रांची: तकनीकी शिक्षा, डिजिटल नवाचार और रोजगारोन्मुखी कौशल विकास को नई दिशा देते हुए (जेयूटी), रांची परिसर में अत्याधुनिक कौशल एवं करियर विकास केंद्र (Skill & Career Development Center) का आधिकारिक उद्घाटन किया गया। अनुदीप फाउंडेशन के सहयोग से स्थापित यह केंद्र छात्रों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने और उन्हें उद्योग की मांग के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
इस अवसर पर जेयूटी के कुलपति तथा अनुदीप फाउंडेशन के उपाध्यक्ष ने संयुक्त रूप से केंद्र का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, उद्योग विशेषज्ञों तथा बड़ी संख्या में छात्रों की उपस्थिति रही।
कुलपति डॉ. डी. के. सिंह ने कहा कि वर्तमान दौर में केवल पारंपरिक तकनीकी शिक्षा पर्याप्त नहीं है। उद्योग जगत तेजी से बदल रहा है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा तथा डेटा आधारित तकनीकों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय का लक्ष्य छात्रों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार और उद्यमिता के लिए पूरी तरह सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि यह नया केंद्र छात्रों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अनुदीप फाउंडेशन के उपाध्यक्ष तन्मय मुखर्जी ने कहा कि यह केंद्र छात्रों को केवल तकनीकी प्रशिक्षण ही नहीं देगा, बल्कि उन्हें करियर निर्माण, संचार कौशल, इंटरव्यू तैयारी और पेशेवर विकास से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराएगा। इससे छात्रों की रोजगार क्षमता (Employability) में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
इस अत्याधुनिक केंद्र में छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), साइबर सुरक्षा (Cyber Security), पायथन प्रोग्रामिंग, डेटा विश्लेषण, डिजिटल तकनीकों के व्यावहारिक अनुप्रयोग तथा करियर प्रबंधन कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं और भविष्य की तकनीकी मांगों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से झारखंड के तकनीकी छात्रों को अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जिससे अकादमिक शिक्षा और उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के बीच मौजूद अंतर को कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही छात्रों को इंटर्नशिप, प्लेसमेंट और स्टार्टअप के अवसरों तक बेहतर पहुंच भी प्राप्त होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह केंद्र आने वाले समय में क्षेत्रीय स्तर पर डिजिटल कौशल विकास का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र न केवल देश के उभरते तकनीकी क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाएंगे, बल्कि झारखंड को तकनीकी नवाचार और डिजिटल प्रतिभा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी योगदान देंगे।
यह पहल राज्य में तकनीकी शिक्षा को आधुनिक स्वरूप देने तथा युवाओं को भविष्य की अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है।