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गणतंत्र दिवस 2026 के शुभ अवसर पर रियाजुल अंसारी उप प्रमुख रातु जिला रांची की ओर से क्षेत्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं
रांची/गिरिडीह। झारखंड की राजनीति से रविवार सुबह बेहद दुखद खबर सामने आई है। झारखंड सरकार के सीनियर कैबिनेट मंत्री और गिरिडीह सदर के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया है। शनिवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गिरिडीह के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। शुरुआती रिपोर्टों में निधन का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है।
सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन की खबर सामने आते ही गिरिडीह से लेकर राजधानी रांची तक शोक की लहर दौड़ गई है। झामुमो नेताओं, कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में गहरा दुख है। देर रात से ही उनके निधन की खबर तेजी से फैलने लगी और बड़ी संख्या में लोग उनके आवास तथा अस्पताल की ओर पहुंचने लगे।
शनिवार तक लगातार सक्रिय थे मंत्री सोनू
रिपोर्टों के मुताबिक, निधन से कुछ घंटे पहले तक सुदिव्य कुमार सोनू सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय थे। 5 सितंबर को उन्होंने शिक्षक दिवस से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इसी दौरान गिरिडीह के इस्लामिया उर्दू मिडिल स्कूल के शताब्दी समारोह में भी वे शामिल हुए थे।
गिरिडीह से लगातार दो बार जीते थे चुनाव
सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। उन्होंने 2019 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता और 2024 में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें हेमंत सोरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी मिली।
सरकार में उनके पास नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी।
झामुमो के प्रमुख नेताओं में थी गिनती
सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। पार्टी और सरकार से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर वे मुखर होकर अपनी बात रखते थे। हाल के दिनों में भर्ती परीक्षाओं को लेकर हुए छात्र आंदोलन के दौरान भी वे सरकार और छात्रों के बीच संवाद में सक्रिय रहे थे।
अचानक निधन से राजनीतिक गलियारे में शोक
एक सक्रिय मंत्री और जनप्रतिनिधि के अचानक निधन से झारखंड की राजनीति को बड़ा झटका लगा है। गिरिडीह में उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच गहरा शोक है। उनके निधन की विस्तृत जानकारी और अंतिम संस्कार से जुड़ी आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
रांची (शुभेंदु कुमार पंडित)। देश में इन दिनों छात्र आंदोलन की आंधी चल पड़ी है, दिल्ली में जिस तरीके से छात्र आंदोलन हुए उसके बाद छात्र आंदोलन देश में फैल चुकी है। पूरे देश में भ्रष्टाचार का खोखला सिस्टम के विरुद्ध छात्र आंदोलन कर रहे है। लेकिन इस आंदोलन के बीच कई ऐसे नाम है जो की काफी चर्चा का विषय बना हुआ है,जब से सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के द्वारा आंदोलन में छात्रों को कॉकरोच कहा गया उसके बाद एक नया कॉकरोच जनता पार्टी का उदय हुआ , जो शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार, शिक्षा गुणवत्ता में सुधार को लेकर आंदोलन करते हुए नज़र आ रहे है। जैसे ही आंदोलन सक्सेस हुआ और सफलता की सीढ़ी चढ़ना स्टार्ट हुआ वैसे-वैसे देश के विभिन्न राज्यों में नौकरी की परीक्षा हो या अन्य परीक्षाएं जिससे की शैक्षणिक संस्थान में दाखिला मिलता हो उन सभी में भ्रष्टाचार के खोखले सिस्टम और व्यवस्था में सुधार को लेकर छात्र आंदोलन करते हुए दिखाई देने लगे, वर्तमान में दिल्ली के बाद बड़ा आंदोलन झारखंड में हुआ जहां 20 से अधिक दिनों तक चला और सरकार को झुकना पड़ा, लेकिन फिर आंदोलन के रूपरेखा छात्रों के द्वारा तय कर दी गई और अभी भी छात्र आंदोलन कर रहे हैं। वहीं बिहार में टीचर वैकेंसी को लेकर छात्र सड़कों पर नजर आ रहे हैं छात्र की जो मांग है, उस पर सरकार विचार कर रही लेकिन इस आंदोलन के बीच बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के द्वारा जब एक वाक्य कहा गया कि हाथी चले बाजार कुत्ता भौंके हजार और इस कुत्ता शब्द ने एक नई रूपरेखा को जन्म दे दिया अब बिहार की सड़कों पर एक महिला हाथों में पोस्टर लिए नजर आ रही है,और कह रही है ,अब कुत्ता जनता पार्टी बन चुका है अब कॉकरोच पार्टी को देखने के बाद और बिहार के आईएएस अधिकारी जो छात्रों को कुत्ता समझ रहे हैं अब बिहार के खोखला सिस्टम को कुत्ता काट खाएगा । अब सवाल यह उठता है कि किसी सीजेआइ के द्वारा कॉकरोच शब्द कहना और आईएएस अधिकारी के द्वारा कुत्ता कहना एक नई विचारधारा को जन्म दे दिया है? एक आंदोलन का नाम कहें या फिर अन्य संज्ञा अपने आप में दिया जा सकता है। लेकिन अब कॉकरोच जनता पार्टी जो प्रमुख रूप से देश भर में शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर आंदोलन कर रही है। वहीं बिहार जो आंदोलन की भूमि रही है अब एक नई व्यवस्था में सुधार को लेकर कुत्ता जनता पार्टी बन गई क्या वाकई में जो सफलता कॉकरोच को मिली वह कुत्ता को मिल पाएगा यह बड़ा सवाल है इस सवाल का जवाब आने वाले समय में मिलेगा।
हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार’ बयान से नया विवाद
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह की ओर से छात्रों के आंदोलन के संदर्भ में कथित तौर पर दिए गए ‘हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार’ वाले बयान ने विवाद को और हवा दे दी। इस बयान में इस्तेमाल किए गए ‘कुत्ता’ शब्द को लेकर छात्रों और आंदोलन से जुड़े लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।अब इसी शब्द को आंदोलन के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल करते हुए बिहार की सड़कों पर एक महिला हाथ में पोस्टर लेकर नजर आई, जिस पर ‘कुत्ता जनता पार्टी’ का उल्लेख किया गया। इसके बाद सोशल मीडिया और छात्र आंदोलनों से जुड़े हलकों में ‘कुत्ता जनता पार्टी’ नाम चर्चा में आ गया है।
कॉकरोच’ से ‘कुत्ता’ तक पहुंची आंदोलन की भाषा
छात्र आंदोलनों में इस्तेमाल हो रहे इन प्रतीकों ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या अधिकारियों या संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों द्वारा आंदोलनकारियों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द आगे चलकर आंदोलनों की पहचान और प्रतीक बन सकते हैं?
क्या ‘कुत्ता जनता पार्टी’ को भी मिलेगी सफलता?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस तरह ‘कॉकरोच’ शब्द को आंदोलनकारियों ने अपने विरोध और पहचान के प्रतीक में बदल दिया, क्या ‘कुत्ता’ शब्द भी बिहार के छात्र आंदोलन को उसी तरह नई पहचान दिला पाएगा?
बिहार लंबे समय से छात्र और युवा आंदोलनों की भूमि रहा है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर जारी आंदोलनों के बीच ‘कुत्ता जनता पार्टी’ नाम का यह नया प्रयोग आने वाले दिनों में कितना प्रभाव डालता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि छात्र आंदोलनों की आवाज अब केवल परीक्षा और नौकरी की मांग तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि व्यवस्था में सुधार और सम्मानजनक संवाद की मांग भी आंदोलन का हिस्सा बनती जा रही है। ‘कॉकरोच’ के बाद ‘कुत्ता’ शब्द का आंदोलन के प्रतीक में बदलना इसी बदलते दौर की एक नई तस्वीर पेश कर रहा है।
मालदा। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा लक्ष्मण सेन स्टेडियम, मालदा में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और आरपीएफ दल द्वारा प्रस्तुत गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। इसके बाद आरपीएफ बैंड ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया।
समारोह में रेलवे कर्मचारियों, रेलवे स्कूल के विद्यार्थियों तथा स्काउट्स एंड गाइड्स की ओर से देशभक्ति गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। आरपीएफ डॉग स्क्वाड के प्रदर्शन ने भी उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम में अपर मंडल रेल प्रबंधक अमरेन्द्र कुमार मौर्य, मंडल रेलवे अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनूपा घोष, वरिष्ठ शाखा अधिकारी तथा पूर्व रेलवे महिला कल्याण संगठन (ERWWO), मालदा की अध्यक्ष मनीषा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी, उनके परिवारजन और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
मालदा मंडल ने दर्ज की कई उपलब्धियां
समारोह को संबोधित करते हुए मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता ने मंडल की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए सुरक्षा, समयपालन, यात्री सुविधाओं और कुशल रेल परिचालन के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारियों का अनुशासन, समर्पण और सामूहिक प्रयास मंडल की प्रगति की आधारशिला हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में मालदा मंडल ने 18.03 मिलियन टन का अब तक का सर्वाधिक आरंभिक माल लदान दर्ज किया। यात्री सेवाओं में भी मंडल ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 4 करोड़ आरंभिक यात्रियों को संभाला, जो निर्धारित लक्ष्य से 16.51 प्रतिशत अधिक है। टिकट जांच से 14.27 करोड़ रुपये तथा स्क्रैप निस्तारण से रिकॉर्ड 26.06 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई।
सुरक्षा पर विशेष जोर
मालदा मंडल ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में शून्य SPAD (Signal Passing At Danger) का लक्ष्य हासिल किया। गैर-परिणामी ट्रेन दुर्घटनाओं में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करीब 67 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
ट्रैक सुरक्षा के तहत 200 थिक वेब स्विच और 83 टर्नआउट्स की डीप स्क्रीनिंग पूरी की गई। चालू वित्तीय वर्ष में भी 32 थिक वेब स्विच, 29 टर्नआउट्स और 25 टीकेएम प्लेन ट्रैक की डीप स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
मवेशियों के रन-ओवर को रोकने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 134 किलोमीटर W-Fencing का कार्य पूरा किया गया, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 49 किलोमीटर अतिरिक्त W-Fencing की जा चुकी है।
यात्रियों के लिए बढ़ाई गई सुविधाएं
यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए मालदा मंडल ने 1 जनवरी 2026 से अब तक 1,600 से अधिक विशेष ट्रेन सेवाओं का संचालन किया है। इनमें 733 समर स्पेशल, 25 परीक्षा स्पेशल और श्रावणी मेला के लिए 196 विशेष ट्रेनें शामिल हैं।
मालदा टाउन और भागलपुर में स्लीपिंग पॉड, भागलपुर में क्लोक रूम तथा विभिन्न स्टेशनों पर सात एसी वेटिंग लाउंज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 21 स्टेशनों पर 54 वाटर वेंडिंग मशीनें, पांच मोबाइल फूड वैन तथा साहिबगंज और मिर्जाचौकी में एटीएम की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चयनित 15 स्टेशनों में से तीन स्टेशनों का उद्घाटन हो चुका है, जबकि शेष 12 स्टेशनों का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। शिवनारायणपुर स्टेशन का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया।
सुरक्षा अभियान में बड़ी कार्रवाई
रेलवे अधिनियम के उल्लंघन के मामलों में 3,600 लोगों को गिरफ्तार/अभियोजित किया गया। कूड़ा फैलाने और थूकने के मामलों में 9.94 लाख रुपये की वसूली की गई। अमानत पहल के तहत 14.64 लाख रुपये मूल्य की खोई हुई वस्तुओं को बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाया गया।
कमजोर एवं असुरक्षित बच्चों की सुरक्षा के तहत 123 बच्चों को बचाया गया, जबकि ऑपरेशन AAHT के तहत पांच मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया। ऑपरेशन भूमि के तहत करीब 12 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में फैली 419 अनधिकृत संरचनाओं को हटाया गया। निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 240 CCTV कैमरे लगाए गए।
पर्यावरण और कर्मचारी कल्याण पर भी जोर
“एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.54 लाख से अधिक पौधे लगाए गए। रेलवे हाई स्कूल, साहिबगंज का 1.70 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिकीकरण किया गया है।
ओल्ड मालदा स्थित प्रशिक्षण संस्थान को 3.40 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत से बहु-विषयक मंडलीय प्रशिक्षण संस्थान के रूप में विकसित किया गया है। मालदा मंडल रेलवे अस्पताल में करीब 50 लाख रुपये की लागत से नौ आधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
मंडल में पूर्व रेलवे का पहला ‘प्रशक्ति’ i-GOT-सह-CBT केंद्र 4.26 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत से विकसित किया गया है। वहीं स्मार्ट मेंटेनेंस को बढ़ावा देने के लिए सिग्नल तकनीशियनों को 237 टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं।
मंडल रेल प्रबंधक ने अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मालदा मंडल की प्रगति के लिए टीमवर्क, पारदर्शिता और नवाचार को निरंतर प्राथमिकता दी जाएगी।
15 अगस्त 2026. 80 वां स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पांकी विधानसभा क्षेत्र सहित सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं - कुशवाहा शशिभूषण मेहता, विधायक, पांकी
15 अगस्त 2026. 80 वाँ स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर कोलेबिरा विधानसभा सहित सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं - नमन बिक्सल कोंगाड़ी, विधायक, कोलेबिरा
15 अगस्त 80 वाँ स्वतंत्रता दिवस 2026 के शुभ अवसर पर रांची सहित सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं - कार्यपालक अभियंता उच्च पथ प्रमंडल रांची
80 वाँ स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं - कार्यपालक अभियंता,पथ निर्माण विभाग,पथ प्रमंडल रांची
15 अगस्त 2026. 80 वाँ स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर सभी झारखंड वासियों सहित देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं - सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड रांची मुख्यालय
15 अगस्त 2026. 80 वाँ स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर रांची सहित सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं - RKDF विश्वविद्यालय रांची झारखंड
15 अगस्त 2026. 80 वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी रांची जिलावासियों सहित सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं- वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग रांची