सिल्ली मुरी। क्षत्रिय महासभा, सिल्ली के सदस्य एवं आजसू पार्टी के नगर अध्यक्ष भरत देव साय की माता शिवानी देवी के निधन से क्षेत्र में शोक का माहौल है। उनके निधन पर क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।महासभा के संरक्षक राजा पुष्पेंद्र नाथ सिंह देव के नेतृत्व में गौरीनाथ सिंह, संजीत सिंह देव, अमर सिंह, सुभाष सिंह, काली सिंह, संतोष राय, कुंदन सिंह एवं संदीप सिंह देव सहित अन्य लोग भरत देव साय के आवास पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस दुख की घड़ी में परिजनों को धैर्य रखने का संबल दिया।इस अवसर पर निर्मल साय, राजेंद्र प्रसाद साय, नंद किशोर साय, रघुनाथ साय एवं श्रीप्रसन्न साय सहित अन्य लोग मौजूद थे।
सिल्ली-मुरी। मुरी ओपी थाना क्षेत्र के बसारुली स्थित रेलवे पुल के समीप पुलिस ने करीब 60 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया है। शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स, रांची भेज दिया।पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक आशंका है कि नदी के नीचे जाने के दौरान संतुलन बिगड़ने से व्यक्ति पत्थर पर गिर गया होगा, जिससे उसकी मौत हुई हो सकती है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। मुरी ओपी पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सिल्ली मूरी। लोवादाग पंचायत के सारजमडीह गांव में बिजली संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को राहत मिली है। गांव का 25 केवीए का ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए झामुमो रांची जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम ने पहल की। उनके प्रयास से 24 घंटे के भीतर गांव में 63 केवीए का नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया गया। इसके बाद झामुमो सिल्ली प्रखंड अध्यक्ष बलराम महतो उर्फ राधिका और ग्रामीणों ने फीता काटकर ट्रांसफार्मर का उद्घाटन किया।नया ट्रांसफार्मर लगाए जाने से ग्रामीणों में खुशी है। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बहाल होने पर राहत जताई। ट्रांसफार्मर लगाने के कार्य में बिजली मिस्त्री गंगाधर महतो और चंद्र मोहन महतो का सराहनीय योगदान रहा।
साहिबगंज। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल अंतर्गत सकरीगली-महाराजपुर के बीच गंगा नदी के तटबंध में कटाव से प्रभावित रेल क्षेत्र में रेल परिचालन बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम जारी है। रेल परिचालन को जल्द से जल्द सामान्य करने के उद्देश्य से रेलवे की कई टीमें चौबीसों घंटे बहाली कार्य में जुटी हुई हैं। इसी क्रम में जिला प्रशासन की ओर से अपर समाहर्ता विजय कुमार और साहिबगंज अंचलाधिकारी बासुकीनाथ टुडू ने रविवार को प्रभावित स्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने मौके पर चल रहे बहाली कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित रेलवे अधिकारियों और मौके पर तैनात कर्मियों से कार्य की वर्तमान स्थिति, अब तक हुई प्रगति तथा बहाली के लिए आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने प्रभावित रेल क्षेत्र में चल रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया और संबंधित टीमों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
चौबीसों घंटे काम में जुटी रेलवे की टीमें
अपर समाहर्ता विजय कुमार ने बताया कि प्रभावित स्थल पर रेलवे के बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। रेल परिचालन को जल्द सामान्य स्थिति में लाने के उद्देश्य से सभी संबंधित टीमें लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बहाली कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है और मौके पर आवश्यक संसाधनों एवं मानवबल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
गंगा नदी के तटबंध में कटाव के कारण रेल क्षेत्र प्रभावित होने के बाद रेल परिचालन पर असर पड़ा है। ऐसे में रेलवे और जिला प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बहाली कार्य किया जा रहा है।
जिला प्रशासन की लगातार निगरानी
जिला प्रशासन की ओर से भी पूरे घटनाक्रम की सतत निगरानी की जा रही है। अपर समाहर्ता ने कहा कि संबंधित विभागों और रेलवे प्रशासन के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि बहाली कार्य में किसी तरह की परेशानी न आए और काम को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
प्रशासन की टीमें रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय कर प्रभावित क्षेत्र की स्थिति की जानकारी ले रही हैं। बहाली कार्य से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाओं में जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
रेल सेवा जल्द सामान्य कराने पर जोर
जिला प्रशासन और रेलवे का मुख्य फोकस प्रभावित रेल क्षेत्र में बहाली कार्य को जल्द पूरा कर रेल परिचालन को सामान्य स्थिति में लाना है। मौके पर तैनात अधिकारी और कर्मचारी लगातार कार्य की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में चल रहे बहाली कार्य के दौरान संबंधित तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। रेलवे की टीमें उपलब्ध संसाधनों के साथ लगातार काम कर रही हैं, ताकि रेल परिचालन को यथाशीघ्र बहाल किया जा सके।
रांची। राजधानी रांची में दुर्गा पूजा के शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में रविवार को धुर्वा स्थित मेफेयर बैंक्वेट हॉल में जगन्नाथ नगरीय दुर्गा पूजा समिति, धुर्वा की ओर से बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन शामिल हुए। बैठक में धुर्वा क्षेत्र की 35 दुर्गा पूजा समितियों के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
बैठक के दौरान दुर्गा पूजा के सफल आयोजन को लेकर प्रशासन और पूजा समितियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा सहित विभिन्न आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही पूजा समितियों को प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने पूजा समितियों के पदाधिकारियों से कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा पंडालों में पहुंचते हैं। ऐसे में समितियां पंडालों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए समितियां प्रशासन और पुलिस के साथ लगातार समन्वय बनाए रखें।
उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा दुर्गा पूजा को लेकर जारी सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने को कहा। पूजा पंडालों में प्रवेश और निकास की व्यवस्था, भीड़ को नियंत्रित करने, आपात स्थिति में निकासी की व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के आवागमन को लेकर विशेष सावधानी बरतने पर जोर दिया गया।
यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण पर जोर
वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने पूजा के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर पूजा समितियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान शहर में श्रद्धालुओं और वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पूजा समितियों का पुलिस-प्रशासन के साथ समन्वय जरूरी है।
बैठक में पूजा पंडालों के आसपास भीड़ नियंत्रण, वाहनों की आवाजाही, पार्किंग और श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। समितियों से कहा गया कि वे ऐसी कोई व्यवस्था न करें जिससे यातायात बाधित हो या आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़े।
अग्नि और विद्युत सुरक्षा के निर्देश
प्रशासन ने पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा उपायों और विद्युत व्यवस्था की जांच को भी महत्वपूर्ण बताया। समितियों को विद्युत कनेक्शन, तारों की व्यवस्था और अन्य तकनीकी सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने को कहा गया। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम पहले से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि पूजा पंडालों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। समितियों को आयोजन से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच कर लेने और प्रशासन की ओर से दिए गए निर्देशों के अनुरूप तैयारियां पूरी करने को कहा गया।
ध्वनि प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान
बैठक में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियमों के पालन पर भी जोर दिया गया। पूजा समितियों से निर्धारित मानकों और प्रशासनिक निर्देशों के अनुरूप ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल की अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि धार्मिक आयोजन के साथ-साथ पर्यावरण और आम लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है।
प्रशासन ने पूजा समितियों से अपील की कि वे पूरे आयोजन के दौरान नियमों का पालन करते हुए प्रशासन के साथ सहयोग करें, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील
उपायुक्त और एसएसपी ने सभी दुर्गा पूजा समितियों से जिला प्रशासन के साथ पूर्ण समन्वय बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन और पूजा समितियों के बीच बेहतर तालमेल से ही दुर्गा पूजा का आयोजन सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पूजा समितियां अपनी तैयारियों और किसी भी संभावित समस्या की जानकारी समय पर प्रशासन एवं पुलिस को दें, ताकि उसका समाधान समय रहते किया जा सके। अधिकारियों ने पूजा समितियों से सहयोगात्मक रवैया अपनाने और श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देने की अपील की।
पूजा समितियों ने दिया सहयोग का भरोसा
बैठक में जगन्नाथ नगरीय दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारियों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान प्रशासन और पुलिस की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों और पूजा समितियों के बीच विभिन्न स्थानीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। समितियों की ओर से आयोजन से संबंधित आवश्यक सुझाव और बिंदु भी अधिकारियों के समक्ष रखे गए।
ये अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में अपर जिला दंडाधिकारी रांची धनंजय, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण गौरव गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक यातायात राकेश सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर पारस राणा, अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार रजत, शांति समिति सदस्य अजीत सहाय एवं जयसिंह यादव, रविंद्र सिंह, समिति के अध्यक्ष राजू रंजन, पवन कुमार सिंह, वार्ड पार्षद 40 सुचित्रा रानी, पूर्व पार्षद उर्मिला यादव, अशोक यादव, उमेश यादव, संरक्षक मंडली के जीवेश सिंह सोलंकी, पूर्व पार्षद वार्ड 39 सुमन देवी, राजन वर्मा, बादल सिंह, संजय मिनोचा सहित संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पूजा समितियों से समन्वय के साथ आयोजन को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की दिशा में तैयारियां की जा रही हैं।
सोनाहातु:। आगामी दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने को लेकर को सोनाहातु थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता *थाना प्रभारी प्रेम प्रदीप* ने की।
बैठक में क्षेत्र के सभी दुर्गा पूजा समितियों के अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्य मौजूद रहे।
डीजे पर रोक और ध्वनि प्रदूषण पर विशेष ध्यान
थाना प्रभारी ने सभी पूजा समितियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पूजा पंडालों में डीजे का साउंड कम आवाज में बजाया जाए। उन्होंने कहा कि तेज आवाज से आस-पास के लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी होती है, इसलिए ध्वनि प्रदूषण पर विशेष ध्यान दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य है।
*अवैध शराब बिक्री पर रहेगी पैनी नजर*
थाना प्रभारी ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। अगर कोई अवैध रूप से शराब बेचते पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ा दी जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
*हुड़दंग करने वालों पर होगी कार्रवाई*
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पूजा के दौरान अगर किसी व्यक्ति द्वारा हुड़दंग या अशांति फैलाने का प्रयास किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अंत में सभी पूजा समितियों से प्रशासन का सहयोग करने और आपसी भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की गई।
बुंडू:। दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर बुंडू थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में *बुंडू अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), डीएसपी ओम प्रकाश, अंचल अधिकारी, बुंडू थाना प्रभारी* के साथ-साथ नगर पंचायत, स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में क्षेत्र के सभी दुर्गा पूजा समितियों के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।
समितियों की समस्याएं सुनी गईं
बैठक में अधिकारियों ने बारी-बारी से सभी पूजा समितियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान स्थानीय लोगों और पूजा समितियों ने क्षेत्र में अक्सर होने वाली *बिजली कटौती* की गंभीर समस्या को जोर-शोर से उठाया। लोगों ने कहा कि बुंडू अनुमंडल क्षेत्र में अक्सर ही बिना बताए बिजली काट दी जाती है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है और पूजा-पंडालों में भी काफी परेशानी होती है।
लोगों ने मांग की कि कम से कम दुर्गा पूजा के 5 दिनों तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
SDO और DSP ने दिए सख्त निर्देश
लोगों की शिकायत पर अनुमंडल पदाधिकारी ने तुरंत बिजली विभाग के अधिकारी को निर्देश दिया कि दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी सूरत में अनावश्यक बिजली कटौती नहीं होनी चाहिए।
वहीं *डीएसपी ओम प्रकाश* ने सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए -
1. हर बड़े पंडाल में *सीसीटीवी कैमरा* लगाना अनिवार्य होगा।
2. अग्निशमन के लिए *फायर सेफ्टी किट, बालू और पानी* की व्यवस्था रखनी होगी।
3. पंडाल में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार होने चाहिए ताकि भीड़ में भगदड़ न मचे।
4. विसर्जन के लिए चिन्हित तालाबों में पर्याप्त लाइटिंग और गोताखोरों* की व्यवस्था रहेगी।
प्रशासन ने सभी समितियों से अपील की है कि पूजा को शांति और भाईचारे के साथ मनाएं और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
सिल्ली : पुत्र के दीर्घायु, सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना को लेकर मनाया जाने वाला जितिया व्रत सिल्ली मुरी क्षेत्रों में शनिवार को विधि-विधान और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर व्रती माताओं ने निर्जला उपवास रखकर भगवान जीमूत वाहन की विधिवत पूजा-अर्चना की। सुबह से ही घर-आंगन में पूजा की तैयारियां देखी गईं। कई घरों में व्यक्तिगत रूप से तो कई जगहों पर सामूहिक रूप से पूजा का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने एकत्र होकर जीवित्पुत्रिका व्रत कथा का श्रवण किया। पूजा के दौरान माताओं ने अपने पुत्रों के उज्ज्वल भविष्य और लंबी उम्र की प्रार्थना की। पूजा-अर्चना के पश्चात बच्चों के माथे पर तिलक-चंदन लगाकर हाथों में मोली धागा बांधा गया और प्रसाद का वितरण किया गया। पूरे दिन क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। बता दें कि व्रती माताओं ने शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ इस व्रत की शुरुआत की थी। शनिवार को निर्जला व्रत रखकर मुख्य पूजा की गई। परंपरा के अनुसार रविवार को निकटतम जलाशयों, नदी-तालाबों में जितिया डाली का विसर्जन करने के पश्चात ही महिलाएं व्रत तोड़कर अन्न-जल ग्रहण करेंगी और व्रत पूर्ण होगा।
सिल्ली - सिल्ली प्रखंड अंतर्गत गोडाडीह पंचायत क्षेत्र में स्थित खेरबैड़ा डैम शनिवार दोपहर जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण अचानक ध्वस्त हो गया। प्राकृतिक जंगल के बीच स्थित इस डैम के टूटने से गोडाडीह, सातपालु, रायकोचा सहित आसपास के कई क्षेत्रों में पानी फैल गया, जिससे बड़ी मात्रा में धान की फसल एवं अन्य कृषि फसलों को नुकसान पहुंचा है।डैम के ध्वस्त होने के कारण लोटा-गोडाडीह मुख्य मार्ग भी कई घंटों तक प्रभावित रहा, जिससे आवागमन में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वही डैम की मेड़ से पिछले कई दिनों से पानी का रिसाव हो रहा था। यदि समय प्रशासन द्वारा इसका संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाया जाता, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। प्रशासन व आपदा प्रबंधन विभाग डैम टूटने से प्रभावित सभी गांवों एवं किसानों का तत्काल सर्वे कराकर नुकसान का आकलन किया जाए तथा पीड़ित किसानों को चिन्हित कर नियमानुसार समुचित मुआवजा एवं राहत उपलब्ध कराया जाए। सिल्ली क्षेत्र कृषि प्रधान है और यहां किसानों की आजीविका मुख्य रूप से खेती पर निर्भर है। ऐसे में फसलों की व्यापक क्षति किसानों के लिए गंभीर आर्थिक संकट बन गई है।
पंडालों में सीसीटीवी, पार्किंग व वालंटियर की व्यवस्था रखने का निर्देश
सिल्ली-मुरी। दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर शनिवार की संध्या सिल्ली थाना परिसर में सिल्ली थाना एवं मुरी ओपी की संयुक्त शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता सिल्ली थाना प्रभारी नवीन कुमार ने की। इसमें सिल्ली थाना एवं मुरी ओपी क्षेत्र के विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के पदाधिकारी व सदस्य, शांति समिति के सदस्य तथा पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में थाना प्रभारी नवीन कुमार ने पूजा समितियों को सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिल्ली-मुरी क्षेत्र के सभी दुर्गा पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि पंडाल एवं आसपास की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके।उन्होंने पूजा समितियों से पंडालों में अग्निशामक यंत्र की व्यवस्था रखने, डीजे निर्धारित एवं कम ध्वनि में बजाने तथा समिति की ओर से पर्याप्त संख्या में वालंटियर तैनात करने का निर्देश दिया। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पार्किंग की समुचित व्यवस्था करने तथा पंडाल में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।बैठक में शांति समिति के सदस्यों एवं पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और पूजा के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं से संबंधित सुझाव रखे। थाना प्रभारी नवीन कुमार एवं मुरी ओपी प्रभारी विकास कुमार पासवान ने सदस्यों के सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।पुलिस अधिकारियों ने पूजा समितियों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए दुर्गा पूजा शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि पूजा के दौरान सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।