रांची। झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रांची में JCI Ranchi Udaan द्वारा आयोजित Glitz & Glam Exhibition का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा उनसे संवाद कर उनके उत्पादों, नवाचारों और उद्यमिता के अनुभवों की जानकारी ली।
मंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी महिला उद्यमिता, स्थानीय प्रतिभाओं और स्वरोज़गार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल है। ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, उत्पादों के लिए नए बाज़ार उपलब्ध कराने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का सशक्त अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा, "Glitz & Glam Exhibition एक बेहद प्रतिष्ठित और लंबे समय से आयोजित होने वाला आयोजन है। JCI Ranchi Udaan की महिलाओं द्वारा इसका सफल आयोजन किया जाता है। इस प्रदर्शनी में महिला उद्यमिता की प्रेरणादायक झलक देखने को मिलती है, जहाँ महिलाएँ अपने स्टार्टअप और नवाचारों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। चाहे ज्वेलरी हो, गारमेंट्स हों या होम डेकोर से जुड़े उत्पाद यहाँ महिलाओं की प्रतिभा, रचनात्मकता और उद्यमशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिलता है। हर वर्ष लोग इस प्रदर्शनी का बेसब्री से इंतजार करते हैं। ऐसे आयोजन न केवल स्थानीय महिला उद्यमियों को एक सशक्त मंच प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें अपने व्यवसाय का विस्तार करने और अधिक लोगों तक पहुँच बनाने का अवसर भी देते हैं।"
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, स्वरोज़गार के अवसर बढ़ाने तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण आजीविका मिशन और विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य में और अधिक महिलाओं को अपने सपनों को साकार करने, नए उद्यम स्थापित करने तथा झारखंड की अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने JCI Ranchi Udaan की पूरी टीम को इस सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऐसी पहल आत्मनिर्भर झारखंड के निर्माण को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगी।
इस अवसर पर JCI Ranchi Udaan की प्रेसिडेंट जेएफ़एम डॉ. प्रिया लखोटिया, सेक्रेटरी पूजा बुधिया, फाउंडर प्रेसिडेंट जीएफएस राखी जैन सहित संस्था के अन्य पदाधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहें।
शिवनारायणपुर। (मालदा) भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में शुक्रवार को एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के जालंधर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के 20 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित किया। लगभग 1,570 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इन स्टेशनों का उद्देश्य यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना और भारतीय रेलवे को आधुनिक स्वरूप देना है।
इसी कड़ी में पूर्व रेलवे के मालदा मंडल अंतर्गत शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन को भी पुनर्विकसित कर "अमृत स्टेशन" के रूप में राष्ट्र को समर्पित किया गया। लगभग 17.94 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह स्टेशन अब आधुनिक सुविधाओं, आकर्षक वास्तुकला और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम बनकर उभरा है।
उद्घाटन समारोह में उमड़ा जनसैलाब
शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन परिसर में आयोजित भव्य समारोह में भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल, कहलगांव के विधायक शभानंद मुकेश, मालदा मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक अमरेंद्र कुमार मौर्य, रेल अधिकारियों, जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, मीडिया प्रतिनिधियों, रेल यात्रियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। इसके बाद अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत शिवनारायणपुर स्टेशन के पुनर्विकास पर आधारित एक विशेष प्रस्तुति दिखाई गई। मालदा मंडल की ओर से आयोजित निबंध, चित्रकला और वक्तृत्व प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मंच से सम्मानित किया गया।
इसके उपरांत उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा, जिसमें शिवनारायणपुर स्टेशन को राष्ट्र को समर्पित किया गया। इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
आधुनिक सुविधाओं से लैस हुआ शिवनारायणपुर स्टेशन
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन का कायाकल्प किया गया है। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए कई अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
नई सुविधाओं में शामिल हैं—
- आकर्षक एवं आधुनिक स्टेशन भवन और भव्य फ़ासाद।
- विशाल कॉनकोर्स और उन्नत टिकट बुकिंग काउंटर।
- आधुनिक प्रतीक्षालय, आरक्षित लाउंज एवं स्वच्छ शौचालय।
- नए सर्कुलेटिंग एरिया एवं समर्पित पार्किंग सुविधा।
- अत्याधुनिक यात्री सूचना प्रणाली और दिशा-सूचक संकेतक।
- स्टेशन परिसर एवं बाहरी क्षेत्र में आकर्षक प्रकाश व्यवस्था।
- यात्रियों की सुविधा के लिए दो आधुनिक लिफ्ट।
- दिव्यांग यात्रियों के लिए बाधारहित आवागमन की विशेष व्यवस्था।
- मधुबनी कला, विक्रमशिला महाविहार और भागलपुर की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित आकर्षक आंतरिक सज्जा।
विरासत और आधुनिकता का अद्भुत संगम
राष्ट्रीय राजमार्ग-80 के समीप तथा ऐतिहासिक विक्रमशिला महाविहार के नजदीक स्थित शिवनारायणपुर स्टेशन को इस तरह विकसित किया गया है कि यहां आने वाला प्रत्येक यात्री बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का अनुभव कर सके।
स्टेशन के डिज़ाइन में मधुबनी पेंटिंग, भागलपुर क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत और स्थानीय स्थापत्य कला को विशेष स्थान दिया गया है। आधुनिक तकनीक और पारंपरिक कला के इस मेल ने स्टेशन को केवल एक परिवहन केंद्र नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बना दिया है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन के पुनर्विकास से यात्रियों को पहले से अधिक आरामदायक, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही—
- क्षेत्रीय रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
- पर्यटन को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
- स्थानीय व्यापार और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
- रोजगार एवं आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे।
- आसपास के क्षेत्रों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास तेज होगा।
विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना, स्थानीय संस्कृति को संरक्षित रखना और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रेलवे अवसंरचना विकसित करना है।
शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास इसी सोच का उदाहरण है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ बिहार की सांस्कृतिक विरासत को भी पूरी गरिमा के साथ संरक्षित किया गया है। यह स्टेशन अब न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनेगा, बल्कि क्षेत्र की पहचान, पर्यटन और आर्थिक प्रगति का भी नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
रांची। झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा पिछले पाँच वर्षों की कार्य योजनाओं, निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुके कार्यों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें सड़कों, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज एवं पुल-पुलियों से संबंधित परियोजनाओं के स्थिति प्रतिवेदन से अवगत कराया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रस्तुति का गहन अवलोकन करते हुए अधिकारियों को कार्यों में विलंब एवं लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य योजनाओं की समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित की जाए तथा उन्हें निर्धारित अवधि में पूर्ण किया जाए। लंबित कार्यों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। किसी भी परियोजना में निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्ता से किसी प्रकार के समझौते को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सभी परियोजनाओं का डेटाबेस व जियो-टैगिंग अनिवार्य, पारदर्शिता के साथ समयबद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पथ निर्माण विभाग को सभी परियोजनाओं का अद्यतन एवं सुव्यवस्थित डेटाबेस तैयार करने तथा जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना की स्थिति, लागत, समय-सीमा और प्रगति का स्पष्ट विवरण उपलब्ध हो, ताकि कार्यों की सटीक निगरानी की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जियो-टैगिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी और निगरानी प्रणाली मजबूत होगी। साथ ही, अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्याओं की समय पर पहचान कर शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी निर्माणाधीन एवं पूर्ण परियोजनाओं का अद्यतन विवरण नियमित रूप से उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि इससे जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित होगी तथा आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
गड्ढे, जलजमाव और खराब सड़कों पर तुरंत कार्रवाई करें
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सड़कों की खराब स्थिति, गड्ढों, जलजमाव एवं निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की लगातार जानकारी मिल रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए त्वरित समाधान सुनिश्चित करें तथा उनका अद्यतन रिकॉर्ड रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु में सड़कों की स्थिति बिगड़ने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए गड्ढों की मरम्मत, जल निकासी की समुचित व्यवस्था एवं सड़कों की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, संकीर्ण मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कर यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाया जाए।
लंबित परियोजनाओं में तेजी लाएं, दो माह में पूर्ण करें प्रमुख कार्य, अन्यथा होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने निर्माणाधीन परियोजनाओं में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में कई सड़क, फ्लाईओवर एवं पुल-पुलिया परियोजनाएं वर्षों से लंबित हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हो रही है।
मुख्यमंत्री ने राजधानी रांची सहित अन्य क्षेत्रों की लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ प्रमुख परियोजनाओं को आगामी दो माह के भीतर पूरा किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, मुख्यमंत्री ने सोलर साइकिल ट्रैक एवं अन्य नवीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता, मजबूती एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने पुल-पुलियों के किनारों को सुदृढ़ बनाने, जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने तथा सभी निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता मानकों के पालन के निर्देश दिए।
उक्त बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा तथा संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रांची। झारखंड में बांस आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। रांची स्थित जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (XISS) में आयोजित Bamboo Ecosystem Conclave 2026 में राज्य की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं।
इस अवसर पर आयोजित नीति संवाद में मंत्री ने झारखंड में बांस आधारित औद्योगिक विकास, ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण और सतत विकास की संभावनाओं पर विस्तार से अपने विचार रखे। सम्मेलन में बांस आधारित उद्योगों के विकास, नई नीति, निवेश, तकनीकी सहयोग, मूल्य संवर्धन, बाजार विस्तार और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
बांस उद्योग से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड के पास प्राकृतिक संसाधनों की अपार संपदा है। उन्होंने कहा कि राज्य की पहचान केवल खनिज संपदा से नहीं, बल्कि यहां के जल, जंगल और जमीन से भी है। इन संसाधनों का संरक्षण करते हुए युवाओं, किसानों और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय संसाधनों के आधार पर रोजगार सृजन को प्राथमिकता दे रही है। बांस ऐसा क्षेत्र है, जिसमें खेती से लेकर प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, निर्माण सामग्री और उद्योग तक रोजगार की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।
बिरसा हरित ग्राम योजना की सफलता का किया जिक्र
मंत्री ने बिरसा हरित ग्राम योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि इस योजना के बेहतर परिणाम आज पूरे देश के सामने हैं। झारखंड के किसानों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की मेहनत से तैयार आम अब दुबई, इटली और लंदन जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इस योजना ने किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ने का काम किया है, उसी प्रकार बांस आधारित आजीविका मॉडल भी ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक बदलाव ला सकता है।
झारखंड बन सकता है बांस उद्योग का प्रमुख केंद्र
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड में बांस आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए नीति, तकनीक, वित्तीय सहायता, डिजाइन, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण और बाजार व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यदि इन सभी पहलुओं पर प्रभावी तरीके से काम किया जाए तो आने वाले वर्षों में झारखंड देश का अग्रणी बांस उत्पादक राज्य और बांस आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
मंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार बांस आधारित नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मिशन मोड में कार्य करेगी, जिससे ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिलेगी, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा और आत्मनिर्भर झारखंड के लक्ष्य को गति मिलेगी।
सरकार, उद्योग और विशेषज्ञों के बीच हुआ संवाद
गौरतलब है कि इस सम्मेलन का आयोजन रांची स्थित XISS में नेटवर्क फॉर एंटरप्राइज एन्हांसमेंट एंड डेवलपमेंट सपोर्ट (NEEDS) द्वारा यूरोपीय संघ (European Union) समर्थित "SWASHAKT" परियोजना के अंतर्गत किया गया।
सम्मेलन का उद्देश्य झारखंड में बांस आधारित औद्योगिक विकास, ग्रामीण उद्यमिता, महिला नेतृत्व वाले उद्यम, स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी, निवेश और बाजार विस्तार को बढ़ावा देने के लिए सरकार, उद्योग जगत, नीति निर्माताओं, विकास साझेदारों और विशेषज्ञों के बीच संवाद स्थापित करना था।
कार्यक्रम में XISS के डॉ. प्रोफेसर अनंत कुमार, NEEDS के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मुरारी एम चौधरी, संजीव कार्पे, डॉ. मनोज जी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
दुमका: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) दुमका ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरैयाहाट अंचल कार्यालय के प्रभारी प्रधान लिपिक आनंद कुमार भारद्वाज को 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 9 जुलाई 2026 को ट्रैप टीम द्वारा की गई।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सरैयाहाट थाना क्षेत्र के मंडलडीह (तुलसी) निवासी शिकायतकर्ता दीपक दास ने ACB में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अनुमंडल पदाधिकारी, दुमका के निर्देश पर भूमि जांच रिपोर्ट भेजने के एवज में प्रभारी प्रधान लिपिक आनंद कुमार भारद्वाज ने 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
ACB ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप की पुष्टि हुई। इसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, दुमका थाना कांड संख्या 06/2026 दर्ज कर ट्रैप टीम का गठन किया गया।
योजनाबद्ध कार्रवाई के दौरान आरोपी आनंद कुमार भारद्वाज को शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
रांची। झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 'नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन' के पहले सत्र मे आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस तथा भविष्य की तकनीकों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में देश-विदेश के उद्योग जगत, आईटी कंपनियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का आगाज करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज हम सभी झारखंड सरकार की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में एक साझा उद्देश्य के साथ एकत्र हुए हैं। आईटी गवर्नेंस, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि झारखंड भविष्य की अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य झारखंड की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति को नई गति देना है। देश का औद्योगिक विकास, झारखंड के औद्योगिक विकास के बिना संभव नहीं है। झारखंड ने देश को केवल खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि बौद्धिक पूंजी भी दी है। अब हमारी पहचान केवल 'माइंस' से नहीं, बल्कि 'माइंड्स' से, रिसोर्स से ही नहीं बल्कि रिसर्च से भी होनी चाहिए, एक्सट्रैक्शन (खनन) से ही नहीं बल्कि इनोवेशन से भी होना चाहिए साथ ही ग्रोथ ही नहीं बल्कि एक्सटेंसिव ग्रोथ से होना चाहिए। हमें प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को भी समान महत्व देना होगा। हमारा उद्देश्य केवल विकास नहीं, बल्कि समावेशी, व्यापक और सतत विकास सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल सहित विभिन्न अग्रणी तकनीकी संस्थानों एवं उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने झारखंड में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने, आईटी निवेश को बढ़ावा देने तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप राज्य को तैयार करने को लेकर अपने सुझाव साझा किए।
इस अवसर पर झारखंड एआई पॉलिसी, झारखंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, झारखंड टूरिज्म पॉलिसी, झारखंड टेक्सटाइल पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशंस तथा पीपीपी पॉलिसी के कॉन्सेप्ट पेपर हितधारकों के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इन नीतियों पर उद्योग जगत एवं विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित किए गए, ताकि इन्हें और अधिक प्रभावी एवं निवेशक-अनुकूल बनाया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान सरकार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) संवाद भी आयोजित किया गया, जिसमें झारखंड में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस एवं आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार राज्य को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकार के संवाद राज्य की विकास यात्रा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर सरकार ऐसी नीतियां तैयार करेगी, जो निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन और समावेशी विकास को भी गति दें।
इस मौके पर श्रीमती दीपिका पाण्डेय, माननीय मंत्री ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज,श्री इरफान अंसारी, माननीय मंत्री, स्वास्थ्य, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, माननीय मंत्री श्री संजय कुमार यादव, उद्योग,श्रम एवं नियोजन, श्री सुदिव्य कुमार,माननीय मंत्री पर्यटन,कला - संस्कृति खेल -कूद एवं युवाकार्य तथा नगर विकास एवं आवास उपस्थित थे। सूबे के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए राज्य के विकास में तकनीक के प्रयोग की जरूरत पर बल दिया। विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह भी मौजूद थे।
आई बी एम के तल्लीन कुमार, माइक्रोसॉफ्ट के संदीप अरोड़ा एवं गूगल के राजेश रंजन ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से झारखंड से संबंधित सूचना प्रौद्योगिकी की संभावनाओं को रेखांकित किया।
स्वागत सम्बोधन एवं विषय प्रवेश सचिव सूचना प्रौद्योगिकी पूजा सिंघल का था। धन्यवाद ज्ञापन निदेशक, सूचना प्रौद्योगिकी माधवी मिश्रा ने किया। इस अवसर पर सचिव, उद्योग अरवा राजकमल, विशेष सचिव सूचना एवं जनसम्पर्क राजीव लोचन बक्शी, निदेशक उद्योग विशाल सागर सहित राज्य सरकार के वरीय पदाधिकारीगण एवं स्टेकहोल्डर्स मौजूद रहे।
रांची/जमशेदपुर: जमशेदपुर में चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सरकार ने पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में बिगड़ती कानून-व्यवस्था तथा बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर गंभीर रुख अपनाते हुए पियूष पांडे वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) पूर्वी सिंहभूम और निधि द्विवेदी पुलिस अधीक्षक (SP) सरायकेला-खरसावां को उनके पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया है।
सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों को विधि-व्यवस्था नियंत्रित करने में विफलता एवं आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम में लापरवाही के आलोक में तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पद से हटाते हुए पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया जाता है।
स्थिति को सामान्य करने और कानून-व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने चाईबासा प्रमंडल के आयुक्त तथा ADG रांची को जमशेदपुर में लगातार कैंप करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही DIG को भी जमशेदपुर में ही कैंप कर पूरी स्थिति की लगातार निगरानी करने का आदेश दिया गया है।
सरकार के इस फैसले को हिमांशु हत्याकांड के बाद प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। हाल के दिनों में जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर आम जनता, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे। इसके बाद सरकार ने मामले का संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल का निर्णय लिया।
सरकारी निर्देश के अनुसार वरिष्ठ अधिकारी मौके पर रहकर सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी करेंगे, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। साथ ही हत्याकांड की जांच में तेजी लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक एवं पुलिस स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
कोटालपोखर (साहिबगंज)। साहिबगंज जिले के कोटालपोखर थाना अंतर्गत झारखंड- पश्चिम बंगाल चेकनाका पर न्यूज़ कवरेज करने के दौरान कोटालपोखर पुलिस ने पहले पत्रकारों को थाना बुलाया और पीटा आगे चारों पत्रकारों पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया ।
जानकारी के अनुसार, वसीम अकरम (WM 24/7 News), मो. मोहसिन (WM 24/7 News), लाल मोहम्मद शेख (JK 24/7 News) तथा मो. मोसर्रफ (सारी कथा) सोमवार की रात पश्चिम बंगाल के बेहुआ चेकनाका एवं झारखंड के राहीमटाड़ चेकनाका क्षेत्र में कथित अवैध गतिविधियों की जानकारी जुटाने और समाचार संकलन के उद्देश्य से पहुंचे थे। जेल भेजे गए पत्रकारों का आरोप है कि इसी दौरान पेट्रोलिंग दल ने उन्हें कोटालपोखर थाना आने के लिए कहा। वे स्वयं अपने वाहन से थाना पहुंचे, जहां उन्हें बैठाकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उनका आरोप है कि थाना परिसर में मारपीट की गई, मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो जबरन डिलीट कराए गए और बाद में उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
चारों पत्रकारों के विरुद्ध कोटालपोखर थाना कांड संख्या-47/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 126(2), 115(2), 117(2), 109(1), 132, 221, 308(2), 352, 351(2) एवं 3(5) लगाई गई हैं। इन धाराओं में स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, लोक सेवक को कार्य करने से रोकना, आपराधिक धमकी, हमला, उकसावा तथा सामूहिक कृत्य जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल
राजमहल प्रखंड में कार्यरत पंचायत सचिव दिनेश कुमार, जो घटना की रात राहीमटाड़ चेकनाका पर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात थे, उन्होंने अपने लिखित आवेदन में चारों व्यक्तियों की पहचान पत्रकार के रूप नहीं बल्कि अन्य व्यक्ति के रूप में की है । पत्रकारों का आरोप है कि पूरे घटनाक्रम को अलग स्वरूप देते हुए रंगदारी, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने जैसे आरोप जोड़कर मामला दर्ज कराया गया।
पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। पत्रकारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच, बिना संबंधित मीडिया संस्थानों से पहचान सत्यापित किए और बिना दोनों पक्षों की बात सुने जल्दबाजी में मामला दर्ज कर चारों पत्रकारों को जेल भेज दिया गया। मंगलवार सुबह उन्हें कोटालपोखर थाना से राधानगर थाना ले जाया गया, जहां कागजी प्रक्रिया और मेडिकल जांच के बाद न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल
चेक नाका पर अवैध गतिविधि चलती है? डिलीट वीडियो में अवैध गतिविधि को रिकर्ड किया गया? क्या चेकनाका पत्रकारों ने तैनात मजिस्ट्रेट एवं पुलिसक साथ का दुर्व्यवहार किया था? पुलिस ने प्रेस को इस मामले कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की?
कोई पत्रकार संगठन ने आवाज नहीं उठाई?
जिले में कई पत्रकार संगठन चल रहे हैं लेकिन अब तक उनके द्वारा कोई आवाज नहीं उठाया गया है। यह एक महत्वपूर्ण सवाल है।इस सवाल में सबसे महत्वपूर्ण सवाल है कि पत्रकार संगठन है या पत्तलकार संगठन?
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड में 16 जून, 2026 से आयोजित ‘स्वच्छता पखवाड़ा-2026’ दिनांक 30 जून, 2026 को समारोहपूर्वक समापन किया गया। सीसीएल मुख्यालय एवं सभी क्षेत्रों में 16 जून को ‘स्वच्छता शपथ’ के साथ प्रारंभ हुए इस अभियान के अंतर्गत स्वच्छता, जन-जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित अनेक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।
समापन समारोह में सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र एवं निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाप्रबंधक ,विभागाध्यक्ष सहित सीसीएल के अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीसीएल स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है तथा सभी कर्मियों एवं हितधारकों के सहयोग से स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य करता रहेगा।
निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी ने कहा कि स्वच्छ कार्यस्थल न केवल बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा देता है, बल्कि सुरक्षा और उत्पादकता को भी सुदृढ़ करता है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी नियमित आदत बनाएं और इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
नुक्कड़ नाटक "मिस्टर लापरवाह" ने दिया स्वच्छता का संदेश
समापन समारोह का प्रमुख आकर्षण "मिस्टर लापरवाह" नामक नुक्कड़ नाटक रहा। मनोरंजन के साथ महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश देने वाले इस नाटक के माध्यम से लोगों की लापरवाहीपूर्ण आदतों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने की प्रवृत्ति पर प्रभावी संदेश दिया गया।
सफाई मित्रों एवं स्वच्छता कर्मियों का सम्मान
समारोह के अंत में सीसीएल के सफाई मित्रों एवं स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित किया गया। ये कर्मी निरंतर अपने समर्पण एवं मेहनत से कार्यस्थलों और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निदेशक (मानव संसाधन) एवं निदेशक (तकनीकी/संचालन) द्वारा मंच पर सफाई मित्रों को स्वच्छता किट (कैनवास बैग, टी-शर्ट, ग्लव्स, मास्क, सैनिटाइजर, टिफिन बॉक्स, तौलिया आदि) प्रदान कर सम्मानित किया गया।
स्वच्छता पखवाड़े के दौरान आयोजित प्रमुख गतिविधियां
स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के दौरान सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों, कॉलोनियों, कार्यस्थलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान, जन-जागरूकता कार्यक्रम एवं श्रमदान जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया। रांची स्थित ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया।
पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए जागरूकता रैलियां निकाली गईं।
पखवाड़े के प्रमुख कार्यक्रमों में 28 जून को कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स के सहयोग से आयोजित "स्वच्छता ऑन कैनवास-2026" चित्रकला प्रतियोगिता विशेष आकर्षण रही, जिसमें रांची के 30 विभिन्न विद्यालयों के 180 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
वहीं, अरगड़ा क्षेत्र की वर्कशॉप में अनुपयोगी सामग्री (स्क्रैप) से ‘मेक इन इंडिया’ की प्रतिमा तैयार कर "कबाड़ से कंचन" का प्रेरणादायी संदेश दिया गया। इसके अलावा रजरप्पा, कुजू एवं बरकासयाल क्षेत्रों में वॉल पेंटिंग, निबंध प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक तथा कपड़े एवं जूट के थैलों के वितरण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
पहाड़ी मंदिर परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान
स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतिम दिन रांची स्थित ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। इस अवसर पर सीसीएल के महाप्रबंधकों, विभागाध्यक्षों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा है। सीसीएल परिवार स्वच्छ, स्वस्थ एवं विकसित भारत के निर्माण में निरंतर अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कोलकाता। एक बेहद भावुक कर देने वाले समारोह में, जिसने कई लोगों की आँखों में आँसू ला दिए, 28 जून, 2026 को चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में एक गरिमामयी शहीद स्मारक समारोह का आयोजन किया गया। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) मिलिंद देउस्कर के संवेदनशील मार्गदर्शन में, यह समारोह रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक जांबाज वीर, दिवंगत निरीक्षक ओम प्रकाश मीणा के सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देने के लिए आयोजित किया गया था, जिन्होंने देश के आज के लिए अपना कल न्योछावर कर दिया।
पूरे रेलवे परिवार की ओर से, पूर्व रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ए. एन. सिन्हा ने पुष्पचक्र अर्पित कर अपनी गहरी श्रद्धांजलि दी। शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े होकर, श्री सिन्हा ने सांत्वना के शब्द साझा किए और कहा कि निरीक्षक मीणा का असाधारण साहस, ईमानदारी और कर्तव्य के प्रति निस्वार्थ समर्पण आरपीएफ के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।
समारोह का सबसे मर्मस्पर्शी क्षण तब आया जब शहीद के परिवार को अत्यंत सम्मान के साथ 'राष्ट्रीय पुलिस स्मारक' (National Police Memorial) भेंट किया गया। यह एक कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से गहरी कृतज्ञता का एक भारी और खामोश क्षण था। इस स्मारक को उनकी साहसी पत्नी श्रीमती ललिता मीणा, उनके ससुर श्री राम सुख मीणा और उनकी नन्ही बेटी दीक्षा मीणा ने प्राप्त किया, जो अपने प्रिय नायक को बल द्वारा सम्मानित किए जाने के दौरान मजबूती से खड़ी रहीं।
दिवंगत निरीक्षक ओम प्रकाश मीणा वीरता और ईमानदारी के प्रतीक थे। उन्होंने 24 नवंबर, 2025 को आरपीएफ अजीमगंज टीम के साथ एक छापेमारी और जांच अभियान का निडरता से नेतृत्व करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने खुद से ऊपर कर्तव्य को चुना और अपनी आखिरी सांस तक उन नागरिकों की रक्षा की, जिनकी सेवा करने की उन्होंने कसम खाई थी।
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का प्रदान किया जाना केवल एक औपचारिक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि एक वादा था कि आरपीएफ और यह देश अपने शहीद नायक को कभी नहीं भूलेगा और न ही उनके परिवार को कभी अकेला छोड़ेगा। उनकी स्मृति को नमन करते हुए, पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझी ने भावुक होकर कहा, "निरीक्षक मीणा का बलिदान हमारी सुरक्षा की कीमत की एक दिल दहला देने वाली याद दिलाता है, और उनके साहस की विरासत हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेगी।