पटना: केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से 17 एवं 18 जून 2026 को पटना जिले के सभी 23 प्रखंडों में दो दिवसीय प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसकी तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को सरकार के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह शिविर 16 जून को पंचायत एवं वार्ड स्तर पर आयोजित होने वाले सहयोग शिविरों के अतिरिक्त होगा। दो दिवसीय शिविर में विभिन्न योजनाओं के लिए अलग-अलग काउंटर लगाए जाएंगे, जहां पात्र लाभार्थियों के आवेदन, निबंधन, ई-केवाईसी, सत्यापन और लंबित मामलों का निष्पादन किया जाएगा।
इन योजनाओं का मिलेगा लाभ
- आयुष्मान भारत एवं आयुष्मान वय वंदना कार्ड
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं
- पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
- लखपति दीदी योजना
- पीएम स्वनिधि योजना
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
- पीएम किसान सम्मान निधि
- मुख्यमंत्री कन्या उत्थान एवं छात्रवृत्ति योजनाएं
- मुख्यमंत्री उद्यमी योजना
- मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना
- दिव्यांग कल्याण योजनाएं
- निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाएं
- मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना सहित अन्य योजनाएं
हेल्प डेस्क की होगी व्यवस्था
शिविर स्थलों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे, जहां प्रशिक्षित स्वयंसेवक एवं कर्मी लोगों को सही काउंटर तक पहुंचाने, आवेदन पत्र भरवाने तथा आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में सहायता प्रदान करेंगे।
जरूरी दस्तावेज साथ लाएं
प्रशासन ने लाभार्थियों से आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक एवं संबंधित प्रमाण पत्र साथ लेकर आने की अपील की है ताकि आवेदन एवं लाभ वितरण की प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जिलाधिकारी की अपील
जिलाधिकारी ने आम जनता से अधिक से अधिक संख्या में शिविरों में भाग लेकर सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तंत्र लोगों की सहायता के लिए पूरी तरह सजग, तत्पर और प्रतिबद्ध है।
पटना: राजधानी पटना को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन का विशेष अभियान लगातार दसवें दिन भी जारी रहा। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के निर्देश पर नगर निगम, पुलिस, यातायात, परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण, अग्निशमन, विद्युत तथा अन्य विभागों की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में व्यापक अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थलों पर दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अब केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि अनिवार्य रूप से प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) को निर्देश दिया है कि अभियान में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध विधि-सम्मत एवं कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शहर के कई इलाकों में चला विशेष अभियान
आज पटना नगर निगम के विभिन्न अंचलों और नगर परिषद क्षेत्रों में सुबह से दोपहर तक विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।
नूतन राजधानी अंचल में विकास भवन से शेखपुरा मोड़ तक सड़क के दोनों किनारों से अतिक्रमण हटाया गया, जहां ₹17,000 का जुर्माना वसूला गया।
पाटलिपुत्र अंचल में अशोक राजपथ, राजापुर पुल, बोरिंग कैनाल रोड और बोरिंग रोड चौराहा क्षेत्र में कार्रवाई की गई। यहां सबसे अधिक ₹23,000 का जुर्माना लगाया गया।
अजीमाबाद अंचल में जीरो माइल से एनएच-30 और ज्युडिशियल एकेडमी के आसपास अतिक्रमण हटाया गया तथा ₹5,500 का जुर्माना वसूला गया।
पटना सिटी अंचल में चौक थाना मोड़ से दीदारगंज चेकपोस्ट तक अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान 15 प्लास्टिक कैरेट और एक लोहे का स्टैंड जब्त किया गया तथा ₹3,500 का जुर्माना लगाया गया।
कंकड़बाग अंचल में ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के दौरान एक काउंटर और एक ठेला जब्त किया गया। यहां ₹3,300 का जुर्माना वसूला गया।
बांकीपुर अंचल में भीखना पहाड़ी और मुसल्लाहपुर हाट क्षेत्र में कार्रवाई की गई। ठेले, झोपड़ियां और अन्य अवैध संरचनाएं हटाई गईं तथा ₹3,000 का जुर्माना लगाया गया।
इसके अलावा दानापुर, फुलवारीशरीफ और खगौल क्षेत्रों में भी व्यापक अभियान चलाकर सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण हटाए गए।
एक दिन में ₹56,300 का जुर्माना
जिला नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज के अभियान में विभिन्न अंचलों में कुल 56,300 का जुर्माना वसूला गया। साथ ही कई अवैध ढांचे, ठेले, काउंटर, झोपड़ियां और सड़क किनारे जमा मलबा हटाया गया।
दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जहां-जहां अतिक्रमण हटाया गया है वहां लगातार निगरानी रखी जाए। इसके लिए विशेष फॉलो-अप टीमों को सक्रिय किया गया है।
उन्होंने कहा कि आदतन अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति दोबारा अतिक्रमण करता है तो उसके खिलाफ अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज की जाएगी।
यातायात व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि पटना में सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अतिक्रमण, यातायात बाधा और यातायात नियमों के उल्लंघन के प्रति प्रशासन "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम कर रहा है।
उन्होंने वरीय पुलिस अधीक्षक से भी अनुरोध किया है कि सभी थाना प्रभारी और पुलिस पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि हटाए गए स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण न हो तथा अभियान की जानकारी स्टेशन डायरी में भी दर्ज की जाए।
निगरानी के लिए बनाई गई विशेष मॉनिटरिंग सेल
अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए जिला प्रशासन ने पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है। यह सेल विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरे अभियान की मॉनिटरिंग करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तार्किक परिणाम तक पहुंचे।
जिलाधिकारी ने कहा कि राजधानी पटना में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और आम नागरिकों को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए अतिक्रमण उन्मूलन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कोलकाता : रेल पटरियों पर होने वाले आंदोलनों और रेल रोको कार्यक्रमों के कारण आम यात्रियों को होने वाली परेशानियों को लेकर पूर्व रेलवे ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। रेलवे प्रशासन ने कहा है कि ऐसे आंदोलन केवल ट्रेनों की आवाजाही को प्रभावित नहीं करते, बल्कि कई लोगों के जीवन, करियर और भविष्य पर भी गहरा असर डालते हैं। इसी संदेश को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए पूर्व रेलवे ने एक मार्मिक उदाहरण साझा किया है, जो बताता है कि कुछ घंटों का रेल अवरोध किसी व्यक्ति के सपनों को कैसे चकनाचूर कर सकता है।
पूर्व रेलवे के अनुसार, कुछ महीने पहले श्यामनगर की 24 वर्षीय लीना दास (परिवर्तित नाम) अपने जीवन के पहले नौकरी साक्षात्कार में शामिल होने के लिए सियालदह जा रही थीं। पिता के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन पर और उनकी मां पर आ गई थी। ऐसे में यह नौकरी उनके लिए केवल एक रोजगार का अवसर नहीं, बल्कि परिवार के बेहतर भविष्य और आर्थिक सुरक्षा की उम्मीद थी।
लेकिन रास्ते में अचानक हुए रेल रोको आंदोलन के कारण उनकी ट्रेन तीन घंटे से अधिक समय तक प्रभावित रही। नतीजतन लीना समय पर इंटरव्यू स्थल तक नहीं पहुंच सकीं। जब तक वे वहां पहुंचीं, साक्षात्कार प्रक्रिया समाप्त हो चुकी थी और उनके हाथ से नौकरी का अवसर निकल गया। रेलवे का कहना है कि यह घटना केवल एक उदाहरण है, जबकि हर दिन लाखों यात्री विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों के लिए रेल यात्रा करते हैं।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेनों के बाधित होने से सबसे अधिक नुकसान उन लोगों को होता है जो किसी आपात स्थिति में अस्पताल जा रहे होते हैं, प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने जा रहे छात्र होते हैं, नौकरी के साक्षात्कार के लिए यात्रा कर रहे युवा होते हैं या फिर अन्य जरूरी कार्यों के लिए सफर कर रहे होते हैं। ऐसे लोगों के लिए कुछ घंटों की देरी भी जीवन बदल देने वाली साबित हो सकती है।
पूर्व रेलवे द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच उसके विभिन्न मंडलों में कुल 29 रेल रोको आंदोलन दर्ज किए गए। इनमें सबसे अधिक 22 घटनाएं सियालदह मंडल में हुईं। इसके अलावा मालदा मंडल में 4, हावड़ा में 2 और आसनसोल में 1 रेल अवरोध की घटना सामने आई। इसी अवधि में विभिन्न ट्रेड यूनियनों द्वारा 20 आम हड़तालें भी की गईं, जिनमें सियालदह में 12 और हावड़ा में 8 मामले दर्ज हुए। वहीं मालदा मंडल में एक राजनीतिक दल द्वारा चक्का जाम का मामला भी सामने आया।
रेलवे ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में भी यह समस्या बनी हुई है। अप्रैल 2026 से मई 2026 के बीच मात्र दो महीनों में ही दो नए रेल अवरोध के मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें सियालदह और हावड़ा मंडल में एक-एक घटना शामिल है।
पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों और आम जनता की समस्याओं को सुनने तथा उनका समाधान करने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रशासन का कहना है कि अपनी मांगों और शिकायतों को रखने के लिए कई वैधानिक और शांतिपूर्ण माध्यम उपलब्ध हैं, इसलिए रेल सेवाओं को बाधित करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं माना जा सकता।
रेलवे ने यह भी याद दिलाया कि भारतीय रेल अधिनियम, 1989 की धारा 174 के तहत ट्रेन संचालन में जानबूझकर बाधा पहुंचाना दंडनीय अपराध है। रेल पटरियों पर बैठकर ट्रेनों को रोकना, सिग्नलिंग प्रणाली को नुकसान पहुंचाना या अन्य किसी प्रकार से रेल संचालन में व्यवधान पैदा करना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम दो वर्ष तक की जेल, जुर्माना अथवा दोनों प्रकार की सजा का प्रावधान है।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि रेलवे परिवार का हर यात्री उनके लिए महत्वपूर्ण है और प्रशासन संवाद के माध्यम से हर समस्या का समाधान करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का एक घंटा कुछ लोगों को मामूली विरोध लग सकता है, लेकिन यह किसी छात्र की परीक्षा, किसी मरीज के इलाज, किसी युवा के रोजगार और किसी परिवार की उम्मीदों को हमेशा के लिए प्रभावित कर सकता है। इसलिए लोगों को रेल अवरोध जैसे गैरकानूनी कदमों से बचते हुए अपनी मांगों को वैधानिक और शांतिपूर्ण तरीकों से उठाना चाहिए, ताकि किसी और लीना दास के सपने रेलवे पटरियों पर अधूरे न रह जाएं।
साहेबगंज। विभिन्न स्थानों पर घटित अग्नि दुर्घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में जनहित एवं नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, साहेबगंज, दीपक कुमार दुबे द्वारा जिले के सभी होटल, लॉज एवं अतिथि गृहों में अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) के अनुपालन की व्यापक जांच एवं फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया है।
इस संबंध में उपायुक्त द्वारा एक संयुक्त जांच समिति का गठन किया गया है, जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी, साहेबगंज एवं राजमहल (अपने-अपने अनुमंडल क्षेत्र के अंतर्गत), कार्यपालक दण्डाधिकारी, साहेबगंज तथा जिला अग्निशमन पदाधिकारी, साहेबगंज को शामिल किया गया है।
गठित जांच समिति जिले के सभी छोटे-बड़े होटल, लॉज एवं अतिथि गृहों का स्थल निरीक्षण कर वहां उपलब्ध फायर एक्सटिंग्विशर, अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास व्यवस्था, विद्युत वायरिंग, जलापूर्ति व्यवस्था सहित अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच करेंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित प्रतिष्ठानों द्वारा भवन निर्माण एवं अग्नि सुरक्षा से संबंधित निर्धारित मानकों का अनुपालन किया जा रहा है अथवा नहीं।
जांच के दौरान जिन प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन अथवा आवश्यक व्यवस्थाओं का अभाव पाया जाएगा, उनके विरुद्ध National Building Construction Standards (NBCS)-2026, Building Bye-Laws-2016 एवं Fire Safety Rules के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।
गठित समिति द्वारा एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन समर्पित किया जाना है, ताकि जिले में संचालित सभी होटल, लॉज एवं अतिथि गृहों में सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके तथा संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम की जा सके।
साहिबगंज : साहिबगंज पुलिस केंद्र में बुधवार को तीन दिवसीय 70वीं संथाल परगना क्षेत्रीय पुलिस ड्यूटी मीट-2026 का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह आयोजन 10 जून से 12 जून तक चलेगा, जिसमें संथाल परगना प्रमंडल के विभिन्न जिलों और पुलिस इकाइयों के अधिकारी एवं जवान भाग ले रहे हैं।
ड्यूटी मीट में जामताड़ा, गोड्डा, देवघर, दुमका, पाकुड़ और साहिबगंज जिला बल के कुल 77 पुलिस पदाधिकारी एवं जवान अपनी पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन करेंगे। प्रतिभागियों में जामताड़ा और गोड्डा से 10-10, देवघर से 10, दुमका से 18, पाकुड़ से 14 तथा साहिबगंज से 15 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
आधुनिक पुलिसिंग कौशल पर होगा जोर
इस ड्यूटी मीट का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना तथा पेशेवर कौशल को और निखारना है। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों की क्षमता का आकलन निम्नलिखित विषयों में किया जाएगा—
- अपराध अनुसंधान (Investigation)
- विधि-विज्ञान (Forensic Science)
- कंप्यूटर साक्षरता एवं साइबर दक्षता
- फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी
- अन्य पुलिसिंग एवं कानून-व्यवस्था संबंधी व्यावहारिक कौशल
बदलते अपराधों से निपटने की तैयारी
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने कहा कि समय के साथ अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में ड्यूटी मीट पुलिसकर्मियों को नई तकनीकें सीखने, अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों को खेल भावना, ईमानदारी और पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की शुभकामनाएं दीं।
12 जून को होगा समापन
तीन दिवसीय प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। 12 जून 2026 को आयोजित समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के निदेशालय (मानव संसाधन प्रबंधन) के तत्वावधान में दिनांक 10 जून, 2026 को पिपरवार क्षेत्र में एक शिकायत निवारण शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य कर्मचारियों, पूर्व कर्मचारियों, उनके आश्रितों, ठेकेदारों एवं अन्य हितधारकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सुमन रस्तोगी, महाप्रबंधक (समाधान प्रकोष्ठ) द्वारा की गई। इस अवसर पर गौतम चौधरी, मुख्य प्रबंधक (मानव संसाधन), समाधान प्रकोष्ठ, तेजविंदर सिंह, मुख्य प्रबंधक (मानव संसाधन), समाधान प्रकोष्ठ, स्टाफ अधिकारी (मानव संसाधन), पिपरवार क्षेत्र सहित मानव संसाधन विभाग के अधिकारीगण, स्टाफ अधिकारी (सिविल), खनन विभाग के प्रतिनिधि तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान कर्मचारियों, पूर्व कर्मचारियों, कर्मचारियों के आश्रितों, ठेकेदारों एवं अन्य हितधारकों द्वारा कुल 38 शिकायतें दर्ज कराई गईं। प्राप्त शिकायतों में प्रमुख रूप से आवास (क्वार्टर) अनुरक्षण, अनुकम्पा नियुक्ति, सीएमपीएफ से संबंधित ऑनलाइन डाटा अद्यतन तथा अन्य सेवा संबंधी विषय शामिल रहे।
प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक आयोजित इस शिविर में सभी उपस्थित व्यक्तियों को अपनी समस्याएं एवं सुझाव रखने का अवसर प्रदान किया गया। प्राप्त सभी शिकायतों का विधिवत पंजीकरण किया गया तथा अनेक मामलों में संबंधित व्यक्तियों को मौके पर ही आवश्यक जानकारी एवं समाधान उपलब्ध कराया गया। शेष मामलों में नियमानुसार औपचारिक उत्तर प्रदान करते हुए शिकायतों का यथोचित निस्तारण किया जाएगा।
यह शिकायत निवारण शिविर प्रबंधन एवं हितधारकों के बीच प्रत्यक्ष संवाद का एक प्रभावी मंच सिद्ध हुआ। साथ ही, यह आयोजन त्वरित शिकायत निवारण, पारदर्शी प्रशासन तथा कर्मचारी कल्याण के प्रति सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
पटना: 21 जून को आयोजित होने वाली नीट (यूजी) 2026 पुनर्परीक्षा के सफल एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर पटना समाहरणालय में जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को अभ्यर्थियों की सुविधा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और विधि-व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने बताया कि पटना जिले में परीक्षा के लिए 95 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 46,029 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की है।
कदाचार पर जीरो टॉलरेंस
डीएम ने स्पष्ट कहा कि परीक्षा की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर कदाचार, फर्जीवाड़ा या मालप्रैक्टिस की सूचना मिलती है तो दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा के दिन सभी कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे और उनकी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
सोशल मीडिया पर 24x7 निगरानी
प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने का निर्णय लिया है। किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही असामाजिक तत्वों पर भी निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षार्थियों के लिए विशेष सुविधाएं
जिलाधिकारी एवं एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर शुद्ध पेयजल, मेडिकल सुविधा, वेटिंग एरिया और भीषण गर्मी को देखते हुए अभिभावकों के लिए छायादार स्थान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार नीट परीक्षार्थियों को बीएसआरटीसी बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इसके लिए जिला परिवहन पदाधिकारी को आवश्यक समन्वय करने का निर्देश दिया गया है।
कंट्रोल रूम रहेगा सक्रिय
परीक्षा के दौरान जिला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सूचना की जानकारी जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 0612-2219810 / 2219234, डायल-112 या पुलिस कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9031825979 पर दी जा सकती है।
जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परीक्षा को पूर्णतः कदाचारमुक्त, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए पूरा प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।
पटना : जिला पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के निर्देश पर पटना शहर में अतिक्रमण उन्मूलन अभियान लगातार नौवें दिन भी जारी रहा। मल्टी-एजेंसी विशेष अभियान के तहत नगर निगम, पुलिस, ट्रैफिक, परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण एवं अन्य विभागों की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण हटाया और कुल 89,700 का जुर्माना वसूला।
जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) को निर्देश दिया है कि अभियान का नियमित पर्यवेक्षण करें तथा जहां अतिक्रमण हटाया गया है वहां दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए फॉलो-अप टीम लगातार सक्रिय रखें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुनः अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी तथा आदतन अतिक्रमणकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
प्रमुख स्थानों पर कार्रवाई
अभियान के दौरान मीठापुर सब्जी मंडी, पुलिस लाइन, अशोक राजपथ, राजापुर पुल, कुर्जी मोड़, दीघा पुल, डंका इमली सब्जी मंडी, जीरो माइल, भगत सिंह चौक, मालसलामी, ओल्ड बाइपास, बहादुरपुर, बाजार समिति, गोला रोड, फुलवारीशरीफ और खगौल सहित कई इलाकों से अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया।
कार्रवाई के दौरान कई ठेले, स्टॉल, झोपड़ियां, अवैध पोस्टर और बैनर हटाए गए तथा कुछ सामान जब्त भी किए गए।
ट्रैफिक व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अतिक्रमण, यातायात बाधा और नियमों के उल्लंघन के मामलों में प्रशासन "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम कर रहा है। अभियान में बाधा पहुंचाने वालों के विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल गठित
अभियान की निगरानी के लिए जिला प्रशासन ने पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है। यह सेल अभियान की प्रगति, पुनः अतिक्रमण की रोकथाम और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करेगी।
वाहन जांच अभियान भी चला
अतिक्रमण हटाओ अभियान के साथ-साथ यातायात पुलिस द्वारा विशेष वाहन जांच अभियान भी चलाया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यह अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा।
पटना: केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से पटना जिले के सभी 23 प्रखंडों में 17 एवं 18 जून 2026 को दो दिवसीय प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविर आयोजित किया जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने बुधवार को इसकी तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शिविरों के सफल आयोजन के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह विशेष शिविर 16 जून को आयोजित होने वाले नियमित सहयोग शिविरों से अलग और अतिरिक्त होगा। राज्य सरकार के निर्देशानुसार सभी प्रखंडों में एक साथ इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
कई योजनाओं के लिए अलग-अलग काउंटर
शिविर में आयुष्मान भारत योजना, आयुष्मान वय वंदना कार्ड (70 वर्ष से अधिक आयु), सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, लखपति दीदी योजना, पीएम स्वनिधि, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, दिव्यांग कल्याण योजनाएं, निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड तथा मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना सहित अनेक योजनाओं के लिए अलग-अलग काउंटर लगाए जाएंगे।
मौके पर होगा आवेदन, सत्यापन और लाभ वितरण
जिलाधिकारी ने कहा कि शिविरों में पात्र लाभुकों के आवेदन, निबंधन, ई-केवाईसी, सत्यापन सहित लंबित प्रक्रियाओं का निपटारा किया जाएगा। साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभों का वितरण भी किया जाएगा। लोगों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क की व्यवस्था रहेगी, जहां प्रशिक्षित कर्मी एवं वॉलंटियर आवेदन भरने और आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित सहायता प्रदान करेंगे।
दस्तावेज साथ लाने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शिविर में आते समय आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक तथा संबंधित योजनाओं के लिए आवश्यक अन्य दस्तावेज साथ लेकर आएं, ताकि मौके पर ही प्रक्रिया पूरी की जा सके।
डीएम की अपील
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने आमजन से अधिक से अधिक संख्या में शिविरों में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह सजग, तत्पर और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया जाएगा और आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
पटना: जिला पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के निष्पादन और 16 जून 2026 को आयोजित होने वाले अगले सहयोग शिविर की तैयारियों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को लंबित आवेदनों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि पटना जिले में अब तक लगभग 10,500 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से करीब 90 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। शेष आवेदनों को भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने कहा कि केवल शिकायतों का निष्पादन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता की संतुष्टि सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। अधिकारियों को पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है ताकि आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
16 जून को 41 पंचायतों और 17 नगर निकायों में शिविर
जिलाधिकारी ने बताया कि अगला सहयोग शिविर 16 जून 2026 को पटना जिले की 41 ग्राम पंचायतों और 17 नगर निकायों के विभिन्न वार्डों में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं और प्रतिदिन इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है।
अब अधिकारी पहुंच रहे हैं जनता के द्वार
डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप "सबका सम्मान, जीवन आसान" संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहते हैं और लोगों की शिकायतों का समाधान करते हैं।
30 दिन के भीतर मिलेगा समाधान
जिला प्रशासन के अनुसार, शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों को जन शिकायत निवारण पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा और 30 दिनों के भीतर उनके निष्पादन की लिखित सूचना आवेदकों को दी जाएगी।
जिला प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में सहयोग शिविरों में भाग लेने और अपनी समस्याओं के समाधान का लाभ उठाने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि अधिकारी स्वयं उनके द्वार पहुंचकर समस्याओं का समाधान करेंगे।