FOLLOW US ON
Breaking News झारखंड सरकार की विशेष कैबिनेट की बैठक में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा का रिजल्ट रद्द पर हाईकोर्ट को रोक | हेमंत सरकार छात्र आंदोलन के आगे झुकी , जेपीएससी पीटी जेएसएससी सीजीएल रिजल्ट को किया रद्द | रांची में फिर बवाल सीएम का पुतला दहन करने के दौरान पुलिस और छात्र संगठन के बीच नोक झोक | जेपीएससी एवं जेएसएससी में भ्रष्टाचार को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का प्रदर्शन जारी | बांकीपुर विधानसभा उप चुनाव में जन सुराज प्रशांत किशोर की जीत के बाद बिहार में बदल रहे हैं राजनीतिक समीकरण | छात्र आंदोलन की जीत के बाद जश्न का माहौल लेकिन सीबीआई जांच पर अभी भी छात्र डटे | झारखंड,महिला सुपरवाइजर बहाली में भी गड़बड़ी की आशंका विभाग ने दिए जांच के आदेश | झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र एक दिन पूर्व हुआ अनिश्चितकाल काल के लिए समाप्त |
झारखंड-पश्चिम बंगाल चेकनाका पर न्यूज़ कवरेज करने का मामला, पत्रकारो को थाना बुलाकर पुलिस ने पीटा और भेजा जेल
June 30, 2026 | 745 Views
झारखंड-पश्चिम बंगाल चेकनाका पर न्यूज़ कवरेज करने का मामला, पत्रकारो को थाना बुलाकर पुलिस ने पीटा और भेजा जेल

कोटालपोखर (साहिबगंज)। साहिबगंज जिले के कोटालपोखर थाना अंतर्गत  झारखंड- पश्चिम बंगाल चेकनाका पर न्यूज़ कवरेज करने के दौरान कोटालपोखर पुलिस ने पहले पत्रकारों को थाना  बुलाया और पीटा आगे चारों पत्रकारों पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया ।

जानकारी के अनुसार, वसीम अकरम (WM 24/7 News), मो. मोहसिन (WM 24/7 News), लाल मोहम्मद शेख (JK 24/7 News) तथा मो. मोसर्रफ (सारी कथा) सोमवार की रात पश्चिम बंगाल के बेहुआ चेकनाका एवं झारखंड के राहीमटाड़ चेकनाका क्षेत्र में कथित अवैध गतिविधियों की जानकारी जुटाने और समाचार संकलन के उद्देश्य से पहुंचे थे। जेल भेजे गए पत्रकारों का आरोप है कि इसी दौरान पेट्रोलिंग दल ने उन्हें कोटालपोखर थाना आने के लिए कहा। वे स्वयं अपने वाहन से थाना पहुंचे, जहां उन्हें बैठाकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उनका आरोप है कि थाना परिसर में मारपीट की गई, मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो जबरन डिलीट कराए गए और बाद में उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया गया।

चारों पत्रकारों के विरुद्ध कोटालपोखर थाना कांड संख्या-47/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 126(2), 115(2), 117(2), 109(1), 132, 221, 308(2), 352, 351(2) एवं 3(5) लगाई गई हैं। इन धाराओं में स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, लोक सेवक को कार्य करने से रोकना, आपराधिक धमकी, हमला, उकसावा तथा सामूहिक कृत्य जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल

 राजमहल प्रखंड में कार्यरत पंचायत सचिव दिनेश कुमार, जो घटना की रात राहीमटाड़ चेकनाका पर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात थे, उन्होंने अपने लिखित आवेदन में चारों व्यक्तियों की पहचान पत्रकार के रूप नहीं बल्कि अन्य व्यक्ति के रूप में की है । पत्रकारों का आरोप है कि पूरे घटनाक्रम को अलग स्वरूप देते हुए रंगदारी, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने जैसे आरोप जोड़कर मामला दर्ज कराया गया।

पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। पत्रकारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच, बिना संबंधित मीडिया संस्थानों से पहचान सत्यापित किए और बिना दोनों पक्षों की बात सुने जल्दबाजी में मामला दर्ज कर चारों पत्रकारों को जेल भेज दिया गया। मंगलवार सुबह उन्हें कोटालपोखर थाना से राधानगर थाना ले जाया गया, जहां कागजी प्रक्रिया और मेडिकल जांच के बाद न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

 घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल  

चेक नाका पर अवैध गतिविधि चलती है? डिलीट वीडियो में  अवैध गतिविधि को रिकर्ड किया गया? क्या चेकनाका पत्रकारों ने  तैनात मजिस्ट्रेट एवं पुलिसक साथ का दुर्व्यवहार किया था? पुलिस ने प्रेस को इस मामले कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की?

कोई पत्रकार संगठन ने आवाज नहीं उठाई?

जिले में कई पत्रकार संगठन चल रहे हैं लेकिन अब तक उनके द्वारा कोई आवाज नहीं उठाया गया है। यह एक महत्वपूर्ण सवाल है।इस सवाल में सबसे महत्वपूर्ण सवाल है कि पत्रकार संगठन है या पत्तलकार संगठन?

 

 

 

 


June 30, 2026 | 746 Views
June 30, 2026 | 746 Views
June 30, 2026 | 746 Views
June 30, 2026 | 746 Views
June 30, 2026 | 746 Views
June 30, 2026 | 746 Views
June 30, 2026 | 746 Views
June 30, 2026 | 746 Views
June 30, 2026 | 746 Views
June 30, 2026 | 746 Views