दुमका: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) दुमका ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरैयाहाट अंचल कार्यालय के प्रभारी प्रधान लिपिक आनंद कुमार भारद्वाज को 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 9 जुलाई 2026 को ट्रैप टीम द्वारा की गई।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सरैयाहाट थाना क्षेत्र के मंडलडीह (तुलसी) निवासी शिकायतकर्ता दीपक दास ने ACB में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अनुमंडल पदाधिकारी, दुमका के निर्देश पर भूमि जांच रिपोर्ट भेजने के एवज में प्रभारी प्रधान लिपिक आनंद कुमार भारद्वाज ने 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
ACB ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप की पुष्टि हुई। इसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, दुमका थाना कांड संख्या 06/2026 दर्ज कर ट्रैप टीम का गठन किया गया।
योजनाबद्ध कार्रवाई के दौरान आरोपी आनंद कुमार भारद्वाज को शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
रांची। झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 'नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन' के पहले सत्र मे आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस तथा भविष्य की तकनीकों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में देश-विदेश के उद्योग जगत, आईटी कंपनियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का आगाज करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज हम सभी झारखंड सरकार की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में एक साझा उद्देश्य के साथ एकत्र हुए हैं। आईटी गवर्नेंस, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि झारखंड भविष्य की अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य झारखंड की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति को नई गति देना है। देश का औद्योगिक विकास, झारखंड के औद्योगिक विकास के बिना संभव नहीं है। झारखंड ने देश को केवल खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि बौद्धिक पूंजी भी दी है। अब हमारी पहचान केवल 'माइंस' से नहीं, बल्कि 'माइंड्स' से, रिसोर्स से ही नहीं बल्कि रिसर्च से भी होनी चाहिए, एक्सट्रैक्शन (खनन) से ही नहीं बल्कि इनोवेशन से भी होना चाहिए साथ ही ग्रोथ ही नहीं बल्कि एक्सटेंसिव ग्रोथ से होना चाहिए। हमें प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को भी समान महत्व देना होगा। हमारा उद्देश्य केवल विकास नहीं, बल्कि समावेशी, व्यापक और सतत विकास सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल सहित विभिन्न अग्रणी तकनीकी संस्थानों एवं उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने झारखंड में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने, आईटी निवेश को बढ़ावा देने तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप राज्य को तैयार करने को लेकर अपने सुझाव साझा किए।
इस अवसर पर झारखंड एआई पॉलिसी, झारखंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, झारखंड टूरिज्म पॉलिसी, झारखंड टेक्सटाइल पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशंस तथा पीपीपी पॉलिसी के कॉन्सेप्ट पेपर हितधारकों के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इन नीतियों पर उद्योग जगत एवं विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित किए गए, ताकि इन्हें और अधिक प्रभावी एवं निवेशक-अनुकूल बनाया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान सरकार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) संवाद भी आयोजित किया गया, जिसमें झारखंड में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस एवं आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार राज्य को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकार के संवाद राज्य की विकास यात्रा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर सरकार ऐसी नीतियां तैयार करेगी, जो निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन और समावेशी विकास को भी गति दें।
इस मौके पर श्रीमती दीपिका पाण्डेय, माननीय मंत्री ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज,श्री इरफान अंसारी, माननीय मंत्री, स्वास्थ्य, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, माननीय मंत्री श्री संजय कुमार यादव, उद्योग,श्रम एवं नियोजन, श्री सुदिव्य कुमार,माननीय मंत्री पर्यटन,कला - संस्कृति खेल -कूद एवं युवाकार्य तथा नगर विकास एवं आवास उपस्थित थे। सूबे के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए राज्य के विकास में तकनीक के प्रयोग की जरूरत पर बल दिया। विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह भी मौजूद थे।
आई बी एम के तल्लीन कुमार, माइक्रोसॉफ्ट के संदीप अरोड़ा एवं गूगल के राजेश रंजन ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से झारखंड से संबंधित सूचना प्रौद्योगिकी की संभावनाओं को रेखांकित किया।
स्वागत सम्बोधन एवं विषय प्रवेश सचिव सूचना प्रौद्योगिकी पूजा सिंघल का था। धन्यवाद ज्ञापन निदेशक, सूचना प्रौद्योगिकी माधवी मिश्रा ने किया। इस अवसर पर सचिव, उद्योग अरवा राजकमल, विशेष सचिव सूचना एवं जनसम्पर्क राजीव लोचन बक्शी, निदेशक उद्योग विशाल सागर सहित राज्य सरकार के वरीय पदाधिकारीगण एवं स्टेकहोल्डर्स मौजूद रहे।
रांची/जमशेदपुर: जमशेदपुर में चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सरकार ने पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में बिगड़ती कानून-व्यवस्था तथा बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर गंभीर रुख अपनाते हुए पियूष पांडे वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) पूर्वी सिंहभूम और निधि द्विवेदी पुलिस अधीक्षक (SP) सरायकेला-खरसावां को उनके पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया है।
सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों को विधि-व्यवस्था नियंत्रित करने में विफलता एवं आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम में लापरवाही के आलोक में तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पद से हटाते हुए पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया जाता है।
स्थिति को सामान्य करने और कानून-व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने चाईबासा प्रमंडल के आयुक्त तथा ADG रांची को जमशेदपुर में लगातार कैंप करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही DIG को भी जमशेदपुर में ही कैंप कर पूरी स्थिति की लगातार निगरानी करने का आदेश दिया गया है।
सरकार के इस फैसले को हिमांशु हत्याकांड के बाद प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। हाल के दिनों में जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर आम जनता, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे। इसके बाद सरकार ने मामले का संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल का निर्णय लिया।
सरकारी निर्देश के अनुसार वरिष्ठ अधिकारी मौके पर रहकर सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी करेंगे, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। साथ ही हत्याकांड की जांच में तेजी लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक एवं पुलिस स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
कोटालपोखर (साहिबगंज)। साहिबगंज जिले के कोटालपोखर थाना अंतर्गत झारखंड- पश्चिम बंगाल चेकनाका पर न्यूज़ कवरेज करने के दौरान कोटालपोखर पुलिस ने पहले पत्रकारों को थाना बुलाया और पीटा आगे चारों पत्रकारों पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया ।
जानकारी के अनुसार, वसीम अकरम (WM 24/7 News), मो. मोहसिन (WM 24/7 News), लाल मोहम्मद शेख (JK 24/7 News) तथा मो. मोसर्रफ (सारी कथा) सोमवार की रात पश्चिम बंगाल के बेहुआ चेकनाका एवं झारखंड के राहीमटाड़ चेकनाका क्षेत्र में कथित अवैध गतिविधियों की जानकारी जुटाने और समाचार संकलन के उद्देश्य से पहुंचे थे। जेल भेजे गए पत्रकारों का आरोप है कि इसी दौरान पेट्रोलिंग दल ने उन्हें कोटालपोखर थाना आने के लिए कहा। वे स्वयं अपने वाहन से थाना पहुंचे, जहां उन्हें बैठाकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उनका आरोप है कि थाना परिसर में मारपीट की गई, मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो जबरन डिलीट कराए गए और बाद में उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
चारों पत्रकारों के विरुद्ध कोटालपोखर थाना कांड संख्या-47/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 126(2), 115(2), 117(2), 109(1), 132, 221, 308(2), 352, 351(2) एवं 3(5) लगाई गई हैं। इन धाराओं में स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, लोक सेवक को कार्य करने से रोकना, आपराधिक धमकी, हमला, उकसावा तथा सामूहिक कृत्य जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल
राजमहल प्रखंड में कार्यरत पंचायत सचिव दिनेश कुमार, जो घटना की रात राहीमटाड़ चेकनाका पर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात थे, उन्होंने अपने लिखित आवेदन में चारों व्यक्तियों की पहचान पत्रकार के रूप नहीं बल्कि अन्य व्यक्ति के रूप में की है । पत्रकारों का आरोप है कि पूरे घटनाक्रम को अलग स्वरूप देते हुए रंगदारी, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने जैसे आरोप जोड़कर मामला दर्ज कराया गया।
पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। पत्रकारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच, बिना संबंधित मीडिया संस्थानों से पहचान सत्यापित किए और बिना दोनों पक्षों की बात सुने जल्दबाजी में मामला दर्ज कर चारों पत्रकारों को जेल भेज दिया गया। मंगलवार सुबह उन्हें कोटालपोखर थाना से राधानगर थाना ले जाया गया, जहां कागजी प्रक्रिया और मेडिकल जांच के बाद न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल
चेक नाका पर अवैध गतिविधि चलती है? डिलीट वीडियो में अवैध गतिविधि को रिकर्ड किया गया? क्या चेकनाका पत्रकारों ने तैनात मजिस्ट्रेट एवं पुलिसक साथ का दुर्व्यवहार किया था? पुलिस ने प्रेस को इस मामले कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की?
कोई पत्रकार संगठन ने आवाज नहीं उठाई?
जिले में कई पत्रकार संगठन चल रहे हैं लेकिन अब तक उनके द्वारा कोई आवाज नहीं उठाया गया है। यह एक महत्वपूर्ण सवाल है।इस सवाल में सबसे महत्वपूर्ण सवाल है कि पत्रकार संगठन है या पत्तलकार संगठन?
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड में 16 जून, 2026 से आयोजित ‘स्वच्छता पखवाड़ा-2026’ दिनांक 30 जून, 2026 को समारोहपूर्वक समापन किया गया। सीसीएल मुख्यालय एवं सभी क्षेत्रों में 16 जून को ‘स्वच्छता शपथ’ के साथ प्रारंभ हुए इस अभियान के अंतर्गत स्वच्छता, जन-जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित अनेक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।
समापन समारोह में सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र एवं निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाप्रबंधक ,विभागाध्यक्ष सहित सीसीएल के अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीसीएल स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है तथा सभी कर्मियों एवं हितधारकों के सहयोग से स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य करता रहेगा।
निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी ने कहा कि स्वच्छ कार्यस्थल न केवल बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा देता है, बल्कि सुरक्षा और उत्पादकता को भी सुदृढ़ करता है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी नियमित आदत बनाएं और इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
नुक्कड़ नाटक "मिस्टर लापरवाह" ने दिया स्वच्छता का संदेश
समापन समारोह का प्रमुख आकर्षण "मिस्टर लापरवाह" नामक नुक्कड़ नाटक रहा। मनोरंजन के साथ महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश देने वाले इस नाटक के माध्यम से लोगों की लापरवाहीपूर्ण आदतों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने की प्रवृत्ति पर प्रभावी संदेश दिया गया।
सफाई मित्रों एवं स्वच्छता कर्मियों का सम्मान
समारोह के अंत में सीसीएल के सफाई मित्रों एवं स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित किया गया। ये कर्मी निरंतर अपने समर्पण एवं मेहनत से कार्यस्थलों और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निदेशक (मानव संसाधन) एवं निदेशक (तकनीकी/संचालन) द्वारा मंच पर सफाई मित्रों को स्वच्छता किट (कैनवास बैग, टी-शर्ट, ग्लव्स, मास्क, सैनिटाइजर, टिफिन बॉक्स, तौलिया आदि) प्रदान कर सम्मानित किया गया।
स्वच्छता पखवाड़े के दौरान आयोजित प्रमुख गतिविधियां
स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के दौरान सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों, कॉलोनियों, कार्यस्थलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान, जन-जागरूकता कार्यक्रम एवं श्रमदान जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया। रांची स्थित ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया।
पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए जागरूकता रैलियां निकाली गईं।
पखवाड़े के प्रमुख कार्यक्रमों में 28 जून को कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स के सहयोग से आयोजित "स्वच्छता ऑन कैनवास-2026" चित्रकला प्रतियोगिता विशेष आकर्षण रही, जिसमें रांची के 30 विभिन्न विद्यालयों के 180 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
वहीं, अरगड़ा क्षेत्र की वर्कशॉप में अनुपयोगी सामग्री (स्क्रैप) से ‘मेक इन इंडिया’ की प्रतिमा तैयार कर "कबाड़ से कंचन" का प्रेरणादायी संदेश दिया गया। इसके अलावा रजरप्पा, कुजू एवं बरकासयाल क्षेत्रों में वॉल पेंटिंग, निबंध प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक तथा कपड़े एवं जूट के थैलों के वितरण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
पहाड़ी मंदिर परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान
स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतिम दिन रांची स्थित ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। इस अवसर पर सीसीएल के महाप्रबंधकों, विभागाध्यक्षों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा है। सीसीएल परिवार स्वच्छ, स्वस्थ एवं विकसित भारत के निर्माण में निरंतर अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कोलकाता। एक बेहद भावुक कर देने वाले समारोह में, जिसने कई लोगों की आँखों में आँसू ला दिए, 28 जून, 2026 को चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में एक गरिमामयी शहीद स्मारक समारोह का आयोजन किया गया। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) मिलिंद देउस्कर के संवेदनशील मार्गदर्शन में, यह समारोह रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक जांबाज वीर, दिवंगत निरीक्षक ओम प्रकाश मीणा के सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देने के लिए आयोजित किया गया था, जिन्होंने देश के आज के लिए अपना कल न्योछावर कर दिया।
पूरे रेलवे परिवार की ओर से, पूर्व रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ए. एन. सिन्हा ने पुष्पचक्र अर्पित कर अपनी गहरी श्रद्धांजलि दी। शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े होकर, श्री सिन्हा ने सांत्वना के शब्द साझा किए और कहा कि निरीक्षक मीणा का असाधारण साहस, ईमानदारी और कर्तव्य के प्रति निस्वार्थ समर्पण आरपीएफ के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।
समारोह का सबसे मर्मस्पर्शी क्षण तब आया जब शहीद के परिवार को अत्यंत सम्मान के साथ 'राष्ट्रीय पुलिस स्मारक' (National Police Memorial) भेंट किया गया। यह एक कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से गहरी कृतज्ञता का एक भारी और खामोश क्षण था। इस स्मारक को उनकी साहसी पत्नी श्रीमती ललिता मीणा, उनके ससुर श्री राम सुख मीणा और उनकी नन्ही बेटी दीक्षा मीणा ने प्राप्त किया, जो अपने प्रिय नायक को बल द्वारा सम्मानित किए जाने के दौरान मजबूती से खड़ी रहीं।
दिवंगत निरीक्षक ओम प्रकाश मीणा वीरता और ईमानदारी के प्रतीक थे। उन्होंने 24 नवंबर, 2025 को आरपीएफ अजीमगंज टीम के साथ एक छापेमारी और जांच अभियान का निडरता से नेतृत्व करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने खुद से ऊपर कर्तव्य को चुना और अपनी आखिरी सांस तक उन नागरिकों की रक्षा की, जिनकी सेवा करने की उन्होंने कसम खाई थी।
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का प्रदान किया जाना केवल एक औपचारिक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि एक वादा था कि आरपीएफ और यह देश अपने शहीद नायक को कभी नहीं भूलेगा और न ही उनके परिवार को कभी अकेला छोड़ेगा। उनकी स्मृति को नमन करते हुए, पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझी ने भावुक होकर कहा, "निरीक्षक मीणा का बलिदान हमारी सुरक्षा की कीमत की एक दिल दहला देने वाली याद दिलाता है, और उनके साहस की विरासत हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेगी।
रांची। झारखंड सरकार की छात्र हितैषी योजनाओं के तहत सोमवार को राजधानी रांची में निःशुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में कल्याण मंत्री चमरा लिण्डा ने TVS CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (SOE), जगन्नाथपुर क्लस्टर प्वाइंट पर 10 विद्यालयों के 693 छात्र-छात्राओं के बीच साइकिलों का वितरण किया।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को विद्यालय तक पहुंचाना नहीं, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर उनके भविष्य को संवारना है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई पहल कर रही है, ताकि आर्थिक या भौगोलिक कारणों से किसी भी छात्र की पढ़ाई बाधित न हो।
मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए विशेष पहल
कल्याण मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को कोटा के प्रतिष्ठित संस्थानों, जैसे मोशन एजुकेशन, से जोड़कर विशेष कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।
ड्रॉपआउट दर कम करने में मिलेगी मदद
मंत्री चमरा लिण्डा ने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कई छात्र-छात्राओं को विद्यालय की दूरी के कारण पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। निःशुल्क साइकिल मिलने से उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, समय की बचत होगी और विद्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति (ड्रॉपआउट) में कमी आएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का प्रत्येक बच्चा बिना किसी बाधा के विद्यालय पहुंचे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार करे।
रांची जिले में 16,780 साइकिल वितरण का लक्ष्य
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित निःशुल्क साइकिल वितरण योजना के तहत सरकारी विद्यालयों में कक्षा 8 में अध्ययनरत विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2026-27 के लिए रांची जिले में कुल 16,780 साइकिलों के वितरण को स्वीकृति दी गई है, जिसके तहत चरणबद्ध तरीके से पात्र विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया जाएगा।
अधिकारी और विद्यालय प्रबंधन रहे उपस्थित
कार्यक्रम में समेकित जनजाति विकास अभिकरण (ITDA) रांची की परियोजना निदेशक मनीषा तिर्की, जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार, प्रखंड कल्याण पर्यवेक्षक एनुल हक, TVS CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, जगन्नाथपुर की प्राचार्य, विद्यालय प्रबंधन टीम तथा अन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सोनाहातू (रांची): झारखंड में मानसून के दौरान लगातार हो रही वज्रपात की घटनाएं जानलेवा साबित हो रही हैं। रविवार को रांची जिले के सोनाहातू प्रखंड क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक हादसे में खूंटी वन प्रमंडल के एक फॉरेस्ट गार्ड की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि विभाग के चालक समेत दो अन्य कर्मी घायल हो गए। घटना के बाद वन विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, खूंटी वन प्रमंडल के बुंडू वन प्रक्षेत्र में कार्यरत फॉरेस्ट गार्ड रोशन श्रीवास्तव रविवार को सोनाहातू थाना क्षेत्र के काला महादेव के समीप पहुंचे थे। यहां हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से वन विभाग की ओर से वॉच टावर का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेने के लिए रोशन श्रीवास्तव अपने विभाग के चालक और एक अन्य कर्मी के साथ निरीक्षण पर पहुंचे थे।
निरीक्षण के दौरान अचानक मौसम ने करवट ले ली। आसमान में काले बादल छा गए और तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। इससे पहले कि तीनों सुरक्षित स्थान पर पहुंच पाते, अचानक जोरदार वज्रपात हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बिजली सीधे उस स्थान के पास गिरी, जहां वन विभाग की टीम खड़ी थी। वज्रपात की चपेट में आने से फॉरेस्ट गार्ड रोशन श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही अचेत हो गए, जबकि उनके साथ मौजूद चालक और एक अन्य कर्मी भी इसकी चपेट में आकर घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग के अन्य कर्मियों की मदद से तीनों को सोनाहातू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद रोशन श्रीवास्तव को मृत घोषित कर दिया, जबकि दोनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किए जाने की भी तैयारी की गई।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। अधिकारियों ने मृतक वनकर्मी के परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया। वहीं पुलिस ने भी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रोशन श्रीवास्तव लंबे समय से वन विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही विभाग के कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मियों ने उन्हें एक ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार अधिकारी बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
गौरतलब है कि झारखंड में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश और वज्रपात की घटनाएं सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने भी कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और निर्माणाधीन स्थलों से दूर रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और बिजली चमकने के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्कता और समय पर सुरक्षा उपाय अपनाना कितना आवश्यक है।
रांची। आप लोग बहुत लम्बे समय से के इस दिन का इंतजार कर रहे थे। आप सभी ने लगभग 30 हफ्तों तक बहुत ही कड़ा और लंबा प्रशिक्षण लिया है। मुझे जानकारी दी गई है कि यहाँ बड़े पैमाने पर अनुकंपा के आधार पर नियुक्त हुए राज्य के जवान और जेपीएससी (JPSC) के माध्यम से डीएसपी के पद पर नियुक्त हुए अधिकारी शामिल हैं। इसमें सबसे अधिक खुशी देने वाली बात यह है कि इस बैच में लगभग 25% महिलाओं की भागीदारी है। इस महिला पुलिस बल को मेरी ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। हम चाहते हैं कि राज्य के हर क्षेत्र में पुरुषों और महिलाओं की भागीदारी समान और बराबर हो, जो यहाँ दिख भी रहा है। राज्य के पुलिस विभाग और हमारे पुलिस जवानों की भूमिका तथा जिम्मेदारियों को लेकर मुझे बहुत अधिक व्याख्या करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आप सभी इसके महत्व को अच्छी तरह समझते हैं। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज जैप 1 ग्राउंड, डोरंडा में आयोजित "बुनियादी प्रशिक्षुओं का पारण परेड समारोह-2026" को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने जैप 1 ग्राउंड परिसर स्थित शहीद स्मारक पर माल्यार्पण एवं पारण परेड-2026 का निरीक्षण किया। मौके पर मुख्यमंत्री ने सी०टी०सी०, स्वासपुर, मुसाबनी में प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक एवं विभिन्न जिला/इकाई से नव नियुक्त आरक्षियों का बुनियादी प्रक्षिणोपरांत आयोजित अंतिम परीक्षा का प्रकाशित परीक्षाफल के विभिन्न विषयों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं के बीच पुरस्कार वितरण किया।
*आप सिर्फ एक व्यक्ति मात्र या खुद के लिए नहीं रह गए हैं, बल्कि राज्य के आम नागरिकों की रक्षा के लिए समर्पित हैं*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि अभी थोड़ी देर पहले आप सभी ने झमाझम बारिश के बीच शपथ ली है। निश्चित रूप से हमारी इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में शपथ ग्रहण करना सिर्फ एक प्रक्रिया या माध्यम नहीं है, इसी प्रतिज्ञा और शपथ के बदौलत हम लोगों ने इस देश को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का रूप दिया है। उन्होंने कहा कि यह शपथ सिर्फ वर्दी के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता की सेवा के लिए भी है। चूंकि आप सभी वर्दीधारी राज्य के प्रहरी हैं, इसलिए यह शपथ आपके लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। आज के बाद से आप एक व्यवस्था से बंध चुके हैं। अब सिर्फ एक व्यक्ति मात्र या खुद के लिए नहीं रह गए हैं, बल्कि राज्य के आम नागरिकों की रक्षा के लिए समर्पित हैं। इस दौरान हो सकता है कि आपके सामने बहुत बड़ी चुनौतियां आकर खड़ी हो जाएं, यहाँ तक कि आपकी जान पर भी बन आए, पूर्व में इसी कर्तव्य का निर्वहन करते हुए आपके परिजनों ने भी अपने प्राणों की आहुति दी है। आपके परिजनों के उसी अधूरे रास्ते और सफर को पूरा करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने अब आपके कंधों पर सौंपने का निर्णय लिया है। हम सिर्फ नौकरी या तनख्वाह के लिए पुलिस बल में शामिल नहीं होते हैं, बल्कि कुछ सर्वोच्च कर्तव्यों के संकल्प के साथ इस व्यवस्था से बंध जाते हैं।
*प्रशिक्षण का परिणाम कानून एवं विधि-व्यवस्था के संधारण में दिखनी चाहिए*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आपको प्रशिक्षण के दौरान जिन अलग-अलग विषयों की ट्रेनिंग दी गई है, उसका परिणाम अब राज्य की कानून-व्यवस्था, विधि-व्यवस्था और राज्य के भीतर घटने वाली या संभावित घटनाओं को नियंत्रित करने में दिखना चाहिए। अगर आप सभी पूरी निष्ठा से प्रयास करेंगे, तो हमारे बीच आने वाली हर चुनौती को समाप्त करते हुए उसका समाधान किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आज मौसम अनुकूल न होने की वजह से इस पारण परेड कार्यक्रम को हमें पुलिस परिसर (Premises) के भीतर ही संपन्न करना पड़ा। लेकिन आपका उत्साह कम न हो और आपके परिजन हतोत्साहित न हों, इसके लिए हमारी सरकार लगातार आपके साथ खड़ी रहने के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि पुलिस विभाग के लिए अलग से आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त आवासीय विद्यालयों का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही, पुलिस विभाग के अंतर्गत अलग से विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं भी स्थापित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि निश्चित रूप से, एक-एक करके हम अपनी सारी मंजिलों तक पहुंचेंगे। इसमें आपका भी प्रयास होना चाहिए और हमारी सरकार का भी पूरा सहयोग रहेगा। मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त पुलिस उपाधीक्षकों एवं नव नियुक्त आरक्षियों को आज के इस बेहतरीन परेड प्रदर्शन के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दी। साथ ही पुलिस विभाग को इस पूरी प्रशिक्षण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए बहुत-बहुत बधाई दी। उन्होंने *जय हिंद, जय झारखंड, जोहार।"* के साथ अपनी बातों का समापन किया।
प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके जवानों ने शानदार मार्चपास्ट और आकर्षक कदमताल के माध्यम से अपने कौशल का प्रदर्शन किया। वहीं नव नियुक्त जवानों को अनुशासन, देश व राज्य सेवा, संविधान, पुलिस बल की गरिमा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति शपथ दिलाई गयी।
इस अवसर पर महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड तदाशा मिश्रा, अपर पुलिस महानिदेशक प्रिया दुबे सहित पुलिस विभाग के वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
रांची। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी बर्बाद कर देता है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड को नशामुक्त करने का प्रण लिया है । और जो निर्णय लिया है उसे पूरे करने में सभी विभाग आपसी समन्वय बना झारखंड को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने का काम हमलोग करेंगे । इसी उद्देश्य से पिछले 15 दिनों से नशामुक्ति हेतु जागरूकता अभियान पूरे राज्यभर में सरकार द्वारा चलाया जा रहा था जिसका आज समापन हो गया । उन्होंने कहा कि यह अभियान पिछले तीन वर्षों से चलाया जा रहा है । आने वाले समय में प्रयास रहेगा कि पूरे साल यह अभियान चलाया जाए। श्री इरफ़ान अंसारी गुरूवार को शौर्य सभागार में गृह,कारा एवं आपदा प्रबंधन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित निषिध मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध जागरूकता अभियान के समापन समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे ।
*अभियान की अच्छी शुरुआत हुई , मजबूती के साथ चलाया गया अभियान*
डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार का मक़सद नशामुक्त झारखंड, युवा झारखंड बनाने का है और इस दिशा में पिछले तीन साल से लगातार यह अभियान चलाया जा रहा है ।युवा हमारे राज्य हमारे देश का भविष्य हैं और नशे में अपना जीवन बर्बाद कर देते हैं । नशे से सिर्फ़ वे अपना जीवन बर्बाद नहीं करते हैं बल्कि परिवार ,पूरे समाज देश राज्य को प्रभावित करते हैं। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के निदेश पर ही झारखंड के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने के लिए यह अभियान चलाया जा रह है । उन्होंने कहा कि नशा केवल झारखंड या भारत की समस्या नहीं बल्कि यह पूरे विश्व की समस्या है । युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए नए-नए इनिशिएटिव लेना होगा । उन्हें कई प्रकार के एक्टिविटीज में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना होगा । साथ ही सभी प्रकार के संसाधनों का उपयोग करके युवाओं में नशे की लत की समस्या को दूर करने का प्रयास करना होगा ।
*जागरूकता अभियान में जन भागीदारी और सहयोग जरूरी*
डॉ. अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में नशामुक्त एवं स्वस्थ झारखंड के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अभियान तभी सफल होगा जब आम जनता भी सरकार का सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा नशे की लत के कारण रिनपास और सीआईपी जैसे संस्थानों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा देर रात रास्ते पर , फ्लाईओवर के नीचे विशेष रूप से सिरप और सॉल्यूशन का नशा करते युवा दिखाई देते है इसके प्रति पुलिस-प्रशासन को ध्यान रखने की जरूरत है ।
मेयर रांची श्रीमती रोशनी खलखो ने कहा कि नशामुक्ति अभियान में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने की जरूरत और जब हर एक व्यक्ति अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तब सचमुच हम लोग झारखंड को सिर्फ़ स्वस्थ और सुरक्षित नहीं बल्कि नशामुक्त झारखंड भी बना पाएंगे । साथ ही सभी के सहयोग सुरक्षित रांची ,सुरक्षित झारखंड बना सकते है।
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री अजय कुमार ने कहा कि वर्ष 2024 में शुरू हुआ यह अभियान लगातार तीसरे वर्ष आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल झारखंड या भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक चुनौती है। उन्होंने विद्यालयों और महाविद्यालयों में नियमित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने, जोखिमग्रस्त बच्चों पर विशेष निगरानी रखने तथा नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से ड्रग्स कारोबार की जानकारी मिलने पर टोल-फ्री और हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने की अपील भी की।
अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्रीमती वंदना दादेल ने कहा कि सभी विभागों के सहयोग से यह जागरूकता अभियान सफल रहा । सूचना जनसंपर्क विभाग की भूमिका प्रचार प्रसार में महत्वपूर्ण रही। जागरूकता अभियान का मकसद सभी कटिबद्ध ,मुखर, होकर खुलकर नशे के दुष्प्रभाव पर बात करें। सरकार और प्रशासन आपके साथ खड़ी है । उन्होंने कहा कि पूरे साल यह अभियान विशेषकर युवाओं को ध्यान में रखकर बनाया जाए इसे लेकर शिक्षा विभाग द्वारा कार्यकम बनाये गए हैं ।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री राहुल पुरवार ने कहा कि नशे की समस्या पर समय रहते नियंत्रण आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नए विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 मीटर के दायरे में नशे से संबंधित गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। साथ ही नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम चलाने, नशा मुक्ति से संबंधित मॉड्यूल आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने तथा विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के लिए काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत करने की योजना पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री डॉ इरफान अंसारी द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा नशामुक्ति जागरूकता हेतु तैयार पुस्तिका का विमोचन किया गया साथ ही उन्होंने नशा मुक्ति अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पदाधिकारियों जिसमें सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक श्री आनंद , श्रीमती उर्वशी पांडे डीपीआरओ रांची , सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक श्री अभय कुमार ,श्रीमती अंजना भारती डीपीआरओ गिरिडीह , डॉ असीम कुमार डीपीआरओ पलामू , डॉ लाल मांझी एनएचएम से , उच्च शिक्षा से श्री नोइनिता , आलोक रंजन, निर्मला सिन्ह, सहायक शिक्षिका,डॉ सजल आशीष नाग , रिनपास , पर्यटन से आशीष कुमार बनर्जी,मुकेश कुमार ,स्वास्थ्य से सुशांत कुमार , सहित विभिन्न व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया । साथ ही झारखंड में पहली बार राज्य में फाइनेंसियल सीजर की करवाई करने पर सनोज कुमार चौधरी को सम्मानित किया गया । इसके अलावा कई सामाजिक कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों, स्वयंसेवी संस्थाओं को सम्मान प्रदान किया गया ।