रांची। शुक्रवार को सुतियाम्बे गढ़ पिठोरिया मरंगबुरू के प्रांगण में महाराजा मदरा मुंडा सेवा संस्थान न्यास ट्रस्ट के संरक्षक पहलवान मुंडा एवं प्रदीप पहान दोनों की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक की गई, जिसमें आगामी 23 फरवरी 2025 को शुद्धिकरण की बात को सर्व समिति से खारिज की गई। शुद्धिकरण करने का तात्पर्य है कि जनजाति/ आदिवासी समाज में पूजा पाठ में यदि बलि दी जाती है तो पूजा को सफल माना जाता है और यदि पूजा पाठ में बली नहीं दी जाती है तो पूजा को असफल माना जाता है।
इसी का तात्पर्य कई लोगों को समझ में नहीं आया और विरोध वगैरा करने का निर्णय लिया गया, जिसको देखते हुए 23 फरवरी 2025 को किसी भी प्रकार का कोई शुद्धिकरण नहीं होगा।बैठक में सोमा उराँव ने कहा कि महाराजा मदरा मुंडा हमको संरक्षण दिए थे और मेरा पहला कर्तव्य है कि हम उनके अस्तित्व की रक्षा करें। उराँव ने आगे कहा कि महाराजा मदरा मुंडा, केवल मुंडा और उरांव के महाराजा नहीं थे बल्कि वे सभी धर्म को मानने वाले हिंदू मुस्लिम सिख इसाई जैन बौद्ध सभी के महाराजा थे और उन्होंने सबों को रैयत बैठाये थे। मरंगबुरू पर कोई भी व्यक्ति आ जा सकता है पूजा पाठ कर सकता है किसी को कोई रोक नहीं है। मरंगबुरू पर लोग आते हैं पूजा पाठ करते हैं, मन्नत मांगते हैं और बलि चढ़ाते हैं।सोमा उराँव ने आगे कहा की छोटी मोटी वाद विवाद को लेकर आपस में हम लोग तू तू मैं मैं नहीं होना चाहिए, अभी भी समय है जनजाति/ आदिवासी समाज के जितने भी संगठन है सभी आपस में एक मंच पर आये तथा आने वाले दिनों में महाराजा मादरा मुंडा के जन्मदिन के शुभ अवसर पर सभी गिला शिकवा मिटाकर सभी कोई एक साथ में जन्मदिन मनाएंगे तथा गीत संगीत नृत्य भी करेंगे। एक साथ होने पर हम सबों की एकता को अत्यधिक बल प्राप्त होगा तथा सभी मिलकर आने वाले दिनों में मरंगबुरू के अगल-बगल हो रहे अतिक्रमण तथा कई प्रकार की जमीनों के लिए भी खोजबीन एवं जरूरत पड़ने पर धरना प्रदर्शन कर सरकार से मांग करेंगे।
अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा है हम सभी एक मंच पर आवे। एक मंच पर आने से अन्य कई पूजा स्थलों का हम सभी आसानी से संरक्षण भी कर पाएंगे। मैं सभी से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि हम लोग अलग-अलग संगठन से सभी हैं तथा सभी महाराजा मदरा मुंडा का विकास और संरक्षण चाहते हैं लेकिन हम लोग एक नहीं हो रहे हैं मेरा निवेदन रहेगा कि अभी भी हम सभी एक मंच पर आए। किसी को नीचा या छोटा दिखाने का प्रयास नहीं करें तभी जाकर हम लोग अतिक्रमण तथा पूजा स्थलों का संरक्षण कर पाएंगे।आने वाले 12 अप्रैल 2025 को चैत पूर्णिमा के दिन सभी मिलजुल कर एक साथ भव्य रूप से हम लोग जन्म उत्सव मनाएंगे और एक मिसाल कायम करेंगे कि हम सभी आदिवासी एक है और एक रहेंगे एकता में ही ताकत है जय मरंग गुरू।
( बहुत सारा चीजों का विकास किए हैं और आगे चिट्ठी पत्री भी किए हुए हैं साथ मिलने पर पुरजोर आंदोलन करेंगे)एक कुशल जनप्रतिनिधि का काम होता है कि जनता की भावनाओं को कद्र करना तथा उनकी समस्याओं का समाधान करना यही कारण है कि जनता की भावनाओं को देखते हुए और कद्र करते हुए 23 फरवरी 2025 को किसी प्रकार का कोई शुद्धिकरण नहीं होगा। जो भी होगा आने वाले दिनों में महाराजा मदरा मुंडा के जन्मदिन पर होगी
बैठक में मोहित पहान, विनय पहान, प्रेम पहान, सुनील पहान, रवि पहान, पूरन गोप, जितेंद्र साहू, ज्ञानी महतो, रामप्रसाद गोप, रतन गोप, मधु साहू, विजय मुंडा, प्रिया मुंडा, अनिल महतो, नितेश यादव, महेंद्र मुंडा, राजेंद्र मुंडा एवं नागेंद्र प्रसाद उपस्थित थे।