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एसएफसी की अनुशंसा पर पहली बार पंचायतों को मिलेगा 605 करोड़ - दीपिका पांडेय सिंह,मंत्री
February 21, 2026 | 372 Views
एसएफसी की अनुशंसा पर पहली बार पंचायतों को मिलेगा 605 करोड़ - दीपिका पांडेय सिंह,मंत्री

रांची। झारखंड विधानसभा में प्रस्तुत 6,450 करोड़ के तृतीय अनुपूरक बजट को लेकर ग्रामीण विकास विभाग एवं पंचायती राज विभाग की मंत्री ने झारखंड के ग्रामीण इतिहास में एक निर्णायक एवं दूरगामी प्रभाव वाला अध्याय बताया है।

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह बजट केवल वित्तीय प्रावधान नहीं, बल्कि झारखंड के गाँवों की तकदीर और तस्वीर बदलने का सशक्त संकल्प है। उन्होंने कहा, “यह झारखंड के स्वर्णिम ग्रामीण विकास की आधारशिला है। विकास अब कागज़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गाँव-गाँव तक पहुँचेगा और धरातल पर दिखाई देगा।”

तृतीय अनुपूरक बजट की प्रमुख बातें:

ग्रामीण कार्य विभाग – 1,717.58 करोड़
इस ऐतिहासिक राशि से ग्रामीण सड़कों, पुल-पुलियों एवं आधारभूत संरचना को नई मजबूती मिलेगी। दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे।

पंचायती राज विभाग – 658 करोड़
यह प्रावधान पंचायतों को वित्तीय, प्रशासनिक एवं संस्थागत रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ग्राम सभाओं की भूमिका सुदृढ़ होगी तथा स्थानीय स्तर पर विकास की निर्णय प्रक्रिया को नई ऊर्जा मिलेगी।

ग्रामीण विकास विभाग – ₹594.88 करोड़
इस राशि से ग्रामीण आजीविका मिशन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण एवं गरीबों के उत्थान संबंधी कार्यक्रमों को गति मिलेगी।

मंत्री श्रीमती सिंह ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि राज्य में पहली बार स्टेट फाइनेंस कमीशन (SFC) की अनुशंसा पर पंचायतों के लिए 605 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसे उन्होंने ग्राम स्वशासन को वास्तविक अर्थों में सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया।

उन्होंने इस ऐतिहासिक पहल के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री के नेतृत्व एवं दूरदृष्टि के प्रति आभार व्यक्त किया तथा माननीय वित्त मंत्री श्री को धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनके सहयोग और प्रतिबद्धता से यह प्रावधान संभव हो सका।

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि समग्र बजट पर दृष्टि डालने पर स्पष्ट है कि राज्य के शीर्ष विभागों में ग्रामीण कार्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग एवं पंचायती राज विभाग को प्रमुख स्थान मिला है। यह दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकता सत्ता नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास पहुँचाना है।

उन्होंने कहा कि दोनों विभाग समर्पण, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रहे हैं। लक्ष्य स्पष्ट है—मजबूत पंचायतें, सुदृढ़ आधारभूत संरचना, सशक्त महिलाएँ, सुरक्षित आजीविका और आत्मनिर्भर गाँव।

यह तृतीय अनुपूरक बजट झारखंड के इतिहास में मील का पत्थर सिद्ध होगा। झारखंड का स्वर्णिम विकास गाँव-गाँव तक पहुँचेगा, पंचायतें परिवर्तन की धुरी बनेंगी और ग्रामीण समाज सशक्त होकर राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगा।


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