धनबाद। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) धनबाद की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बोकारो जिले के बालीडीह थाना में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) मो. याकूब अंसारी को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने एसीबी मुख्यालय रांची में शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2009 में खरीदी गई जमीन से जुड़े मामले की जांच के नाम पर पुलिस पदाधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बालीडीह थाना में दर्ज मामले की जांच के सिलसिले में एएसआई मो. याकूब अंसारी ने जमीन पर जाकर जांच करने एवं खर्चा-पानी के नाम पर 5 हजार रुपये की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी धनबाद ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद धनबाद थाना कांड संख्या-04/2026, दिनांक 25 मई 2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा-7 के अंतर्गत मामला दर्ज कर धावादल का गठन किया गया।
एसीबी की टीम ने मंगलवार 26 मई 2026 को जाल बिछाकर आरोपी एएसआई मो. याकूब अंसारी (उम्र 56 वर्ष) को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए बोकारो जिले के नया मोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान दंडाधिकारी एवं स्वतंत्र गवाह भी मौजूद थे।
फिलहाल एसीबी की ओर से आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
रांची । राजधानी रांची स्थित SIRD सभागार में सोमवार को आई गॉट कर्मयोगी पोर्टल की राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्घाटन राज्य की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने किया। कार्यक्रम में राज्यभर के उप समाहर्ता सह बीडीओ शामिल हुए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य के अधिकारियों को सिर्फ दिमाग से नहीं, बल्कि दिल से भी सोचने और काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकारी दफ्तरों में उम्मीद लेकर पहुंचने वाले आम लोगों की पीड़ा को समझना अधिकारियों की जिम्मेदारी है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति निराश होकर वापस न लौटे।
उन्होंने कहा कि प्रखंड एवं अंचल कार्यालय ही सरकार का चेहरा हैं, इसलिए अधिकारियों को आम लोगों के लिए सहज और सुलभ होना होगा। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं — जैसे मईया सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना और सर्वजन पेंशन योजना — को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू करने में अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मंत्री ने कहा कि बदलते दौर में नवाचार और तकनीक प्रशासनिक कार्यों को आसान बना रहे हैं तथा मिशन कर्मयोगी इसी बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने अधिकारियों से प्रशिक्षण का बेहतर उपयोग करते हुए खुद को समय के साथ अपडेट रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आज झारखंड में परिस्थितियां तेजी से बदली हैं और लोग अब राशन एवं पेंशन के लिए भटकने को विवश नहीं हैं, लेकिन सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ लेने की अपेक्षा जरूर रखते हैं। योग्य लाभुकों तक समय सीमा के भीतर योजनाओं का लाभ पहुंचाना अधिकारियों की जवाबदेही है।
इस दौरान मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा बढ़ती गर्मी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था को लेकर जारी निर्देशों का हर हाल में पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रखंड कार्यालय, पंचायत भवन तथा प्रमुख चौक-चौराहों पर आम लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए SIRD के निदेशक ने कहा कि यह केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि समय बचाने और कार्यप्रणाली को आसान बनाने का बेहतर अवसर है। उन्होंने अधिकारियों से लोगों से अधिक जुड़ने और उनकी समस्याओं को समझने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को AI के माध्यम से मिलने वाली नई जानकारियों का उपयोग प्रशासनिक कार्यों में करना चाहिए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन और समस्या समाधान की गति बढ़ सके। मिशन कर्मयोगी से संबंधित प्रशिक्षण एवं अधिकारियों के सवालों का जवाब निधि द्वारा दिया गया।
ब्यूरो। बिहार में अपराध और अपराधियों के बढ़ते मनोबल को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। राज्य सरकार लगातार कानून व्यवस्था मजबूत होने का दावा करती रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने भाषणों में अपराध नियंत्रण और सुशासन की बात करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कई बार इन दावों पर सवाल खड़े कर देती है।
ताजा मामला पटना जिले के मोकामा क्षेत्र से सामने आया है, जहां जलालपुर नौरंगा गांव निवासी बाहुबली छवि वाले सोनू-मोनू गैंग से जुड़े ठिकाने पर जांच के लिए घर पहुंची पुलिस टीम खुद सवालों के घेरे में आ गई। आरोप है कि पुलिस जांच करने पहुंची थी, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने पहले पुलिसकर्मियों की ही “जांच” शुरू कर दी। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद बिहार पुलिस की जमकर फजीहत हुई।
वीडियो में जिस तरह पुलिसकर्मी दबाव में नजर आए, उसने यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर अपराधियों के भीतर कानून का डर क्यों खत्म होता जा रहा है? क्या स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण, बाहुबल और कमजोर पुलिसिंग अपराधियों के हौसले बढ़ा रही है?
मामले के तूल पकड़ने के बाद पटना एसएसपी एस कार्तिकेयन ने बाद 1 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर दोनों संबंधित थाना अध्यक्ष को निलंबित कर दिया जिसमें हाथीदह थाना प्रभारी रंजन कुमार और पंचमाहला थाना प्रभारी कुंदन कुमार है। कार्रवाई तो हुई, लेकिन इससे बड़ा सवाल अब भी कायम है कि क्या केवल निलंबन से अपराधी डर जायेंगे ?
मोकामा का यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि पुलिस के इकबाल पर सीधा सवाल है। जब अपराधी या उनके समर्थक पुलिस टीम को ही घेरने लगें और पुलिस असहाय नजर आए, तो आम लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष सरकार पर हमला बोलते हुए कह रहा है कि बिहार में अपराधियों का मनोबल चरम पर है, जबकि सरकार इसे अलग-थलग घटना बताकर कार्रवाई की बात कर रही है।
रांची। महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड, राँची के निर्देशन में झारखण्ड पुलिस, के०रि०पु० बल कोबरा एवं झारखण्ड जगुआर के द्वारा नक्सली संगठनों के खिलाफ चौतरफा प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। झारखण्ड में भटके हुए नक्सलियों को पुनः मुख्य धारा में वापस लाने के लिए झारखण्ड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत झारखण्ड पुलिस लगातार कार्य कर रही है, जिसका परिणाम काफी सकारात्मक रहा है। अबतक भा०क०पा० (माओ०) सहित अन्य प्रतिबंधित नक्सली संगठनों के कई बड़े ईनामी नक्सली कमाण्डरों से लेकर दस्ता सदस्य झारखण्ड पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुके है। भा०क०पा० (माओ०) संगठन के आंतरिक शोषण, भयादोहन एवं पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश के कारण कई नक्सली मुख्य धारा में शामिल हो रहे है।
इसी क्रम में झारखण्ड राज्य में वर्ष 2026 में लगातार संचालित अभियान के फलस्वरूप अबतक कुल 44 नक्सलियों को गिरफ्तारी किया गया, कुल 29 नक्सलियों द्वारा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया, पुलिस मुठभेड़ में कुल 22 नक्सली मारे गये है। चाईबासा जिलान्तर्गत नक्सल गतिविधि पर अंकुश लगाने हेतु नक्सल प्रभावित थाना क्षेत्र में आम जन के मन में उपजे सुरक्षा भाव को संधारित रखने के लिए सारंडा क्षेत्र में कुल 21 नये Advance Camp Location (ACL) एवं Forward Operating Base (FOB) सुरक्षा कैम्पों का भी अधिष्ठापन किया गया है।
इस कड़ी में भा०क०पा० (माओ०) संगठन के विरूद्ध संयुक्त बलों के द्वारा लगातार संचालित नक्सल विरोधी अभियान, संगठन के आंतरिक शोषण से क्षुब्ध होकर तथा प्रत्यार्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर ऑपरेशन "नवजीवन" के तहत भा०क०पा० (माओ०) नक्सली संगठन के केन्द्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी एवं असीम मंडल की टीम के शीर्ष कमांडर एवं मारक दस्ता के सदस्य, कोल्हान् तथा सारंडा के सुदूर जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों के चप्पे-चप्पे की जानकारी रखनेवाले कुल 25 कमांडर एवं दस्ता सदस्य (SZCM-06, ACM- 06, दस्ता सदस्य-13) कुल 16 हथियार एवं 2857 गोलियों के साथ आज दिनांक- 21.05.2026 को आत्मसमर्पण कर रहें है। इसके अतिरिक्त गुमला जिला में सक्रिय जेजेएमपी के कुल-02 कमांडर एवं सदस्य (SZCM-01, ACM-01) एक हथियार एवं 130 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
झारखण्ड पुलिस के द्वारा संचालित अभियान से नक्सली दबाव में आकर तेलंगाना एवं पश्चिम बंगाल राज्यों में भी आत्मसमपर्ण किये हैं।
उल्लेखनीय है कि भा०क०पा० (माओ०) के सभी सदस्य पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिला एवं गिरिडीह जिला के स्थानीय निवासी है और भा०क०पा० (माओ०) के द्वारा इनको पूर्व में दस्ता में शामिल कराया गया था और इनके आत्मसमर्पण से झारखण्ड राज्य विशेषकर पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिला एवं आस-पास के जिलों एवं राज्य में माओवादियों की गतिविधि पर अंकुश लगेगा। इन सभी का आत्मसमर्पण स्थानीय भा०क०पा० (माओ०) दस्ते के लिए एक बहुत ही करारा प्रहार है।
झारखण्ड पुलिस का शेष बचे माओवादियों से अपील है कि हिंसा और भयदोहन का रास्ता छोड़ कर मुख्यधारा में लौटे और झारखण्ड सरकार की ,आत्मसमर्पण एवं पुर्नवास नीति का लाभ उठाएं।
रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 20 जून से शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक घर तक संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र के बीएलओ पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी निर्वाचन सदन से मीडिया के प्रतिनिधियों हेतु आयोजित एक दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम एवं प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
के रवि कुमार ने बताया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के क्रम में 20 जून से 29 जून तक तैयारी, प्रशिक्षण एवं आवश्यक मुद्रण कार्य किए जाएंगे। इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे और सत्यापन करेंगे जिसके बाद प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 5 अगस्त को होगा। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा एवं आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। नोटिस पीरियड तथा दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 3 अक्टूबर तक चलेगी। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 7 अक्टूबर को किया जाएगा। इस विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के क्रम में नए मतदाताओं के आवेदन दावा एवं आपत्तियां दर्ज करने के क्रम में बीएलओ द्वारा घर घर जाकर संकलित किए जाएंगे। जिन मतदाताओं से बीएलओ का संपर्क नहीं हो पाएगा, उनके लिए विशेष कैंप भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई के सूची से नहीं हटाया जाएगा और लोगों को भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान नहीं देने की सलाह दी।
के रवि कुमार ने कहा कि यह प्रक्रिया केवल भारतीय नागरिकों के लिए है और विदेशी नागरिक इसमें शामिल नहीं होंगे। उन्होंने मतदाताओं, कर्मियों, मीडिया के प्रतिनिधियों, सभी मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए, से अपील करते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग करें ताकि राज्य की मतदाता सूची अधिक स्वच्छ समावेशी एवं त्रुटिरहित बन सके।
इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, ट्रेनिंग नोडल देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार उपस्थित रहे।
रांची। राज्य में 25 साल के लंबे इंतजार के बाद PESA (पेसा) कानून लागू कर दिया गया है। पारंपरिक ग्राम सभा को उनका अधिकार दिलाना सरकार की प्राथमिकता है । इसके लिए गाँव - गाँव तक पेसा नियमावली के बेहतर एवं मजबूत क्रियान्वयन की आवश्यकता है । पेसा कानून के दायरे में आने वाले जिलों के अधिकारियों को इसके लिए अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन करना होगा । ये बातें ग्रामीण विकास विभाग , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन के एनेक्सी सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला के दौरान कही । कार्यशाला का आयोजन पंचायती राज विभाग द्वारा PESA नियमावली के संबंध में किया गया था।
मंत्री ने कहा कि यह कानून मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिशा-निर्देश पर लागू किया गया है, जिनका सपना था कि राज्य में पारंपरिक ग्राम व्यवस्थाओं को प्राथमिकता मिले। उन्होंने कहा कि इस कानून को धरातल पर उतारने के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्य करना आवश्यक है।
श्रीमती पाण्डेय ने बताया कि देश के 10 राज्यों में PESA कानून लागू होना था, जिनमें झारखंड का कानून सबसे बेहतर और प्रभावी माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून को लेकर कुछ स्थानों पर भ्रम फैलाने की कोशिश हो रही है, ऐसे में सभी संबंधित लोगों को इसके प्रावधानों का गहन अध्ययन करना चाहिए। गांव के लोगों के हर सवालों और परेशानियों का जवाब पेसा नियमावली के पन्नों में दर्ज है ।
उन्होंने निर्देश दिया कि पारंपरिक व्यवस्था के तहत तीन महीने के भीतर ग्राम प्रधानों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि आगे की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से लागू की जा सकें।
मंत्री ने कहा कि यह कानून पारंपरिक ग्रामसभाओं को सशक्त बनाने वाला है और विभागीय स्तर पर इसके सफल क्रियान्वयन के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि पारंपरिक ग्राम प्रधान और राजस्व ग्राम प्रधान को समझने की जरूरत है । पारंपरिक तरीके से ही ग्राम सभा के जरिए ग्राम प्रधान के चयन को सुनिश्चित करना है ।
स्थानीय लोगों तक इसकी जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचे: सचिव
रांची में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने कहा कि PESA नियमावली लागू होने के बाद से ही इसे जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ,स्थानीय लोगों तक इसकी जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचे इसके लिए नियमावली का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद कराया गया है।
सचिव ने जानकारी दी कि PESA कानून के विभिन्न प्रावधानों को राज्यभर में प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 125 मास्टर ट्रेनरों को तैयार किया गया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर जागरूकता बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नियमावली के निर्माण और क्रियान्वयन के लिए कई विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।
इस दिशा में निदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है, जो कानून के लागू होने में आने वाली बाधाओं का अध्ययन कर रही है। मनोज कुमार ने कहा कि पारंपरिक न्याय व्यवस्था का भी गहन अध्ययन किया जा रहा है, ताकि स्थानीय संदर्भों को ध्यान में रखते हुए नियमावली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने भरोसा जताया कि निरंतर प्रयासों से PESA कानून का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
रांची में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यशाला में पंचायती राज निदेशालय की निदेशक श्रीमती बी. राजेश्वरी ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि राज्य में PESA कानून का लागू होना एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि इस कानून को लागू करने से पहले कई आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं, लेकिन इसके क्रियान्वयन के दौरान विभिन्न प्रकार की चुनौतियां भी सामने आई हैं। इन बाधाओं को दूर करने के लिए निरंतर सुधार की प्रक्रिया जारी है।
कार्यशाला में आयोजित तीन तकनीकी सत्र का मुख्य उद्देश्य इन समस्याओं का समाधान निकालना था, ताकि संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक कुशलता और प्रभावशीलता के साथ कार्य कर सकें। सत्र में परंपरागत ग्रामसभा की भूमिका, सामुदायिक भागीदारी, और सशक्तिकरण में प्रशासन की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके साथ ही शिक्षण एवं प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में परंपरागत स्वशासन को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। PESA नियमावली के सभी तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्रतिभागियों को दी गई। कार्यशाला के दौरान अधिकारियों के बीच खुला संवाद भी हुआ, जिससे अनुभव साझा करने और बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में ठोस सुझाव सामने आए।कार्यशाला में विभिन्न जिला के उप समाहर्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी उपस्थित थे।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में दक्षिण पूर्व रेलवे (South Eastern Railway) के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन एवं रांची रेल मंडल के डीआरएम करुणानिधि सिंह ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं रेल अधिकारियों के बीच राज्य में रेल सेवाओं के विस्तार, यात्री सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा रेलवे से संबंधित विकासात्मक परियोजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मौके पर सीनियर डीसीएम रांची रेल मंडल श्रेया सिंह एवं महाप्रबंधक के सचिव अजय कुमार उपस्थित थे।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) झारखंड के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष श्री दिलू पारिख एवं टाटा स्टील कॉरपोरेट सर्विस के उपाध्यक्ष श्री डी०बी० सुंदर रमन सहित सीआईआई ईस्टर्न रीजन के रीजनल डायरेक्टर श्री देव ज्योति तथा सीआईआई झारखंड हेड श्री प्रभात कुमार शामिल थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं सीआईआई के प्रतिनिधियों के बीच राज्य में औद्योगिक क्षेत्र के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। मौके पर सीआईआई के प्रतिनिधियों ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच 2026 में झारखंड सरकार की भागीदारी एवं यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा तथा राज्य को मिले मजबूत इन्वेस्टमेंट इंटेंशन हेतु शुभाकामनाएं एवं बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सीआईआई के प्रतिनिधियों से कहा कि दावोस में आयोजित वैश्विक आर्थिक मंच पर राज्य सरकार ने पूरे विश्व को संदेश दिया है कि झारखंड असीम संभावनाओं वाला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्रदेश निवेश के लिए अनुकूल है। राज्य सरकार झारखंड में औद्योगिक विकास को गति मिले इस निमित्त बेहतर कार्य योजना बनाते हुए निरंतर आगे बढ़ रही है।*
*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के समक्ष सीआईआई प्रतिनिधियों ने झारखंड को एक उभरता हुआ इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने और इन्वेस्टर का भरोसा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से सीआईआई के प्रतिनिधियों ने राज्य की इंडस्ट्रियल पॉलिसी पर विस्तृत चर्चा की तथा औद्योगिक विकास में राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने की इच्छा जाहिर की। मुख्यमंत्री के समक्ष सीआईआई के प्रतिनिधियों ने पॉलिसी डेवलपमेंट प्रोसेस में नॉलेज और इंडस्ट्री पार्टनर के तौर पर भूमिका निभाने की बात कही।
रांची । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), निगमित मुख्यालय के कार्यपालक निदेशक श्री एस० एस० राजू ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को उन्होंने 20 मई 2026 को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रांची, परिसर में आयोजित "भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा सहित फीचर वॉल, उड़ान यात्री कैफे, अवसर काउंटर, किड्स जोन एवं फ्लाइब्रेरी के उद्घाटन समारोह" में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया। मौके पर बिरसा मुंडा हवाई अड्डा रांची के निदेशक विनोद कुमार एवं उप महाप्रबंधक मनोज प्रसाद सिंह उपस्थित थे।
रांची। यह अवसर न केवल नव नियुक्त अभ्यर्थियों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि राज्य के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग बाहुल्य है, जो कई कारणों से विकास की गति में पीछे छूट गया था। नवनियुक्त कर्मी गाँव-गाँव और घर-घर जाकर सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करें। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि आपके माध्यम से सरकार गाँव-गाँव, घर-घर और हर व्यक्ति तक पहुँचना चाहती है। खासकर महिलाओं और बच्चों तक, जिन्हें हमें आने वाले भविष्य के लिए तैयार करना है। सीमित दायरे में जीवन जीने वाले इन लोगों को बदलते परिवेश के अनुरूप आगे बढ़ाना, उनका सशक्तिकरण करना, यह बड़ी चुनौती आपके कंधों पर होगी। उक्त बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कही। वे आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित नव नियुक्त इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों का नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। नियुक्ति पत्र वितरण समारोह सभागार उत्साह, उमंग एवं गौरवपूर्ण माहौल से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज और राज्य के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं, वहीं महिला पर्यवेक्षकाएं समाज में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा महिला एवं बाल विकास योजना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लगातार नियुक्तियां की जा रही है।
पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया एवं शिक्षा व्यवस्था का हो रहा सुदृढ़ीकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाओं से नियुक्तियाँ बाधित हो रही हैं, वहीं झारखंड सरकार ने पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक और विगत दो वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है, जबकि पूर्व के कार्यकाल में सरकारी, अनुबंध एवं निजी संस्थानों में करीब दो लाख से अधिक नियुक्तियां की गईं है। वर्ष 2024 में वर्तमान सरकार के गठन के बाद से मानव संसाधन को सशक्त करने के लिए विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियाँ की गई हैं, और यह प्रक्रिया आगे भी निरंतर जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी- कभी ऐसा भी होता है कि कुछ शिक्षक सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं। ऐसी सोच के साथ समग्र विकास संभव नहीं है। यदि हम अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से कंधों पर लें, तभी बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय जैसी पहल इसीलिए की गई है, ताकि वर्षों से हमारी शिक्षा व्यवस्था पर लगे कलंक को मिटाया जा सके और बच्चों को बेहतर भविष्य दिया जा सके।
मंईयाँ सम्मान योजना का मिल रहा लाभ, बेटियां बन रही कलेक्टर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी को मुख्यधारा में शामिल किए बिना राज्य का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। वर्तमान में राज्य की लगभग 60 लाख महिलाओं को झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयाँ सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति माह वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि इस योजना का पाँच से दस प्रतिशत लोग गलत तरीक़े से लाभ ले रहें हों, लेकिन ऐसे लोगों को रोकने के लिए 90 प्रतिशत लोगों को प्रभावित नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियाँ आज कलेक्टर जैसे पदों तक पहुँच रही हैं। महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का कार्य भी निरंतर हो रहा है। अब वह समय बीत चुका है जब महिलाओं को चारदीवारी के भीतर सीमित रखा जाता था। आज उन्हें आगे आना है और समाज को भी उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेना है।
दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को तराशना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि आपको दुर्गम क्षेत्रों में जाना होगा और ऐसे बच्चों के साथ काम करना होगा, जिनकी परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण होंगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चे आपके हाथों में कच्ची मिट्टी की तरह होंगे। उन्हें तराशने, आकार देने और उनके भविष्य को संवारने की पूरी जिम्मेदारी आपके पास होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर कुपोषण जैसी समस्या और उसके निराकरण संबंधी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं से राज्य को मुक्त कराना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी हैं। आप सभी युवा हैं, ऊर्जा से भरपूर हैं, और आपके पास समय तथा अवसर भी हैं। पूरी निष्ठा, समर्पण और संकल्प के साथ यदि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, तो न केवल आपका भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि आपका परिवार, समाज और पूरा झारखंड मजबूत होगा। जिस प्रकार की खुशी आपको और आपके परिवार को इस नियुक्ति से मिली है, वैसी ही खुशी पूरे झारखंड को मिले—यही मेरी कामना है। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।
इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, निदेशक प्राथमिक शिक्षा मनोज कुमार रंजन सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नवनियुक्त अभ्यर्थी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।