रांची। झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में चालू वित्तीय वर्ष की प्रगति और वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और जनसुलभ बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और नवाचार का उपयोग बढ़ाया जाए। उन्होंने राशन कार्ड से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन, नए पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने तथा अपात्र लाभुकों की पहचान कर व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया।
तकनीक आधारित निगरानी पर जोर सीएम ने खाद्यान्न वितरण प्रणाली में तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश देते हुए कहा कि लाभुकों तक समयबद्ध और निर्बाध खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
शहरी श्रमिकों के लिए बढ़ेंगे दाल-भात केंद्र
मुख्यमंत्री ने दाल-भात योजना की समीक्षा के दौरान कहा कि वर्तमान में राज्य में 370 दाल-भात केंद्र संचालित हैं, जहां मात्र 5 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर नए दाल-भात केंद्र खोलने और मॉडल दाल-भात केंद्र विकसित करने का निर्देश दिया।
पीवीटीजी परिवारों को मिले खाद्यान्न की गारंटी
विशिष्ट जनजाति खाद्यान्न सुरक्षा योजना (पीवीटीजी डाकिया योजना) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डोर-स्टेप डिलीवरी के माध्यम से सभी पात्र परिवारों तक खाद्यान्न नियमित रूप से पहुंचना चाहिए।किसानों से सीधे संवाद धान अधिप्राप्ति की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से किसान निगम प्रसाद उपाध्याय से बातचीत की। किसान ने बताया कि उन्होंने 160 क्विंटल धान पैक्स के माध्यम से बेचा था और भुगतान एक ही दिन में उनके खाते में प्राप्त हो गया।
गोदामों की स्थिति की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने गोदामों की मरम्मत एवं नए गोदाम निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अनाज के बेहतर रखरखाव के निर्देश दिए। साथ ही सोना-सोवरन धोती-साड़ी वितरण योजना, मुख्यमंत्री दाल-भात योजना और मुख्यमंत्री नमक वितरण योजना की भी विस्तृत समीक्षा की।बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह तथा विभागीय सचिव राजेश कुमार शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
रांची। जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत झारखंड सरकार और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के बीच MOU पर हस्ताक्षर किए गए। नई दिल्ली में आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी०आर० पाटिल ने की। इस समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह में माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन झारखंड मंत्रालय से ऑनलाइन माध्यम से सम्मिलित हुए। समारोह का शुभारम्भ केंद्रीय मंत्री श्री सी० आर० पाटिल एवं झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के माननीय मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद के बीच अभिवादन आदान-प्रदान से हुई। समारोह में माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री जल शक्ति मंत्रालय श्री वी० सोमन्ना, माननीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री, झारखंड श्री योगेंद्र प्रसाद, सचिव, जल शक्ति मंत्रालय, प्रबंध निदेशक, राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (NJJM), केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
*हर घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही झारखंड सरकार*
समझौता हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज जल जीवन मिशन के इस महत्वकांक्षी योजना के तहत राज्य एवं केंद्र सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू हुआ है। इस कार्यक्रम में हमसभी लोग वर्चुअल माध्यम से जुड़े हैं। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एमओयू आने वाले समय में मिल का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष, 2019 से जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य के साथ संकल्पित होकर आगे बढ़ रहा है। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार भी इस बात से सहमत है कि मिशन मोड में जल जीवन मिशन योजना का लाभ झारखंड के प्रत्येक घरों तक पहुंचाई जाए, राज्य सरकार इस निमित्त केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति देने को लेकर निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि हर घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प को पूरा करने में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। यह बात सही है कि इस योजना के सफल संचालन के लिए झारखंड की भौगोलिक संरचना बहुत अनुकूल नहीं है। झारखंड प्रदेश की ग्रामीण संरचना वन क्षेत्रों में स्थापित है। सरकारी कार्यालय सहित एनएचआई, डीवीसी के कार्यों के साथ-साथ अन्य जलस्रोत स्पॉट पर जल सप्लाई का कार्य होता है, यही कारण है कि इस कार्य के लिए कभी-कभी एनओसी की समस्या होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के साझा प्रयास से एनओसी से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकला जा सकता है, एनओसी की समस्या का त्वरित समाधान से कार्य योजना को ससमय पूर्ण किया जा सकेगा। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने लगभग 30 हजार जल सहियाओं की नियुक्ति की है। जल सहिया दीदियों द्वारा पेयजल व्यवस्था को संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार जल सहियाओं को प्रति माह दो हजार रुपए मानदेय देती है। माननीय मुख्यमंत्री ने जल सहियाओं के मानदेय हेतु केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता दिए जाने का आग्रह किया तथा जल जीवन मिशन योजना में जल सहिया कंपोनेंट को जोड़ने का भी आग्रह किया।
*समारोह को संबोधित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे:-*
▪️वर्ष 2019-20 से जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में कुल ₹24,635 करोड़ की लागत वाली पेयजल योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
▪️मल्टी विलेज स्कीम (MVS) और सिंगल विलेज स्कीम (SVS) पर विशेष जोर दिया गया।
▪️ मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में अब तक केंद्र से कोई पर्याप्त धनराशि जारी नहीं की गई है। अतएव स्वीकार्य केंद्रांश राशि शीघ्र जारी करने का आग्रह किया गया।
▪️ मुख्यमंत्री ने जानकारी से अवगत कराया कि अभी तक 55% परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि पूर्ण कार्यों के लिए केंद्र सरकार द्वारा केवल 46% अनुदान ही उपलब्ध कराया गया है। केंद्र सरकार से लगभग ₹6,500 करोड़ राशि की लंबित सहायता मांगी गई।
▪️ मुख्यमंत्री द्वारा योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की संस्थाओं से NOC देने में समय पर सहयोग की आवश्यकता देने पर बल दिया गया।
▪️राज्य स्तर पर सिंगल विलेज स्कीम (SVS) के सतत संचालन पर बल दिया गया। सरकार ने प्रत्येक गांव में जल सहिया तैनात की है और उन्हें ₹2,500 प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जा रही है। इस हेतु केंद्र सरकार से समुचित सहयोग की अपेक्षा की गई।
▪️भविष्य की सभी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में सभी घटकों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:-
• झारखंड के लिए विशेष रूप से ₹2,500 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। राज्य को JJM 2.0 के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा और दिशा-निर्देशों के अनुसार धनराशि जारी कराने का अनुरोध किया गया।
• जिलाधिकारियों (DM/DC) को JJM परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय निगरानी और भागीदारी करने के निर्देश दिए गए।
• 100 करोड़ से अधिक लागत वाली योजनाओं की उच्चतम स्तर पर सख्त समीक्षा की जाएगी।
• झारखंड JJM के प्रबंध निदेशक पद को संयुक्त सचिव रैंक के अधिकारी द्वारा संभालने की सिफारिश की गई।
• समारोह में ₹1,400 करोड़ की अनुचित (inadmissible) लागत वाले ओवरसाइज्ड घटक की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
समझौता समारोह का समापन MOU के दिशा-निर्देशों के शीघ्र क्रियान्वयन और चल रही परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने के आह्वान के साथ हुआ, ताकि झारखंड के हर ग्रामीण परिवार तक नल से जल पहुंचाया जा सके।
कोलकाता। एक मधुर संगीत की तरह, रेलवे नेटवर्क भी सामंजस्य पर आधारित होता है। प्लेटफॉर्म पर टिक-टिक करती हर घड़ी, वातावरण में गूंजती हर उद्घोषणा और चमकते हुए प्रत्येक डिस्प्ले बोर्ड मिलकर एक ऐसी लय का निर्माण करते हैं, जो सुरक्षित, आरामदायक और निर्बाध यात्रा का आधार बनती है। प्रत्येक यात्रा को यादगार बनाने के लिए चौबीसों घंटे कार्य करने के संकल्प के साथ, महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में पूर्व रेलवे ने अप्रैल 2026 के मात्र एक महीने के दौरान अपने स्टेशनों पर व्यापक परिवर्तन किए हैं। यह केवल तकनीकी उन्नयन की सूची नहीं है, बल्कि उन लाखों यात्रियों के प्रति एक भावनात्मक प्रतिबद्धता है जो प्रतिदिन अपने जीवन और सपनों के लिए रेलवे पर भरोसा करते हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा के हर चरण में यात्रियों को सुरक्षा, सुविधा और आत्मीयता का अनुभव हो।
व्यस्त रेलवे प्लेटफॉर्म पर कदम रखते समय यात्रियों को कभी-कभी भ्रम और असुविधा का सामना करना पड़ता है, लेकिन पूर्व रेलवे अब इस भ्रम को स्पष्टता और चिंता को विश्वास में बदल रहा है। ट्रेन के कोच की सही स्थिति जानना अब पूरी तरह आसान हो गया है। हावड़ा मंडल के साइंथिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 एवं 2 तथा आजिमगंज स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 6 पर कुल 58 नए कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे यात्री आत्मविश्वास के साथ अपने कोच के आगमन स्थल पर खड़े हो सकेंगे। वहीं, प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले प्रतिष्ठित सियालदह स्टेशन पर एक विशाल आउटडोर वीडियो वॉल स्थापित की गई है, जो वास्तविक समय में ट्रेन संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रदर्शित करेगी ताकि कोई भी यात्री आवश्यक जानकारी से वंचित न रहे। इसके साथ ही, कैनिंग स्टेशन पर सार्वजनिक संबोधन प्रणाली को सुदृढ़ बनाया गया है ताकि महत्वपूर्ण सुरक्षा घोषणाएं स्टेशन के हर कोने तक स्पष्ट रूप से पहुँच सकें। समय की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने और यात्रियों की यात्रा को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए कैनिंग एवं मध्यमग्राम स्टेशनों पर 10 अतिरिक्त जीपीएस आधारित प्लेटफॉर्म घड़ियां भी लगाई गई हैं।
पूर्ण सुरक्षा के बिना वास्तविक सुविधा संभव नहीं है। इसी उद्देश्य से पूर्व रेलवे ने पर्दे के पीछे रहकर ऐसे अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं जो यात्रियों और उनके प्रियजनों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करते हैं। रेलवे फाटकों पर सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए हावड़ा मंडल के मसाग्राम और गुराप सहित सियालदह मंडल के बनगांव, बारासात, काकद्वीप तथा लक्ष्मीकांतपुर स्टेशनों के अंतर्गत कुल 12 इंटरलॉक्ड समपार फाटकों पर वॉयस रिकॉर्डिंग सुविधा युक्त उन्नत गेट टेलीफोन लगाए गए हैं। इससे गेटकीपर और स्टेशन मास्टर के बीच होने वाला संचार सुरक्षित, स्पष्ट और रिकॉर्डेड रहेगा। डिजिटल सेवाओं को भी और अधिक सशक्त बनाया गया है। सियालदह स्टेशन पर ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों के लिए कनेक्टिविटी को उन्नत किया गया है, जिससे टिकट लेने के लिए लगने वाली लंबी कतारों में कमी आएगी। वहीं, आवश्यक माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु आसनसोल और दुर्गापुर गुड्स शेडों में 8 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। रेलवे संचार प्रणाली को निर्बाध बनाए रखने के लिए सोदपुर ऑप्टिकल फाइबर हट में पुराने बैटरी सेटों को बदलकर अत्यधिक विश्वसनीय नई प्रणालियां स्थापित की गई हैं। इसके अतिरिक्त, मालदा मंडल के बसुदेवपुर में नव-निर्मित इंटरमीडिएट ब्लॉक हट (IBH) में डेटा लॉगर और सुरक्षा प्रणालियों सहित अत्याधुनिक दूरसंचार उपकरण सफलतापूर्वक चालू किए गए हैं, जो ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने और दुर्घटनाओं की संभावना को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अप्रैल 2026 के दौरान बिछाई गई प्रत्येक तार, स्थापित किया गया प्रत्येक कैमरा और समन्वित की गई प्रत्येक घड़ी पूर्व रेलवे और उसके यात्रियों के बीच गहरे भावनात्मक संबंध का प्रतीक है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने कहा कि रेलवे स्टेशन केवल कंक्रीट और लोहे की संरचना नहीं है, बल्कि यह भावनाओं, मिलन और नई शुरुआतों का केंद्र है। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह में किए गए प्रत्येक तकनीकी उन्नयन का उद्देश्य यात्रियों के लिए एक मौन संरक्षक के रूप में कार्य करना है। चाहे वह किसी यात्री को अपना कोच नंबर स्पष्ट रूप से देखने में मदद करना हो या किसी गेटकीपर को स्टेशन मास्टर से तुरंत बात करने में सक्षम बनाना हो। पूर्व रेलवे चौबीसों घंटे यात्रियों की सेवा में तत्पर है क्योंकि यात्री सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च कर्तव्य है और यात्री सुविधा उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि।
रांची : झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति कार्यक्रमों, रोजगार सृजन, आवासीय विद्यालयों और कौशल विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, समयबद्ध और लक्ष्य आधारित तरीके से सुनिश्चित किया जाए ताकि अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे संवाद किया। उन्होंने लाभुकों से प्राप्त ऋण, व्यवसाय की स्थिति, आय, रोजगार सृजन और बैंकिंग सहयोग से जुड़ी जानकारी ली।
लाभुकों ने बताया कि यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित हुई है। मुख्यमंत्री ने लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन और लाभुकों के लिए नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया। साथ ही लाभुकों की समस्याओं और फीडबैक के लिए कॉल सेंटर स्थापित करने का भी निर्देश दिया।
विद्यार्थियों को मिल सकती है ई-साइकिल
साइकिल वितरण योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पारंपरिक साइकिल के स्थान पर विद्यार्थियों को ई-साइकिल उपलब्ध कराने की दिशा में कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को विद्यालय पहुंचने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह पहल शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान बनाएगी।
एकलव्य विद्यालय और छात्रावासों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने राज्य के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों, अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों तथा आदिवासी छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों की उपलब्धता, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही एनजीओ संचालित आश्रम विद्यालयों के विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
SIR और जनगणना पर जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम चलाकर विद्यार्थियों को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और जनगणना के प्रति जागरूक किया जाए। इसके लिए कार्यशालाएं और जागरूकता अभियान संचालित करने पर जोर दिया गया।
कौशल विकास कार्यक्रमों को बनाया जाएगा रोजगारोन्मुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें बाजार की मांग और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। उन्होंने उद्योगों और स्थानीय उद्यमों के साथ समन्वय स्थापित कर युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का निर्देश दिया।
जिला अस्पतालों में बनेगा विशेष हेल्प डेस्क
मुख्यमंत्री ने रिम्स सहित राज्य के सभी जिला अस्पतालों में अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के मरीजों की सहायता के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्देश दिया। यहां प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती कर मरीजों को पंजीकरण, जांच और उपचार संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफिजुल हसन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
रांची : राजधानी रांची की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन (एसएसपी) ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक यातायात राजेश कुमार सिंह के साथ शहर के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण अल्बर्ट एक्का चौक से अंजुमन प्लाजा तक किया गया।
निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन पार्क करने वालों, फुटपाथ एवं सड़क पर दुकान लगाने वालों तथा अन्य प्रकार के अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पैदल यात्रियों के लिए बने मार्ग पर मोटरसाइकिल और अन्य वाहन खड़े करने वाले चालकों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें चेतावनी दी गई।
एसएसपी ने पार्किंग स्टैंड में खड़े वाहनों को सुव्यवस्थित ढंग से पार्क कराने का निर्देश दिया, ताकि यातायात प्रभावित न हो। साथ ही विभिन्न ट्रैफिक पोस्टों पर तैनात यातायात पुलिस अधिकारियों और जवानों को ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान ट्रैफिक एसपी राकेश कुमार सिंह,स्थानीय पुलिस उपाधीक्षक, संबंधित थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू एवं अधिकारियों की उपस्थिति में नगर विकास एवं आवास विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नगर विकास एवं आवास विभाग की योजनाओं का लाभ आमलोगों को समय पर मिले। नगर विकास एवं आवास विभाग का उद्देश्य सड़क निर्माण, आधारभूत संरचनाओं एवं भवनों का निर्माण के साथ-साथ आम जनता के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है। ऐसे में विकासात्मक योजनाओं के ससमय कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी परियोजना, नगर निगम अंतर्गत आधारभूत संरचना, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, पेयजल आपूर्ति, यातायात प्रबंधन और कूड़ा निस्तारण आदि नगरीय व्यवस्था को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि रांची स्मार्ट सिटी परियोजना को गति देने हेतु भूमि अधिग्रहण कार्यों को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास की सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ राजस्व संग्रहण के संसाधनों पर विशेष कार्य करें। मुख्यमंत्री ने शहरी नागरिक परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने जनहित से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। बैठक में मंत्री नगर विकास एवं आवास विभाग सुदिव्य कुमार भी उपस्थित रहे।
नदी एवं अन्य जलस्रोत क्षेत्रों से हटवायें अतिक्रमण
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि शहरों से गुजरने वाली सभी नदियों, तालाबों, डैमों, नालियों अथवा अन्य जलस्रोतों पर बनी अवैध संरचनाओं एवं अन्य निर्माण कार्यों को तत्काल बंद कराएं एवं पूर्व से बनीं अवैध संरचनाओं से अतिक्रमण मुक्त कराएं। अतिक्रमण कर जो घर बनाएं गएं हैं, उनका तत्काल गहन सर्वे कराएं। उन्होंने सभी शहरी निकायों में अवस्थित नदी अथवा अन्य जलस्रोतों में हुए अवैध निर्माण को चिन्हित करते हुए लिखित नोटिस करने, अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने एवं अतिक्रमण कर निर्मित अवैध संरचनाओं को ध्वस्त करने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी किनारे और अन्य जलस्रोतों पर अतिक्रमण कर घर बनाना पर्यावरण और जल निकासी के लिए गंभीर खतरा है। इस तरह के कार्य क्षमा योग्य नहीं है, ऐसे कार्य करने वाले लोगों पर कड़ी कानूनी-कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से भी अपील किया है कि अवैध अतिक्रमण कर संरचना तैयार नहीं करें।
कांके डैम संरक्षण के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाएं
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के राजधानी रांची में अवस्थित कांके डैम के संरक्षण के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाते हुए कार्य योजना तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। उन्होंने डैम एरिया में सीधे गिरने वाले नालों को तत्काल बंद कराने, डैम के कैचमेंट एरिया की शीघ्र मापी कराकर, उसकी घेराबंदी कराने का निर्देश दिया, ताकि डैम का पानी स्वच्छ, सुरक्षित एवं संरक्षित बना रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आसपास के लोगों को भी जागरूक करते हुए , यह सुनिश्चित कराया जाए कि वे घरों से निकलने वाले गंदे पानी को डैम में नहीं जाने दें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शहरों में बसे शत-प्रतिशत घरों में पाइपलाईन के माध्यम से शुद्ध पानी उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित की जाए।
परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो, यह सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि नगर विकास एवं आवास विभाग की किसी भी परियोजना में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सभी योजनाओं की समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक सशक्त करें। मुख्यमंत्री ने नगर विकास एवं आवास विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण, नगर निकाय क्षेत्रों में साफ-सफाई/स्वच्छता, पेय जलापूर्ति तथा आवास योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने नगर निकाय क्षेत्रों में बरसात पूर्व जल जमाव की समस्या का स्थाई समाधान एवं स्ट्रीट लाइट व्यवस्था दुरूस्त रखने का निर्देश दिए।
रांची सहित राज्य के सभी रिंग रोड के आसपास सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा प्रणाली विकसित करें
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रांची सहित राज्य में जहां भी रिंग रोड है, उसके आसपास सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा प्रणाली विकसित करें। साथ ही सोलर स्ट्रीट लाइट से रोशन करें। अगले 15 दिनों में सोलर पैनल एवं स्ट्रीट लाईट लगाए जाने संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट से पारित कर कार्य को मूर्त रूप दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिंग रोड एरिया में वाटर पाइप लाइन, सीवर लाइन की भी संरचना विकसित की जाए। राज्य के भीतर जिन-जिन शहरों में वाटर सप्लाई प्लान के अंतर्गत योजनाएं चल रही है, उन योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के अंदर पूर्ण कर ली जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर में स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, डिजिटल मॉनिटरिंग और आधुनिक शहरी नियोजन तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जाए। नगर विकास योजनाओं में अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने से समय की बचत के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
शहरी क्षेत्र के प्रत्येक घरों में कराएं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं वाटर वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था
शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने को लेकर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि शहरी क्षेत्र में स्थापित प्रत्येक घर, बड़ी-बड़ी सोसाइटीज, हाउसिंग क्षेत्र, बड़े होटल, अपार्टमेंट एवं पॉश इलाके में रहने वाले लोग स्वयं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वाटर वेस्ट मैनेजमेंट का कार्य करें। इस निमित्त कार्य योजना बनाते हुए लोगों को इस कार्य के लिए प्रेरित करते हुए प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए लोगों को जागरूक कर जनभागीदारी बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि भू-जलस्तर संरक्षित रहे और प्रदूषण में कमी आए।
आधुनिक तकनीक एवं उपायों के माध्यम से निकालें समाधान
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वर्तमान समय में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत कचरे के पहाड़ों (Legacy Waste) का निस्तारण शहरों की एक प्रमुख पर्यावरणीय चुनौती है। मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच रांची के झिरी स्थित Legacy Waste का निस्तारण हेतु विचार-विमर्श हुआ तथा आधुनिक तकनीक एवं उपायों के माध्यम से इसका समाधान निकालने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के सभी नगर निकाय क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों से भी गीले एवं सूखे कचरे की अलग-अलग पृथ्कीकरण करने की व्यवस्था करने की अपील की है, जिससे एक तरफ बायोडिग्रेबल कूड़ा से ऊर्जा पैदा किया जा सके, उर्वरक के रूप में इस्तेमाल किया जा सके और नॉन बायोडिग्रेडेबल कचरे का पुनर्चक्रण कर पुन: उपयोग में लाया जा सके।
सड़क किनारे लगे पेड़ों की ट्रिमिंग कर सुंदर आकार दें
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बारिश के मौसम से पहले सड़क किनारे लगे पेड़ों की ट्रिमिंग कराकर सुंदर आकार दें। पेड़ों को ट्रिमिंग होने से विद्युत तार एवं सड़कों पर गिरने के खतरों से बचा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने ऑनलाइन माध्यम से राज्य के राजमहल, साहिबगंज एवं धनबाद जिलों से जुड़कर वहां अवस्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर बातचीत की तथा उसकी संरचनाओं का अवलोकन कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग सुनील कुमार, आयुक्त रांची नगर निगम श्री सुशांत गौरव, निदेशक सूडा सूरज कुमार, निदेशक डीएमए नैंसी सहाय, पीडीटी जुडको बी०के० राय, जीएम स्मार्ट सिटी परियोजना राकेश कुमार नंदकुलियार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
धनबाद। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) धनबाद की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बोकारो जिले के बालीडीह थाना में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) मो. याकूब अंसारी को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने एसीबी मुख्यालय रांची में शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2009 में खरीदी गई जमीन से जुड़े मामले की जांच के नाम पर पुलिस पदाधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बालीडीह थाना में दर्ज मामले की जांच के सिलसिले में एएसआई मो. याकूब अंसारी ने जमीन पर जाकर जांच करने एवं खर्चा-पानी के नाम पर 5 हजार रुपये की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी धनबाद ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद धनबाद थाना कांड संख्या-04/2026, दिनांक 25 मई 2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा-7 के अंतर्गत मामला दर्ज कर धावादल का गठन किया गया।
एसीबी की टीम ने मंगलवार 26 मई 2026 को जाल बिछाकर आरोपी एएसआई मो. याकूब अंसारी (उम्र 56 वर्ष) को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए बोकारो जिले के नया मोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान दंडाधिकारी एवं स्वतंत्र गवाह भी मौजूद थे।
फिलहाल एसीबी की ओर से आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
रांची । राजधानी रांची स्थित SIRD सभागार में सोमवार को आई गॉट कर्मयोगी पोर्टल की राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्घाटन राज्य की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने किया। कार्यक्रम में राज्यभर के उप समाहर्ता सह बीडीओ शामिल हुए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य के अधिकारियों को सिर्फ दिमाग से नहीं, बल्कि दिल से भी सोचने और काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकारी दफ्तरों में उम्मीद लेकर पहुंचने वाले आम लोगों की पीड़ा को समझना अधिकारियों की जिम्मेदारी है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति निराश होकर वापस न लौटे।
उन्होंने कहा कि प्रखंड एवं अंचल कार्यालय ही सरकार का चेहरा हैं, इसलिए अधिकारियों को आम लोगों के लिए सहज और सुलभ होना होगा। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं — जैसे मईया सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना और सर्वजन पेंशन योजना — को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू करने में अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मंत्री ने कहा कि बदलते दौर में नवाचार और तकनीक प्रशासनिक कार्यों को आसान बना रहे हैं तथा मिशन कर्मयोगी इसी बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने अधिकारियों से प्रशिक्षण का बेहतर उपयोग करते हुए खुद को समय के साथ अपडेट रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आज झारखंड में परिस्थितियां तेजी से बदली हैं और लोग अब राशन एवं पेंशन के लिए भटकने को विवश नहीं हैं, लेकिन सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ लेने की अपेक्षा जरूर रखते हैं। योग्य लाभुकों तक समय सीमा के भीतर योजनाओं का लाभ पहुंचाना अधिकारियों की जवाबदेही है।
इस दौरान मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा बढ़ती गर्मी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था को लेकर जारी निर्देशों का हर हाल में पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रखंड कार्यालय, पंचायत भवन तथा प्रमुख चौक-चौराहों पर आम लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए SIRD के निदेशक ने कहा कि यह केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि समय बचाने और कार्यप्रणाली को आसान बनाने का बेहतर अवसर है। उन्होंने अधिकारियों से लोगों से अधिक जुड़ने और उनकी समस्याओं को समझने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को AI के माध्यम से मिलने वाली नई जानकारियों का उपयोग प्रशासनिक कार्यों में करना चाहिए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन और समस्या समाधान की गति बढ़ सके। मिशन कर्मयोगी से संबंधित प्रशिक्षण एवं अधिकारियों के सवालों का जवाब निधि द्वारा दिया गया।
ब्यूरो। बिहार में अपराध और अपराधियों के बढ़ते मनोबल को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। राज्य सरकार लगातार कानून व्यवस्था मजबूत होने का दावा करती रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने भाषणों में अपराध नियंत्रण और सुशासन की बात करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कई बार इन दावों पर सवाल खड़े कर देती है।
ताजा मामला पटना जिले के मोकामा क्षेत्र से सामने आया है, जहां जलालपुर नौरंगा गांव निवासी बाहुबली छवि वाले सोनू-मोनू गैंग से जुड़े ठिकाने पर जांच के लिए घर पहुंची पुलिस टीम खुद सवालों के घेरे में आ गई। आरोप है कि पुलिस जांच करने पहुंची थी, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने पहले पुलिसकर्मियों की ही “जांच” शुरू कर दी। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद बिहार पुलिस की जमकर फजीहत हुई।
वीडियो में जिस तरह पुलिसकर्मी दबाव में नजर आए, उसने यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर अपराधियों के भीतर कानून का डर क्यों खत्म होता जा रहा है? क्या स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण, बाहुबल और कमजोर पुलिसिंग अपराधियों के हौसले बढ़ा रही है?
मामले के तूल पकड़ने के बाद पटना एसएसपी एस कार्तिकेयन ने बाद 1 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर दोनों संबंधित थाना अध्यक्ष को निलंबित कर दिया जिसमें हाथीदह थाना प्रभारी रंजन कुमार और पंचमाहला थाना प्रभारी कुंदन कुमार है। कार्रवाई तो हुई, लेकिन इससे बड़ा सवाल अब भी कायम है कि क्या केवल निलंबन से अपराधी डर जायेंगे ?
मोकामा का यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि पुलिस के इकबाल पर सीधा सवाल है। जब अपराधी या उनके समर्थक पुलिस टीम को ही घेरने लगें और पुलिस असहाय नजर आए, तो आम लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष सरकार पर हमला बोलते हुए कह रहा है कि बिहार में अपराधियों का मनोबल चरम पर है, जबकि सरकार इसे अलग-थलग घटना बताकर कार्रवाई की बात कर रही है।
रांची। महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड, राँची के निर्देशन में झारखण्ड पुलिस, के०रि०पु० बल कोबरा एवं झारखण्ड जगुआर के द्वारा नक्सली संगठनों के खिलाफ चौतरफा प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। झारखण्ड में भटके हुए नक्सलियों को पुनः मुख्य धारा में वापस लाने के लिए झारखण्ड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत झारखण्ड पुलिस लगातार कार्य कर रही है, जिसका परिणाम काफी सकारात्मक रहा है। अबतक भा०क०पा० (माओ०) सहित अन्य प्रतिबंधित नक्सली संगठनों के कई बड़े ईनामी नक्सली कमाण्डरों से लेकर दस्ता सदस्य झारखण्ड पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुके है। भा०क०पा० (माओ०) संगठन के आंतरिक शोषण, भयादोहन एवं पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश के कारण कई नक्सली मुख्य धारा में शामिल हो रहे है।
इसी क्रम में झारखण्ड राज्य में वर्ष 2026 में लगातार संचालित अभियान के फलस्वरूप अबतक कुल 44 नक्सलियों को गिरफ्तारी किया गया, कुल 29 नक्सलियों द्वारा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया, पुलिस मुठभेड़ में कुल 22 नक्सली मारे गये है। चाईबासा जिलान्तर्गत नक्सल गतिविधि पर अंकुश लगाने हेतु नक्सल प्रभावित थाना क्षेत्र में आम जन के मन में उपजे सुरक्षा भाव को संधारित रखने के लिए सारंडा क्षेत्र में कुल 21 नये Advance Camp Location (ACL) एवं Forward Operating Base (FOB) सुरक्षा कैम्पों का भी अधिष्ठापन किया गया है।
इस कड़ी में भा०क०पा० (माओ०) संगठन के विरूद्ध संयुक्त बलों के द्वारा लगातार संचालित नक्सल विरोधी अभियान, संगठन के आंतरिक शोषण से क्षुब्ध होकर तथा प्रत्यार्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर ऑपरेशन "नवजीवन" के तहत भा०क०पा० (माओ०) नक्सली संगठन के केन्द्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी एवं असीम मंडल की टीम के शीर्ष कमांडर एवं मारक दस्ता के सदस्य, कोल्हान् तथा सारंडा के सुदूर जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों के चप्पे-चप्पे की जानकारी रखनेवाले कुल 25 कमांडर एवं दस्ता सदस्य (SZCM-06, ACM- 06, दस्ता सदस्य-13) कुल 16 हथियार एवं 2857 गोलियों के साथ आज दिनांक- 21.05.2026 को आत्मसमर्पण कर रहें है। इसके अतिरिक्त गुमला जिला में सक्रिय जेजेएमपी के कुल-02 कमांडर एवं सदस्य (SZCM-01, ACM-01) एक हथियार एवं 130 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
झारखण्ड पुलिस के द्वारा संचालित अभियान से नक्सली दबाव में आकर तेलंगाना एवं पश्चिम बंगाल राज्यों में भी आत्मसमपर्ण किये हैं।
उल्लेखनीय है कि भा०क०पा० (माओ०) के सभी सदस्य पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिला एवं गिरिडीह जिला के स्थानीय निवासी है और भा०क०पा० (माओ०) के द्वारा इनको पूर्व में दस्ता में शामिल कराया गया था और इनके आत्मसमर्पण से झारखण्ड राज्य विशेषकर पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिला एवं आस-पास के जिलों एवं राज्य में माओवादियों की गतिविधि पर अंकुश लगेगा। इन सभी का आत्मसमर्पण स्थानीय भा०क०पा० (माओ०) दस्ते के लिए एक बहुत ही करारा प्रहार है।
झारखण्ड पुलिस का शेष बचे माओवादियों से अपील है कि हिंसा और भयदोहन का रास्ता छोड़ कर मुख्यधारा में लौटे और झारखण्ड सरकार की ,आत्मसमर्पण एवं पुर्नवास नीति का लाभ उठाएं।