भागलपुर : रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता और तत्परता से भागलपुर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा टल गया। मालदा मंडल के अंतर्गत भागलपुर स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान एक RPF अधिकारी ने चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश कर रही महिला की जान बचा ली।
जानकारी के अनुसार, 07 जून की रात करीब 9:52 बजे भागलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर RPF पोस्ट भागलपुर के सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार प्लेटफॉर्म पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी दौरान ट्रेन संख्या 13072 डाउन जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस स्टेशन से रवाना हो चुकी थी।
तभी उनकी नजर एक महिला पर पड़ी, जो चलती ट्रेन से उतरने का प्रयास कर रही थी। ट्रेन से उतरने के दौरान महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म एवं ट्रैक के बीच के गैप की ओर फिसलने लगी।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने तुरंत कार्रवाई की और महिला को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया और महिला की जान बच गई।
पूछताछ में महिला ने अपना नाम शिद्रा वेगम (25 वर्ष) बताया। उन्होंने बताया कि वह अपने एक रिश्तेदार को ट्रेन में विदा करने के लिए भागलपुर रेलवे स्टेशन आई थीं। महिला ने समय पर मदद और जीवन बचाने के लिए RPF का आभार व्यक्त किया।
यह घटना एक बार फिर मालदा मंडल के RPF जवानों की सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित कार्रवाई को दर्शाती है। रेलवे प्रशासन ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और रेलवे परिसर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए RPF लगातार निगरानी और सतर्कता बरत रही है।
शेखपुरा। चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पर्यावरण व पशु प्रेमी सैयद अरशद नसर ने सोमवार को शेखपुरा परिसदन में आए अपर पुलिस महानिदेशक सह जिले के नोडल पदाधिकारी अमित लोढ़ा को एक बंद लिफाफा सौंपा.लिफाफे में जिले के कई भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों का पूरा काला चिट्ठा है.अरशद ने एडीजी अमित लोढ़ा से दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है.जिसपर कार्रवाई का आश्वासन मिला है.अरशद के इस पहल से जिले के भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों में हड़कंप मच गया है तो वहीं दूसरी ओर सामाजिक कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर देखी जा रही है.सुपर कॉप और सिंघम के नाम से मशहूर आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा के आगमन से जिले के अपराधियों, असमाजिक तत्वों व भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों में साफ तौर पर दहशत व खौफ देखी जा रही है.विदित हो की नोडल प्रभारी बनने के बाद एडीजी अमित लोढ़ा का यह पहला जिला दौरा था.एडीजी अमित लोढ़ा जिले के एसपी भी रह चुके हैं और इन्होंने ही उस समय के फरार कुख्यात अपराधी अशोक महतो को गिरफ्तार कर जेल के सलाखों के पीछे बंद करवाया था.मौके पर जिले के डीएम शेखर आनन्द,एसपी बलिराम कुमार चौधरी,एसडीपीओ डॉ.राकेश कुमार,नगर थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार समेत कई अन्य पुलिस पदाधिकारी व सुरक्षा कर्मी मौजूद थे.
मालदा। वर्तमान ग्रीष्म ऋतु एवं भीषण गर्मी की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तथा रेल मंत्रालय द्वारा यात्री सुरक्षा, तापीय आराम (Thermal Comfort) एवं चिकित्सा तत्परता पर दिए जा रहे विशेष बल के अनुरूप, पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा एवं कल्याण सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर विभिन्न व्यवस्थाएँ की गई हैं।
मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में तथा चिकित्सा, वाणिज्य, परिचालन, सुरक्षा, विद्युत एवं अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से यात्रियों को भीषण गर्मी के प्रभाव से सुरक्षित रखने एवं उनकी यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने के लिए निरंतर निगरानी एवं सक्रिय उपाय किए जा रहे हैं।
ग्रीष्मकाल के दौरान स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु मंडल के 34 ताप-संवेदनशील स्टेशनों पर कुल 92 वाटर कूलर स्थापित किए गए हैं। इस पहल के अंतर्गत प्रमुख स्टेशनों में मालदा टाउन (10), भागलपुर (08), साहिबगंज (05), तीनपहाड़ (01), जमालपुर (05), न्यू फरक्का (05), गोड्डा (05), सुल्तानगंज (05), बरहरवा (04), बांका (04), मंदार हिल (02), पीरपैंती (03), मुंगेर (03), जंगीपुर रोड (03), राजमहल (04) सहित अन्य कई स्टेशन शामिल हैं। यात्रियों को सुरक्षित एवं शीतल पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इन सुविधाओं का नियमित निरीक्षण, रखरखाव एवं स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, स्टेशनों पर अधिकृत स्टॉलों में निर्धारित मूल्य ₹14 पर एक लीटर पैकेज्ड पेयजल बोतलों सहित पर्याप्त पेयजल का भंडार उपलब्ध रखा गया है, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान किफायती एवं सुविधाजनक रूप से पेयजल प्राप्त हो सके। यात्रियों को केवल अधिकृत स्टॉलों एवं विक्रेताओं से ही पेयजल खरीदने तथा अनधिकृत स्रोतों से बचने की सलाह दी गई है।
मालदा टाउन, साहिबगंज, भागलपुर, जमालपुर, सुल्तानगंज, कहलगांव, न्यू फरक्का, गोड्डा एवं अन्य प्रमुख स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। प्रतीक्षालयों, परिसंचरण क्षेत्रों तथा अन्य यात्री उपयोग क्षेत्रों में पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, समुचित वेंटिलेशन एवं पर्याप्त पंखों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालयों की सतत निगरानी की जा रही है ताकि भीषण गर्मी के दौरान यात्रियों को आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
मालदा टाउन, साहिबगंज, बरहरवा, भागलपुर, सुल्तानगंज एवं जमालपुर स्टेशनों पर वातानुकूलित एवं गैर-वातानुकूलित डॉरमेट्री तथा रिटायरिंग रूम उपलब्ध हैं, जिससे यात्रा के दौरान अल्पकालिक विश्राम एवं ठहराव की आवश्यकता वाले यात्रियों को विशेष सुविधा प्राप्त हो रही है।
ग्रीष्मकाल में चिकित्सा तत्परता के महत्व को देखते हुए मालदा, साहिबगंज, भागलपुर एवं जमालपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर प्राथमिक उपचार, ओआरएस तथा शीतलन सहायता सहित चिकित्सा सुविधाओं की पूर्ण तैयारी सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त, मालदा टाउन, भागलपुर एवं जमालपुर स्टेशनों पर उपलब्ध मेडिकल शॉप यात्रियों को आवश्यक दवाइयों एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति में सहयोग प्रदान कर रही हैं। साथ ही, मंडल रेलवे अस्पताल, मालदा के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों द्वारा स्टेशन परिसरों में हीट स्ट्रोक की रोकथाम संबंधी जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
रेल पटरियों, सिग्नलिंग प्रणालियों, ओवरहेड उपकरण (OHE), रोलिंग स्टॉक एवं स्टेशन परिसंपत्तियों की चौबीसों घंटे निगरानी एवं रखरखाव किया जा रहा है, ताकि अत्यधिक तापमान के कारण होने वाली संभावित तकनीकी समस्याओं, ट्रैक विकृति अथवा सेवा व्यवधानों को न्यूनतम किया जा सके।
इसके अतिरिक्त, मालदा मंडल के 18 स्टेशनों पर यात्री उद्घोषणा प्रणाली (Passenger Announcement System) के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। वहीं, 15 स्टेशनों पर स्थापित 25 वीडियो वॉल स्क्रीन के माध्यम से मालदा टाउन, न्यू फरक्का, साहिबगंज, जंगीपुर रोड, कहलगांव, भागलपुर, सुल्तानगंज, जमालपुर, गोड्डा सहित अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों पर हीटवेव संबंधी जागरूकता एवं यात्री परामर्श संदेश प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इन संदेशों का उद्देश्य यात्रियों को गर्मी से संबंधित बीमारियों की रोकथाम, पर्याप्त जल सेवन तथा किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के प्रति जागरूक करना है।
आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए वाणिज्य, परिचालन एवं सुरक्षा विभागों द्वारा यात्री आवागमन एवं ट्रेन परिचालन की वास्तविक समय (Real-Time) निगरानी की जा रही है। स्टेशनों एवं ट्रेनों में तैनात रेलवे कर्मचारियों को सतर्क रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी गर्मी संबंधी आपात स्थिति अथवा यात्री कल्याण से जुड़े मामले में शीघ्र प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न विभागों के बीच सतत समन्वय बनाए रखा जा रहा है। यात्रियों को यात्रा के दौरान अपने साथ पानी की बोतल रखने की भी सलाह दी गई है।
पेयजल सुविधाओं, प्रतीक्षालयों, पंखों, चिकित्सा व्यवस्थाओं एवं अन्य यात्री सुविधाओं के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं।
मालदा मंडल सभी यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक एवं यात्री-अनुकूल रेल सेवाएँ प्रदान करने के लिए निरंतर निगरानी, विभागीय समन्वय एवं सुदृढ़ ग्रीष्मकालीन तैयारियों के माध्यम से पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मालदा। वर्तमान ग्रीष्म ऋतु एवं भीषण गर्मी की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तथा रेल मंत्रालय द्वारा यात्री सुरक्षा, तापीय आराम (Thermal Comfort) एवं चिकित्सा तत्परता पर दिए जा रहे विशेष बल के अनुरूप, पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा एवं कल्याण सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर विभिन्न व्यवस्थाएँ की गई हैं।
मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में तथा चिकित्सा, वाणिज्य, परिचालन, सुरक्षा, विद्युत एवं अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से यात्रियों को भीषण गर्मी के प्रभाव से सुरक्षित रखने एवं उनकी यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने के लिए निरंतर निगरानी एवं सक्रिय उपाय किए जा रहे हैं।
ग्रीष्मकाल के दौरान स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु मंडल के 34 ताप-संवेदनशील स्टेशनों पर कुल 92 वाटर कूलर स्थापित किए गए हैं। इस पहल के अंतर्गत प्रमुख स्टेशनों में मालदा टाउन (10), भागलपुर (08), साहिबगंज (05), तीनपहाड़ (01), जमालपुर (05), न्यू फरक्का (05), गोड्डा (05), सुल्तानगंज (05), बरहरवा (04), बांका (04), मंदार हिल (02), पीरपैंती (03), मुंगेर (03), जंगीपुर रोड (03), राजमहल (04) सहित अन्य कई स्टेशन शामिल हैं। यात्रियों को सुरक्षित एवं शीतल पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इन सुविधाओं का नियमित निरीक्षण, रखरखाव एवं स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, स्टेशनों पर अधिकृत स्टॉलों में निर्धारित मूल्य ₹14 पर एक लीटर पैकेज्ड पेयजल बोतलों सहित पर्याप्त पेयजल का भंडार उपलब्ध रखा गया है, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान किफायती एवं सुविधाजनक रूप से पेयजल प्राप्त हो सके। यात्रियों को केवल अधिकृत स्टॉलों एवं विक्रेताओं से ही पेयजल खरीदने तथा अनधिकृत स्रोतों से बचने की सलाह दी गई है।
मालदा टाउन, साहिबगंज, भागलपुर, जमालपुर, सुल्तानगंज, कहलगांव, न्यू फरक्का, गोड्डा एवं अन्य प्रमुख स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। प्रतीक्षालयों, परिसंचरण क्षेत्रों तथा अन्य यात्री उपयोग क्षेत्रों में पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, समुचित वेंटिलेशन एवं पर्याप्त पंखों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालयों की सतत निगरानी की जा रही है ताकि भीषण गर्मी के दौरान यात्रियों को आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
मालदा टाउन, साहिबगंज, बरहरवा, भागलपुर, सुल्तानगंज एवं जमालपुर स्टेशनों पर वातानुकूलित एवं गैर-वातानुकूलित डॉरमेट्री तथा रिटायरिंग रूम उपलब्ध हैं, जिससे यात्रा के दौरान अल्पकालिक विश्राम एवं ठहराव की आवश्यकता वाले यात्रियों को विशेष सुविधा प्राप्त हो रही है।
ग्रीष्मकाल में चिकित्सा तत्परता के महत्व को देखते हुए मालदा, साहिबगंज, भागलपुर एवं जमालपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर प्राथमिक उपचार, ओआरएस तथा शीतलन सहायता सहित चिकित्सा सुविधाओं की पूर्ण तैयारी सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त, मालदा टाउन, भागलपुर एवं जमालपुर स्टेशनों पर उपलब्ध मेडिकल शॉप यात्रियों को आवश्यक दवाइयों एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति में सहयोग प्रदान कर रही हैं। साथ ही, मंडल रेलवे अस्पताल, मालदा के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों द्वारा स्टेशन परिसरों में हीट स्ट्रोक की रोकथाम संबंधी जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
रेल पटरियों, सिग्नलिंग प्रणालियों, ओवरहेड उपकरण (OHE), रोलिंग स्टॉक एवं स्टेशन परिसंपत्तियों की चौबीसों घंटे निगरानी एवं रखरखाव किया जा रहा है, ताकि अत्यधिक तापमान के कारण होने वाली संभावित तकनीकी समस्याओं, ट्रैक विकृति अथवा सेवा व्यवधानों को न्यूनतम किया जा सके।
इसके अतिरिक्त, मालदा मंडल के 18 स्टेशनों पर यात्री उद्घोषणा प्रणाली (Passenger Announcement System) के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। वहीं, 15 स्टेशनों पर स्थापित 25 वीडियो वॉल स्क्रीन के माध्यम से मालदा टाउन, न्यू फरक्का, साहिबगंज, जंगीपुर रोड, कहलगांव, भागलपुर, सुल्तानगंज, जमालपुर, गोड्डा सहित अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों पर हीटवेव संबंधी जागरूकता एवं यात्री परामर्श संदेश प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इन संदेशों का उद्देश्य यात्रियों को गर्मी से संबंधित बीमारियों की रोकथाम, पर्याप्त जल सेवन तथा किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के प्रति जागरूक करना है।
आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए वाणिज्य, परिचालन एवं सुरक्षा विभागों द्वारा यात्री आवागमन एवं ट्रेन परिचालन की वास्तविक समय (Real-Time) निगरानी की जा रही है। स्टेशनों एवं ट्रेनों में तैनात रेलवे कर्मचारियों को सतर्क रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी गर्मी संबंधी आपात स्थिति अथवा यात्री कल्याण से जुड़े मामले में शीघ्र प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न विभागों के बीच सतत समन्वय बनाए रखा जा रहा है। यात्रियों को यात्रा के दौरान अपने साथ पानी की बोतल रखने की भी सलाह दी गई है।
पेयजल सुविधाओं, प्रतीक्षालयों, पंखों, चिकित्सा व्यवस्थाओं एवं अन्य यात्री सुविधाओं के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं।
मालदा मंडल सभी यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक एवं यात्री-अनुकूल रेल सेवाएँ प्रदान करने के लिए निरंतर निगरानी, विभागीय समन्वय एवं सुदृढ़ ग्रीष्मकालीन तैयारियों के माध्यम से पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
रांची । जेसीआई रांची द्वारा ' *वन टीम वन विजन' और 'लीड कनेक्ट इवॉल्व '26'* के तहत नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए *"स्पीक टू लीड" (Speak to Lead)* प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन जेसीआई कार्यालय में किया गया।
इस विशेष सत्र को इस तरह डिजाइन किया गया है जिससे *स्कूली छात्रों के वर्तमान और भविष्य* को एक नई दिशा मिल सके:
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को मंच पर बोलने के डर (Stage Fear) से उबरने, प्रभावी पब्लिक स्पीकिंग की कला सीखने तथा आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि बेहतर संवाद कौशल न केवल स्कूल स्तर की वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, समूह चर्चाओं एवं प्रस्तुतियों में सहायता करता है, बल्कि भविष्य में कॉलेज प्रवेश एवं नौकरी के साक्षात्कारों में भी विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करता है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने, निर्णय लेने की योग्यता बढ़ाने, टीम प्रबंधन की समझ विकसित करने तथा अकादमिक एवं व्यावसायिक जीवन में बेहतर संचार के महत्व से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।
विशेषज्ञ फैकल्टी द्वारा मार्गदर्शन
कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक (Faculty) के रूप में क्षेत्र के अनुभवी ट्रेनर्स मौजूद रहे: जेसी सीए अभिषेक केडिया (पूर्व जोन प्रेसिडेंट 2016 एवं जोन ट्रेनर) और जेसी सीए निखिल अग्रवाल (जोन ट्रेनर)
दोनों विशेषज्ञों ने व्यावहारिक उदाहरणों और मजेदार गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को प्रभावी संवाद के गुर सिखाए।
यह कार्यक्रम जेसीआई रांची की मुख्य टीम की देखरेख में संपन्न हुआ, जिसमें मुख्य रूप से: अध्यक्ष जेसी अभिषेक जैन, सचिव जेसी साकेत अग्रवाल, जेसी आदित्य जालान (वीपी - ट्रेनिंग), जेसी ऋषभ अग्रवाल (डायरेक्टर - ट्रेनिंग), जेसी अभिनव अनूप गर्ग (प्रोजेक्ट चेयरमैन), जेजे आद्यंत टांटिया (जेजे चेयरमैन) उपस्थित रहे । यह जानकारी JCI रांची के प्रवक्ता जेसी रवि सामोता द्वारा दी गई l
रांची । जिले के इटकी प्रखंड स्थित मल्टी गांव में आदिवासी जमीन पर कथित अवैध कब्जे के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की सदस्य के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन हरकत में आया है। शनिवार को डॉ. आशा लकड़ा स्वयं मौके पर पहुंचीं और पूरे मामले की जांच-पड़ताल की।
शिकायतकर्ता सालखन लकड़ा ने आयोग से शिकायत कर आरोप लगाया था कि उनकी 75 डिसमिल पैतृक भूमि पर कुछ स्थानीय दबंगों और दलालों द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है। शिकायत में कहा गया कि परिवार के कुछ सदस्यों को बहला-फुसलाकर भूमि वापसी के नाम पर अंगूठा और हस्ताक्षर भी करवा लिए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने पहले ही जिला प्रशासन को नोटिस जारी किया था। मौके पर निरीक्षण के दौरान डॉ. आशा लकड़ा ने संबंधित डीएसपी को निर्देश दिया कि तीन दिनों के भीतर भूमि से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जांच रिपोर्ट के अनुसार संबंधित भूमि राजस्व अभिलेख में वकास्त भुइहरी महतोई किस्म की दर्ज है और पंजी-2 में मोकवा उरांव सहित अन्य लोगों के नाम दर्ज हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि इस जमीन पर पूर्व में किसी प्रकार की लगान रसीद जारी नहीं की गई है।
स्थल निरीक्षण में पाया गया कि भूमि के एक हिस्से पर कुछ लोगों द्वारा मकान का निर्माण किया जा चुका है, जबकि शेष हिस्से पर चारदीवारी बनाकर कब्जा करने का प्रयास किया गया है। शिकायत में येशु बेलरा, साकिर अंसारी एवं उनके सहयोगियों पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया है।
डॉ. आशा लकड़ा ने स्पष्ट कहा कि आदिवासी भूमि की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट आयोग को सौंपने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रांची। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मारवाड़ी युवा मंच रांची समर्पण शाखा द्वारा एक व्यक्ति एक पौधा स्लोगन के अंतर्गत शुक्रवार, 5 जून 2026 को सेवासदन के सामने स्थित पार्क में पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान शाखा की बहनों ने पार्क में आए राहगीरों एवं स्थानीय नागरिकों को कुल 20 पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण तथा हरित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। साथ ही उपस्थित लोगों को पौधों की देखभाल एवं पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।
शाखा की सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। पौधों के वितरण के माध्यम से प्रकृति के प्रति प्रेम एवं सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
इस सफल आयोजन में अध्यक्षा शुभा अग्रवाल, अनिता सोमानी, पिंकी शर्मा सहित सभी सदस्याओं का विशेष सहयोग एवं योगदान सराहनीय रहा।यह जानकारी मीडिया प्रभारी वेदिका सिंघानिया ने दी।
साहिबगंज।चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पर्यावरण व पशु प्रेमी सैयद अरशद नसर ने शुक्रवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण,नई दिल्ली के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विक्रम नाथ व सचिव न्यायधीश संजीव पांडेय,राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन,राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,झारखंड के लोकायुक्त न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार गुप्ता, झारखंड के पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा,गृह व कारा विभाग,झारखंड के अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल,पुलिस महानिरीक्षक,दुमका पटेल मयुर कन्हैयालाल व पुलिस उप-महानिरीक्षक,दुमका अंबर लकड़ा को स्पीड पोस्ट के माध्यम से पत्र भेज कर साहिबगंज जेल गेट पर उनका जमा नगद रकम,मुलाकाती सामान,मेडिकल रिपोर्ट,बंदी आवेदन पत्र दिलाने का आग्रह करते हुए बीते 15 मई को साहिबगंज जेल गेट पर उनके साथ कई कारा कर्मीयों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार व बदसलूकी करने पर दोषी कारा कर्मी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी व विधि सम्मत कार्रवाई की मांग करते हुए उक्त तिथि का सीसीटीवी कैमरे का फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है ताकि आगे विधि सम्मत कार्रवाई के दौरान साक्ष्य के रूप में काम आएं.अरशद ने पत्र में आरोप लगाया है कि साहिबगंज जेल प्रशासन ने असंवैधानिक तरीके से साहिबगंज जेल से उनका स्थानांतरण बीते वर्ष 13 दिसंबर को मधुपुर जेल करने के दौरान साहिबगंज जेल गेट पर उनका जमा नगद रकम,मुलाकाती सामान,मेडिकल रिपोर्ट,बंदी आवेदन पत्र वापस नहीं किया था.विदित हो कि अरशद ने बीते 23 मई को भी झालसा,डालसा,मुख्य सचिव,गृह सचिव,जेल आईजी,डीसी व एसपी को पत्र भेज कर इस मामले में कड़ी दंडात्मक कार्रवाई व इंसाफ का गुहार लगाया था.विदित हो की अभी हाल ही में झारखंड के कई जेल अपने कारनामों के चलते काफ़ी सुर्खियों में रहा है.अरशद ने कहा कि जब तक साहिबगंज जेल गेट पर जमा उनका सामान वापस नहीं मिल जाता है तथा 14 महीने साहिबगंज व मधुपुर जेल में जेल प्रशासन द्वारा उनका न्यायिक हिरासत के दौरान किए गए भारी शारीरिक,मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न शोषण,अत्याचार व टार्चर के खिलाफ दोषी कारा पदाधिकारी,कर्मी व कक्षपाल के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी दंडात्मक कार्रवाई नहीं हो जाती है तब तक उनका दोनों जेल प्रशासन के खिलाफ अभियान जारी रहेगा.अरशद के द्वारा संघर्ष जारी रखने का एलान करने के चलते दोनों जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है तो दूसरी तरफ सामाजिक कार्यकर्ताओं व बंदियों में खुशी व हर्ष की लहर व्याप्त है.
ब्यूरो। पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में 2 जून की देर रात हुई फायरिंग और हिंसक घटना के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। चर्चित शिक्षक खान सर के खिलाफ भी प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। पटना एसएसपी ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। पुलिस अब मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
2 जून की रात मुसल्लहपुर हाट स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान के पास मारपीट, पथराव और फायरिंग की घटना हुई थी। शुरुआती जानकारी में बाहरी हमलावरों द्वारा गोलीबारी की बात सामने आई थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर मामला नया मोड़ लेता दिखा। पुलिस को कुछ वीडियो और अन्य साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर कार्रवाई की गई है।
खान सर पर क्या आरोप?
पुलिस द्वारा दर्ज FIR में आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान कथित तौर पर भीड़ पर फायरिंग करने के लिए उकसाने जैसी बातें कही गईं। इसी आधार पर खान सर को भी मामले में नामजद किया गया है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
दो गार्ड गिरफ्तार, हथियार जब्त
पुलिस ने खान सर के दो सुरक्षा गार्डों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में गिरफ्तार किया है। उनके पास मौजूद हथियार भी जब्त किए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई और किसके निर्देश पर हुई।
खान सर का पक्ष
खान सर ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि यदि किसी गार्ड ने गोली चलाई होगी तो वह आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई हो सकती है। वहीं उन्होंने भी कुछ लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और घटना के पीछे साजिश होने की आशंका जताई है।
पुलिस की जांच जारी
पटना पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच कर रही है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार सभी पहलुओं की जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रांची । शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली हरमू नदी को स्वच्छ, सुंदर और अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में रांची नगर निगम ने अब बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में 02.06.2026 को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने निगम की टीम के साथ वार्ड संख्या 23, हिंदपीढ़ी स्थित हरमू नदी क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने नदी की वर्तमान स्थिति, जल प्रवाह में आ रही बाधाओं, नदी तट पर फैली गंदगी, अतिक्रमण, अवैध गतिविधियों तथा सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। कई स्थानों पर वर्षों से जमी गाद, झाड़ियां और अवरोधों को देखकर उन्होंने संबंधित शाखाओं को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने स्वच्छता शाखा को निर्देशित किया कि पूरे नदी क्षेत्र में पोकलेन एवं जेसीबी मशीनों की सहायता से गाद निकालने का कार्य तेजी से किया जाए, ताकि नदी की जलधारण क्षमता बढ़ सके और पानी का बहाव सुचारू हो। साथ ही, नदी किनारे जमी पुरानी गंदगी एवं अवरोधों को मैनुअल तरीके से हटाने का भी निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान नदी तट पर मौजूद अवैध खटाल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं अन्य अवैध संरचनाओं पर भी नगर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने इनफोर्समेंट टीम को तत्काल कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाने एवं अवैध संरचनाओं को हटाने का निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त भू-संपदा शाखा की टीम को शहर अंचल एवं अरगोड़ा अंचल के साथ संयुक्त रूप से हरमू नदी तट की मापी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। मापी के बाद अतिक्रमण की श्रेणी में आने वाली सभी संरचनाओं को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कई खाली स्थान भी चिन्हित किए गए। नगर आयुक्त ने इन स्थलों को आम नागरिकों के लिए उपयोगी एवं आकर्षक बनाने के उद्देश्य से वहां बेंच लगाने, हरित क्षेत्र विकसित करने तथा आवश्यकतानुसार री-डेवलपमेंट कार्य करने का निर्देश दिया।
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि हरमू नदी के संरक्षण, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण मुक्ति को लेकर निगम गंभीर है और आने वाले दिनों में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल नदी का प्राकृतिक स्वरूप बेहतर होगा, बल्कि शहर में जल-जमाव की समस्या कम करने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
मौके पर उप नगर आयुक्त गौतम प्रसाद साहू, नगर प्रबंधक, स्वच्छता शाखा, इनफोर्समेंट टीम एवं भू-संपदा शाखा के कर्मी उपस्थित थे।