सोनाहातू (रांची): झारखंड में मानसून के दौरान लगातार हो रही वज्रपात की घटनाएं जानलेवा साबित हो रही हैं। रविवार को रांची जिले के सोनाहातू प्रखंड क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक हादसे में खूंटी वन प्रमंडल के एक फॉरेस्ट गार्ड की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि विभाग के चालक समेत दो अन्य कर्मी घायल हो गए। घटना के बाद वन विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, खूंटी वन प्रमंडल के बुंडू वन प्रक्षेत्र में कार्यरत फॉरेस्ट गार्ड रोशन श्रीवास्तव रविवार को सोनाहातू थाना क्षेत्र के काला महादेव के समीप पहुंचे थे। यहां हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से वन विभाग की ओर से वॉच टावर का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेने के लिए रोशन श्रीवास्तव अपने विभाग के चालक और एक अन्य कर्मी के साथ निरीक्षण पर पहुंचे थे।
निरीक्षण के दौरान अचानक मौसम ने करवट ले ली। आसमान में काले बादल छा गए और तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। इससे पहले कि तीनों सुरक्षित स्थान पर पहुंच पाते, अचानक जोरदार वज्रपात हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बिजली सीधे उस स्थान के पास गिरी, जहां वन विभाग की टीम खड़ी थी। वज्रपात की चपेट में आने से फॉरेस्ट गार्ड रोशन श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही अचेत हो गए, जबकि उनके साथ मौजूद चालक और एक अन्य कर्मी भी इसकी चपेट में आकर घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग के अन्य कर्मियों की मदद से तीनों को सोनाहातू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद रोशन श्रीवास्तव को मृत घोषित कर दिया, जबकि दोनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किए जाने की भी तैयारी की गई।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। अधिकारियों ने मृतक वनकर्मी के परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया। वहीं पुलिस ने भी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रोशन श्रीवास्तव लंबे समय से वन विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही विभाग के कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मियों ने उन्हें एक ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार अधिकारी बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
गौरतलब है कि झारखंड में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश और वज्रपात की घटनाएं सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने भी कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और निर्माणाधीन स्थलों से दूर रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और बिजली चमकने के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्कता और समय पर सुरक्षा उपाय अपनाना कितना आवश्यक है।