ब्यूरो। पटना में ज्ञान बिंदु और खान ग्लोबल स्टडीज के बीच हुए चर्चित गोलीकांड और विवाद मामले में प्रसिद्ध शिक्षक (खान सर) को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
मामला 2 जून को पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज के पास हुई फायरिंग और हिंसक झड़प से जुड़ा है। इस घटना के बाद पुलिस ने खान सर, उनके सुरक्षा कर्मियों और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि विवाद के दौरान गोली चलाने की घटना हुई, जिसके बाद पुलिस जांच तेज कर दी गई थी।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी की आशंका के बीच खान सर की ओर से कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इससे खान सर को तत्काल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है, जबकि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
इस पूरे विवाद में ज्ञान बिंदु और खान ग्लोबल स्टडीज के बीच प्रतिस्पर्धा और टकराव की भी चर्चा रही है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी पक्षों के साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
रांची: अहमदाबाद में आयोजित में स्वर्ण पदक जीतकर झारखंड का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले खिलाड़ी का मंगलवार को रांची एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, पदाधिकारियों और योगासना संघ के सदस्यों ने जोरदार उत्साह के साथ उनका अभिनंदन किया।
प्रतियोगिता में दुनिया के 78 देशों के करीब 400 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया था। कड़े मुकाबले के बीच रोशन थापा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया और देश के साथ-साथ झारखंड का गौरव बढ़ाया।
इस अवसर पर के अध्यक्ष , सचिव , कोषाध्यक्ष तथा मुख्य सलाहकार ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया।
वहीं की ओर से जिला अध्यक्ष , सचिव , कार्यकारी अध्यक्ष , कोषाध्यक्ष सहित कई पदाधिकारियों एवं खेल प्रेमियों ने भी उनका उत्साहवर्धन किया।
स्वागत समारोह में उपस्थित लोगों ने कहा कि रोशन थापा की यह उपलब्धि झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और इससे राज्य में योगासना खेल को नई पहचान मिलेगी।
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए राज्य के प्रत्येक घर तक पाइपलाइन और नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल की उपलब्धता जनजीवन से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने पेयजल संकट वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी करने तथा समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जल जीवन मिशन को मिलेगी रफ्तार
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी ग्रामीण घरों तक दिसंबर 2028 तक पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और समय पर यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने के निर्देश भी दिए।
जल सहियाओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जल सहियाओं को समूहवार आईटीआई में प्लंबर का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही उन्हें खराब चापाकलों की मरम्मत, सोलर वाटर सप्लाई सिस्टम के रखरखाव और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी जाए। बेहतर कार्य करने वाली जल सहियाओं को पुरस्कृत करने की भी बात कही गई।
रियल टाइम मॉनिटरिंग पर जोर
मुख्यमंत्री ने बड़ी पेयजल योजनाओं के ठेकेदारों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर प्रतिदिन कार्य प्रगति की रिपोर्ट अपडेट करने और उसकी नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए मजबूत फ्रेमवर्क और बैकअप प्लान तैयार किया जाए।
जल संरक्षण और भू-जल स्तर बढ़ाने पर फोकस
मुख्यमंत्री ने वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण और भू-जल स्तर को बनाए रखने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने अनुपयोगी हो चुके चापाकलों के बोरिंग को रिचार्ज पिट के रूप में उपयोग करने तथा सोक पिट निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने की पहल
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने वाले समुदायों को सरकार की ओर से प्रोत्साहित और पुरस्कृत किया जाना चाहिए।
इन योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में जल जीवन मिशन, हर घर जल, जल गुणवत्ता निगरानी, बहु ग्रामीण एवं एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं, नलकूप योजनाएं, , ओडीएफ प्लस गांव, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन तथा गोबरधन योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त तथा विभागीय सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कोलकाता । पूर्व रेल मंडल ने जानकारी दी है कि पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल में नवादा और तिलैया स्टेशनों के बीच लिमिटेड हाइट सबवे (LHS) निर्माण कार्य के लिए 09 जून 2026 को सुबह 09:30 बजे से शाम 05:30 बजे तक 8 घंटे का ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक लिया जाएगा। इसके चलते कई ट्रेनों के परिचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।
रेलवे के अनुसार निम्नलिखित ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है:
19604 गोड्डा-दौराई एक्सप्रेस (09 जून को प्रस्थान करने वाली) किऊल-नदवान-गया मार्ग के बजाय किऊल-पटना-जहानाबाद-गया मार्ग से चलेगी।
63387 जमालपुर-गया मेमू (09 जून को प्रस्थान करने वाली) लखीसराय-नवादा-मानपुर मार्ग के स्थान पर शेखपुरा-बिहारशरीफ-राजगीर-तिलैया मार्ग से संचालित होगी।
13024 गया-हावड़ा एक्सप्रेस (09 जून को प्रस्थान करने वाली) वजीरगंज-शेखपुरा-किऊल मार्ग के बजाय गया-जहानाबाद-पटना-किऊल मार्ग से चलेगी।
15619 गया-कामाख्या एक्सप्रेस (09 जून को प्रस्थान करने वाली) तिलैया-शेखपुरा-किऊल मार्ग के स्थान पर गया-जहानाबाद-पटना-किऊल मार्ग से संचालित होगी।
इसके अतिरिक्त 63388 गया-जमालपुर मेमू को 09 जून 2026 को गया स्टेशन से 2 घंटे विलंब (री-शेड्यूल) कर रवाना किया जाएगा।
पूर्व मध्य रेल मंडल ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2023 का संशोधित परिणाम (Revised Result) जारी कर दिया है। आयोग ने यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश और संशोधित Answer Key के आधार पर की है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 10 मार्च 2024 को आयोजित सिविल जज (जूनियर डिवीजन) प्रारंभिक परीक्षा (विज्ञापन संख्या-22/2023) का संशोधित परीक्षा परिणाम अब JPSC की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
क्या है पूरा मामला?
- सुप्रीम कोर्ट में लंबित SLP (Civil) No. 21079/2025 एवं अन्य संबंधित मामलों में दिए गए आदेश के आलोक में संशोधित Answer Key तैयार की गई।
- उसी संशोधित Answer Key के आधार पर परीक्षा परिणाम दोबारा प्रकाशित किया गया है।
- आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की त्रुटि या टंकण त्रुटि पाए जाने पर सुधार का अधिकार उसके पास सुरक्षित रहेगा।
हाईकोर्ट में भी मामला लंबित
JPSC ने यह भी कहा है कि यह परिणाम झारखंड हाईकोर्ट में लंबित मामलों, जिनमें Civil Review (Filing) No. 1736/2026, W.P.(S) No. 6602/2024 और अन्य संबंधित याचिकाएं शामिल हैं, के अंतिम निर्णय से प्रभावित होगा।
अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण
- संशोधित रिजल्ट JPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
- अभ्यर्थी अपने परिणाम और संशोधित Answer Key की जांच कर सकते हैं।
- आगे की चयन प्रक्रिया न्यायालय के अंतिम आदेशों के अधीन रहेगी
रांची : रांची पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठन के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी कथित तौर पर 50 लाख रुपये की लेवी (रंगदारी) वसूलने के लिए पहुंचे थे।
पुलिस के अनुसार, नगड़ी थाना क्षेत्र के साहेर गांव निवासी बजरंग महतो से PLFI के नाम पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इस संबंध में नगड़ी थाना कांड संख्या 84/26 के तहत मामला दर्ज किया गया था। रंगदारी की मांग और धमकी देने के लिए एक व्हाट्सएप नंबर का इस्तेमाल किया गया था।
विशेष टीम ने बिछाया जाल
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में डीएसपी (मुख्यालय) द्वितीय अजय आर्यन की अगुवाई में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। तकनीकी शाखा की मदद से मिली सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि लेवी की रकम लेने के लिए अपराधी तुपुदाना क्षेत्र स्थित सफायर स्कूल, बारहमाइल चौक के पास आने वाले हैं।
सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की। कुछ देर बाद एक लाल रंग की अपाचे मोटरसाइकिल (JH01CX4239) पर सवार दो युवकों को रोका गया और पूछताछ की गई।
पूछताछ में कबूला लेवी लेने का मकसद
गिरफ्तार युवकों की पहचान अरुण लोहरा (19 वर्ष) और सूरज लोहरा (18 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों खूंटी जिले के बेलवादाग गांव के रहने वाले हैं।
पुलिस पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे लेवी की रकम लेने के लिए आए थे। तलाशी के दौरान अरुण लोहरा के पास से PLFI का दो पर्चा भी बरामद किया गया, जिस पर संगठन से जुड़ी जानकारी लिखी हुई थी।
बरामद सामान
पुलिस ने आरोपियों के पास से:
- एक अपाचे मोटरसाइकिल (JH01CX4239)
- एक मोटरोला एंड्रॉयड मोबाइल फोन
- PLFI के दो पर्चे
बरामद किए हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
रांची पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है ताकि संगठन की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
गिरफ्तार आरोपी
- अरुण लोहरा (19 वर्ष), पिता – महादेव लोहरा
- सूरज लोहरा (18 वर्ष), पिता – सोमरा लोहरा
दोनों निवासी – बेलवादाग, थाना व जिला खूंटी।
रांची। विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के अवसर पर सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, रांची में गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर स्थित संगम सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सीएमडी, सीसीएल निलेंदु कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी, निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में बच्चे एवं उनके परिजन शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वज फहराने (फ्लैग होस्टिंग) एवं वृक्षारोपण के साथ हुआ। इसके उपरांत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया तथा कोल इंडिया गीत का सामूहिक गायन प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात उपस्थित गणमान्य अतिथियों द्वारा शपथ एवं पर्यावरण विषयक पुस्तक ‘Nature’s Voice Vol-4’ का विमोचन किया गया।
अपने संबोधन में निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा ने सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए ‘जीरो प्लास्टिक’ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में प्लास्टिक की बोतलों एवं अन्य एकल-उपयोग प्लास्टिक सामग्री के प्रयोग से बचना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा, “Mother Earth has enough for everybody’s need, but not enough for everybody’s greed.” तथा पर्यावरण संरक्षण को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने बताया कि विश्व के सर्वाधिक गर्म शहरों में बड़ी संख्या भारत के शहरों की है, जो पर्यावरणीय चुनौतियों की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने वर्षा जल संरक्षण को समय की आवश्यकता बताते हुए सभी से जल संसाधनों के संरक्षण के लिए जागरूक और सक्रिय होने का आग्रह किया। उन्होंने “Each One, Teach One” का मंत्र देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण संरक्षण के प्रति कम-से-कम एक अन्य व्यक्ति को प्रेरित करे। साथ ही उन्होंने कहा कि जहां भी खाली स्थान दिखाई दे, वहां पौधारोपण कर उसे हरित बनाया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त सीसीएल कर्मियों के लिए आयोजित पर्यावरण जागरूकता प्रश्नोत्तरी के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष (पर्यावरण/वन) श्री प्रणव कुमार सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सीसीएल द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम का सफल संचालन महाप्रबंधक ( पर्यावरण) श्रीमती संगीता द्वारा किया गया।
सीसीएल परिवार अपने सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन तथा सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है। हरित, स्वच्छ एवं पर्यावरण-संतुलित भविष्य के निर्माण हेतु सीसीएल विभिन्न पर्यावरणीय पहलों एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को प्रेरित करने के लिए कटिबद्ध है।"
भागलपुर(कोलकाता): दक्षिण एवं उत्तर-पूर्व बिहार के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे ने ट्रेन संख्या 03407/03408 भागलपुर–कटिहार–भागलपुर अनारक्षित विशेष ट्रेन के परिचालन की अवधि को बढ़ाकर 22 जून 2026 तक कर दिया है। यह ट्रेन अपने वर्तमान मार्ग, समय-सारिणी और निर्धारित ठहरावों के साथ संचालित होती रहेगी।
रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 10 जून से 16 जून 2026 तक यह विशेष ट्रेन नवगछिया से ही आंशिक रूप से प्रारंभ और समाप्त (शॉर्ट ओरिजिनेट/शॉर्ट टर्मिनेट) की जाएगी। इस दौरान ट्रेन भागलपुर तक नहीं जाएगी।
गौरतलब है कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण भागलपुर और सीमांचल क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क गंभीर रूप से प्रभावित हुआ था। इसके चलते दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने भागलपुर और कटिहार के बीच यह अनारक्षित विशेष ट्रेन सेवा शुरू की थी। पहले इसका संचालन 4 जून 2026 तक निर्धारित था, लेकिन यात्रियों की जरूरत और लगातार मांग को देखते हुए इसकी अवधि अब 22 जून 2026 तक बढ़ा दी गई है।
रेलवे के इस फैसले से भागलपुर, नवगछिया, कटिहार और सीमांचल क्षेत्र के हजारों यात्रियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
ब्यूरो। पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग की घटना से सनसनी फैल गई है। घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग संस्थान के बाहर जमा हो गए और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फायरिंग में एक सुरक्षा गार्ड के घायल होने की खबर है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
खान सर ने आरोप लगाया है कि इस घटना के पीछे कोचिंग संस्थानों की आपसी प्रतिस्पर्धा हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने पहले कर्मचारियों को धमकाया और फिर हमला किया। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी साजिश या प्रतिद्वंद्विता के एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों में दहशत का माहौल है।
रांची। जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत झारखंड सरकार और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के बीच MOU पर हस्ताक्षर किए गए। नई दिल्ली में आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी०आर० पाटिल ने की। इस समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह में माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन झारखंड मंत्रालय से ऑनलाइन माध्यम से सम्मिलित हुए। समारोह का शुभारम्भ केंद्रीय मंत्री श्री सी० आर० पाटिल एवं झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के माननीय मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद के बीच अभिवादन आदान-प्रदान से हुई। समारोह में माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री जल शक्ति मंत्रालय श्री वी० सोमन्ना, माननीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री, झारखंड श्री योगेंद्र प्रसाद, सचिव, जल शक्ति मंत्रालय, प्रबंध निदेशक, राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (NJJM), केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
*हर घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही झारखंड सरकार*
समझौता हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज जल जीवन मिशन के इस महत्वकांक्षी योजना के तहत राज्य एवं केंद्र सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू हुआ है। इस कार्यक्रम में हमसभी लोग वर्चुअल माध्यम से जुड़े हैं। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एमओयू आने वाले समय में मिल का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष, 2019 से जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य के साथ संकल्पित होकर आगे बढ़ रहा है। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार भी इस बात से सहमत है कि मिशन मोड में जल जीवन मिशन योजना का लाभ झारखंड के प्रत्येक घरों तक पहुंचाई जाए, राज्य सरकार इस निमित्त केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति देने को लेकर निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि हर घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प को पूरा करने में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। यह बात सही है कि इस योजना के सफल संचालन के लिए झारखंड की भौगोलिक संरचना बहुत अनुकूल नहीं है। झारखंड प्रदेश की ग्रामीण संरचना वन क्षेत्रों में स्थापित है। सरकारी कार्यालय सहित एनएचआई, डीवीसी के कार्यों के साथ-साथ अन्य जलस्रोत स्पॉट पर जल सप्लाई का कार्य होता है, यही कारण है कि इस कार्य के लिए कभी-कभी एनओसी की समस्या होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के साझा प्रयास से एनओसी से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकला जा सकता है, एनओसी की समस्या का त्वरित समाधान से कार्य योजना को ससमय पूर्ण किया जा सकेगा। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने लगभग 30 हजार जल सहियाओं की नियुक्ति की है। जल सहिया दीदियों द्वारा पेयजल व्यवस्था को संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार जल सहियाओं को प्रति माह दो हजार रुपए मानदेय देती है। माननीय मुख्यमंत्री ने जल सहियाओं के मानदेय हेतु केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता दिए जाने का आग्रह किया तथा जल जीवन मिशन योजना में जल सहिया कंपोनेंट को जोड़ने का भी आग्रह किया।
*समारोह को संबोधित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे:-*
▪️वर्ष 2019-20 से जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में कुल ₹24,635 करोड़ की लागत वाली पेयजल योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
▪️मल्टी विलेज स्कीम (MVS) और सिंगल विलेज स्कीम (SVS) पर विशेष जोर दिया गया।
▪️ मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में अब तक केंद्र से कोई पर्याप्त धनराशि जारी नहीं की गई है। अतएव स्वीकार्य केंद्रांश राशि शीघ्र जारी करने का आग्रह किया गया।
▪️ मुख्यमंत्री ने जानकारी से अवगत कराया कि अभी तक 55% परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि पूर्ण कार्यों के लिए केंद्र सरकार द्वारा केवल 46% अनुदान ही उपलब्ध कराया गया है। केंद्र सरकार से लगभग ₹6,500 करोड़ राशि की लंबित सहायता मांगी गई।
▪️ मुख्यमंत्री द्वारा योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की संस्थाओं से NOC देने में समय पर सहयोग की आवश्यकता देने पर बल दिया गया।
▪️राज्य स्तर पर सिंगल विलेज स्कीम (SVS) के सतत संचालन पर बल दिया गया। सरकार ने प्रत्येक गांव में जल सहिया तैनात की है और उन्हें ₹2,500 प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जा रही है। इस हेतु केंद्र सरकार से समुचित सहयोग की अपेक्षा की गई।
▪️भविष्य की सभी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में सभी घटकों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:-
• झारखंड के लिए विशेष रूप से ₹2,500 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। राज्य को JJM 2.0 के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा और दिशा-निर्देशों के अनुसार धनराशि जारी कराने का अनुरोध किया गया।
• जिलाधिकारियों (DM/DC) को JJM परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय निगरानी और भागीदारी करने के निर्देश दिए गए।
• 100 करोड़ से अधिक लागत वाली योजनाओं की उच्चतम स्तर पर सख्त समीक्षा की जाएगी।
• झारखंड JJM के प्रबंध निदेशक पद को संयुक्त सचिव रैंक के अधिकारी द्वारा संभालने की सिफारिश की गई।
• समारोह में ₹1,400 करोड़ की अनुचित (inadmissible) लागत वाले ओवरसाइज्ड घटक की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
समझौता समारोह का समापन MOU के दिशा-निर्देशों के शीघ्र क्रियान्वयन और चल रही परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने के आह्वान के साथ हुआ, ताकि झारखंड के हर ग्रामीण परिवार तक नल से जल पहुंचाया जा सके।