रांची: राजधानी रांची में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था संधारण और यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) रांची ने पुलिस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, सभी पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी तथा यातायात पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन, जनसुरक्षा और पुलिसिंग व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई। वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि आम जनता की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था का संधारण और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
SSP ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि थाना स्तर पर आम जनता के साथ नियमित संवाद स्थापित कर पुलिस-पब्लिक संबंधों को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से ही अपराध नियंत्रण और सामाजिक सुरक्षा को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
बैठक में अपराधियों, असामाजिक तत्वों तथा जेल से बाहर आए अपराधियों का सत्यापन कर उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही निगरानी (Surveillance) और डोजियर (Dossier) प्रस्तावों में तेजी लाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
SSP ने चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन, मोबाइल एवं बैग गुम होने से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया। थाना स्तर पर नियमित समीक्षा बैठक आयोजित कर लंबित मामलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाने का निर्देश भी दिया गया।
बैठक में चेन स्नैचिंग, अवैध हथियार, मादक पदार्थों (NDPS), चोरी, गृह भेदन तथा अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया गया। सभी पुलिस उपाधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्ती और पुलिस गतिविधियों की सतत निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
अपराध नियंत्रण के लिए प्रत्येक थाना क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ निरोधात्मक और कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही रात्रिकालीन गश्ती को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पुलिस अधिकारियों को रात में क्षेत्र भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने को कहा गया।
बैठक में पॉक्सो (POCSO) मामलों की समीक्षा करते हुए अनुसंधान में तेजी लाने और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा गुमशुदा बच्चों और व्यक्तियों के मामलों की विशेष समीक्षा कर उनकी त्वरित बरामदगी और ट्रेसिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
SSP ने लंबित वारंट, कुर्की-जब्ती, जमानत और अन्य न्यायालयीय प्रक्रियाओं के शीघ्र निष्पादन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी पुलिस पदाधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता, जवाबदेही और तत्परता के साथ करें ताकि आम जनता का विश्वास पुलिस पर और मजबूत हो सके।