बड़ी आवश्यकता है।
*झारखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि वीरों की भूमि है*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज लोकतंत्र की मूल भावना को चुनौती देने के लिए भी एक बड़ा समूह पूरी ताकत और शिद्दत के साथ प्रयासरत है। हालांकि, झारखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि वीरों की भूमि है। यह वह धरती है, जहां देश के बड़े हिस्से में आजादी का सपना देखने की शुरुआत भी नहीं हुई थी, उस समय से झारखंड के वीर पूर्वज अपने अधिकार, अस्मिता और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करते रहे हैं। संघर्ष की यह परंपरा आज भी जारी है। उन्होंने कहा कि झारखंड को अलग राज्य बने 25 वर्ष हो चुके हैं और इन वर्षों में राज्य ने अपने पैरों पर खड़े होने तथा अपनी अलग पहचान स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब झारखंड को केवल संसाधनों के दोहन के लिए एक चारागाह की तरह देखा गया, लेकिन आज जब यह राज्य अपनी ताकत और क्षमता के साथ आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है, तो यह बात कई लोगों को स्वीकार नहीं हो रही है।
*युवाओं को सजग रहने की आवश्यकता*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य की प्रगति और उसकी बढ़ती ताकत को रोकने के लिए कभी चेहरा छिपाकर, कभी चेहरा बदलकर और कभी पर्दे के पीछे से गलत संदेश देने तथा लोगों को दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे प्रयासों के प्रति समाज और विशेषकर युवाओं को सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान बातचीत और लोकतांत्रिक तरीके से निकाला जा सकता है। सीमाओं पर देश के दुश्मनों से मुकाबला अलग विषय है, लेकिन देश के भीतर रहने वाले अपने ही लोगों के साथ लाठी-डंडे के बल पर किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।
*युवाओं, विद्यार्थियों का पारदर्शिता के साथ होगा न्याय*
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं, विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि वे स्वयं को युवाओं से अलग नहीं मानते। आपकी भावनाएं और सभी की चिंताएं उनकी चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि आज संवैधानिक जिम्मेदारी के स्थान पर रहते हुए वे युवाओं को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उनके साथ पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय होगा और न्याय केवल होगा ही नहीं, बल्कि होता हुआ दिखाई भी देगा।
*आदिवासी महोत्सव गौरवशाली विरासत, संघर्ष और पहचान को याद करने का अवसर*
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि अपनी गौरवशाली विरासत, संघर्ष और पहचान को याद करने का अवसर है। उन्होंने कामना की कि यह महोत्सव यादगार और प्रेरणादायक बने तथा आदिवासी समाज अपने गौरव और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे ऐसे वीर सपूतों के वंशज हैं, जिन्होंने अपने हक-अधिकार और जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया। जल, जंगल और जमीन केवल उनके जीवन के संसाधन नहीं, बल्कि उनके जीवन की शुरुआत से लेकर अंत तक उनकी संस्कृति और अस्तित्व से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि आज उन्हें गर्व है कि वे आदिवासी हैं।
*मुख्यमंत्री ने जताया आभार*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आदिवासी महोत्सव में सशरीर एवं अन्य माध्यमों से उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार जताया।
*इनकी रही उपस्थिति..*
इस अवसर पर राज्य के मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, सांसद राज्यसभा श्रीमती महुआ माजी, विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन, विधायक श्री अमित महतो, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव श्रीमती वंदना दादेल, अपर मुख्य सचिव श्री नितिन मदन कुलकर्णी सहित अन्य गणमान्य अतिथिगण, राज्य सरकार के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोग उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आदिवासी महोत्सव में सशरीर एवं अन्य माध्यमों से उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार जताया।
इनकी रही उपस्थिति..
इस अवसर पर राज्य के मंत्री राधा कृष्ण किशोर, सांसद राज्यसभा महुआ माजी, विधायक कल्पना सोरेन, विधायक अमित महतो, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, अपर मुख्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी सहित अन्य गणमान्य अतिथिगण, राज्य सरकार के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोग उपस्थित थे।
रांची:- झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JFFDCL) द्वारा आगामी आदिवासी महोत्सव-2026 के तहत 9 अगस्त को मोराबादी मैदान, रांची में विशेष फिल्म फेस्टिवल एवं मास्टर क्लास का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर राज्य के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को फिल्म निर्माण, दृश्य कथानक (विजुअल स्टोरीटेलिंग) और मीडिया उद्योग की बारीकियों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
इस संबंध में झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के कुलपति को पत्र भेजकर कार्यक्रम में सहभागिता का आमंत्रण दिया है। साथ ही विश्वविद्यालय से जनसंचार, पत्रकारिता, मीडिया स्टडीज, फिल्म स्टडीज, परफॉर्मिंग आर्ट्स, विजुअल कम्युनिकेशन एवं संबंधित विषयों के कम से कम 50 विद्यार्थियों को नामित कर कार्यक्रम में भेजने का अनुरोध किया गया है।
फिल्म फेस्टिवल के दौरान आदिवासी जीवन, स्वदेशी संस्कृति, सामाजिक सरोकारों और उत्कृष्ट सिनेमा पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं "फिल्म मेकिंग एंड करियर ऑपर्च्युनिटीज इन द फिल्म इंडस्ट्री" विषय पर विशेष मास्टर क्लास आयोजित होगी। इसका संचालन सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के विशेषज्ञ एवं प्राध्यापक करेंगे।
मास्टर क्लास में प्रतिभागियों को फिल्म निर्माण की मूलभूत तकनीक, विजुअल स्टोरीटेलिंग, पटकथा लेखन, निर्देशन, सिनेमैटोग्राफी, संपादन, साउंड डिजाइन तथा फिल्म, टेलीविजन, ओटीटी और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में उभरते करियर अवसरों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही सिनेमा एवं मीडिया के क्षेत्र में उच्च शिक्षा और रोजगार की संभावनाओं पर भी विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।
झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन का मानना है कि यह कार्यक्रम युवाओं को फिल्म एवं मीडिया उद्योग की व्यावहारिक समझ विकसित करने के साथ-साथ रचनात्मक अभिव्यक्ति के नए अवसर प्रदान करेगा। आदिवासी महोत्सव के दौरान आयोजित यह पहल राज्य के युवा मीडिया एवं फिल्म विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सीखने और करियर निर्माण का मंच साबित होगी। ज्ञात हो कि विगत 22 जुलाई को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में झारखंड राज्य फिल्म विकास निगम एवं सत्यजीत रे फिल्म इंस्टीट्यूट कोलकाता के बीच स्थानीय सूचना भवन में फिल्म इंस्टीट्यूट की स्थापना को लेकर एमओयू (MoU) हस्ताक्षरित किया गया था।
रांची । 6 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक प्रस्तावित षष्ठम झारखंड विधानसभा के षष्ठम (मॉनसून) सत्र की तैयारियों एवं रणनीति को लेकर बुधवार को डॉ. श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान (एटीआई), रांची में सत्ता पक्ष के मंत्रियों एवं विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने की। इस दौरान आगामी मॉनसून सत्र के सफल, सार्थक एवं सुचारू संचालन को लेकर विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सरकार की ओर से सदन में प्रस्तुत किए जाने वाले मुद्दों, विपक्ष के संभावित सवालों के जवाब की तैयारी तथा जनहित से जुड़े विषयों पर समन्वित रणनीति बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों एवं विधायकों से विधानसभा सत्र के दौरान पूरी तैयारी के साथ सदन में उपस्थित रहने तथा सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कार्यों को प्रभावी ढंग से सदन के समक्ष रखने का आह्वान किया। बैठक में सत्र को व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक समन्वय और रणनीतिक पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
रांची। आगामी 06 अगस्त 2026 से प्रारंभ होने वाले षष्ठम झारखंड विधानसभा के षष्ठम (मॉनसून) सत्र के सफल, सुचारू एवं गरिमापूर्ण संचालन को लेकर आज झारखंड विधानसभा स्थित स्पीकर कक्ष में विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्र नाथ महतो की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन भी शामिल हुए। बैठक में मॉनसून सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही को लोकतांत्रिक परंपराओं एवं संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप संचालित किए जाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सदन की कार्यवाही के सुचारू संचालन हेतु सकारात्मक सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया। उक्त बैठक में संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, विधायक प्रदीप यादव, सुरेश पासवान, अरूप चटर्जी, जयराम कुमार महतो, निर्मल महतो सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के निदेशालय के द्वारा बुधवार को अरगड़ा क्षेत्र में एक दिवसीय समाधान शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक किया गया, जिसमें कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न सेवा संबंधी समस्याओं एवं शिकायतों को प्रबंधन के समक्ष रखा।
शिविर की अध्यक्षता समाधान प्रकोष्ठ के मुख्य प्रबंधक गौतम चौधरी ने की। इस अवसर पर अरगड़ा क्षेत्र के स्टाफ अधिकारी (मानव संसाधन एवं प्रशासन ) राजीव कुमार , मुख्य प्रबंधक (कार्मिक) तेजविंदर सिंह सहित ऋचा टाइटस (वरि प्रबंधक मानव संसाधन /नोडल अधिकारी समाधान सेल ) ,स्टाफ अधिकारी ( सिविल), सभी इकाईओं के मानव संसाधन अधिकारी एवं अन्य उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान कर्मचारियों द्वारा आवास (क्वार्टर) अनुरक्षण, पदोन्नति तथा अन्य सेवा संबंधी मामलों की समीक्षा की गईं। संवेदनशीलता एवं तत्परता का परिचय देते हुए अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर कर्मचारियों को तत्काल राहत प्रदान की। वहीं, जिन मामलों के समाधान हेतु विस्तृत प्रक्रिया आवश्यक थी, उन्हें नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई के लिए दर्ज किया गया।
यह पहल कर्मचारियों की शिकायतों के शीघ्र निस्तारण तथा पारदर्शी एवं उत्तरदायी कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में सीसीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
नेमरा (रामगढ़), 04 अगस्त। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर मंगलवार को उनके पैतृक क्षेत्र नेमरा-लुकैयाटांड़ में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर विकास मेला-सह-पारितोषिक वितरण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र को 105.2 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी गई।
मुख्यमंत्री के साथ विधायक कल्पना सोरेन, उनकी माता रूपी सोरेन, परिवार के अन्य सदस्य, राज्य सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
"आज का दिन पूरे झारखंड के लिए भावुक क्षण"
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज का दिन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड तथा आदिवासी, दलित, शोषित और पिछड़े समाज के लिए अत्यंत भावुक है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आज ही के दिन दिशोम गुरु शिबू सोरेन पंचतत्व में विलीन हुए थे। उनकी स्मृति को अमर बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास एवं संघर्ष से जोड़ने के उद्देश्य से लुकैयाटांड़ स्थित सोना-सोबरन +2 उच्च विद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है।
राज्य निर्माण और सामाजिक न्याय के संघर्ष को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु ने अलग झारखंड राज्य के सपने को साकार करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने राज्य की अस्मिता, सामाजिक न्याय और आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दी। उनका संघर्ष आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
एकजुटता ही समाज की सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को आज भी असामाजिक और विभाजनकारी ताकतों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, भाईचारा और आपसी सम्मान में निहित है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सही दिशा में आगे बढ़ें और समाज व राज्य के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं।
वीरों की धरती है झारखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, निर्मल महतो, विनोद बिहारी महतो और दिशोम गुरु शिबू सोरेन जैसे महान वीरों की भूमि है। इन महापुरुषों के संघर्ष और बलिदान की बदौलत झारखंड को नई पहचान मिली। उन्होंने कहा कि हमें अपने इतिहास, संस्कृति और महापुरुषों के आदर्शों को कभी नहीं भूलना चाहिए।
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम में मंत्री राधाकृष्ण किशोर, संजय प्रसाद यादव, दीपिका पांडेय सिंह, योगेंद्र प्रसाद, शिल्पी नेहा तिर्की, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक उमाकांत रजक, कुमार जयमंगल सिंह, अमित महतो, ममता देवी, पूर्व मंत्री बेबी देवी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
रांची। रांची ट्रैफिक पुलिस ने जुलाई महीने में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए रिकॉर्ड कार्रवाई की है। वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के निर्देश पर 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 1,20,197 चालान काटे गए, जबकि 1,015 मामलों में अभियोजन के लिए न्यायालय भेजा गया। इस कार्रवाई के तहत कुल 7 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया।
रांची ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अभियान के दौरान शहर के सभी यातायात थाना क्षेत्रों में दोपहिया, चारपहिया, ऑटो, टोटो और अन्य वाहनों की सघन जांच की गई। मोटरयान अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए ई-चालान जारी किए गए।
बिना हेलमेट और नो-पार्किंग बने सबसे बड़ी समस्या
जुलाई महीने में सबसे अधिक कार्रवाई बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ की गई। इस दौरान 51,055 चालान काटे गए। वहीं नो-पार्किंग और सड़क पर वाहन खड़ा करने के मामले में 56,032 चालान जारी किए गए, जो पूरे अभियान में सबसे अधिक रहे।
इसके अलावा रेड लाइट जंप करने पर 4,471, ओवर स्पीड पर 2,367, नो-एंट्री उल्लंघन पर 1,547, एक्स्ट्रा पैसेंजर बैठाने पर 710, रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर 648 तथा बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने पर 505 चालान काटे गए।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई
ट्रैफिक पुलिस ने 62 ड्रंक एंड ड्राइव मामलों में भी कार्रवाई की। इसके अलावा ट्रिपल राइडिंग के 64, प्रेशर हॉर्न के 115, बिना बीमा के 180, फैंसी नंबर प्लेट के 217, प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने के 252, मॉडिफाइड साइलेंसर के 101 और ब्लैक फिल्म लगाने के 24 मामलों में चालान जारी किए गए।
1,015 मामलों में कोर्ट में अभियोजन
सिर्फ चालान ही नहीं, बल्कि गंभीर उल्लंघनों के मामलों में ट्रैफिक पुलिस ने 1,015 मामलों को अभियोजन के लिए न्यायालय भेजा। इनमें 984 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द (डीएल कैंसिलेशन) की अनुशंसा, 17 ऑटो/टोटो तथा 14 नंबर प्लेट संबंधी मामले शामिल हैं।
यातायात नियमों के पालन की अपील
रांची ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए मोटरयान अधिनियम के सभी नियमों का पालन करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आगे भी विशेष जांच अभियान जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रांची/न्यू दिल्ली । झारखंड सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल पर मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली से झारखंड की एक वांछित महिला मानव तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। इस संयुक्त अभियान में मानव तस्करी की शिकार खूंटी जिले की एक नाबालिग बालिका को भी सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। यह कार्रवाई चाईबासा पुलिस, दिल्ली पुलिस, एक स्थानीय एनजीओ तथा झारखंड भवन, नई दिल्ली स्थित एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र के संयुक्त समन्वय से की गई।
गिरफ्तार महिला तस्कर के खिलाफ वर्ष 2023 से चाईबासा में मानव तस्करी के कई मामलों में प्राथमिकी दर्ज थी और न्यायालय द्वारा उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। आरोपी लंबे समय से फरार चल रही थी। चाईबासा पुलिस ने पहले भी कई बार दिल्ली जाकर उसे पकड़ने का प्रयास किया था, लेकिन सफलता नहीं मिली थी।
इस बार संयुक्त टीम ने सुनियोजित रणनीति के तहत पिछले दो-तीन दिनों तक आरोपी के संभावित ठिकानों की लगातार रेकी की। शनिवार सुबह करीब छह बजे पुलिस ने उसके ठिकाने पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से चाईबासा पुलिस को चार दिनों की रिमांड मिली है।
इसी अभियान के दौरान पुलिस ने एक अन्य मानव तस्कर को भी गिरफ्तार किया। उसके घर से खूंटी जिले की एक नाबालिग बालिका को बरामद किया गया, जिसे दिल्ली के सुभाष प्लेस थाना क्षेत्र से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। बालिका का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और फिलहाल उसे सुरक्षित गृह में रखा गया है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि उसके सुरक्षित पुनर्वास की आगे की कार्रवाई पूरी की जा सके।
महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने कहा कि मानव तस्करी के मामलों में विभाग की नीति जीरो टॉलरेंस की है। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी संयुक्त टीम बनाकर नई दिल्ली भेजें, ताकि पीड़ित महिलाओं और बच्चों को शीघ्र रेस्क्यू कर सुरक्षित उनके गृह जनपद पहुंचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि रेस्क्यू के बाद पीड़ित बच्चों और महिलाओं को झारखंड सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा तथा उनकी नियमित निगरानी भी की जाएगी, जिससे वे दोबारा मानव तस्करी के जाल में न फंसें।
विभाग के अनुसार, मानव तस्करी के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियानों के परिणामस्वरूप अब तक झारखंड के सैकड़ों बच्चों और महिलाओं को देश के विभिन्न राज्यों से सुरक्षित रेस्क्यू कर उनका सफल पुनर्वास कराया जा चुका है। साथ ही उन्हें सामाजिक सुरक्षा और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया गया है।
उल्लेखनीय है कि झारखंड भवन, नई दिल्ली स्थित एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र मानव तस्करी एवं अन्य संकटग्रस्त परिस्थितियों में फंसी महिलाओं और बच्चों के संरक्षण, बचाव, पुनर्वास एवं सुरक्षित गृह वापसी के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। यह पूरी कार्रवाई झारखंड भवन के स्थानिक आयुक्त अरवा राजकमल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
रांची: राज्य के चर्चित शराब प्रकरण की जांच में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच के महत्वपूर्ण चरण में एसीबी ने तीन प्रमुख व्यक्तियों को 6 अगस्त 2026 को पूछताछ के लिए पुनः समन जारी किया है। एजेंसी का कहना है कि दस्तावेजी साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और विभिन्न व्यक्तियों के बयानों के पारस्परिक सत्यापन के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
एसीबी ने बताया कि पूर्व में जारी नोटिस का पालन नहीं करने के कारण श्यामजी शरण को एक बार फिर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। उन्हें 6 अगस्त को जांच में सहयोग करते हुए आवश्यक जानकारी और अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है।
वहीं, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के पूर्व प्रबंध निदेशक तथा छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के पूर्व विशेष सचिव अरुण पति त्रिपाठी को भी दोबारा पूछताछ के लिए समन जारी किया गया है। एसीबी उनके पूर्व बयानों, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान करेगी।
इसी क्रम में Nexgen Solution Pvt. Ltd. के सीईओ अरुण कुमार सिंह को भी पुनः तलब किया गया है। उनसे कंपनी की भूमिका, उससे जुड़े अनुबंधों, वित्तीय लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थाओं के साथ कारोबारी संबंधों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
एसीबी के अनुसार 6 अगस्त को होने वाली पूछताछ का उद्देश्य केवल बयान दर्ज करना नहीं है, बल्कि दस्तावेजी साक्ष्यों, डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और पहले दर्ज बयानों का मिलान कर पूरे घटनाक्रम की वास्तविक कड़ी स्थापित करना है।
एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान उपलब्ध प्रत्येक तथ्य और साक्ष्य का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से सत्यापन किया जा रहा है। एसीबी का दावा है कि जांच पूरी तरह तथ्यपरक, पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है।